लेख आत्मदैन्य से मुक्ति का विमर्श है ‘भारतबोध का नया समय’ February 26, 2022 / February 26, 2022 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment लोकेन्द्र सिंह राजपूत पत्रकारिता के आचार्य एवं भारतीय जनसंचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी की नयी पुस्तक ‘भारतबोध का नया समय’ शीर्षक से आई है। स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर उन्होंने पूर्ण मनोयोग से अपनी इस पुस्तक की रचना-योजना की है। वैसे तो प्रो. द्विवेदी सदैव ही आलेखों के चयन एवं संपादन […] Read more »
लेख बाघों की बढ़ती मौत चिंता का विषय February 24, 2022 / February 24, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment वन्यजीव प्रकृति की धरोहर हैं। वन्य प्राणियों की सुरक्षा हमारा मानवीय व राष्ट्रीय धर्म भी है। लेकिन इंसान की पैसा कमाने की लालच संरक्षित प्राणियों पर भारी पड़ रही है। भारत में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनगिनत कानून होने के बावजूद भी संरक्षित जंगली प्राणियों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। हमारे […] Read more » The increasing death of tigers is a matter of concern बाघों की बढ़ती मौत
लेख वैज्ञानिक कुशलता का परिचायक है एकीकृत दृष्टिकोण February 23, 2022 / February 23, 2022 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह वास्तविक ज्ञान ही विज्ञान है। प्राकृतिक विज्ञान प्रकृति और भौतिक दुनिया का व्यवस्थित ज्ञान होता है,या फ़िर इसका अध्ययन करने वाली इसकी कोई शाखा। असल में विज्ञान शब्द का उपयोग लगभग हमेशा प्राकृतिक विज्ञानों के लिये ही किया जाता है। इसकी तीन मुख्य शाखाएँ हैं : भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीव […] Read more » Integrated approach is a sign of scientific skill वैज्ञानिक कुशलता का परिचायक है एकीकृत दृष्टिकोण
लेख समाज भूखों को खाना उपलब्ध कराता छपरा का रोटी बैंक February 21, 2022 / February 21, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अर्चना किशोर छपरा, बिहार साल 2019 की एक रिपोर्ट के मुताबिक भुखमरी और कुपोषण के मामले में 117 मुल्कों की सूची में हमारा देश 102वें स्थान पर है. वैश्विक भूख सूचकांक साल 2021 की रिपोर्ट के अनुसार भारत को कुल 116 देशों की सूची में 101वें स्थान पर रखा गया है. साल 2017 में नेशनल हेल्थ सर्वे (एनएचएस) की रिपोर्ट बताती है कि देश में 19 करोड़ लोग हर रात […] Read more » Chapra's Roti Bank provides food to the hungry छपरा का रोटी बैंक
लेख डिजिटल इंडिया के माध्यम से क्रांतिकारी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है भारत February 21, 2022 / February 21, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment वैसे डिजिटल इंडिया का विजन तो माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2014 में ही बना लिया था परंतु डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 01 जुलाई 2015 को हुई थी। इन 7-8 वर्षों के दौरान भारत ने डिजिटलीकरण के क्षेत्र में अतुलनीय प्रगति की है एवं आज भारत में 83 करोड़ […] Read more » डिजिटल इंडिया
लेख हिंदी दिवस नये भारत के निर्माण में मातृभाषाओं को प्रोत्साहन मिले February 21, 2022 / February 21, 2022 by ललित गर्ग | 1 Comment on नये भारत के निर्माण में मातृभाषाओं को प्रोत्साहन मिले विश्व मातृभाषा दिवस, 21 फरवरी 2022 पर विशेष ललित गर्ग- यूनेस्को द्वारा हर वर्ष 21 फरवरी को विश्व मातृभाषा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना। यूनेस्को द्वारा अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की घोषणा से बांग्लादेश के भाषा आन्दोलन दिवस […] Read more » Mother tongues should be encouraged in the making of New India मातृभाषा दिवस विश्व मातृभाषा दिवस विश्व मातृभाषा दिवस 21 फरवरी
लेख ‘मोबाइल ऐप’ का संसार, दोधारी तलवार। February 21, 2022 / February 21, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ आज ‘मोबाइल ऐप स्मार्टफोन यूजर्स’ की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। गाँव से शहर तक लगभग हर व्यक्ति इन पर आश्रित नज़र आता है। देखें तो भारत में एक स्मार्टफोन उपयोगकर्ता स्मार्टफोन डिवाइस पर (विशेष रूप से मोबाइल ऐप पर) दिन में लगभग 3.5 घंटे खर्च करता है। हर दिन नए-नए […] Read more » The world of 'mobile apps'
लेख हिंदी दिवस अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: हर भाषा हर बोली को सलाम February 21, 2022 / February 21, 2022 by डॉ. पवन सिंह मलिक | 1 Comment on अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: हर भाषा हर बोली को सलाम – डॉ. पवन सिंह पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम ने स्वयं के अनुभव के आधार पर कहा है कि ‘मैं अच्छा वैज्ञानिक इसलिए बना, क्योंकि मैंने गणित और विज्ञान की शिक्षा मातृभाषा में प्राप्त की’। और यह अटल सत्य भी है कि भाषा केवल संवाद की ही नहीं अपितु संस्कृति एवं संस्कारों की भी संवाहिका है। भारत एक बहुभाषी देश है। […] Read more » International Mother Language Day Salute to every language and every dialect
लेख ईश्वर कराए भक्तों के बीच झगड़े ? February 16, 2022 / February 16, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक हिजाब को लेकर कर्नाटक में जबर्दस्त खट-पट चल पड़ी है। यदि मुस्लिम लड़कियां हिजाब पहनने को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं तो हिंदू लड़के भगवा दुपट्टा लगाकर नारे जड़ रहे हैं। उन्हें देख-देखकर दलित लड़के नीले गुलूबंद डटाकर नारे लगा रहे हैं। अच्छा है कि वहां समाजवादी नहीं हैं। वरना वे लाल […] Read more » हिजाब
लेख शहरीकरण से पर्यावरण को हानि February 15, 2022 / February 15, 2022 by अरुण जायसवाल | Leave a Comment मनुष्य के जीवन यापन में पर्यावरण का अपना एक अहम योगदान होता है | एक बेहतर और स्वस्थ्य जीवन के लिए हमारे पर्यावरण का भी शुद्ध व साफ़ होना जरूरी है लेकिन आधुनिकीकरण के दौर में इंसान अपने मूल जरूरत और साथी पर्यावरण को दरकिनार करते हुए आधुनिकीकरण की रेस में अंधा दौड़ का हिस्सा […] Read more » environmental damage due to urbanization शहरीकरण से पर्यावरण को हानि
लेख डेयरी विकास और पशुधन, गरीबों के लिए आय का साधन। February 15, 2022 / February 15, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment -सत्यवान ‘सौरभ’ देश के लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए डेयरी आय का (पशुपालन के जरिये दूध व्यवसाय) एक महत्वपूर्ण माध्यमिक स्रोत बन गया है और विशेष रूप से छोटे और महिला किसानों के लिए रोजगार और आय पैदा करने के अवसर प्रदान करने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज देश में अधिकांश दूध का […] Read more » a means of income for the poor in villages Dairy development and livestock डेयरी विकास और पशुधन
लेख महंगी चिकित्सा के अनुदान की रोशनी के दीप February 11, 2022 / February 11, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग-भारत में क्राउडफंडिंग को प्रचलित करने एवं इसके माध्यम से दान को प्रोत्साहन देने के लिये इम्पैक्टगुरु डॉट कॉम का प्रयास विलक्षण है। भारत के लिये यह तकनीक एवं प्रक्रिया नई है, चंदे का नया स्वरूप है जिसके अन्तर्गत जरूरतमन्द अपने महंगे इलाज के लिये इसके माध्यम से धन जुटाने में इसका सहारा ले […] Read more » The lamp of light of the grant of expensive medical भारत में क्राउडफंडिंग