समाज विशुद्ध राजनीतिक है जाति आधारित जनगणना की मांग July 19, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on विशुद्ध राजनीतिक है जाति आधारित जनगणना की मांग – अवधकिशोर संपूर्ण देश की जनसंख्या कितनी है और यह किस अनुपात में बढ़ रही है, इसकी जानकारी हेतु प्रत्येक दस वर्ष पर जनगणना होती है। जनगणना हो तो उसका आधार क्या हो, यह स्पष्ट होना ही चाहिये। इस बार की जनगणना में जातिगत गणना की विशेष चर्चा है। इसके पक्ष-विपक्ष में आये दिन राजनैतिक […] Read more » Ethnic census जातीय जनगणना
राजनीति राजनीतिक हस्तक्षेप से निरंकुश होती पत्रकारिता July 19, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment – डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल जिस प्रकार समाज में विगत कुछ वर्षों से प्रत्येक दिशा में तेजी से परिवर्तन देखा जा रहा है उसी प्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (पत्रकारिता) में भी निरंकुशता बढ़ी है जिससे पत्रकारिता का उददे्श्य सनसनी फैलाना होकर रह गया है। सनसनी फैलाने, स्टिंग ऑपरेशन करने अथवा राष्ट्र के हितों को […] Read more » Journalism पत्रकारिता
धर्म-अध्यात्म भारतीय मानस में राम July 19, 2010 / December 23, 2011 | 5 Comments on भारतीय मानस में राम – राजीव मिश्र भारतीय संस्कृति में समता-समरसता के एक आदर्श आराधक देवता मर्यादा पुरुषोतम राम हैं जो मानव भी है और देवता होने के कारण करोड़ों के आराध्य हैं। सैकड़ों धार्मिक गतिविधियाँ, मान्यताएँ, विश्वास, लोक-कथाएं उनके पावन चरित्र से जुड़ी हैं। जहाँ वह राजा दशरथ और माता कौशल्या के तेजस्वी आज्ञाकारी पुत्र हैं वहीं वह […] Read more » Ram राम
खेत-खलिहान जैव विविधता पर संकट की छाया July 19, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on जैव विविधता पर संकट की छाया – नेहा जैन भारत में जंगलों, आर्द्रभूमियों और समुद्री क्षेत्रों में कई तरह की जैव विविधता पाई जाती है। भारत में स्तनधारी जंतुओं में 350, पक्षियों में 1224, सांपों में 408, उभयचर प्राणियों में 197, मछलियों में 2546 और फल-पौधों में 15 हजार प्रजातियां है। परंतु जलवायु परिवर्तन, जंगलों की समाप्ति व कई अन्य कारणों […] Read more » Bio-diversity जैव विविधता
प्रवक्ता न्यूज़ पत्रकारिता के ठेकेदारों कुछ तो शर्म करो July 18, 2010 / December 23, 2011 | 5 Comments on पत्रकारिता के ठेकेदारों कुछ तो शर्म करो -अमिताभ त्रिपाठी इस देश में कुछ शब्द ऐसे हैं जिनका उपयोग ठीक इसके विपरीत आचरण के लिये किया जाता है। अभियव्यक्ति की स्वतंत्रता उसमें से एक है। लोकतांत्रिक अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर इनका हनन किया जाता है और ठीक इसके विपरीत आचरण करने वाला इसका ठेकेदार हो जाता है। देश की […] Read more » RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
प्रवक्ता न्यूज़ हेडलाइंस टुडे के खिलाफ संघ का जोरदार प्रदर्शन July 17, 2010 / December 23, 2011 | 6 Comments on हेडलाइंस टुडे के खिलाफ संघ का जोरदार प्रदर्शन विडियोकॉन टॉवर से आँखों देखी नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को टीवी टुडे समूह से जुडे़ न्यूज चैनल आज तक एवं हेडलाइंस टुडे और एक अंग्रेजी समाचार पत्र मेल टुडे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। संघ कार्यकर्ताओं ने आज तक और हेडलाइंस टुडे को हिंदू विरोधी चैनल बताते हुए […] Read more » RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हेडलाइन टूडे
विविधा अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में व्यापार! July 16, 2010 / December 23, 2011 | 3 Comments on अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में व्यापार! -आर. एल. फ्रांसिस केन्द्र सरकार का पूरा तंत्र भारतीय चर्च को खुश करने में लगा हुआ है चाहे उसके ऐसे फैसलों से ईसाई समुदाय को दुख: उठाना पड़े। हाल ही में ‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग’ (एनसीएमईआई) ने चर्च के शैक्षणिक संस्थानों को लाभ पहुचानें के लिए निर्णय सुनाया है कि अल्पसंख्यक की मान्यता देने […] Read more » UPA अल्पसंख्यक अधिकार चर्च यूपीए
राजनीति लोकतंत्र की रक्षा के लिए नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई अनिवार्य: डॉ. रमन सिंह July 15, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment हथियार छोड़े बिना उनसे बातचीत निरर्थक प्रधानमंत्री की बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सल क्षेत्रों के नये जिलों के लिए मांगा विशेष पैकेज रायपुर, 14 जुलाई 2010 । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने एक बार फिर कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई अनिवार्य हो गयी है। डॉ. […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
विविधा मेरे शहर का मॉल कल्चर July 15, 2010 / December 23, 2011 | 1 Comment on मेरे शहर का मॉल कल्चर -मनोज लिमये पश्चिमी ऑंधी ऐसी चली कि गाँव में लगने वाले स्वदेशी हाट धीरे-धीरे मेलों में बदले और अब देखते ही देखते ये मेले मॉल में कनवर्ट हो रहे हैं। मेरे शहर में भी आजकल एक विशेष टाईप की गंध पसरी हुई है ये गंध शहर के नवनिर्मित शॉपिंग मॉलों से निकल रही है। आदमी, […] Read more » Mall मॉल कल्चर
समाज जातिमुक्त समाज की जरुरत July 12, 2010 / December 23, 2011 | 2 Comments on जातिमुक्त समाज की जरुरत -आर. एल. फ्रांसिस जनगणना में जाति को शामिल किया जाए या नहीं, इस बात का निर्णय करने के लिए संप्रग सरकार ने मंत्रियों के एक समूह का गठन किया है, जो जल्द ही इस पर अपना निर्णय देगा। देश में 2011 की जनगणना का कार्य चल रहा है। सतारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के कई घटक […] Read more » Ethnic census जातीय जनगणना
राजनीति माओवादी आतंकवाद सबसे बड़ा संकट : संजय द्विवेदी July 10, 2010 / December 23, 2011 | 5 Comments on माओवादी आतंकवाद सबसे बड़ा संकट : संजय द्विवेदी भारतीय लोकतंत्र में नक्सली हिंसा पर व्याख्यान पटना। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी का कहना है कि माओवादी आतंकवाद से अब निर्णायक जंग लड़ने की जरूरत है क्योंकि यह देश के लोकतंत्र के सामने सबसे बड़ा संकट है। देश के सबसे गरीब 165 जिलों में काबिज माओवादी प्रतिवर्ष […] Read more » Maoist नक्सलवाद माओवाद
प्रवक्ता न्यूज़ देशभक्त और निष्ठावान पत्रकार थे अग्निहोत्रीः कुठियाला July 9, 2010 / December 23, 2011 | Leave a Comment रामशंकर अग्निहोत्री को श्रद्धांजलि भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. बी.के. कुठियाला ने वरिष्ठ पत्रकार श्री रामशंकर अग्निहोत्री के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में श्री कुठियाला ने कहा कि वे राष्ट्रवादी पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर थे। उनके निधन से देश ने एक सच्चा […] Read more » Patriot देशभक्त रामशंकर अग्निहोत्री