कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार चैत्र पूर्णिमा ही है हनुमान जयन्ती April 21, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment –अशोक “प्रवृद्ध” रामायण के प्रमुख पात्रों में से एक वेद – वेदांग पारंगत, महावीर श्रीराम भक्त श्रीहनुमान के पिता सुमेरू पर्वत के वानरराज राजा केसरी थे तथा माता अंजना थी। हनुमान आञ्जनेय, मारुति, बजरंग बली, अंजनि सुत, पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनन्दन, महावीर, कपीश, बालाजी महाराज आदि अनेक नामों से भी जाने जाते हैं। इन्हें बजरंगबली के […] Read more » Featured चैत्र पूर्णिमा हनुमान जयन्ती
कला-संस्कृति समाज भगवान महावीर की शिक्षायें मानव कल्याण के लिए! April 19, 2016 / April 21, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment महावीर जयन्ती पर जनहित में प्रकाशन हेतु विशेष लेख – डा.. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) मानवता के लिए त्याग करने वाला महावीर है:- महावीर का जन्म वैशाली (बिहार) के एक राज परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम त्रिशिला था। बचपन से […] Read more » Featured भगवान महावीर भगवान महावीर की शिक्षायें महावीर मानव कल्याण
कला-संस्कृति जन-जागरण लेख साहित्य विश्व का सबसे बड़ा कोहिनूर हीरा April 19, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा राधेश्याम द्विवेदी 1.परी कथाओं सा रोमांचक कहानी:- कोहिनूर फारसी का शब्द है, जिसका अर्थ है : आभा या रोशनी का पर्वत । कोहिनूर (फ़ारसी: कूह-ए-नूर) एक 105 कैरेट (21.6 ग्राम) का हीरा है जो किसी समय विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात हीरा रह चुका है। कोहिनूर दुनिया के सभी हीरों का राजा है । […] Read more » Featured history of kohinoor hira कोहिनूर हीरा
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार हनुमत् जयन्ती April 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी विभिन्न पुराणों एवं वेदों में श्री हनुमत् जयन्ती मनाने के लिए अलग अलग समय और तिथियाँ उल्लिखित हैं| कुछ जगहों पर श्री हनुमत् जयन्ती मार्गशीर्ष मास में मूल नक्षत्र लगने पर मनाई जाती है| कुछ जगहों पर श्री हनुमान जयन्ती का उत्सव कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है| कुछ स्थानों […] Read more » Featured हनुमत् जयन्ती
कला-संस्कृति समाज सद्भावना की परंपरा में देरी नहीं लगती April 18, 2016 by संजय स्वदेश | Leave a Comment पटना का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में रामवनवी के दिन आयोध्या के बाद सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। राम के जन्मोत्सव के जय घोष के दौराना मस्जिद में नामाज अता की गई। मुस्लिम भाइयों में हिंदू भाइयों से गले मिलकर सद्भावना का उदहरण पेश की। एक और उदाहरण देखिए। राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय नागपुर में […] Read more » Featured सद्भावना की परंपरा
कला-संस्कृति विविधा पतित पावनी सरयू नदी की महिमा April 14, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on पतित पावनी सरयू नदी की महिमा रामनवमी के अवसर पर डा. राधेश्याम द्विवेदी भारत की प्राचीन नदियों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या के निकट बहने वाली नदी के रूप में सरयू को देखा जाता है। घाघरा तथा शारदा नाम भी इसे ही कहा जाता है। यूं तो उत्तर में हिमालय के कैलाश मानसरोवर से इसका उद्गम माना जाता है, जो […] Read more » Featured Ram navami पतित पावनी सरयू नदी
कला-संस्कृति शख्सियत सामाजिक समरसता के प्रतीक भगवान श्रीराम April 14, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | 1 Comment on सामाजिक समरसता के प्रतीक भगवान श्रीराम 15 अप्रैल श्री रामनवमी पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित भारत विविधतापूर्ण भाशा संस्कृति वाला देश है। देश को एक सूत्र में पिरोकर रखने के लिए ऐसे नेतृत्व की सदैव आवष्यकता रही है जो समस्त विविधताओं में समन्वय स्थापित कर सामाजिक व्यवस्था में समरसता बनाएं रख सकें। इस दृष्टि से मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम सामाजिक समरसता के […] Read more » Featured Ram navami भगवान श्रीराम
कला-संस्कृति विविधा आया बैसाखी का पावन पर्व April 13, 2016 / April 13, 2016 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डॊं सौरभ मालवीय बैसाखी ऋतु आधारित पर्व है. बैसाखी को वैसाखी भी कहा जाता है. पंजाबी में इसे विसाखी कहते हैं. बैसाखी कृषि आधारित पर्व है. जब फ़सल पक कर तैयार हो जाती है और उसकी कटाई का काम शुरू हो जाता है, तब यह पर्व मनाया जाता है. यह पूरी देश में मनाया जाता […] Read more » Featured बैसाखी बैसाखी का पावन पर्व
कला-संस्कृति समाज ब्रज संस्कृति में यमुना का स्थान April 10, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा राधेश्याम द्विवेदी भारतवर्ष की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना की गणना गंगा के साथ की जाती है। यमुना और गंगा के दोआब की पुण्यभूमि में ही आर्यों की पुरातन संस्कृति का गौरवशाली रुप बन सका था। ब्रजमंडल की तो यमुना एक मात्र महत्वपूर्ण नदी है। यमुना को केवल नदी कहना ही पर्याप्त […] Read more » Featured ब्रज संस्कृति यमुना का स्थान
कला-संस्कृति विविधा लुप्त होती राष्ट्रीय पंचांग की पहचान April 9, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ-नवसंवत्सर 8 मार्च के अवसर पर प्रमोद भार्गव कालमान एवं तिथिगणना किसी भी देश की ऐतिहासिकता की आधारशिला होती है। किंतु जिस तरह से हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं को विदेशी भाषा अंग्रेजी का वर्चस्व धूमिल रहा है,कमोवेश यही हश्र हमारे राष्ट्रीय पंचांग,मसलन कैलेण्डर का है। किसी पंचांग की कालगण्ना का आधार […] Read more » Featured राष्ट्रीय पंचांग की पहचान लुप्त होती राष्ट्रीय पंचांग की पहचान
कला-संस्कृति विविधा हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और चैत्र माह का विशेष महत्व April 9, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित सम्पूर्ण विश्व आमतौर पर एक जनवरी को नववर्ष बड़ी धूमधाम से मनाता है लेकिन हिंदूधर्म का नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन प्रारम्भ होता है। हिंदी पंचांग में इस तिथि का बहुत अधिक महत्व है, यही नहीं ज्योतिष और धार्मिक एवं सामाजिक आधार पर भी चैत्र माह का विशेष महत्व है। यह दिन […] Read more » Featured चैत्र माह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नववर्ष
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार विविधा नव सौम्या संवत्सर 2073 April 5, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी भारत में चन्द्र कैलेण्डर के हिसाब से हिन्दू वर्ष तथा संवत्सर का आगमन होता है। उत्तर भारत के हिन्दी प्रमुख क्षेत्रों-विशेषकर उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखण्ड, विहार झारखण्ड, जम्बू काश्मीर, पंजाब, दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात इस बार 8 अप्रैल 2016 को यह मनाया जा रहा […] Read more » Featured नव सौम्या संवत्सर 2073