धर्म-अध्यात्म मेरे मानस के राम : अध्याय 39 September 10, 2024 / September 10, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मेघनाद ने किया राम और लक्ष्मण को अधमरा विभीषण और हनुमान जी, लेकर हाथ मशाल ।घूम रहे रणभूमि में , लाशें पड़ीं विशाल।। जामवंत भी हो गए , घायल थे गंभीर।विभीषण जी के साथ में, पहुंचे हनुमत वीर ।। जामवंत जी बहुत ही विद्वान व्यक्ति थे। वह विद्वान के साथ-साथ एक अच्छे-अच्छे चिकित्सक भी थे। […] Read more » Meghnad killed Ram and Lakshman
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख वर्त-त्यौहार विघ्नहर्ता, शुभकर्ता गणेशजी बहुआयामी देवता हैं September 7, 2024 / September 7, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणेश चतुर्थी – 7 सितम्बर, 2024 पर विशेष -ललित गर्ग- गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। प्राचीन काल से हिन्दू समाज कोई भी कार्य निर्विघ्न सम्पन्न करने के लिए उसका प्रारम्भ गणपति की पूजा से ही करता आ रहा है। प्रतिकूल, अशुभ, अज्ञान एवं दुःख से परेशान मनुष्य के लिये गणेश ही तारणहार है। […] Read more » Ganesha is a multidimensional deity. गणेश चतुर्थी - 7 सितम्बर
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 38 September 3, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुंभकर्ण का वध कुंभकर्ण ने अपने भाई विभीषण को अपने आगे से सम्मान पूर्वक शब्दों के माध्यम से हटा दिया। कुंभकर्ण जानता था कि इस महाविनाशकारी युद्ध में उसके सहित सारी राक्षस सेना मारी जाएगी। अंत में रावण भी मारा जाएगा। ऐसे में विभीषण को सुरक्षित रहना चाहिए। अतः अच्छा यही होगा कि मैं उन […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 37 September 2, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुंभकर्ण रावण संवाद रामचंद्र जी यद्यपि बहुत ही सौम्य प्रकृति के व्यक्ति थे, पर उनके भीतर आज सात्विक क्रोध अर्थात मन्यु अपने चरम पर था। वीरों का क्रोध भी सात्विक होता है। जिसमें नृशंसता , क्रूरता , निर्दयता और अत्याचार की भावना दूर-दूर तक भी नहीं होती। उन्हें क्रोध भी लोक के उपकार के लिए […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 36 September 1, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण चरित् और रामायण अभी तक वानर दल का कोई भी सेनापति या योद्धा लंकाधिपति रावण के बल की थाह नहीं कर पाया था। जिस रावण की उपस्थिति में हनुमान जी ने लंका में आग लगा दी थी , आज उसी रावण को उनका वानर दल टस से मस नहीं कर पा रहा था। इससे […] Read more »
धर्म-अध्यात्म प्रवक्ता न्यूज़ लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 35 August 31, 2024 / September 4, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment युद्ध क्षेत्र के लिए रावण का प्रस्थान रावण अपनी मूर्खता और अहंकार के कारण दिन प्रतिदिन अपने अनेक साथियों को खोता जा रहा था। उसके अनेक वीर योद्धा स्वर्ग सिधार चुके थे। यद्यपि ऊपरी तौर पर वह अभी भी घमंड के वशीभूत होकर पराजित होने का नाम नहीं ले रहा था। पर भीतर ही भीतर […] Read more »
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 34 August 30, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण के अनेक वीरों का अंत मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम और लक्ष्मण जी के स्वस्थ होने से वानर दल में खुशी की लहर दौड़ गई। अब उन्हें यह विश्वास हो गया कि अगले दिन होने वाले युद्ध में उनकी विजय निश्चित है। रावण के गुप्तचरों ने उसे जाकर बता दिया कि राम और लक्ष्मण दोनों […] Read more » Ram of my mind: Chapter 34
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 33 August 29, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राम लखन को शरबंध से बांधना वाल्मीकि कृत रामायण से हमें पता चलता है कि मेघनाद ने अगले दिन क्रोध में भरकर सर्प के समान भीषण बाणों से राम और लक्ष्मण को युद्ध में बींध डाला । कपटी योद्धा इंद्रजित ने चालाकी से अपने आप को सभी सैनिकों की दृष्टि से ओझल रखते हुए राम […] Read more » मेरे मानस के राम : अध्याय 33
धर्म-अध्यात्म लेख वर्त-त्यौहार आत्मा के उन्नयन एवं उत्कर्ष महापर्व-पर्युषण August 29, 2024 / August 29, 2024 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment पर्युषण महापर्व ( 31 अगस्त से 7 सितम्बर 2024) पर प्रकाशनार्थ-देवेन्द्र ब्रह्मचारी –जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पयुर्षण पर्व। यह पर्व ग्रंथियों को खोलने की सीख देता है। इस आध्यात्मिक पर्व के दौरान कोशिश यह की जाती है कि जैन कहलाने वाला हर व्यक्ति अपने जीवन को इतना मांज ले कि वर्ष भर की जो […] Read more » पर्युषण महापर्व
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 32 August 27, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अंगद की वीरता बाली पुत्र अंगद बहुत ही वीर थे । रामायण में उनकी वीरता को कवि ने बड़े ही प्रशंसनीय शब्दों में प्रस्तुत किया है। उनकी वीरता का लोहा स्वयं रावण ने की माना था। रावण ने उन्हें धर्म के पक्ष से मर्यादा पुरुषोत्तम श्री : म के पक्ष से हटाकर अधर्म के साथ […] Read more » Angad's bravery
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 31 August 26, 2024 / August 29, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment सुवेल पर्वत पर श्रीराम राम ने सुवेल पर्वत पर चढ़कर लंका का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। यहां से उन्हें लंका की सुंदरता बड़ी मनोहारी लग रही है। उनके मन में कई प्रकार के विचार आ रहे थे। वह सोच रहे थे कि रावण की मूर्खता के कारण इतनी सुंदर रमणीक नगरी और साथ-साथ यह […] Read more » Shri Ram on Suvel Mountain
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार भगवान श्रीकृष्ण का जीवन दर्शन और अलौकिक लीलाएं August 25, 2024 / August 28, 2024 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment जन्माष्टमी पर्व (26 अगस्त) पर विशेष– योगेश कुमार गोयलजन्माष्टमी का त्यौहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में प्रतिवर्ष भाद्रपक्ष कृष्णाष्टमी को मनाया जाता है, जो इस वर्ष 26 अगस्त को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी ने कृष्ण को इसी दिन जन्म दिया था। भारतीय […] Read more » Life philosophy and supernatural activities of Lord Krishna