सिनेमा रुखसत तो यूसुफ खान हुए हैं…. दिलीप कुमार तो सदा अमर रहेंगे July 8, 2021 / July 8, 2021 by सुशील कुमार नवीन | Leave a Comment सुशील कुमार ‘नवीन’ वे ट्रेजेडी किंग थे। उनका शानदार व्यकित्त्व अभिनय की चलती फिरती पाठशाला था। छोटे से छोटे चरित्र को विराटता प्रदान करने वाले बेमिसाल अभिनेता थे। वे हमसे कभी रुखसत हो ही नहीं सकते। सुपुर्दे खाक तो उनके यूसुफ खान वाला शरीर हुआ है। अभिनय की पवित्र आत्मा बन लाखों लोगों के दिल […] Read more » Dilip Kumar will live forever Rukhsat is Yusuf Khan. दिलीप कुमार तो सदा अमर रहेंगे रुखसत तो यूसुफ खान हुए हैं
सिनेमा हिन्दी सिनेमा का सूरज अस्त हो गया July 7, 2021 / July 7, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-पिछले कई सालों से बार-बार अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले दिलीपकुमार के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें आती रहीं, लेकिन बार-बार मौत को मात देकर वो वापस मुस्कुराते हुए घर लौट आते, लेकिन 7 जुलाई 2021 की मनहूस सुबह वो खबर आई, जिसने देश एवं दुनिया के करोड़ों लोगों […] Read more » The sun of Hindi cinema has set दिलीपकुमार
मनोरंजन सिनेमा दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे दिलीप साहब July 7, 2021 / July 7, 2021 by श्याम सुंदर भाटिया | Leave a Comment ● श्याम सुंदर भाटियाकाश, सोशल मीडिया में सेहत से जुड़ी उनकी यह ख़बर भी दीगर न्यूज़ की मानिंद महज अफवाह होती, लेकिन इस बार बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार के निधन की ख़बर उनके ऑफिसियल ट्वीटर अकाउंट से रिलीज़ हुई तो उनके चाहने वाले करोड़ों फैन्स सदमे में आ गए। जबर्दस्त अदाकारी के मालिक […] Read more » Dilip sahib will always be alive in hearts दिलीप साहब दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे दिलीप साहब
सिनेमा आमिर के ये 2 तलाक महिलाओं के प्रति सम्मान हैं क्या ? July 4, 2021 / July 4, 2021 by विवेक कुमार पाठक | Leave a Comment विवेक पाठक जो मुंबइया फिल्म अभिनेता कई सालों से सामाजिक सरोकारों पर केन्द्रित सत्यमेव जयते सीरियल बनाकर समाज, देश और हम सबको सुधरने और सीखने नसीहत दे रहा था उसने खुद महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान करना कितना सीखा। भला आज वो कौनसा उदाहरण पेश कर रहा है। हैरत की बात तो यह है कि […] Read more » Are these 2 divorces of Aamir respect for women divorces of Aamir खान आमिर के 2 तलाक
मनोरंजन मीडिया ट्विटर पर स्थायी पाबन्दी क्यों नहीं? July 1, 2021 / July 1, 2021 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment यदि बार-बार चेतावनियों के बाद भी ट्विटर सरकार के नये नियमों का पालन करने को किसी भी कीमत पर तैयार नहीं है और तीन महीने की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी जिस तरह ट्विटर ने सरकार को छका रखा है उससे तो यही लगता है उसे सरकार का तनिक भी भय नहीं रह […] Read more » Why not a permanent ban on Twitter? ट्विटर पर स्थायी पाबन्दी
मनोरंजन लेख नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करें संचार माध्यम June 28, 2021 / June 28, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment आइए ड्रग्स मुक्त भारत बनाएं प्रो. संजय द्विवेदी बौद्ध दर्शन में संसार की जटिलता को समझाने के लिए बुद्ध ने चार आर्यसत्यों की बात की है। ये सत्य हैं – संसार में दुख है। दुख का कारण है। इसका निवारण है। और इसके निवारण का मार्ग भी है। बुद्ध ने दुख के निवारण के लिए […] Read more » Drugs Free India नशामुक्त समाज नशे के विरुद्ध जागरूकता
सिनेमा अश्लीलता के दौर में अपना अस्तित्व तलाशती भोजपुरी June 15, 2021 / June 15, 2021 by अरुण जायसवाल | Leave a Comment अश्लील सिनेमा बन चुका है भोजपुरी संस्कृति की पहचान, जगह नही दे रहा भारतीय संविधान सिनेमा और संगीत किसी भी समाज व संस्कृति को एक विशेष पहचान दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं | किसी भी भाषा / बोली का सिनेमा और संगीत उस क्षेत्र / समाज के रहन-सहन, खान-पान, पहनावा और सामाजिक पृष्ठभूमि […] Read more » भोजपुरी संस्कृति
मनोरंजन मीडिया लेख ‘स्वदेश कुल’ की वैचारिक पत्रकारिता के ‘कुलपति’ हैं राजेंद्र शर्मा June 15, 2021 / June 15, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment 75 वीं वर्षगांठ (18 जून) पर विशेष पत्रकारिता की उजली परंपरा के वाहक -प्रो.संजय द्विवेदी विचारधारा के प्रति अविचल आस्थाः ‘स्वदेश’ की विस्तार यात्रा के सारथीः श्री राजेंद्र शर्मा का पिंड पत्रकार का है,लेखक का है , संपादक का है। बावजूद इसके वे चुनौतियों से भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। एक सफल संपादक के नाते ग्वालियर में […] Read more » ideological journalism राजेंद्र शर्मा स्वदेश कुल
टेलिविज़न मनोरंजन मीडिया लेख एजेंडा सेटिंग नहीं, लोकमंगल है मीडिया का धर्म June 4, 2021 / June 4, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो.संजय द्विवेदी शानदार जनधर्मी अतीत और उसके पारंपरिक मूल्यों ने मीडिया को समाज में जो आदर दिलाया है, वह विलक्षण है। हिंदी पत्रकारिता की नींव में ही संस्कारों का पाठ है और गहरा मूल्यबोध उसकी चेतना में रचा-बसा है। 30 मई,1826 को कोलकाता से जब पं. युगुल किशोर शुक्ल ने उदंत मार्तंण्ड का प्रकाशन प्रारंभ […] Read more » Agenda setting Lokmangal is the religion of media लोकमंगल है मीडिया का धर्म
मनोरंजन मीडिया लेख पठनीयता के संकट के बीच खुद को बदल रहे हैं अखबार May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी Read more » Newspapers changing themselves Newspapers changing themselves amid readability crisis readability crisis of newspaper खुद को बदल रहे हैं अखबार
टेलिविज़न मीडिया लेख भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है विदेशी सोशल मीडिया May 31, 2021 / May 31, 2021 by संजय सक्सेना | Leave a Comment इस्ट इंडिया कम्पनी की तरह की आज टिव्टर एवं वाॅटस एप कम्पनिया भी भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए केन्द्र सरकार पर आंखे तरेर रही हैं। हालांकि अब समय बदल गया है,तब देश पर कब्जा करने के लिए ईस्ट इंडिया कम्पनी आई थी, आज की ’ईस्ट इंडिया कम्पनियां’ देश के बाजार पर कब्जा करने की […] Read more » Foreign social media is a big threat to India's integrity-sovereignty toolkit भारत की अखंडता-संप्रभुता के लिए खतरा विदेशी सोशल मीडिया विदेशी सोशल मीडिया
टेलिविज़न मीडिया उजली विरासत को सहेजने की जरूरत : उठ रहे सवालों के ठोस और वाजिब हल तलाशने होंगें May 29, 2021 / May 29, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment एक समय में प्रिंट मीडिया ही सूचनाओं का वाहक था, वही विचारों की जगह भी था। 1990 के बाद टीवी घर-घर पहुंचा और उदारीकरण के बाद निजी चैनलों की बाढ़ आ गयी। इसमें तमाम न्यूज चैनल भी आए। जल्दी सूचना देने की होड़ और टीआरपी की जंग ने माहौल को गंदला दिया। इसके बाद शुरू […] Read more » पत्रकारिता के सामने आ रहे संकटों पर बात हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई