कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म लेख पुरुषोत्तम श्रीराम : जैन साहित्य में January 20, 2024 / January 24, 2024 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment -श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र। कुलों को धारण करने वाले कुलधर कहलाते है, जिन्हें ‘मनु’ भी कह कहते हैं। अंतिम कुलकर नाभिराय थे, जिन्हें “तिलोयपणत्ती” में भी “मनु” कह गया है। इसके अनंतर श्लाका पुरुषों का उल्लेख आता है। उसमें 24 तीर्थकर, 12 चक्रवर्ती, 9 बलभद्र, 9 नारायण और 9 प्रति नारायण इस तरह कुल 63 (तिरसठ […] Read more » Purushottam Shriram: In Jain literature
लेख कैसे पढ़ें जब लाइट ही नहीं है? January 19, 2024 / January 19, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पुष्पा कुमारीगया, बिहार “जब जब शाम में पढ़ने बैठते हैं तो लाइट ही चली जाती है. कई बार तो जल्दी आ जाती है, लेकिन अक्सर घंटों बिजली नहीं आती है. ऐसे में हमारी पढ़ाई का नुकसान होता है. हम 9वीं कक्षा में पहुंच गए हैं, ऐसे में अगर लाइट की यही स्थिति रही तो तैयारी […] Read more »
राजनीति लेख अयोध्या का इतिहास, जहॉं 496 साल बाद घर लौट रहे हैं राम January 19, 2024 / January 19, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव उत्तरकोशला की राजधानी अयोध्या जिसे अवध और साकेत भी कहते है तथा जो तीर्थ-रूपी विष्णु का मस्तक कही गयी है और इस अयोध्या की गणना इस धरा के सात तीर्थो में प्रथम है होती है, यथा- अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैव सप्तेता मोक्षदायिकाः। अयोध्या का सौन्दर्य ब्रम्हलोक के […] Read more » History of Ayodhya where Ram is returning home after 496 years
राजनीति लेख भारत में सांस्कृतिक धरोहरों को दिलाया जा रहा है उचित स्थान January 19, 2024 / January 19, 2024 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 22 जनवरी 2024 को प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में सम्पन्न होने जा रही है। पिछले लगभग 500 वर्षों के लम्बे संघर्ष के पश्चात श्रीराम लला टेंट से निकलकर एतिहासिक भव्य श्रीराम मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। पूरे देश का वातावरण राममय हो गया है। न केवल भारत के नागरिकों में बल्कि अन्य कई देशों में भी सनातन धर्म में आस्था रखने वाले नागरिकों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है। अमेरिका के कई बड़े शहरों में प्रभु श्रीराम के बहुत बड़े आकार के होर्डिंग लगाए गए हैं। पूरे विश्व में ही एक तरह से नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। आज सनातनी हिंदुओं के लिए यह एक एतिहासिक एवं गर्व करने का पल है क्योंकि प्रभु श्रीराम का मंदिर भारतीयों के लिए सदियों से एक सांस्कृतिक धरोहर रहा है और अब पुनः प्रभु श्रीराम के मंदिर को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में उचित स्थान दिलाया जा रहा है, इसके लिए पिछले 500 वर्षों के दौरान लाखों भारतीयों ने अपने प्राण तक न्यौशावर किए हैं। वर्ष 2014 के बाद से भारत में सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने का कार्य बहुत सफल तरीके से सम्पन्न किया जा रहा है। इसी का प्रमाण आज प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है। इसी प्रकार के प्रयास भारत के अन्य सांस्कृतिक धरोहरों को विकसित करने के लिए भी किए गए हैं। बाबा अमरनाथ की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कठोर मौसम बाधा न बन पाए, इस बात को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार द्वारा बाबा अमरनाथ गुफा तक 110 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है, इसमें 11 किलोमीटर लम्बी एक सुरंग भी शामिल है। अभी तक श्रीनगर से बाबा अमरनाथ गुफा तक यात्रा करने में लगभग 3 दिन का समय लगता था किंतु इस नए विकसित किए जा रहे सड़क मार्ग के पश्चात केवल 8 से 9 घंटे के बीच का समय लगेगा। इसी प्रकार, अभी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को चीन अथवा नेपाल के रास्ते से होकर जाना होता है परंतु, अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने के लिए चीन अथवा नेपाल जाने की आवश्यकता ही नहीं होगी क्योंकि केंद्र सरकार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के रास्ते से सीधे कैलाश मानसरोवर तक 80 किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण करवा रही है। इस सड़क निर्माण का 90 प्रतिशत कार्य सम्पन्न हो चुका है और शेष 10 प्रतिशत निर्माण कार्य भी वर्ष 2024 में पूरा हो जाने की सम्भावना है। वाराणसी में काशी विश्वनाथ कोरिडोर एवं उज्जैन में महाकाल लोक कोरिडोर को विकसित करने के बाद अब मथुरा में भव्य बांके बिहारी कोरिडोर विकसित किया जा रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर के चारों ओर कोरिडोर बनाने की मंजूरी दे दी है। इस कोरिडोर के निर्माण के पश्चात प्रतिदिन लगभग 50,000 श्रद्धालुगण बांके बिहारी मंदिर के दर्शनों के लिए जा सकेंगे। इस नए विकसित किए जा रहे कोरिडोर में तीन विभिन्न मार्ग बनाए जा रहे हैं। पहिला मार्ग, जुगलघाट से प्रारम्भ होगा, दूसरा मार्ग, विद्यापीठ चौराहे से प्रारम्भ होगा एवं तीसरा मार्ग जादौन पार्किंग से प्रारम्भ होकर बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचेगा। असम में गौहाटी से लगभग 8 किलोमीटर दूर नीलांचल पर्वत पर स्थित मां कामाख्या देवी मंदिर का भी कायाकल्प किया जा रहा है। मां कामख्या देवी के मंदिर में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन करने हेतु पहुंचते हैं। इन श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मां कामाख्या कोरिडोर विकसित किया जा रहा है। इस नए कोरिडोर में एक लाख वर्ग फुट क्षेत्र की जगह उपलब्ध होगी, जिससे श्रद्धालुओं को मां कामाख्या देवी के दर्शन करने में सुविधा होगी। उत्तरप्रदेश राज्य में प्रभु श्रीराम मंदिर एवं बांके बिहारी कोरिडोर के साथ ही मिर्जापुर में 331 करोड़ रुपए की लागत से मां विध्यवासिनी कोरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह उत्तरप्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है। 50 फीट चौड़ा एवं 2 मंजिला परिक्रमा स्थल तैयार हो चुका है। वर्ष 2024 में ही मां विध्यवासिनी कोरिडोर के पूरी तरह बनकर तैयार होने की पूरी उम्मीद है। आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन करने हेतु मां वैष्णो देवी के दरबार में प्रतिवर्ष अपनी हाजिरी लगाने के लिए जाते हैं। इन श्रद्धालुओं की मां वैष्णो देवी यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से 670 किलोमीटर लम्बे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के रास्ते में पड़ने वाले सिक्ख पंथ के कई स्थलों को भी जोड़ा जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के बनने से पहिले दिल्ली अमृतसर तक का सफर जो पहिले 8 घंटे में सम्पन्न होता था वह अब इस एक्सप्रेस वे के बनने के बाद केवल 4 घंटे में ही सम्पन्न होगा। इसी प्रकार दिल्ली से कटरा तक का सफर जो पहिले 15 घंटे में सम्पन्न होता था वह अब केवल 6 घंटे में ही सम्पन्न होगा। इस एक्सप्रेस वे के बनने के बाद माता वैष्णो देवी के भक्त माता रानी के दर्शन बड़े आराम से कर सकेंगे। इसी प्रकार यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ की चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी केंद्र सरकार सुलभ मार्ग उपलब्ध कराने जा रही है जो मौसम की मार को बर्दाश्त कर सके। इस चार धाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुलभ बनाने का उद्देश्य से 12,000 करोड़ रुपए की लागत से 899 किलोमीटर का सड़क मार्ग विकसित किया जा रहा है। इस सड़क मार्ग में दो सुरंग, 15 पुल, 18 यात्री सेवा केंद्र और 13 बाई पास विकसित किए जा रहे हैं। भारतीयों द्वारा इंजीनियरिंग के उत्कृष्ट नमूने के रूप में तमिलनाडु के रामेश्वरम के पास एक नया पम्बन ब्रिज विकसित किया जा रहा है। इस पम्बन ब्रिज की विशेषता यह है कि इस मार्ग से रेल के गुजरने पर यह रेल की पटरी बिछा देगा और इस ब्रिज के नीचे से पानी के जहाज अथवा स्टीमर के गुजरने पर पुल ऊपर उठ जाएगा ताकि इस रास्ते से स्टीमर निकल सके। नया पम्बन ब्रिज उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा जो रामेश्वरम धनुष्कोटि की यात्रा करना चाहते हैं। सनातन हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले नागरिकों के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी मानी जानी चाहिए कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थित मां शारदा पीठ के दर्शन करने का सपना भी अब शीघ्र ही पूरा हो सकता है। हाल ही में पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र की एसेम्बली ने 5,000 वर्ष पुराने मां शारदा पीठ में भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक कोरिडोर बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर में स्थित मां शारदा मंदिर का उद्घाटन करते समय भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भी कहा था कि आगे आने वाले समय में मां शारदा पीठ के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक गलियारा खोलने का प्रयास भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। प्रहलाद सबनानी Read more » Cultural heritage is being given its proper place in India
राजनीति लेख जन्मभूमि निर्माण के कालखंड में हमारा भावसंसार January 19, 2024 / January 19, 2024 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment सुमन बृष्टि नभ संकुल भवन चले सुखकंद। चढ़ी अटारिन्ह देखहिं नगर नारि नर बृंद।। श्रीराम जन्मभूमि के भव्य निर्माण व उसके लोकार्पण को केवल मंदिर निर्माण व लोकार्पण का अवसर मात्र कहना, भारत को कतई व्यक्त नहीं कर पाएगा। इस जन्मभूमि निर्माण और उसकी भूमिका के श्रीवर्द्धन वृतांत को हम बाबा तुलसी के शब्दों में […] Read more » Our emotional world during the period of construction of Janmabhoomi
राजनीति लेख लंका विजय के बाद राम अयोध्या विमान से आए थे January 19, 2024 / January 19, 2024 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment रामायणों में विज्ञान प्रमोद भार्गव अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ राम की पुरातन एवं सनातन ऐतिहासिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की स्थापना भी हो जाएगी। अब विभिन्न रामायणों में दर्ज उस विज्ञान की वैज्ञानिकताओं को भी मान्यता देने की जरूरत है, जिन्हें वामपंथी पूर्वाग्रहों के चलते वैज्ञानिक एवं बुद्धिजीवी न केवल नकारते रहे […] Read more » After conquering Lanka Ram came to Ayodhya by plane लंका विजय
लेख राइज ऑफ पिंक January 19, 2024 / January 19, 2024 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment “कल का फीचर किस पर रहेगा मैम “ नुसरत ने योगिता जी से पूछा ? “ कल का फीचर औरतों के गहरे सांवले रंग यानी डार्क काम्प्लेक्सन पर रहेगा “ ये कहकर वो फेयरनेस क्रीम अपने चेहरे और गर्दन पर मलने लगी । कपड़ों के अलावा गर्दन ,चेहरा जब उसका दमकने लगा ,तब उसने मोबाइल […] Read more »
लेख स्कूली शिक्षा की चुनौतियों को गंभीरता से लेना होगा January 19, 2024 / January 19, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- नया भारत एवं विकसित भारत को निर्मित करने का मुख्य आधार शिक्षा है, लेकिन भारत की ग्रामीण शिक्षा को लेकर आयी एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (ग्रामीण) 2023 चिन्ताजनक एवं चुनौतीपूर्ण है। इस सर्वे में ग्रामीण भारत में छात्रों की स्कूली शिक्षा और सीखने की स्थिति की तस्वीर बयां की गई है, ग्रामीण […] Read more »
राजनीति लेख डिजीटल युग के लिए ख़तरनाक है डीपफेक January 18, 2024 / January 18, 2024 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आज विज्ञान और तकनीक का युग है और विज्ञान तथा तकनीक का उद्देश्य यह रहा है कि इससे मानव जीवन बेहतर और अच्छा बनें। सच तो यह है कि मानव समाज की प्रगति,उसका उत्तरोत्तर विकास ही विज्ञान और तकनीक का असली उद्देश्य रहा है लेकिन आज के समय में विज्ञान और तकनीक दोनों का ही […] Read more » Deepfakes are dangerous for the digital age डिजीटल युग डीपफेक
लेख समाज तिलक यज्ञोपवीत और शिखा का माहात्म्य January 18, 2024 / January 18, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment सनातन परम्परा में हिन्दू देवी-देवताओं के ललाट पर धारित विभिन्न स्वरूप के तिलक हमें अपनी ओर आकर्षित कर एक सुखद अनुभूति प्रदान कर स्वयं तिलक धारण करने की सद्प्रेरणा प्रदान करता है परिणामस्वरूप हम उनकी पूजा-अर्चना, आराधना के समय तिलक धारण कर स्वयं को गौरवान्वित पाते है। तिलक की ही भॉति सिर के मध्य में […] Read more » Importance of Tilak Yagyopavit and Shikha Tilak Yagyopavit and Shikha तिलक यज्ञोपवीत और शिखा का माहात्म्य
लेख लिंग भेद को मिटाने में डिजिटल विकास की भूमिका January 18, 2024 / January 18, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सैय्यदा तैयबा कौसरपुंछ, जम्मू “अभी का युग डिजिटल युग है. जिसमें हम अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सकते हैं. अब हमारे लिए सभी बाधाएं छोटी पड़ गई हैं. मेरे लिए अब उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान हो गया है. जिस तरह से सलमा दीदी घर में ही रह कर अपनी शिक्षा प्राप्त करने का […] Read more » Role of digital development in eradicating gender discrimination
लेख धनुर्धारी श्री राम के अविस्मरणीय कथन_ January 18, 2024 / January 18, 2024 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment “ निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ प्रण कीन्ह!” “…भय विन होत न प्रीत” आजकल लगभग सभी समाचार पत्रों सहित अनेक पत्र-पत्रिकाओं और टीवी समाचार चैनलों में “श्रीराम जन्म भूमि मंदिर” अयोध्या धाम में श्रीरामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के शुभाअवसर पर अति उत्साहित व भक्ति रस में डूबे हुई कार सेवकों की संघर्ष […] Read more »