कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म गुरु पूर्णिमा आत्म-बोध की प्रेरणा का शुभ त्योहार July 18, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- पश्चिमी देशों में गुरु का कोई महत्व नहीं है विज्ञान और विज्ञापन का महत्व है परन्तु भारत में सदियों से गुरु का महत्व रहा है। जीवन विकास के लिए भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। गुरु की सन्निधि, प्रवचन, आशीर्वाद और अनुग्रह जिसे भी भाग्य से मिल जाए उसका […] Read more » गुरु पूर्णिमा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म गुरुपूर्णिमा July 18, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment हम चाहे बात कितनी भी बड़ी बड़ी कर ले,लेकिन सच्चाई तो हम सभी जानते हैं, हमारा जीवन-मार्ग का रास्ता स्वयं ही सदगुरुदेव बनाते जाते हैं | वे पहले भी अंगुली पकडे थे अब भी हैं और कल भी रहेंगे, अंतर केवल इतना है क़ि जिसकी देखने की आँखे हैं वो देख लेता है और जिनकी […] Read more » गुरुपूर्णिमा
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म जानिए पूजन में दीपक का महत्त्व एवम् प्रकार July 18, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment चराचर जगत में जीवन जीने के लिए प्राणि मात्र को प्रकाश चाहिए। बिना प्रकाश के वह कोई भी कार्य नहीं कर सकता। सबसे अधिक महत्वपूर्ण प्रकाश सूर्य का है। इसके प्रकाश में अन्य सभी प्रकाश समाए रहते हैं। इसीलिए कहा गया है– शुभं करोति कल्याण आरोग्यं सुख संपदम्। शत्रु बुद्धि विनाशं च दीपज्योतिः नमोस्तुते। जिस […] Read more » importance od deepak in worship दीपक का महत्त्व पूजन में दीपक पूजन में दीपक का महत्त्व
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार आखिर क्यूँ है हिन्दू धर्म में श्रावण (सावन) माह का महत्व!! July 18, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment जानिए की कैसे और किस शुभ घड़ी में करें श्रावण मास में भगवान शिव का पूजन— भगवान शिव की भक्ति का प्रमुख माह श्रावण 20 जुलाई 2016 से प्रारंभ होने जा रहा है। पूरे माह भर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का दौर जारी रहेगा। सभी शिव मंदिरों में श्रावण मास के अंतर्गत विशेष तैयारियां की गई […] Read more » Featured सावन माह का महत्व हिन्दू धर्म में श्रावण (सावन) माह का महत्व हिन्दू धर्म में सावन माह हिन्दू धर्म में सावन माह का महत्व
कला-संस्कृति समाज गुरू के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है गुरु पूर्णिमा July 17, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” भारतीय पुरातन ग्रन्थों के अनुसार गुरू का अर्थ अन्धकार को दूर करके ज्ञान का प्रकाश देने वाला होता है। गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले होते हैं। आर्य सनातन वैदिक धर्मानुसार जो विद्यायुक्त ज्ञान का उपदेश कर्ता हैं वो जो वेदों का सृष्टि के आदि में ऋषियों को उपदेश […] Read more » Featured Guru poornima गुरु पूर्णिमा गुरू के प्रति कृतज्ञता
कला-संस्कृति लेख साहित्य संस्कृति पर हमला हो चुका है July 7, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य इस्लाम और ईसाइयत इन दोनों ने भारत में आकर इस देश की संस्कृति को मिटाने का हर संभव प्रयास किया। यदि यह क्रम बीते कल की बात हो गयी तो हम भी इसे ‘गड़े मुर्दे उखाडऩे’ की नीति मानकर छोड़ देते। किंतु दुर्भाग्य से यह क्रम आज भी थमा नही है। जो […] Read more » Featured इस्लाम और ईसाइयत राष्ट्रीय संस्कृति पर घातक प्रहार शिक्षा पर विदेशी प्रभाव संस्कृति पर हमला
कला-संस्कृति ज्योतिष धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार श्री श्रीजगन्नाथ रथयात्रा का भारतीय परम्परा में महत्व July 5, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 6 जुलाई पर विशेषः- मृत्युंजय दीक्षित आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया को ओडिशा व गुजरात सहित देश के अनेकानेक हिस्सों में निकाली जाने वाली रथ यात्रा का विशेष महत्व है। यह रथयात्रा मुख्यरूप से ओडिशा का सबसे बड़ा ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व का पर्व है। इस दिन ओडिशा की सड़को पर तिल रखने की भी जगह […] Read more » कोणार्क का सूर्य मंदिर जगन्नाथ मंदिर धार्मिक सहिष्णुता का मंदिर भारतीय परम्परा भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर श्री श्रीजगन्नाथ रथयात्रा
कला-संस्कृति जरूर पढ़ें शख्सियत समाज आजीवन हिन्दू रहे गौतम बुद्ध! June 11, 2016 by शंकर शरण | 7 Comments on आजीवन हिन्दू रहे गौतम बुद्ध! हमारे अनेक बुद्धिजीवी एक भ्रांति के शिकार हैं, जो समझते हैं कि गौतम बुद्ध के साथ भारत में कोई नया ‘धर्म’ आरंभ हुआ। तथा यह पूर्ववर्ती हिन्दू धर्म के विरुद्ध ‘विद्रोह’ था। यह पूरी तरह कपोल-कल्पना है कि बुद्ध ने जाति-भेदों को तोड़ डाला, और किसी समता-मूलक दर्शन या समाज की स्थापना की। कुछ वामपंथी […] Read more » Buddha remained hindu throughout his life Featured Gautam Buddh गौतम बुद्ध
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म प्राचीन कालीन शैव अर्थात पाशुपत सम्प्रदाय May 29, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment (जीव पशु एवं शिव हैं पति) -अशोक “प्रवृद्ध” प्राचीन काल में मूल शैव सम्प्रदाय पाशुपत सम्प्रदाय कहलाता था। वे शिव को ही कर्ता- धर्ता समझते थे। इस मत के मानने वाले शिव को पति मानते थे और जीव को पशु। शिवजी पशुओं के पति हैं ऐसा उनको विश्वास है। शिवजी ही उन्हें इस संसार के […] Read more » पाशुपत सम्प्रदाय शैव
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म जानिए पुष्यामृत योग, पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, लाभ और प्रभाव :– May 27, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on जानिए पुष्यामृत योग, पुष्य नक्षत्र का महत्त्व, लाभ और प्रभाव :– भारतीय ज्योतिष और संस्कृति में संतुष्टि एवम् पुष्टिप्रदायक पुष्य नक्षत्र का वारों में श्रेष्ट बृहस्पतिवार (गुरुवार ) से योग होने पर यह अति दुर्लभ ” गुरुपुष्यामृत योग’ कहलाता है । ‘ सर्वसिद्धिकरः पुष्यः । ‘ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है ।। शुभ, मांगलिक कर्मों के संपादनार्थ गुरुपुष्यामृत योग वरदान सिद्ध होता है […] Read more » पुष्य नक्षत्र का महत्त्व पुष्यामृत योग
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म 20मई : नृसिंह जयंती May 18, 2016 / May 18, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा- राधेश्याम द्विवेदी नरसिंह कथा:- नृसिंह जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस जयंती का हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है। भगवान श्रीनृसिंह शक्ति तथा पराक्रम के प्रमुख देवता हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने ‘नृसिंह अवतार’ लेकर दैत्यों […] Read more » नृसिंह जयंती
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म विष्णु के चतुर्थ अवतार श्रीनृसिंह May 17, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” यद्यपि सनातन वैदिक मतानुसार परमात्मा का अवतार संभव नहीं, तथापि बहुत सारे हिन्दुओं की मान्यता है कि सृष्टि में सभी प्राणी पूर्वनिश्चित धर्मानुसार अपने-अपने कार्य करते रहते हैं और जब कभी धर्म की हानि की होती है तो सृष्टिकर्ता धर्म की पुनः स्थापना करने के लिये धरती पर अवतार लेते हैं। मान्यतानुसार सृष्टि […] Read more » Featured विष्णु के चतुर्थ अवतार श्रीनृसिंह