कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म जानिए पुष्यामृत योग, पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, लाभ और प्रभाव :– May 27, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on जानिए पुष्यामृत योग, पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, लाभ और प्रभाव :– भारतीय ज्योतिष और संस्कृति में संतुष्टि एवम् पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का वारों में श्रेष्ट बृहस्पतिवार (गुरुवार ) से योग होने पर यह अति दुर्लभ ” गुरुपुष्यामृत योग’ कहलाता है । ‘ सर्वसिद्धिकरः पुष्यः । ‘ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है ।। शुभ, मांगलिक कर्मों के संपादनार्थ गुरुपुष्यामृत योग वरदान सिद्ध होता है […] Read more » पुष्य नक्षत्र का महत्त्व पुष्यामृत योग
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म 20मई : नृसिंह जयंती May 18, 2016 / May 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा- राधेश्याम द्विवेदी नरसिंह कथा:- नृसिंह जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस जयंती का हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है। भगवान श्रीनृसिंह शक्ति तथा पराक्रम के प्रमुख देवता हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने ‘नृसिंह अवतार’ लेकर दैत्यों […] Read more » नृसिंह जयंती
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विष्णु के चतुर्थ अवतार श्रीनृसिंह May 17, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” यद्यपि सनातन वैदिक मतानुसार परमात्मा का अवतार संभव नहीं, तथापि बहुत सारे हिन्दुओं की मान्यता है कि सृष्टि में सभी प्राणी पूर्वनिश्चित धर्मानुसार अपने-अपने कार्य करते रहते हैं और जब कभी धर्म की हानि की होती है तो सृष्टिकर्ता धर्म की पुनः स्थापना करने के लिये धरती पर अवतार लेते हैं। मान्यतानुसार सृष्टि […] Read more » Featured विष्णु के चतुर्थ अवतार श्रीनृसिंह
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार समाज जानकी नवमी May 12, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी सीताजी की जयंती वैशाख शुक्ल नवमी को मनायी जाती है, किंतु भारत के कुछ भाग में इसे फाल्गुन कृष्ण अष्टमी को मनाते हैं। रामायण के अनुसार वह वैशाख में अवतरित हुईं थीं, किन्तु ‘निर्णयसिन्धु’ के ‘कल्पतरु’ ग्रंथानुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी को। अत: दोनों ही तिथियाँ उनकी जयंती हेतु मान्य हैं। […] Read more » birthday of sita mata Featured sita jayanti जानकी नवमी
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविधा गंगोत्पत्ति दिवस है गंगा सप्तमी May 12, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” मानव जीवन ही नहीं, वरन मानवीय चेतना को भी प्रवाहित करने वाली भारतवर्ष की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण नदी राष्ट्र-नदी गंगा निरन्तर गतिशीला और श्रम का प्रतीक है और अनवरत श्रमशीला बनी रहकर सभी को अथक, अविरल श्रम करने का संदेश देती है। इसीलिए गंगा को जीवन तत्त्व और जीवन प्रदायिनी कहा गया है तथा […] Read more » Featured ganga saptmi गंगा सप्तमी गंगोत्पत्ति दिवस
कला-संस्कृति अक्षय तृतीया पर्व का धार्मिक महत्व May 10, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 9 मई पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित भारतीय संस्कृति एवं परम्परा मंे हर महीने व दिन कोई न कोइ्र्र महान पर्व अवश्य पड़ता है तथा उसक विशेष महत्व होता है। इसी कड़ी में वैशाख मास में शुक्लपक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है जिसका अपना विशेष महत्व हैं । अक्षय तृतीया […] Read more » akshay tritiya Featured अक्षय तृतीया
कला-संस्कृति शख्सियत समाज शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम May 7, 2016 / May 7, 2016 by हितेश शुक्ला | 2 Comments on शस्त्र शास्त्र के पारंगत और कर्मवीर भगवान परशुराम परशुराम जी ने कभी क्षत्रियों को संहार नहीं किया. उन्होंने हैहयवंशीय क्षत्रिय वंश में उग आई उस खर पतवार को साफ किया जिससे क्षत्रिय वंश की साख खत्म होती जा रही थी. जिस दिन भगवान परशुराम को योग्य क्षत्रियकुलभूषण प्राप्त हो गया उन्होंने स्वत दिव्य परशु सहित अस्त्र-शस्त्र राम के हाथ में सौंप दिए जन्म […] Read more » कर्मवीर भगवान परशुराम शस्त्र शास्त्र के पारंगत
कला-संस्कृति लेख साहित्य साहित्य और समाज May 7, 2016 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डॊ. सौरभ मालवीय साहित्य समाज का दर्पण है, समाज का प्रतिबिम्ब है, समाज का मार्गदर्शक है तथा समाज का लेखा-जोखा है. किसी भी राष्ट्र या सभ्यता की जानकारी उसके साहित्य से प्राप्त होती है. साहित्य लोकजीवन का अभिन्न अंग है. किसी भी काल के साहित्य से उस समय की परिस्थितियों, जनमानस के रहन-सहन, खान-पान व […] Read more » Featured साहित्य और समाज
कला-संस्कृति जन-जागरण समाज आइये, कुंभ को जाने May 3, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment सिर्फ स्नान नहीं है कुंभ अरुण तिवारी दुनिया में पानी के बहुत से मेले लगते हैं, लेकिन कुंभ जैसा कोई कोई नहीं। स्वीडन की स्टॉकहोम, ऑस्ट्रेलिया की ब्रिसबेन, अमेरिका की हडसन, कनाडा की ओटावा…जाने कितने ही नदी उत्सव साल-दर-साल आयोजित होते ही हैं, लेकिन कुंभ!.. कुंभ की बात ही कुछ और है। जाति, धर्म, अमीरी, […] Read more » Featured Kumbh कुंभ
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार विविधा आदि तीर्थंकर ऋषभ के कठोर तप से जुड़ा है अक्षय तृतीया May 2, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment 9 मई 2016 अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया का इन्द्रधनुषी त्यौहार फिर एक बार हमारे द्वार पर दस्तक दे रहा है। न केवल जैन परम्परा में बल्कि भारत की सांस्कृतिक परम्परा में यह एक महत्वपूर्ण त्यौहार है, यह त्यौहार के साथ-साथ एक अबूझा मांगलिक एवं शुभ दिन भी है, जब बिना किसी मुहूर्त के विवाह एवं […] Read more » Featured अक्षय तृतीया
कला-संस्कृति समाज भारतीय संस्कृति की जीवन्तता का प्रतीक कुम्भ पर्व April 30, 2016 / April 30, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” पौराणिक मान्यतानुसार हिन्दुओं के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक कुम्भ पर्व में करोड़ों श्रद्धालुओं के कुम्भ पर्व स्थलों पर स्नान कर सामूहिक धर्मचर्चा करने की परिपाटी प्रचलित हैं । ये कुम्भ पर्व स्थल चार स्थानों – हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक, में अवस्थित हैं , जहाँ समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत की बूंदें […] Read more » Featured singhast kumbh कुम्भ पर्व
कला-संस्कृति विविधा जल परम्परा और बाजार April 23, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार एक समय था जब आप सफर पर हैं तो पांच-दस गज की दूरी पर लाल कपड़े में लिपटा पानी का घड़ा आपकी खातिरदारी के लिए तैयार मिलेगा. पानी के घड़े के पास जाते हुए मन को वैसी ही शीतलता मिलती थी, जैसे उस घड़े का पानी लेकिन इस पाऊच की दुनिया में मन […] Read more » Featured Water Conservation जल परम्परा बाजार