कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र April 3, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment नवदुर्गा पर्व पर विशेष: हिंदी काव्यानुवाद * शिव बोलेः ‘हे पद्ममुखी! मैं कहता नाम एक सौ आठ। दुर्गा देवी हों प्रसन्न नित सुनकर जिनका सुमधुर पाठ।१। ओम सती साघ्वी भवप्रीता भवमोचनी भवानी धन्य। आर्या दुर्गा विजया आद्या शूलवती तीनाक्ष अनन्य।२। पिनाकिनी चित्रा चंद्रघंटा, महातपा शुभरूपा आप्त। अहं बुद्धि मन चित्त चेतना, चिता चिन्मया दर्शन प्राप्त।३। […] Read more » शतनाम स्तोत्र
धर्म-अध्यात्म “शक्ति के उपासक बनें” March 30, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment भारत भूमि के महान सपूत महर्षि अरविन्द ने वर्षो पूर्व जब हम अंग्रेज़ो के अधीन थे, अपनी एक छोटी रचना ‘भवानी मंदिर’ की भूमिका में लिखा था कि “हमने शक्ति को छोड़ दिया है , इसलिए शक्ति ने भी हमें छोड़ दिया”। अतः पराधीनता में रहना हमारी दुर्बलता का ही परिणाम था। अनेक मनीषियों ने […] Read more » "शक्ति के उपासक बनें देश में मोदी प्रदेश में योगी"
धर्म-अध्यात्म चैत्र नवरात्र : देवी कहती हैंं…अपनी शक्ति को पहचानो March 30, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सूर्यकांत द्विवेदी देवी का अर्थ प्रकाश है। वह शक्तिस्वरूपा हैं। दुर्गा सप्तशती को ध्यान से पढ़ें तो उसमें तीन अवस्थाओं, तीन प्रकृति, तीन प्रवृत्ति की व्याख्या है। हमारा धर्म, कर्म और राजतंत्र तीन चरणीय व्यवस्था का स्वरूप है। धर्मशास्त्रों में भी तीन ही देवी हैं। तीन ही देव हैं। तीन ही सृष्टि हैं-जल, थल और […] Read more » चैत्र नवरात्र चैत्र मास का महत्व श्री दुर्गा सप्तशती
धर्म-अध्यात्म सृष्टि एवं विक्रमी नव संवत्सर हमारे इतिहास का एक गौरवपूर्ण दिन March 29, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment हम संसार में यह भी देखते हैं कि संसार में जितने भी मत, सम्प्रदाय, वैदिक संस्कृति से इतर संस्कृतियां व सभ्यतायें हैं, वह सभी विगत 3-4 हजार वर्षों में ही अस्तित्व में आईं हैं जबकि सत्य वैदिक धर्म व संस्कृति एवं वैदिक सभ्यता विगत 1.96 अरब वर्षों से संसार में प्रचलित है। वैदिक धर्म ही सभी मनुष्यों का यथार्थ धर्म है, ज्ञान व विवेक पर आधारित, पूर्ण वैज्ञानिक, युक्ति एवं तर्क सिद्ध है। वेद के ईश्वरीय ज्ञान होने के कारण वैदिक सिद्धान्तों की पोषक अन्य मतों की मान्यतायें ही स्वीकार्य होती है, विपरीत मान्यतायें नहीं। Read more » विक्रमी नव संवत्सर
धर्म-अध्यात्म समस्त पापनाशक व सुख -समृद्धि प्रदायक पापमोचनी एकादशी March 24, 2017 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment पापमोचनी एकादशी के सन्दर्भ में एक पौराणिक कथा प्रचलित है । कथा के अनुसार महाराज युधिष्ठिर के द्वारा चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के सम्बन्ध में पूछे जाने पर भगवान श्रीकृष्ण ने चैत्र मास के कृष्णपक्ष की एकादशी के नाम , व्रत विधि व महिमा के बारे में जानकारी देते हुए चक्रवर्ती नरेश मान्धाता के पूछने पर महर्षि लोमश के द्वारा बताई गई पापनाशक उपाख्यान सुनाई । Read more » पापमोचनी एकादशी
धर्म-अध्यात्म आत्मा की उन्नति ही सच्ची जीवनोन्नति अन्यथा जीवन व्यर्थ March 17, 2017 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment आत्मान्नोति हेतु आत्मा व ईश्वर सहित संसार सं संबंधित वैदिक ज्ञान परम आवश्यक है जिसका सरलतम साधन सत्यार्थप्रकाश व ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि ग्रन्थों सहित वेद, दर्शन, उननिषदों आदि का अध्ययन है। यह ज्ञान आत्मोन्नति के साधक हैं। आत्मोन्नति होने पर मनुष्य असत्य कामों व व्यवहारों को छोड़ कर सद्कर्मों से धनोपार्जन करता है जिसमें उसे सफलता मिलती है और वह सभी प्रकार के अभावों से दूर हो जाता है। Read more » आत्मा की उन्नति जीवनोन्नति
धर्म-अध्यात्म क्या करें और क्या ना करें मल मास/खर मास में.. March 16, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on क्या करें और क्या ना करें मल मास/खर मास में.. धर्मग्रंथों के अनुसार, खर (मल) मास को भगवान पुरुषोत्तम ने अपना नाम दिया है। इसलिए इस मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में भगवान की आराधना करने का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस मास में सुबह सूर्योदय के पहले उठकर शौच, स्नान, संध्या आदि अपने-अपने अधिकार के अनुसार नित्यकर्म करके भगवान का स्मरण करना चाहिए और पुरुषोत्तम मास के नियम ग्रहण करने चाहिए। पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत का पाठ करना महान पुण्यदायक है। Read more » खरमास मल मास
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार जोगीरा हास्य व्यंग की अनूठी विधा March 14, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment किसके बेटा राजा रावण किसके बेटा बाली? किसके बेटा हनुमान जी जे लंका जारी? विसेश्रवा के राजा रावण बाणासुर का बाली। पवन के बेटा हनुमान जी, ओहि लंका के जारी। जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सारा रा रा। Read more » जोगीरा
धर्म-अध्यात्म जानिए चैत्र नवरात्री 2017 के शुभ मुहूर्त– March 13, 2017 / March 14, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment प्रिय पाठकों/मित्रों, नवरात्र भारतवर्ष में हिंदूओं द्वारा मनाया जाने प्रमुख पर्व है। इस दौरान मां के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं लेकिन चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से […] Read more » चैत्र नवरात्री
कला-संस्कृति जन-जागरण धर्म-अध्यात्म आइये जाने होली खेलने के दौरान क्या रखें सावधानी… March 10, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment होली रंगों का त्योहार है जो भारत में हिन्दु धर्म के लोग हर साल बड़ी धूमधाम से मनाते है | ये पर्व हर साल वसंत ऋतु के समय फागुन (मार्च) के महीने में आता है | भारत पहले से ही कला और संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी रहा हैं अगर भारतीय समाज के त्यौहार की […] Read more » होली खेलने के दौरान क्या रखें सावधानी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म चैतन्य महाप्रभु की संकीर्तन रस संस्कृति March 9, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017 पर विशेष ललित गर्ग चैतन्य महाप्रभु भारतीय संत परम्परा के भक्ति रस संस्कृति के एक महान् कवि, संत, समाज सुधारक एवं क्रांतिकारी प्रचारक थे। वैष्णव धर्म के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक थे। उन्होंने जात-पांत के बंधन को तोड़ने और सम्पूर्ण मानव जाति को एक […] Read more » Featured चैतन्य महाप्रभु चैतन्य महाप्रभु जयन्ती चैतन्य महाप्रभु जयन्ती-12 मार्च 2017
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म अमालकी एकादशी March 8, 2017 by पंडित दयानंद शास्त्री | Leave a Comment फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के रूप में जाना जाता है। आमलकी एकादशी महाशिवरात्रि और होली के मध्य में आती है। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार वर्तमान में यह फरवरी या मार्च के महीने में आती है। इस वर्ष यह आज (बुधवार),08 मार्च,2017 को मनाई जा रही हैं|सनातन धर्म में एकादशी व्रत का […] Read more » अमालकी एकादशी आमलकी एकादशी व्रत विधि