धर्म-अध्यात्म अथर्ववेद भाष्यकार ऋषि दयानन्द भक्त पं. क्षेमकरण दास त्रिवेदी March 22, 2022 / March 22, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यअथर्ववेद भाष्यकार पं. क्षेमकरण दास त्रिवेदी जी से समस्त आर्यजगत परिचित है। उनका वेदभाष्य विगत एक शताब्दी से वैदिक धर्मियों द्वारा श्रद्धा से पढ़ा जा रहा है। पं. क्षेमकरण दास त्रिवेदी ऐसे विद्वान हैं जो ऋषि दयानन्द के समकालीन रहे और जिन्होंने आर्य विद्वान पं. जयदेव शर्मा, पं. विश्वनाथ वेदोपाध्याय विद्यामार्तण्ड तथा पं. […] Read more » Atharvaveda commentator Rishi Dayananda Bhakta Pt. Khemkaran Das Trivedi पं. क्षेमकरण दास त्रिवेदी
चिंतन धर्म-अध्यात्म अमर शहीद हेमू कालाणी में राष्ट्रवाद की भावना का संचार बचपन में ही हो गया था March 22, 2022 / March 22, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment इतिहास गवाह है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में वीर सेनानियों ने, मां भारती को अंग्रेजों के शासन से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से, देश के कोने कोने से भाग लिया था। इन वीर सेनानियों में से भारत के कई वीर सपूतों ने तो मां भारती के श्री चरणों में अपने प्राण भी न्योशावर कर […] Read more » The spirit of nationalism in the immortal martyr Hemu Kalani The spirit of nationalism in the immortal martyr Hemu Kalani was infused in childhood itself. अमर शहीद हेमू कालाणी
धर्म-अध्यात्म मनुष्य को न अपने पूर्वजन्मों और न परजन्मों का ज्ञान है March 4, 2022 / March 4, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य अपने शरीर के हृदय स्थान में निवास करने वाली एक अनादि, नित्य, अविनाशी एव अल्पज्ञ चेतन आत्मा है। अल्पज्ञ जीवात्मा को मनुष्य आदि योनियों में जन्म लेकर मनुष्य योनि में माता, पिता, आचार्य की सहायता से ज्ञान अर्जित करना पड़ता है। इन साधनों से अर्जित ज्ञान को वह अनेकानेक ग्रन्थों के अध्ययन […] Read more »
धर्म-अध्यात्म ऋषि-बोधोत्सव, ऋषि दयानन्द और उनके कुछ कार्य March 2, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यआज मंगलवार दिनांक 1 मार्च, 2022 को ‘ऋषि-बोधोत्सव’ का पर्व आर्यसमाजों व आर्य संस्थाओं में सर्वत्र मनाया जा रहा है। आज से 183 वर्ष पूर्व टंकारा के एक शिवमन्दिर में शिवरात्रि का व्रत-उपवास करते हुए ऋषि दयानन्द को चूहे की एक घटना से बोध प्राप्त हुआ था। उन्हें बोध हुआ था कि मन्दिर […] Read more » ऋषि-बोधोत्सव
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार विश्व में शांति एवं सहजीवन के प्रेरक हैं शिव February 28, 2022 / February 28, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment महाशिवरात्रि- 1 मार्च 2022 पर विशेष-ः ललित गर्ग:- भगवान शिव शक्ति के प्रतीक ज्योतिर्लिंग का प्रादुर्भाव फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की निशीथ काल में हुआ था, वे आदिदेव है, देवों के देव है, महादेव हैं। उनके जन्मोत्सव को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। शिव पुराण के अनुसार सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा ने इसी […] Read more » mahashivaratri Shiva is the motivator of peace and symbiosis in the world महाशिवरात्रि- 1 मार्च 2022
धर्म-अध्यात्म ईश्वर मनुष्यादि प्राणियों के सभी शुभाशुभ कर्मों का द्रष्टा व फलप्रदाता है February 26, 2022 / February 26, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्ययह समस्त दृश्यमान जगत ईश्वर ने बनाया है और वही इसका संचालन व पालन कर रहा है। इस सृष्टि का इसकी अवधि पूरी होने पर प्रलय भी वही करता है। यह एक तथ्य है कि इससे पूर्व भी असंख्य व अनन्त बार सृष्टि सृजित हुई है व असंख्य बार ही इसका प्रलय भी […] Read more » God is the seer and the giver of all the good and bad deeds of human beings.
धर्म-अध्यात्म महत्वपूर्ण पुस्तक ‘सत्यार्थप्रकाश का प्रभाव’ का प्रकाशन February 21, 2022 / February 21, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यस्वामी वेदानन्द तीर्थ आर्यसमाज के एक शीर्ष व प्रमुख विद्वान थे। आपने अनेक महत्वपूर्ण ग्रन्थ लिखे हैं जिनमें एक लघु आकार का ग्रन्थ है ‘सत्यार्थप्रकाश का प्रभाव’। यह पुस्तक अनेक वर्षों से अनुपलब्ध था। हमने इस ग्रन्थ का नाम तो सुना था, परन्तु यह हमें अब उपलब्ध हुआ है। पुस्तक यथा नाम तथा […] Read more » सत्यार्थप्रकाश का प्रभाव
धर्म-अध्यात्म ईश्वर को कौन प्राप्त कर सकता है? February 18, 2022 / February 18, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यआज का संसार प्रायः भोगवादी है। संसार के लोगों की इस संसार के रचयिता को जानने में कोई विशेष रूचि दिखाई नहीं देती। सब सुख चाहते हैं और सुख का पर्याय धन बन गया है। इस धन का प्रयोग मनुष्य भोजन, वस्त्र, आवास, वाहन, यात्रा व बैंक बैलेंस में वृद्धि आदि कार्यों को […] Read more » Who can attain God?
धर्म-अध्यात्म जीवात्माओं के शरीरों की आकृति व सामर्थ्य में भेद का कारण February 18, 2022 / February 18, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यजीवात्मा जन्म-मरणधर्मा है। ईश्वर की व्यवस्था से इसे अपने पूर्वजन्मों के कर्मानुसार जाति, आयु व भोग प्राप्त होते हैं। इन तीनों कार्यों को प्राप्त करने में यह परतन्त्र है। जीव मनुष्य योनि में जन्म लेने के बाद कर्म करने में तो स्वतन्त्र है परन्तु उनके फल इसे ईश्वर की व्यवस्था से मिलते हैं […] Read more » The reason for the difference in the shape and strength of the bodies of the souls शरीरों की आकृति व सामर्थ्य में भेद का कारण
धर्म-अध्यात्म सत्संग का उत्तम साधन वेद, सत्यार्थप्रकाश आदि का स्वाध्याय February 16, 2022 / February 16, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य को अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सत्संग की आवश्यकता होती है। सत्संग का अभिप्राय है कि हम जीवन को सुख, समृद्धि व सफलता आदि प्राप्त करने के लिए सत्य को जानें। यदि हमें सत्य का ज्ञान नहीं होगा तो हम सही निर्णय नहीं ले सकेंगे। हो सकता है […] Read more » Satyarth Prakash etc. The best means of satsang are self-study of Vedas सत्संग का उत्तम साधन वेद
धर्म-अध्यात्म संसार ने सर्वप्रथम वेदों से ही जाना ईश्वर व जीवात्मा का अस्तित्व February 4, 2022 / February 4, 2022 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on संसार ने सर्वप्रथम वेदों से ही जाना ईश्वर व जीवात्मा का अस्तित्व मनमोहन कुमार आर्यआज विश्व का अधिकांश भाग ईश्वर एवं जीवात्मा के अस्तित्व को स्वीकार करता है। प्रश्न होता है कि ईश्वर व जीवात्मा का ज्ञान संसार को कब व कैसे प्राप्त हुआ? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए हमें सृष्टि के आरम्भ में मनुष्यों की परिस्थितियों पर विचार करना पड़ता है। हम जानते हैं […] Read more » The world first learned the existence of God and soul from the Vedas. संसार ने सर्वप्रथम वेदों से ही जाना ईश्वर
धर्म-अध्यात्म लेख योगेश्वर एवं वेदर्षि दयानन्द January 5, 2022 / January 5, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यआर्यसमाज के संस्थापक ऋषि दयानन्द सरस्वती वेदों के उच्च कोटि के विद्वान एवं सिद्ध योगी थे। योग में सफलता, वेदाध्ययन व वेदज्ञान के कारण उन्हें सत्यासत्य का विवेक प्राप्त हुआ था। वह ईश्वर के वैदिक सत्यस्वरूप के जानने वाले थे। वेदों में सभी सत्य विद्यायें हैं। इन सब सत्य विद्याओं का ज्ञान भी […] Read more » Yogeshwar and Vedarshi Dayanand योगेश्वर एवं वेदर्षि दयानन्द