धर्म-अध्यात्म संसार का स्वामी दुष्कर्म करने वाले सभी पापियों को यथोचित दण्ड देता है March 14, 2020 / March 14, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हमारा यह ब्रह्माण्ड स्वयं नहीं बना। संसार की कोई भी उपयोगी वस्तु स्वतः नहीं बनती अपितु इन्हें कुछ ज्ञान-विज्ञान से पूर्ण मनुष्यों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। किसी भी वस्तु की रचना के तीन प्रमुख कारण होते हैं। प्रथम कारण चेतन निमित्त कर्ता हुआ करता है। दूसरा प्रमुख कारण उपादान कारण […] Read more » The lord of the world punishes all sinners who commit misdeeds यथोचित दण्ड
धर्म-अध्यात्म मनुष्य का कर्तव्य धर्म पालन सहित सरकार के अच्छे कार्यों का समर्थन है March 13, 2020 / March 13, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने हमारे पूर्वजन्म के कर्मों के आधार पर हमें इस जन्म में मनुष्य बनाया है। हम सब अपनी अपनी आयु के कुछ सोपान पार चुके है। जीवन का जो समय बीत गया वह वापिस नहीं आ सकता परन्तु जो वर्तमान व भविष्य का समय है उस पर विचार व चिन्तन […] Read more » धर्म पालन
धर्म-अध्यात्म मत-मतान्तरों की सत्यासत्य मान्यताओं का बिना परीक्षा किये आचरण करना उचित नहीं March 12, 2020 / March 12, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य सृष्टि में मनुष्य जाति का आरम्भ वर्तमान समय से 1.96 अरब वर्ष पूर्व ईश्वर द्वारा सृष्टि रचना पूर्ण कर अमैथुनी सृष्टि में मनुष्य आदि सभी प्राणियों को उत्पन्न करने पर हुआ। सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा ने चार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य एवं अंगिरा आदि को एक एक वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, […] Read more » आचरण
धर्म-अध्यात्म लेख नर-सिंह अवतार का व्यावहारिक पक्ष March 9, 2020 / March 9, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारत का आदिकालीन इतिहास दुनिया का प्राचीनतम इतिहास है। उन दिनों इतिहास लेखन की नियमित परंपरा नहीं थी। अतएव जो भी राज्यों के शासक और शूरवीर थे, उनकी गाथाएँ रूपकों और अलंकरणों में गढ़कर सुनाए जाने की लोक-परंपरा अवश्य आरंभ हो गई। इस दृष्टि से विष्णु के नरसिंह अवतार से जुड़ी दो घटनाओं, […] Read more » नर-सिंह अवतार नर-सिंह अवतार का व्यावहारिक पक्ष
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द न आये होते तो आर्य-हिन्दू अत्यन्त दुर्दशा को प्राप्त होते March 7, 2020 / March 7, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य की पहचान व उसका महत्व उसके ज्ञान, गुणों, आचरण एवं व्यवहार आदि से होता है। संसार में 7 अरब से अधिक लोग रहते हैं। सब एक समान नहीं है। सबकी आकृतियां व प्रकृतियां अलग हैं तथा सबके स्वभाव व ज्ञान का स्तर भी अलग है। बहुत से लोग अपने ज्ञान […] Read more » Rishi Dayanand ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म राम का वनगमन से पूर्व अपने पिता दशरथ व माता से प्रशंसनीय संवाद March 6, 2020 / March 6, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment रामजन्म रामनवमी 2 अप्रैल पर -मनमोहन कुमार आर्य राम को हमारे पौराणिक बन्धु ईश्वर मानकर उनकी मूर्तियों की पूजा अर्थात् उनको सिर नवाते हैं और यत्रतत्र समय-समय पर राम चरित मानस का पाठ भी आयोजित किया जाता है। वाल्मीकि रामायण ही राम के जीवन पर आद्य महाकाव्य एवं इतिहास होने सहित प्रामाणिक ग्रन्थ है। […] Read more » -रामजन्म रामनवमी 2 अप्रैल ramnavami राम का वनगमन
धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना वैदिकधर्म और संस्कृति की रक्षा, प्रचार और उन्नति के लिये की थी March 5, 2020 / March 5, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -आर्यसमाज के स्थापना दिवस 10 अप्रैल पर- -मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत–मतान्तर एवं संस्थायें हैं जो अतीत में भिन्न–भिन्न लोगों द्वारा स्थापित की गई हैं व अब की जाती हैं। इन संस्थाओं को स्थापित करने का इसके संस्थापकों द्वारा कुछ प्रयोजन व उद्देश्य होता है। सभी लोग पूर्ण विज्ञ वा आप्त पुरुष […] Read more » Aryasamaj Aryasamaj was founded by sage Dayanand for the protection propagation and advancement of Vedic religion and culture. Rishi Dayanand ऋषि दयानन्द
धर्म-अध्यात्म अपने देश व देशवासियों से प्रेम न करने वाला व्यक्ति सच्चा धार्मिक नहीं होता March 5, 2020 / March 5, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में जितने मनुष्य हैं व अतीत में हुए हैं वह सब किसी देश विशेष में जन्में थे। उनसे पूर्व उनके माता–पिता व पूर्वज वहां रहते थे। जन्म लेने वाली सन्तान का कर्तव्य होता है कि वह अपने जन्म देने वाले माता–पिता का आदर व सत्कार करे। मातृ देवो भव, पितृ […] Read more » A person who does not love his country or countrymen is not truly religious धार्मिक
धर्म-अध्यात्म परमात्मा ने हमें मनुष्य क्यों बनाया? March 3, 2020 / March 3, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं और हमें यह जन्म परमात्मा ने पूर्वजन्म में हमारी मृत्यु होने पर हमारे लिये माता–पिता का चुनाव कर उनके द्वारा हमें प्रदान किया है। परमात्मा ने हमें मनुष्य जन्म क्यों दिया, इस प्रश्न पर विचार करने से पहले हमें अपने विषय अर्थात् अपनी आत्मा के विषय में चिन्तन […] Read more » why god created humans परमात्मा ने हमें मनुष्य क्यों बनाया?
धर्म-अध्यात्म ऋषि बोधोत्सव के उपलक्ष्य पर ! February 18, 2020 / February 18, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment प्रो. अनिल जिज्ञासु डॉक्टर ज्वलंतकुमार शास्त्री के शोध ग्रन्थ “महर्षि दयानंद की प्रामाणिक जन्मतिथि” के अनुसार स्वामी दयानंद सरस्वती जी का जन्म विक्रम संवत 1881 में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि तदनुसार 12 फरवरी, सन 1825 शनिवार के दिन गुजरात के छोटे से ग्राम टंकारा में हुआ Iइनके पिता जी का नाम […] Read more » ऋषि बोधोत्सव महर्षि दयानंद की प्रामाणिक जन्मतिथि स्वामी दयानंद सरस्वती
धर्म-अध्यात्म रक्तसाक्षी पंडित लेखराम के बलिदान से प्रेरणा लेकर उनका अनुकरण करना कृतज्ञता एवं श्रद्धांजलि है February 16, 2020 / February 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य वर्ष 1897 की 6 मार्च को पं. लेखराम जी का 123 वां बलिदान दिवस होने के कारण उनके जीवन पर विचार कर उनसे प्रेरणा ग्रहण करने का अवसर है। पं. लेखराम जी का आरम्भिक जीवन साधारण मनुष्यों की भांति ही था परन्तु ऋषि दयानन्द वा वेदों के विचारों के स्पर्श व […] Read more » Pandit lekhram रक्तसाक्षी पंडित लेखराम
धर्म-अध्यात्म अग्निहोत्र यज्ञ से आध्यात्मिक लाभों की प्राप्ति होकर जीवन स्वस्थ रहता है February 16, 2020 / February 16, 2020 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य ईश्वरीय ज्ञान वेद में मनुष्यों को अग्निहोत्र यज्ञ करने की आज्ञा है। अग्निहोत्र यज्ञ में गोघृत व चार प्रकार के पदार्थों की आहुतियां यज्ञ में दी जाती हैं। यह चार पदार्थ गोघृत के अतिरिक्त सोमलता, गिलोय, गुग्गल, सूखे फल नारीयल, बादाम, काजू, छुआरे आदि ओषधियां, मिष्ट पदार्थ शक्कर तथा सुगन्धित द्रव्य […] Read more » Agnihotra Yajna अग्निहोत्र यज्ञ