धर्म-अध्यात्म मसखरे लफ़फाज़ ओर ढोंगी बाबाओं से ज़न-क्रांति की उम्मीद करने वालो सावधान! June 5, 2011 / December 11, 2011 by श्रीराम तिवारी | 33 Comments on मसखरे लफ़फाज़ ओर ढोंगी बाबाओं से ज़न-क्रांति की उम्मीद करने वालो सावधान! श्रीराम तिवारी जब -जब इस धरती पर कोई नया भौतिक आविष्कार हुआ ,इंसान को लगा कि ‘दुःख भरे दिन बीते रे भैया ,अब सुख आयो रे’ इसी तरह जब-जब किसी निठल्ले आदमी ने धर्म-अध्यात्म के कंधेपरचढ़करअपनी शाब्दिक लफ्फाजी से समाज में आदर्श राज्यव्यवस्था स्थापित करने और परिवर्ती व्यवस्था को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया तो तत्कालीन […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
धर्म-अध्यात्म रोकना होगा हिन्दू मान-बिन्दुओं का उपहास June 2, 2011 / October 24, 2013 by विनोद बंसल | 1 Comment on रोकना होगा हिन्दू मान-बिन्दुओं का उपहास विनोद बंसल फ़िल्म, फ़ैशन व मस्ती के नाम पर या सस्ती लोकप्रियता पाने की लालसा में हिन्दू धर्म के प्रतीकों का अपमान आज कल आम बात बनती जा रही है। कभी गीतों में कभी चित्रों में तो कभी टेलीविजन के कार्यक्रमों व विज्ञापनों में कोई भी और अभी भी इन प्रतीकों (हिन्दू देवी-देवताओं, साधू-संतों तथा […] Read more » Lisa Blu लीसा ब्लू हिंदू देवी देवताओं का अपमान
धर्म-अध्यात्म नमस्ते वायो। त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्म।। May 30, 2011 / December 12, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on नमस्ते वायो। त्वमेव प्रत्यक्षं ब्रह्म।। हृदयनारायण दीक्षित भारतीय अनुभूति में सृष्टि पांच महाभूतों (तत्वों) से बनी है। पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश ये पांच महाभूत हैं। इनमें ‘वायु’ को प्रत्यक्ष देव कहा गया है। वायु प्रत्यक्ष देव हैं और प्रत्यक्ष ब्रह्म भी। विश्व के प्राचीनतम ज्ञानकोष ‘ऋग्वेद’ (1.90.9) में स्तुति है ‘नमस्ते वायो, त्वमेव प्रत्यक्ष ब्रहमासि, त्वामेव प्रत्यक्षं ब्रह्म […] Read more » पंचतत्व
धर्म-अध्यात्म संस्कर्ती शब्द और शब्दों से जुडी शिक्षा May 29, 2011 / December 12, 2011 by राम नारायण सुथर | Leave a Comment रामचरित मानस कि एक चोपाइ है “भय बिनु होइ न प्रीति ” इस कथन मे कितनी सत्यता विध्मान है, यह हम जीवन मे उतार कर देख् सकते है। अगर शिक्षा पर विचार करे तो आज कि शिक्षा प्रणाली कई खामियो से भरी नजर आती है। शिक्षा का मूळ उदेष्य जीवन को उन्नत ओर विकसित करने […] Read more »
धर्म-अध्यात्म ईश्वर डराने के लिए नहीं है ? May 28, 2011 / December 12, 2011 by प्रमोद भार्गव | 4 Comments on ईश्वर डराने के लिए नहीं है ? प्रमोद भार्गव अकसर हमारे प्रवचनकर्ता और कर्मकाण्ड के प्रणेता कहते सुने जाते हैं कि ईश्वर से डरो ! अतीन्द्रीय शक्तियों से डरो ! ऐसा केवल हिन्दू समाज के धर्माधिकारियों का कहना नहीं है, मुस्लिम, ईसाई, बौध्द और जैन धर्म के प्रवर्तक भी परलोक सुधारने व अगले जन्म में सुखी व समर्ध्द जीवन व्यतीत करने हेतु […] Read more » God ईश्वर
धर्म-अध्यात्म बाबा अमर नाथ की आग से मत खेलो May 27, 2011 / December 12, 2011 by विनोद बंसल | Leave a Comment विनोद बंसल भारत के मुकुट जम्मू-कश्मीर के श्री नगर शहर से 125 किमी दूर हिमालय की बर्फ़ीली चोटियों के बीच 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव का अदभुत ज्योतिर्लिंग बाबा अमरनाथ के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह सिर्फ़ करोडों हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष […] Read more » Baba Amarnath बाबा अमर नाथ
आलोचना धर्म-अध्यात्म पाखण्डी गुरूओं की लगी हैं मंडी… May 27, 2011 / December 12, 2011 by पण्डित परन्तप प्रेमशंकर | Leave a Comment पण्डित परन्तप प्रेमशंकर बंदउ गुरुपद पदुम परागा…… गुरू महिमा – आषाढ शुक्ल पूर्णिमा को व्यास पूर्णमा कहते हैं । भगवान के ज्ञानावतार श्री द्वैपायन कृष्णने वेद का व्यास एवं अनेक पुराणादि की रचनाद्वारा सनातन वैदिक संस्कृतिको अनुपम योगदान दिया हैं । विद्वद्गण तो मानते हैं कि व्यासोच्छिष्ठं जगत्सर्वं । संस्कृतिकी अनन्त सेवाको सन्मानित करनेके लिए […] Read more » Renegade गुरूओंकी पाखण्डी
धर्म-अध्यात्म ईसाई समाज की बदलती सोच May 20, 2011 / December 13, 2011 by आर.एल. फ्रांसिस | 2 Comments on ईसाई समाज की बदलती सोच आर एल फ्रांसिस पिछले एक दशक से ईसाई मिशनरियों और हिन्दू संगठनों के बीच धर्मांतरण को लेकर चली आ रही कड़वाहट का सबसे ज्यादा नुकसान ईसाई समुदाय को उठाना पड़ा है। चर्च नेतृत्व ने इन्हें अपने रक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करते हुए तमाम मुश्किलों के बीच में भी अपने विस्तार की रफतार को ढीला […] Read more » Christian ईसाई
धर्म-अध्यात्म क्या शांतिकाली जी महाराज, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के बाद अब स्वामी असीमानंद की बारी है? May 19, 2011 / December 13, 2011 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 3 Comments on क्या शांतिकाली जी महाराज, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के बाद अब स्वामी असीमानंद की बारी है? डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री पिछले कुछ समय से दक्षिण गुजरात के डांग जिले के वनवासी क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रहे स्वामी असीमानंद भारत सरकार के निशाने पर हैं। चर्च किसी भी स्थिति में स्वामी असीमानंद को डांग से हटाना चाहता था क्योंकि इस वनवासी बहुल क्षेत्र में चर्च द्वारा चलायी जा रही अराष्ट्रीय और […] Read more » Swamy Aseemanand शांतिकाली जी महाराज स्वामी असीमानंद स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती
धर्म-अध्यात्म बुद्ध जयंती पर विशेष- धर्म की नई भूमिका की तलाश May 17, 2011 / December 13, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी बौद्ध धर्म के बारे में अनेक मिथ हैं इनमें एक मिथ है कि यह शांति का धर्म है।गरीबों का धर्म है। इसमें समानता है। सच इन बातों की पुष्टि नहीं करता। आधुनिककाल में श्रीलंका में जातीय हिसा का जिस तरह बर्बर रूप हमें तमिल और सिंहलियों के बीच में देखने को मिला है। […] Read more » Mahatma Budh धर्म महात्मा बुद्ध
धर्म-अध्यात्म दर्शन को तैयार चारों धाम के द्वार May 12, 2011 / December 13, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ”शादाब” देव भूमि उत्तराखण्ड सदियों से ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। यही कारण है कि लाखों करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष पुण्य कमाने के लिये देश विदेश से उत्तराखण्ड के विभिन्न तीर्थ स्थानों के साथ ही चार धाम यात्रा पर आते हैं। यूं तो आज भागमभाग की जिन्दगी में सब कुछ बदल गया […] Read more » Char Dham चार धाम
धर्म-अध्यात्म अंतवस्त्रों और चप्पलों पर हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीर May 11, 2011 / December 13, 2011 by अवनीश राजपूत | 7 Comments on अंतवस्त्रों और चप्पलों पर हिन्दू देवी देवताओं की तस्वीर अवनीश सिंह कुछ दिन पहले भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में चित्रकार मकबूल फ़िदा हुसैन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हिन्दू देवी देवताओं की नग्न तस्वीरें बनाकर अपनी लोकप्रियता में चार चाँद लगाया था। उसके कुछ ही दिन बाद एक विदेशी वेश्या काली का रूप धरकर मर्दों से आलिंगन करती हुई अपने आपको सबसे […] Read more »