कहानी साहित्य इतिहास से सीख (लघुकथा) March 16, 2017 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी महाभारत के कौरव तथा पाण्डवों के बीच हुए युद्ध तथा विवाद के बारे में एक पिता पुत्र के मध्य वार्तालाप हो रही थी। पिता बार बार श्रीकृष्ण की दूरदर्शिता की सराहना कर रहे थे और पुत्र बार बार तर्क देकर श्रीकृष्ण के नाटकीय चरित्र पर उंगली उठाकर आशंका व्यक्त कर रहा था। […] Read more » इतिहास से सीख
समाज धर्म मजहब और धर्म निरपेक्षता March 16, 2017 | Leave a Comment आज तक हिंदुओं ने किसी को हज पर जाने से नहीं रोका। लेकिन हमारी अमरनाथ यात्रा हर साल बाधित होती है। फिर भी हम ही असहिष्णु हैं। हमें दोषी ठहराके ये अपने एवार्ड वापस करने का नाटक करते हैं। यह तो कमाल की धर्मनिरपेक्षता है। समय रहते भारत के हिन्दुओं समझ जाओ, संभल जाओ । Read more » धर्म धर्म निरपेक्षता धर्म मजहब
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार जोगीरा हास्य व्यंग की अनूठी विधा March 14, 2017 | Leave a Comment किसके बेटा राजा रावण किसके बेटा बाली? किसके बेटा हनुमान जी जे लंका जारी? विसेश्रवा के राजा रावण बाणासुर का बाली। पवन के बेटा हनुमान जी, ओहि लंका के जारी। जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सारा रा रा। Read more » जोगीरा
समाज बृद्धावस्था बोझ नहीं, परिवार व समाज के उद्धारक बनें March 10, 2017 / March 10, 2017 | 1 Comment on बृद्धावस्था बोझ नहीं, परिवार व समाज के उद्धारक बनें दादा दादी , नाना नानी के संरक्षण में बच्चों में आत्मविश्वास और सुरक्षित होने की भावना बढ़ती है। जिन घरों में गृहणियां बाहर नहीं जातीं , वहां भी वरिष्ठ सदस्यों की प्रासंगिकता रहती है। पति पत्नी एक मर्यादा में रहते हैं। बात बात में आपे से बाहर नहीं होते।बुढ़ापे को बेकार मत समझिए। इसे सार्थक दिशा दीजिए। तन में बुढ़ापा भले ही आ जाए, पर मन में इसे मत आने दीजिए। आप जब 21 के हुए थे तब आपने शादी की तैयारी की थी, अब अगर आप 51 के हो गए हैं तो शान्ति की तैयारी करना शुरू कर दीजिए। सुखी बुढ़ापे का एक ही मन्त्र हैं। दादा बन जाओ तो दादागिरी छोड़ दो और परदादा बन जाओ तो दुनियादारी करना छोड़ दो। Read more » Featured परिवार बृद्धावस्था बोझ नहीं समाज के उद्धारक
विविधा पचनदा का पौराणिक एवं बीहड़ परिक्षेत्र March 10, 2017 | 1 Comment on पचनदा का पौराणिक एवं बीहड़ परिक्षेत्र पचनदा धार्मिक और पौराणिक महत्व का सबसे दुर्भल स्थल है। यहां के प्राचीन मंदिरों में लगे पत्थर आज भी दुनिया के इस आश्चर्य और भारत की श्रेष्ठ सांस्कृतिक धार्मिक विरासत का बखान कर रहे हैं। 800 ईसा पूर्व पचनदा संगम पर बने महाकालेश्वर मंदिर पर साधु-संतों का जमावड़ा लगा रहता है। Read more » Featured पचनदा पचनदा का पौराणिक पचनदा का बीहड़ परिक्षेत्र
कहानी साहित्य आधुनिकता का गरुर March 8, 2017 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी पापा मुझे चोट लग गया खून आ रहा है। स्कूल के लिए निकलते एक बच्चे के मुख से ये शब्द निकला था। 5 साल के अपने बच्चे के मुँह से इतना सुनते ही लगभग 40 साल पूर्व साधारण सा दिखने वाले एक पापा सब कुछ छोड़ छाड़ कर बच्चे को गोदी में […] Read more » आधुनिकता
कहानी साहित्य खुंखार कुत्ता भीगी बिल्ली बना March 5, 2017 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी एक बादशाह अपने खुंखार कुत्ते के साथ नाव में बैठकर यात्रा कर रहा था। उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था। उस कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था। वह उछल-कूद कर रहा था और […] Read more » खुंखार कुत्ता भीगी बिल्ली
कहानी साहित्य अजनबीपन और मासूमियत March 5, 2017 | 4 Comments on अजनबीपन और मासूमियत डा. राधे श्याम द्विवेदी एक पाँच साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर एक मंदिर में एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था । उसके कपड़े में मैले से लग रहे थे मगर वह साफ जैसा दिख रहा था। उसके नन्हें- नन्हें से गाल […] Read more » अजनबीपन मासूमियत
विविधा आगरा की सात एतिहासिक नगर संरचनायें March 2, 2017 | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी प्रथम: .यमुना तट पर प्राचीन आगरा की सभ्यता विकसित :- प्राचीन सभ्यताओं का जन्म एवं उदगम नदियों के तटों से प्रारम्भ हुआ है। आदिम युग तथा पौराणिक काल में मानव तथा सभी जीव जन्तु प्रायः जंगलों एवं आरण्यकों में विचरण करते रहे हैं। सभी अपने-अपने आवास चुनते-बनाते, आखेट करते तथा उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों […] Read more » Agra आगरा आगरा की सात एतिहासिक नगर संरचनायें
लेख स्मारकों के सुरक्षा में हम कितने सफल February 28, 2017 / February 28, 2017 | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी स्मारक किसे कहते हैं:- कोई वस्तु या रचना जो किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति या घटना की स्मृति को बनाए रखने के लिए हो, स्मारक कहलाता है, जैसे- शहीद स्मारक, मकबरा, समाधि, स्तूप और निशानीय स्मृति चिह्न आदि। राष्ट्रीय स्मारक एक एसा स्मारक होता है जिसे उस देश के इतिहास, राजनीति या उसके लोगों के […] Read more » स्मारकों के सुरक्षा
विविधा पौराणिक सरयू नदी के अस्तित्व को खतरा February 26, 2017 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत की प्राचीन नदियों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या के निकट बहने वाली नदी के रूप में सरयू को देखा जाता है। घाघरा तथा शारदा नाम भी इसे ही कहा जाता है। यूं तो उत्तर में हिमालय के कैलाश मानसरोवर से इसका उद्गम माना जाता है, जो किसी प्राकृतिक या भौगोलिक कारणों […] Read more » सरयू नदी
विविधा सहारनपुर के पुरातात्विक स्थलों पर शोध जारी February 24, 2017 | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी हड़प्पा कालीन सकतपुर में खुदाई शुरु:- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम के अनुसार हड़प्पा कालीन सभ्यता में पहले मेरठ के आलमगीर स्थान को छोर माना गया था, लेकिन सहारनपुर में हुलास और बाड़गांव में मृदभांड मिलने के बाद दक्षिणी छोर पर मौजूद गांव में तांबे की […] Read more » Featured सहारनपुर सहारनपुर के पुरातात्विक स्थल