पर्यावरण संतुलित विकास से सुखी बनेगा जीवन December 18, 2010 / December 18, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on संतुलित विकास से सुखी बनेगा जीवन राजीव मिश्र पृथ्वी का तीन भाग जल से आच्छादित है एवं एक भाग सूखा है। इस सूखे भाग पर भी जलाशय है, नदियां हैं तथा वर्फ से आच्छादित पर्वत शृंखलाएं हैं। जंगल हैं जिनमें अनेक प्रकार के पेड़-पौधे, लताएं, घास, फल, फूल इत्यादि हैं। भारत के क्षेत्रफल के अनुरूप एक तृतीय भाग जंगलों से आच्छादित […] Read more » Balanced development संतुलित विकास
पर्यावरण तापमान नियंत्रण की नई सोच December 10, 2010 / December 19, 2011 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 4 Comments on तापमान नियंत्रण की नई सोच मनोज श्रीवास्तव ”मौन” पृथ्वी के तापमान में वृध्दि मानव जाति के लिए चिन्ता का सबब बनी हुई है। दुनिया भर के ताकतवर देशें के कद्दावार नेता आपसी सहमति बनाकर तापमान वृध्दि के नियंत्रण पर प्रयास करने के लिए कोपेनहेगन में एकत्रित हुए थे, इस सम्मेलन में कुछ ठोस हासिल तो नहीं हुआ मगर इतना जरूर […] Read more » Temperature regulation तापमान नियंत्रण
पर्यावरण ग्रामीण क्षेत्रों में परिवेश एवं व्यक्तिगत स्वच्छता November 26, 2010 / December 19, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on ग्रामीण क्षेत्रों में परिवेश एवं व्यक्तिगत स्वच्छता अतुल कुमार तिवारी स्वच्छता जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सदियों से सुनिश्चित स्वच्छता सुविधायें मुहैया कराने के इरादे से ग्रामीण विकास मंत्रालय का पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान (टीएससी) चला रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामवासियों की खुले में शौच जाने की आदत में बदलाव लाना है। सरकार […] Read more » village ग्रामीण क्षेत्र
खेत-खलिहान पर्यावरण पर्यावरण की हमारी प्राचीन समझ November 12, 2010 / November 12, 2010 by विश्वमोहन तिवारी | 7 Comments on पर्यावरण की हमारी प्राचीन समझ मेंढक तो टर्र-टर्र टर्राते हैं मैं तो बिल्कुल चकरा गया। मैं अंग्रजी की शिक्षापद्धति में पढ़ा-लिखा आधुनिक व्यक्ति हूं। उल्टी-सीधी बातें मैं नहीं मानता। मैं तर्क करता हूं। मैं जानता हूं कि बरसात में बदसूरत मेढक बेसुरी आवाज़ में टर्र-टर्र टर्राते हैं। मैं इन्हें देवता कैसे मान लूं? ऋग्वेद के सातवें मंडल में एक मंडूक […] Read more »
पर्यावरण दीपावली और पर्यावरण November 8, 2010 / December 20, 2011 by विजय कुमार | 1 Comment on दीपावली और पर्यावरण हर बार की तरह इस बार भी प्रकाश का पर्व दीपावली सम्पन्न हो गया। लोगों ने जमकर आनंद मनाया; घर और प्रतिष्ठान सजाए; मिठाई खाई और खिलाई; उपहार बांटे और स्वीकार किये; बच्चों ने पटाखे और फुलझड़ियां छोड़ीं; कुछ जगह आग भी लगी; पर दीप पर्व के उत्साह में यह सब बातें पीछे छूट गयीं। […] Read more » Deepawali Environment दीपावली पर्यावरण
पर्यावरण जल संसाधन का शोषण उत्तराखंड के हितों के खिलाफ October 29, 2010 / December 20, 2011 by गौतम चौधरी | 1 Comment on जल संसाधन का शोषण उत्तराखंड के हितों के खिलाफ -गौतम चौधरी विकास की अवधारणा के मायने बदल रहे है। विकास का मतलब आज के परिप्रेक्ष में पश्चिम का अंधनुकरण को लिया जा रहा है। विकास के लिए कहा जा रहा है कि जिसे संसाधन के रूप में मान्यता प्रदान की गयी है उसका शोषण किया जाये। इस अवधारणा के कारण अब दुनिया में परेशानी […] Read more » Water Resources उत्तराखंड जल संसाधन
पर्यावरण पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन October 27, 2010 / December 20, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन -कल्पना पालखीवाल राष्ट्रीय पर्यावरण नीति, 2006 पर्यावरण सुरक्षा को विकास प्रक्रिया के अभिन्न अंग और सभी विकास गतिविधियों में पर्यावरणीय प्राथमिकता के रूप में पहचान प्रदान करती है। इस नीति का मुख्य ध्येयवाक्य है कि पर्यावारणीय संसाधनों का संरक्षण जीविका, सुरक्षा और सभी के कल्याण के लिए जरूरी है। इसके साथ ही संरक्षण के लिए […] Read more » Enviroment पर्यावरणीय
पर्यावरण आस्था की एक और जीत – गंगा हुई आजाद September 16, 2010 / December 22, 2011 by विनोद बंसल | 2 Comments on आस्था की एक और जीत – गंगा हुई आजाद – विनोद बंसल जो स्थान मानव शरीर में रक्त शिराओं व धमनियों का है वही स्थान भारत के लिए गंगा का है। जिस प्रकार मस्तिष्क से लेकर पैरों तक रक्त का दौरा इन रक्त वाहिकाओं के विना सम्भव नहीं है उसी प्रकार भारत माता के मस्तक (गौमुख) से प्रारम्भ हुई गंगा के बिना देश का […] Read more » Ganga गंगा
पर्यावरण बाढ़ के क़हर को रोकने की दरकार September 15, 2010 / December 22, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | Leave a Comment -फ़िरदौस ख़ान बरसात का मौसम आते ही उत्तर भारत के कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। इस साल भी उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में बाढ़ ने क़हर बरपाया है। बाढ़ से जान व माल का भारी नुक़सान हुआ है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कितने ही […] Read more » Flood बाढ़
पर्यावरण प्राकृतिक कम, मानव निर्मित अधिक हैं बाढ़ के कारण September 15, 2010 / December 22, 2011 by तनवीर जाफरी | 2 Comments on प्राकृतिक कम, मानव निर्मित अधिक हैं बाढ़ के कारण -तनवीर जाफ़री ग्लोबल वार्मिंग संबंधी समाचारों को सुन-सुन कर पूरा विश्व चिंतित हो उठा है। ग्लेशियर कालगातार पिघलना,समुद्र के जलस्तर का बढ़ना, सूखा, बाढ़ जैसी विपदाएं मनुष्य को अपने व अपनी भावी पीढ़ियों के विषय में बहुत कुछ सोचने को मजबूर कर रही हैं। सूर्य का तापमान वर्ष दर वर्ष बढ़ता ही जा रहा है। […] Read more » Flood बाढ़
पर्यावरण दुश्वारियों में अनवाल August 25, 2010 / December 22, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on दुश्वारियों में अनवाल -त्रिलोक चन्द्र भट्ट गाँधी आश्रम से लेकर वस्त्र विक्रेताओं की विभिन्न दुकानों पर पर्वतीय भेड़ों से प्राप्त ऊन से बने सुन्दर स्वेटर, दन, चुकटे व थुलम देशी-विदेशी पर्यटकों को खूब लुभाते हैं। उत्तराखण्ड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, गोपेश्वर आदि जिलों में आयोजित मेलों में स्थानीय ऊन से बनी वस्तुओं का अच्छा कारोबार होता है और […] Read more » Enviroment अनवाल
पर्यावरण हिंद महासागर पूर्वानुमान प्रणाली August 7, 2010 / December 22, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पेशकश : असलम ख़ान विभिन्न समयमान के संदर्भ में पूर्वानुमान समुद्री विज्ञानी मापदण्ड (स्तल और अधस्तल) मौसम विज्ञानियों से लेकर मछुआरों और जलसेना से लेकर अपतटीय उद्योगों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। इस समय भारतीय राष्ट्रीय समुद्र सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) भारतीय समुद्री सीमाओं और पूरे हिंद महासागर में लहरों के बारे में पूर्वानुमान करने […] Read more » Hind Mahasagar हिंद महासागर