धर्म-अध्यात्म रामराज: आधुनिक भारत की सर्वोपरि आवश्यकता March 26, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट. ये वाक्य न जानें कहनें वाले ने किन अर्थों में किस आव्हान को करते हुए कहा था किन्तु वर्तमान भारत में यह आव्हान चरितार्थ और सुफलित होता दिखाई पड़ रहा है. तथ्य है कि भारत में जब यहाँ के एक सौ तीस करोड़ लोग बात करतें […] Read more » Featured Ramraj The Most Important Need of Modern India रामराज
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज की स्थापना एवं वेद प्रचार एक दैवीय एवं पुण्य कार्य March 22, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हम ऋषि दयानन्द सरस्वती द्वारा चैत्र शुक्ल पंचमी संवत् 1932 को आर्यसमाज की स्थापना के कार्य को एक दैवीय एवं पुण्य कार्य मानते हैं। इसका कारण यह है कि ऋषि दयानन्द जी का यह कार्य भी हमें सृष्टि के आरम्भ में ईश्वर द्वारा वेदोत्पत्ति […] Read more » and propagation of Vedas is a divine and virtuous work Establishment of Aryasamaj आर्यसमाज
धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज की स्थापना तिथि चैत्र शुक्ल पंचमी है March 21, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज की स्थापना कब अर्थात् किस दिन हुई थी? इससे सम्बन्धित प्रमाण ऋषि की अपनी लेखनी से लिखा हुआ ही उपलब्ध है। यह प्रमाण ऋषि का वह पत्र है जो उन्होंने 11 अप्रैल, सन् 1875 अर्थात् संवत् 1931 मिती चैत्र शुद्ध 6 रविवार को अपने एक भक्त व अनुयायी श्रीयुत गोपालराव हरि […] Read more » आर्यसमाज आर्यसमाज की स्थापना तिथि चैत्र शुक्ल पंचमी
धर्म-अध्यात्म सृष्टि के आरम्भ में ईश्वर ने ही वेद के द्वारा मनुष्यों को वाणी एवं ज्ञान दिया March 17, 2018 / March 17, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हमारा आज का संसार 1.96 अरब वर्ष पूर्व तब अस्तित्व में आया था जब सृष्टिकर्ता परमात्मा ने इस सृष्टि में प्रथमवार अमैथुनी सृष्टि में मनुष्यों को उत्पन्न किया था। मनुष्यों की उत्पत्ति से पूर्व परमात्मा अन्न, ओषधियां और वनस्पतियां तथा अन्य प्राणियों को उत्पन्न कर चुके थे। सर्वत्र शुद्ध वायु व […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म ईश्वर सबसे महान है, उससे महान न कोई है और न कभी होगा March 16, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य सबसे बड़े व गुण, कर्म, स्वभाव आदि में सबसे श्रेष्ठ को ‘‘महान्” कहते हैं। ऐसी सत्ता यदि कोई है तो वह केवल ईश्वर ही है। ऐसा कौन सा गुण है जिसकी ईश्वर में पराकाष्ठा न हो? अर्थात् ऐसा कोई गुण नहीं है जो ईश्वर में न हो। ईश्वर सर्वज्ञ है और साथ […] Read more » Featured God God is great ईश्वर सबसे महान
धर्म-अध्यात्म इस सृष्टि की रचना करने वाला सर्वव्यापक ईश्वर हम सबका सच्चा मित्र व संसार का स्वामी है March 15, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य हम इस संसार में रह रहे हैं जो हमें अपने जन्म से पूर्व से बना बनाया प्राप्त हुआ है। हमें कुछ करना नहीं पड़ा। पुरातन काल से चल रही व्यवस्था के अनुसार हमें माता-पिता का संरक्षण प्राप्त हुआ। उन्होंने एक शिशु के रूप में हमें प्राप्त कर हमारा पालन करते हुए […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म ईश्वर विश्व के मनुष्यादि सभी प्राणियों का महानतम न्यायधीश है March 14, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य इस संसार में तीन शाश्वत सत्तायें हैं जिनके नाम हैं ईश्वर, जीव व प्रकृति। ईश्वर एक सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वव्यापक, सर्वज्ञ, अनादि, अजन्मा, नित्य, अविनाशी, अमर, सृष्टिकर्ता व जीवात्माओं को उनके कर्मानुसार जन्म-मरण आदि के द्वारा भोग अर्थात् सुख व दुःख प्रदान करने वाली निष्पक्ष, सक्षम, न्याय करने वाली व उसका पूर्ण रूप से […] Read more » God is the Supreme Judge ईश्वर
धर्म-अध्यात्म मनुष्य का परिचय March 13, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का परिचय क्या है? हम मनुष्य हैं और अपने जीवनकाल में अनेक स्थानों पर हमें अपना परिचय देना होता है। हम वहां कहते हैं कि मेरा अमुक नाम है, मैं अमुक मात-पिता की सन्तान हूं। मैं अमुक स्थान पर रहता है। मेरी शिक्षा दीक्षा बी.ए. या एम.ए. अथवा विज्ञान स्नातक या […] Read more » मनुष्य
धर्म-अध्यात्म ईश्वर मनुष्यादि प्राणियों के सभी शुभाशुभ कर्मों का द्रष्टा व फलप्रदाता है March 12, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य, यह समस्त दृश्यमान जगत ईश्वर ने बनाया है और वही इसका पालन कर रहा है। इस सृष्टि का इसकी अवधि पूरी होने पर प्रलय भी वही करता है। यह एक तथ्य है कि इससे पूर्व भी असंख्य बार सृजित हुई है व असंख्य बार ही इसका प्रलय भी हुआ है। यह […] Read more »
धर्म-अध्यात्म मैं ईश्वर को जानता हूं March 11, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ईश्वर है अथवा नहीं? ईश्वर की सत्ता अवश्य है। क्या आप उसे जानते हैं? हां, मैं ईश्वर को जानता हूं। ईश्वर कैसा है? ईश्वर संसार में सबसे महान है। वह अन्धकार से पूरी तरह मुक्त है अर्थात् वह अन्धकार से सर्वथा दूर है। वह आदित्य वर्ण अर्थात् सूर्य के समान प्रकाशमान ज्योतिस्वरूप, […] Read more » ईश्वर
धर्म-अध्यात्म अविद्या व रूढ़ियों से ग्रस्त पठित समाज भी ईश्वरीय ज्ञान वेद एवं वेदोक्त-सत्य-धर्म की उपेक्षा करता है March 11, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आज का समाज आधुनिक समाज कहा जाता है। आधुनिकता पुरातन का विलोम शब्द है। वर्तमान युग में विज्ञान ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विज्ञान की इस प्रगति ने मनुष्य के जीवन को सुखी बनाने के अनेक साधन प्रदान किये हैं। इससे समाज के अधिकांश लोगों को लाभ हुआ है। समाज का […] Read more » ईश्वरीय ज्ञान
धर्म-अध्यात्म सत्यार्थप्रकाश वैदिक साहित्य का प्रमुख ग्रन्थ होने सहित वर्तमान आधुनिक युग का सर्वाधिक तर्कसंगत धर्म ग्रन्थ है March 10, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का कर्तव्य सत्य का धारण करना और असत्य का त्याग करना है। सत्यासत्य का निर्णय करने के लिए एक ऐसे ग्रन्थ की आवश्यकता होती है जिसमें मनुष्य जीवन के सभी पक्षों व सभी कर्तव्यों एवं कर्मों का उल्लेख व अकरणीय कार्यों का निषेध दिया गया हो। इस उद्देश्य की पूर्ति के […] Read more » satyarth prakash सत्यार्थप्रकाश