चिंतन सड़क दुर्घटनाओं पर क़ाबू पाने की चुनौती April 10, 2018 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment भारत डोगरा भारत में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़े एक भयानक सच्चाई की तरफ इशारा करते हैं। इसमें जान और माल दोनों की क्षति उठानी पड़ती है। सदी के पहले 15 वर्षों के दौरान विश्व स्तर पर इसमें कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी। लेकिन रोज़-ब-रोज़ आधुनिक तकनीक वाली मशीनों के ईजाद ने सड़कों पर जहाँ गाड़ियों की संख्या को […] Read more » Featured आकड़ें ड्राइवरों दुर्घटना भ्रष्टाचार मोबाइल फोन? मौत लाइसेंस सड़क
धर्म-अध्यात्म पूजा क्या, किसकी, कैसे व क्यों करें? April 9, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य जानता है कि वह अपूर्ण हैं। उसे अपने कार्यों को पूरा करने में दूसरे मनुष्यों की सहायता लेनी पड़ती है। कुछ काम ऐसे भी होते हैं, जहां मनुष्यों की सहायता से काम नहीं चलता क्योंकि मनुष्य वह कार्य नहीं कर सकते जिसकी हमें अपेक्षा होती है। ऐसा देखा गया है कि […] Read more » Featured अजन्मा अजर अनन्त अनादि अनुपम अभय अमर आचार्य दयालु निराकार निर्विकार न्यायकारी परिवार व समाज पिता मनुष्य माता सर्वज्ञ सर्वव्यापक सर्वशक्तिमान सर्वाधार सर्वान्तर्यामी सर्वेश्वर सृष्टिकर्ता
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द का जीवनोत्थान करने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ व्यवहारभानुः April 7, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य महर्षि दयानन्द जी समग्र क्रान्ति के प्रणेता थे। वह अद्वितीय समाज सुधारक हुए हैं जिनका प्रभाव न केवल भारत में ही हुआ अपितु संसार के सभी मत-पन्थों व उनके धर्म के ग्रन्थों पर भी हुआ। एक उदाहरण यह है कि ‘रामचरितमानस’ में एक वाक्य मिलता था ‘ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, ये […] Read more » Featured व्यवहारभानुः
धर्म-अध्यात्म “हमारा यह जन्म हमारे पूर्वजन्म का पुनर्जन्म है और मृत्यु के बाद हमारा पुनर्जन्म अवश्य होगा” April 4, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on “हमारा यह जन्म हमारे पूर्वजन्म का पुनर्जन्म है और मृत्यु के बाद हमारा पुनर्जन्म अवश्य होगा” मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं और लगभग 7 दशक पूर्व हमारा जन्म हुआ था। प्रश्न है कि जन्म से पूर्व हमारा अस्तित्व था या नहीं? यदि नहीं था तो फिर यह अभाव से भाव अर्थात् अस्तित्व न होने से हुआ कैसे? विज्ञान का सिद्धान्त है कि किसी भी पदार्थ का रूपान्तर तो किया जा […] Read more » featuerd जन्म जन्मान्तरों पुनर्जन्म मनुष्य शरीर संस्कार
धर्म-अध्यात्म वेद और तर्क पूर्ण सत्य मान्यताओं से युक्त आचरण ही मनुष्य धर्म April 3, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का धर्म क्या है? इसका उत्तर है कि अपने पूरे जीवन में सत्य ज्ञान की खोज करना व तर्क व युक्ति से सिद्ध ज्ञान व कर्मों का ही आचरण करना मनुष्य का सच्चा धर्म है। संसार में प्रचलित मत-मतान्तरों व धर्मों में यह धर्म कौन सा है? इसका उत्तर है कि […] Read more » Featured Vedas and logic Vedas and logic are the conduct of man's religion with complete true beliefs वेद वेद और तर्क पूर्ण सत्य मान्यता
धर्म-अध्यात्म मखौड़ा धाम उपेक्षित , 84 कोसी परिक्रमा एक अप्रैल से शुरू April 2, 2018 / April 2, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी उन दिनों देवता व अप्सराएं पृथ्वी लोक में आते-जाते रहते थे। बस्ती मण्डल में हिमालय का जंगल दूर-दूर तक फैला हुआ करता था। जहां ऋषियों व मुनियों के आश्रम हुआ करते थे। आबादी बहुत ही कम थी। आश्रमों के आस-पास सभी हिंसक पशु-पक्षी हिंसक वृत्ति और वैर-भाव भूलकर एक साथ रहते थे। परम […] Read more » feaured अयोध्या की 84 कोसी ऋषियों परिक्रमा बस्ती मण्डल मखौड़ा धाम मनोरमा नदी मुनियों श्रद्धालुओं
धर्म-अध्यात्म ईश्वर सभी जीवों के कर्मों का साक्षी और उन कर्मों का फल प्रदाता है April 2, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य क्या आप ईश्वर व उसके बनाये हुए इस संसार को जानते हैं? इसका उत्तर वह बन्धु जिन्होंने वेद व ऋषियों के शास्त्र पढ़े, जाने व कुछ समझे हैं, हां में देते हैं। कोई भी रचना तभी अस्तित्व में आती है कि जब कोई ज्ञानी मनुष्य उसकी रचना करता है। क्या कोई पेंटिंग […] Read more » feaured ईश्वर ब्रह्माण्ड मनुस्मृति वेद व ऋषियों संसार
धर्म-अध्यात्म ईश्वर के अनेक नाम क्यों? March 31, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर एक है परन्तु उसके नाम अनेक हैं। इसका कारण क्या है? वेदों के विद्वान तो इस रहस्य को जानते हैं परन्तु सामान्य मनुष्य इसे नहीं जानता। मत-मतान्तरों के अधिकांश व अनेक विद्वान भी इस विषय पर यथार्थ ज्ञान नहीं रखते। इस कारण उनके भक्तों व अनुयायियों में भी भ्रम वा […] Read more » God ईश्वर
धर्म-अध्यात्म वेदों की देन है सत्य और अहिंसा का सिद्धान्त March 30, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आजकल सत्य और अहिंसा की बात बहुत की जाती है। वस्तुतः सत्य और अहिंसा क्या है और इनका उद्गम स्थल कहां हैं? इसका उत्तर है कि इन शब्दों का उद्गम स्थल वेद और समस्त वैदिक साहित्य है । वेद वह ग्रन्थ हैं जो सृष्टि की आदि में ईश्वर से मनुष्यों को प्राप्त […] Read more » The principle of truth and non-violence is the responsibility of the Vedas. सत्य और अहिंसा
धर्म-अध्यात्म वैदिक समाज व्यवस्था में शूद्र वर्ण के कर्तव्य एवं अधिकार March 29, 2018 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on वैदिक समाज व्यवस्था में शूद्र वर्ण के कर्तव्य एवं अधिकार मनमोहन कुमार आर्य वैदिक समाज व्यवस्था को वैदिक वर्ण व्यवस्था के नाम से जाना जाता है। वर्ण का अर्थ चुनना या चयन करना होता है। ब्राहमण आदि श्रेष्ठ वर्णों का चयन मनुष्य को अपने गुण, कर्म व स्वभाव सहित अपनी योग्यता के अनुसार ही करना होता है। सभी मनुष्य विद्यालय जाते हैं। एक कक्षा में […] Read more » Featured वैदिक समाज व्यवस्था शूद्र वर्ण शूद्र वर्ण के अधिकार शूद्र वर्ण के कर्तव्य
धर्म-अध्यात्म हनुमान चमत्कारी ही नहीं, योगी भी हैं March 27, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment हनुमान जयन्ती- 31 मार्च 2018 पर विशेष – ललित गर्ग – भगवान हनुमानजी इस कलियुग में महान शक्ति हैं, सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले इष्ट हैं, जो अष्ट सिद्धि और नव निधि के देने वाले हैं। इसलिए उनकी विश्वासपूर्वक जो पूजा करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। उनको हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली […] Read more » Featured हनुमान जयन्ती हनुमान जयन्ती- 31 मार्च 2018
धर्म-अध्यात्म वैदिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ पुरुषार्थ प्रकाश March 27, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment ओ३म् मनमोहन कुमार आर्य, वैदिक आर्य साहित्य में ‘पुरुषार्थ प्रकाश’ ग्रन्थ का अपना महत्व है। यह ग्रन्थ श्री स्वामी विश्वेश्वरानन्द जी और श्री ब्र. नित्यानन्द जी ने सन् 1914 से पूर्व कभी लिखा था। स्वामी विश्वेश्वरानन्द जी और ब्र. नित्यानन्द जी ने यह ग्रन्थ शाहपुराधीश महाराज नाहरसिंह जी की प्रेरणा से लिखा था। इसका […] Read more » Purushartha Prakash पुरुषार्थ प्रकाश” महत्वपूर्ण ग्रन्थ वैदिक साहित्य