लेख ’……..फिर भी किसान अन्नदाता है पचौरी जी ! ” September 11, 2011 / December 6, 2011 by सुनील अमर | 2 Comments on ’……..फिर भी किसान अन्नदाता है पचौरी जी ! ” सुनील अमर आदरणीय सुधीश पचौरी जी, जितनी मेरी उम्र है, उससे कहीं ज्यादा आपको लिखने का तजुर्बा है, इसलिए आपके लिखे पर सवाल उठाने की धृष्टता से पहले मैं आपसे क्षमा मांग लेता हॅूं। कई स्थितियां हो सकती हैं, मसलन – मेरे आपके बीच पीढ़ी का अंतराल, योग्यता और अनुभव की मेरी कमी, देश के […] Read more » Farmers अन्नदाता किसान
लेख विदेशों में भी होता है पितरों का र्तपण September 11, 2011 / December 6, 2011 by राम कृष्ण | Leave a Comment रामकृष्ण पितरों की पूजा को भारत के लौकिक और सामाजिक कृत्यों में विशिष्ठतम स्थान प्राप्त है. लेकिन पितर-पूजा की प्रथा मात्र भारत में सीमित हो, ऐसा भी नहीं है.दूसरे देशों में भी उसका प्रचुर प्रचलन है. अमावस्या भारतीय पितरों की सर्वाधिक प्रिय तिथि है, और उस तिथि-विशेष को इतना महत्व क्यों दिया गया है इसकी […] Read more » Asia Pitron ka Tarpan अमावस्या पितरों का र्तपण
लेख मनुष्य बाग का माली है, मालिक नहीं September 11, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मनुष्य भगवान की सर्वोत्तम कलाकृत्ति है । भगवान ने अपना यह सृजन बड़े मनोयोग और अरमानों के साथ किया है । वे उसे देर तक दयनीय स्थिति में रहने नहीं दे सकते । माली को बगीचा सौंपा तो जाता है पर उसके हाथों बेच नहीं दिया जाता । इस विश्व की व्यवस्था मनुष्य के हाथों […] Read more »
लेख जिनको सम्मानित किया जाना चाहिये, आतंकित किया जा रहा है! September 11, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on जिनको सम्मानित किया जाना चाहिये, आतंकित किया जा रहा है! इक़बाल हिंदुस्तानी – टीम अन्ना का नहीं यह अपमान सभी भारतवासियों का है ! प्रशांत भूषण, किरण बेदी के बाद अब टीम अन्ना के एक और होनहार और समर्पित सदस्य अरविंद केजरीवाल को भी संसदों के विशेषाधिकार का नोटिस थमा दिया गया है। इससे पहले केजरीवाल को आयकर बकाया का 9.27 लाख का नोटिस दिया […] Read more » Anna Hazare Civil Society किरण बेदी प्रशांत भूषण
राजनीति लेख अन्ना ने दिया बहनजी-बुखारी को सिमरन व इक़रा से जवाब ! August 29, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on अन्ना ने दिया बहनजी-बुखारी को सिमरन व इक़रा से जवाब ! इक़बाल हिंदुस्तानी आखि़रकार नेताओं की शतरंजी चालों से 12 दिन तक मौत और ज़िंदगी के बीच झूलते रहने के बाद अन्ना ने अपना अनशन दलित बच्ची सिमरन और मुस्लिम बच्ची इक़रा के हाथां जूस पीकर अपनी तीनों मांगे मनवाकर तोड़कर भी ख़त्म नहीं किया, बल्कि फिलहाल स्थगित किया है। अनशन उन्होंने आगे भी जारी रखने […] Read more » Anna Hazare Mayawati इमाम बुखारी राइट टू रिकाल राइट टू रिजेक्ट
लेख संसद में हंगामा किस के लिये ? August 18, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment संसद के मानसून सत्र को शुरू हुए लगभग पंद्रह दिन से ज्यादा हो चुके है। पर इन पंद्रह दिनो में संसद में क्या हुआ हम सब लोग जानते है। लोकसभा में जहा मानसून सत्र के पहले सप्ताह में विपक्ष के हंगामे के चलते कोर्इ कार्यवाही न हो सकी जिस के कारण लोकसभा का 47 प्रतिशत […] Read more » Parliament संसद में हंगामा
लेख बाबा रामदेव न संत बन पाये न लीडर August 18, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 32 Comments on बाबा रामदेव न संत बन पाये न लीडर शादाब जफर ”शादाब” एक बहुत पुराना और बहुत ही मशहूर है शेर ”ना खुदा ही मिला ना विसाल-ए-सनम,ना इधर के रहे न उधर के रहे। आज ये शेर बाबा रामदेव के जीवन पर कितना सटीक बैठ रहा है। स्वदेशी के मुद्दे को लेकर चले बाबा रामदेव ने गंगा, काले धन और फिर भ्रष्टाचार पर जिस […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
लेख सोशल नेटवर्किंग बनाम सेक्स नेटवर्किंग August 13, 2011 / December 7, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | 5 Comments on सोशल नेटवर्किंग बनाम सेक्स नेटवर्किंग डॉ. मनोज चतुर्वेदी मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह समाज के लिए जीता व मरता है। यदि वह समाज से अलग हो तो या वह देवता होगा या तो दानव होगा, लेकिन जब वह समाज में फ्रेंड्शिप के बहाने सेक्स, जनप्रवाद, अपशब्दों का मायाजाल फैलाए तो गोयबल्स की श्रेणी में आ जाता है। वह समाजिक […] Read more » Sex networking सेक्स नेटवर्किंग सोशल नेटवर्किंग
लेख वुस्तानवी एक शख्सियत नहीं बल्कि एक विचारधारा का संघर्ष August 13, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on वुस्तानवी एक शख्सियत नहीं बल्कि एक विचारधारा का संघर्ष इक़बाल हिंदुस्तानी दारूलउलूम देवबंद विश्वप्रसिद्व इस्लामी संस्था है। मौलाना वुस्तानवी का मामला भले ही शांत दिख रहा हो लेकिन उनके समर्थक अगर उनकी बर्खास्तगी के मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाते हैं तो यह एक बार फिर से ज़बरदस्त चर्चा में आ जायेगा। वहां का मोहतमिम कौन होगा यह उलूम का अंदरूनी मामला होता है। […] Read more » Vustanvi वुस्तानवी
लेख अराजकता के इस दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें August 6, 2011 / December 7, 2011 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | 1 Comment on अराजकता के इस दौर में देश में सैनिक शासन की संभावनायें मेरा बड़ा बेटा स्टेशनरी की दुकान चलाता है|वहीं पर कम्प्यूटर फोटो कापी इत्यादि भी उपलब्ध हैं सेवा निवृति के बाद मैं भी इस दुकान में बैठकर कंप्यूटर पर लेखन का काम करता हूं|कभी कभी काउंटर पर बैठकर रुपये गिनकर दुकान की आर्थिक हैसियत का अंदाज भी लगा लेता हूं|एक दिन एक ग्यारह बारह साल का […] Read more » Military rule सैनिक शासन
लेख गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र August 5, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 2 Comments on गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र शादाब जफर “शादाब’’ 15 अगस्त बहुत ही करीब है। में सोच रहा हॅू कि आखिर हमारे भोले भाले नादान प्रधानमंत्री जी लाल किले की प्राचीर से गणतंत्र का झंडा फहरायेगे या भ्रष्टतंत्र का कहना मुश्किल है। आईपीएल घोटाला, राष्ट्रमंडल खेलो में घोटाला, मुंबई के आदशर आवास सोसायटी घोटाला, टुजी स्पेक्ट्रस आवंटन घोटाला, सतर्कता अधिष्ठान में […] Read more » independence गणतंत्र गणतंत्र पर हावी होता भ्रष्टतंत्र भ्रष्टतंत्र
लेख नवचेतना के आधार:प्रेमचंद July 30, 2011 / December 7, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment रामकृष्ण प्रेमचंद जयन्ती : 31 जुलाई प्रेमचंद जितने अंश में साहित्यकार थे उतने ही अंश में एक समाजवेत्ता और मार्गदर्शक भी बल्कि उनकी यह दोनों विशेषताएं इतनी एकरूप हो गयी थीं कि उनका अस्तित्व ही नहीं बच पाया था. इस कालजयी साहित्यसर्जक के स्मरणपर्व पर किये उनकी कला के विभिन्न पक्षों का एक बेबाक विवेचन. बात […] Read more » Premchand प्रेमचंद