लेख समाज माँ ही पहली शिक्षिका, पहला स्कूल May 6, 2022 / May 6, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment यह एक सर्वविदित तथ्य है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चे के लिए ये सबसे अच्छी उम्र होती है, क्योंकि वह इस उम्र में सबसे ज़्यादा सीखता है। एक बच्चा पांच साल से कम उम्र के घर पर ज़्यादातर समय बिताता है और इसलिए वह घर पर जो देखता है, उससे बहुत कुछ […] Read more »
लेख स्वाध्याय से लाभ और न करने से हानि होती है May 5, 2022 / May 5, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य शरीर में एकदेशी, अल्प परिमाण, सूक्ष्म व चेतन आत्मा का निवास होता है। चेतन पदार्थ का गुण-धर्म ज्ञान प्राप्ति व ज्ञानानुरूप कर्मों को करके अपनी उन्नति करना होता है। जीवात्मा व मनुष्य पर यह बात लागू होती है। संसार में जीवात्माओं से भिन्न एक परम सत्ता ईश्वर की भी है जो सत्य, […] Read more » स्वाध्याय से लाभ
लेख समाज बैडरूम में सौतन और संतानोत्पति में बाधक बनते मोबाइल और लैपटॉप May 5, 2022 / May 5, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment -प्रियंका ‘सौरभ’ बैडरूम में देर रात तक मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप पर कार्य करने से पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ रहें है. आधुनिक युग के दम्पति साइको सेक्स डिसऑर्डर के शिकार हो रहें है. शरीर में डाई हाइड्रोक्सी इथाइल अमाइन नामक रसायन का स्तर तेजी से घट रहा है. जिसकी वजह से पुरुष व महिला […] Read more » Mobile and laptop becoming a hindrance in the birth of child in the bedroom संतानोत्पति में बाधक बनते मोबाइल और लैपटॉप
लेख ग्रामीण और छोटे बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति क्यों नहीं हैं। May 2, 2022 / May 2, 2022 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका ‘सौरभ’ केंद्रीय विद्युत मंत्रालय देश में बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों को निर्धारित करने वाले नियम जारी करता हैं। इन नियमों में उपभोक्ताओं को विश्वसनीय सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण बिजली सुनिश्चित करने के लिए प्रावधान है। बिजली एक समवर्ती सूची (सातवीं अनुसूची) का विषय है और केंद्र सरकार के पास इस पर कानून बनाने का अधिकार […] Read more » Why there is no quality supply to rural and small power consumers. ग्रामीण और छोटे बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति क्यों नहीं हैं।
लेख अपनी मेहनत व लगन पर विश्वास रखते हैं ये, किसी के सामने हाथ फैलाना पसंद नहीं May 1, 2022 / May 1, 2022 by मुरली मनोहर श्रीवास्तव | Leave a Comment मजदूर दिवस (1 मई स्पेशल) – मुरली मनोहर श्रीवास्तव मेहनत उसकी लाठी हैं, मजबूती उसकी काठी हैं। बुलंदी नहीं पर नीव हैं, यही मजदूरी जीव हैं। मजदूर का मतलब हमेशा गरीब से नहीं होता हैं, मजदूर वह ईकाई हैं, जो हर सफलता का अभिन्न अंग हैं, फिर चाहे वो ईंट-गारे में सना इन्सान हो या […] Read more » They believe in their hard work and dedication मजदूर दिवस
लेख भारत में श्रम के साथ उद्यमिता का भाव जगाना भी जरूरी May 1, 2022 / May 1, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment श्रम दिवस पर विशेष किसी भी आर्थिक गतिविधि में सामान्यतः पांच घटक कार्य करते हैं – भूमि, पूंजी, श्रम, संगठन एवं साहस। हां, आजकल छठे घटक के रूप में आधुनिक तकनीकि का भी अधिक इस्तेमाल होने लगा है। परंतु पूंजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में चूंकि केवल पूंजी पर ही विशेष ध्यान दिया जाता है अतः सबसे अधिक […] Read more » It is also necessary to inculcate the spirit of entrepreneurship along with labor in India. श्रम के साथ उद्यमिता का भाव
आर्थिकी लेख भारत में आय में हो रही वृद्धि के चलते महंगाई का तुलनात्मक रूप से कम होता असर May 1, 2022 / May 1, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment महंगाई (मुद्रा स्फीति) का तेजी से बढ़ना, समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से समाज के गरीब एवं निचले तबके तथा मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक विपरीत रूप में प्रभावित करता है। क्योंकि, इस वर्ग की आय, जो कि एक निश्चित सीमा में ही रहती है, का एक बहुत बड़ा भाग […] Read more » Due to the increase in income in India the effect of inflation is comparatively less. आय वृद्धि के चलते महंगाई का तुलनात्मक रूप से कम असर
लेख समाज की अकर्मण्यता व जिहादी चरण चुंबन मानवता हेतु विषकारी होगा May 1, 2022 / May 1, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment – दिव्य अग्रवाल एक तरफ पूरा विश्व जिहादी कटटरपंथियो की अमानवीयता व् उपद्रवी सोच से पीड़ित है परन्तु भारत के सेक्युलर राजनेता इस उपद्रवी मजहबी सोच को रोकने , प्रतिबंधित या सुधारने के स्थान पर सत्ता की लोलुपता के कारण नित कुछ न कुछ प्रपंच कर वर्तमान में स्वम सुख भोग कर , भारत के सभ्य […] Read more » The indolence of the society and kissing the jihadi feet will be toxic for humanity.
लेख नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम April 29, 2022 / April 29, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व नृत्य दिवस- 29 अप्रैल 2022-ललित गर्ग – अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पूरे विश्व में 29 अप्रैल मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29 अप्रैल 1982 से हुई। ‘बैले के शेक्सपियर’ की उपाधि से सम्मानित एक महान् रिफॉर्मर एवं लेखक जीन जार्ज नावेरे के जन्म दिवस की स्मृति में यूनेस्को के अंतर्राष्ट्रीय थिएटर इंस्टीट्यूट […] Read more » Dance is the medium of unparalleled peace नृत्य है अपूर्व शांति नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम विश्व नृत्य दिवस
लेख गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है April 28, 2022 / April 28, 2022 by चरखा फिचर्स | 1 Comment on गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है कुमारी प्रेमालमचूला, गरुड़उत्तराखंड आज़ादी के बाद हमारे देश ने कई मुद्दों पर तेज़ी से तरक्की किया है. कम समय में हम जहां अनाज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गए वहीं बड़े बड़े बांध और आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल का निर्माण कर हमने विश्व में अपनी काबलियत का लोहा मनवाया है. लेकिन विकास की इस […] Read more » The target of making the village open defecation free has not been met गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य
राजनीति लेख अगर सशक्त विपक्ष की भूमिका निभा ले कांग्रेस तो लौट सकता है कांग्रेस का पुराना वैभव April 28, 2022 / April 28, 2022 by लिमटी खरे | 1 Comment on अगर सशक्त विपक्ष की भूमिका निभा ले कांग्रेस तो लौट सकता है कांग्रेस का पुराना वैभव लिमटी खरे यह पहली बार ही हुआ है जबकि कांग्रेस लंबे समय से न केवल केंद्र में सत्ता से बाहर है वरन सूबों में भी कांग्रेस अब सिमटती दिख रही है। कांग्रेस में आला नेताओं का जी 23 भी अंदर ही अंदर तलवार पजाते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस का वैभव रातों रात नहीं समाप्त […] Read more » लौट सकता है कांग्रेस का पुराना वैभव
लेख पुस्तकें हर आंधी में टीकी रहेगी April 27, 2022 / April 27, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व पुस्तक दिवस-23 अप्रैल, 2022-ललित गर्ग – हर साल 23 अप्रैल को दुनियाभर में विश्व पुस्तक दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसे कॉपीराइट डे भी कहा जाता है। इस दिवस को किताबें पढ़ने, प्रकाशन और कॉपीराइट के लाभ को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन कई विश्वप्रसिद्ध लेखकांे […] Read more » विश्व पुस्तक दिवस-23 अप्रैल