Category: धर्म-अध्यात्म

धर्म-अध्यात्म

“ऋषि दयानन्द का नर्मदा के स्रोत की ओर प्रस्थान की घटना उन्हीं के शब्दों में”

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मनमोहन कुमार आर्य, रामलाल कपूर ट्रस्ट, बहालगढ़ (सोनीपत-हरयाणा) ने पं. भगवद्दत्त जी, रिसर्च स्कालर लिखित एक लघु पुस्तक ‘‘ऋषि दयानन्द स्वरचित जन्म चरित्र (लिखित व कथित)’’ सन् 1986 में प्रकाशित की है। यह इस पुस्तक का दसवां संस्करण है। यह जन्म चरित्र पूना कथ्य सहित उनके द्वारा थ्योसोफिकल सोसायटी को लिखकर प्रेषित जन्म चरित्र विषयक […]

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“गरुकुल कांगड़ी हरिद्वार में आयोजित तीन दिवसीय गुरुकुल महासम्मेलन सम्पन्न”

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मनमोहन कुमार आर्य,  स्वामी आर्यवेश जी के सभापतित्व में कार्यरत सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली का तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन 6-8 जुलाई 2018 आशातीत सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। इसकी विशेषता यह रही कि लगभग 80 गुरुकुलों के आचार्य व आचार्यायें अपने अपने ब्रह्मचारी व ब्रह्मचारिणियों सहित सम्मलित हुए। आर्यसमाज के अनेक प्रसिद्ध […]

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“ईश्वर स्थूल न होकर सूक्ष्मतम होने के कारण आंखों से दीखता नहीं है”

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मनमोहन कुमार आर्य,  हमें किसी बात को सिद्ध करना हो तो हमें लिखित व दृश्य प्रमाण देने होते हैं। ईश्वर है या नहीं, इसका लिखित प्रमाण हमारे पास वेद के रुप में विद्यमान है। वेद ईश्वरीय ज्ञान है अर्थात् वेद ईश्वरप्रोक्त व ईश्वर के कहे हुए हैं। वेदों का ज्ञान ईश्वर से मनुष्यों तक कैसे […]

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“यदि स्वामी दयानन्द और स्वामी श्रद्धानन्द न होते तो स्वामी रामदेव भी न होते : स्वामी रामदेव”

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  –मनमोहन कुमार आर्य, तीन दिवसीय गुरुकुल सम्मेलन, गुरुकुल कांगड़ी परिसर में 6 जुलाई, 2018 को आरम्भ हुआ। अपरान्ह 4 बजे से सम्मेलन का उद्घाटन समारोह हुआ जिसे पतंजलि योगपीठ के विश्व विख्यात योगाचार्य स्वामी रामदेव जी, मेघालय के राज्यपाल ऋषिभक्त श्री गंगा प्रसाद जी एवं कई आर्य संन्यासी एवं नेताओं ने सम्बोधित किया। स्वामी […]

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‘संसार में वेदों की प्रतिष्ठा ऋषि दयानन्द के अतिरिक्त अन्य कोई विद्वान कर नहीं पायाः आचार्य वेदप्रकाश श्रोत्रिय’

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–मनमोहन कुमार आर्य,  गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के परिसर में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गुरुकुल महासम्मेलन के समापन दिवस पर वेद एवं संस्कृति सम्मेलन का आयोजन 10.30 बजे पूर्वान्ह आयोजित किया गया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए आर्यसमाज के विद्वान डा. वेदप्रकाश श्रोत्रिय ने कहा कि महर्षि दयानन्द जी के दिमाग में यह बात […]

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