महत्वपूर्ण लेख लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-5 April 2, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-5 बात दिसंबर 1929 की है। यही वह वर्ष और महीना था जब कांग्रेस भारत की स्वतंत्रता के लिए अपनी पुरानी मांग ‘अधिशासी अधिराज्य’ अर्थात डोमिनियन स्टेटस-को छोडक़र पूर्ण स्वराज्य की मांग करने वाली थी, और इसी माह के अंत में कांग्रेस ने लाहौर में अपनी बैठक में पूर्ण स्वाधीनता का संकल्प प्रस्ताव पारित कर दिया। […] Read more » who is the real traitor of India गद्दार देश का गद्दार देश का वास्तविक गद्दार कौन
लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? भाग-4 March 31, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गांधी जी अपने स्वभाव से ही हिंदू विरोधी थे। इसे आप ऐसे भी कह सकते हैं कि बापू देश का विभाजन कराने के लिए आतुर शक्तियों या व्यक्तियों के सामने इतने झुक गये थे कि वह ‘हिंदू विरोधी’ हो गये थे। इन्दुलाल याज्ञिक ने अपनी पुस्तक ‘गांधीजी’ (पृष्ठ 195) पर लिखा है-‘‘हम पुराने जेल खाने […] Read more » Featured देश का वास्तविक गद्दार कौन
राजनीति लेख समाज साहित्य देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-3 March 30, 2016 / March 30, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment गांधीजी आजीवन अहिंसा की बात करते रहे। कांग्रेस ने भी इसे अपनाने की घोषणाएं की और स्वतंत्रता के पश्चात यह भी प्रचारित किया कि देश को आजादी केवल गांधीजी की अहिंसा के कारण ही मिली है। इस पर 1961 ई. में वीर सावरकर जी ने एक लेख लिखा-‘क्या स्वराज्य का श्रेय केवल कांग्रेस को ही […] Read more » Featured who is the real traitor of India गांधी देश का वास्तविक गद्दार कौन नेहरू सावरकर
महत्वपूर्ण लेख राजनीति लेख समाज देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर March 28, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भाग-2 देश की राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ कांग्रेस की दोगली और राष्ट्रद्रोही मानसिकता प्रारंभ से ही रही। वह यह निर्णय नही कर पाई कि इस देश की राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी ही रहेगी और उसे धीरे-धीरे संस्कृतनिष्ठ बनाकर देश की अन्य भाषाओं के उन शब्दों का संस्कृत मूल खोजकर भी उसमें डाला जाएगा जो थोड़े […] Read more » Featured traitor of country India गद्दार गांधी देश नेहरू सावरकर
लेख साहित्य कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम इतिहास एवं पुरातात्विक प्रमाण March 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी परिचय एवं अवस्थिति:- नगरक निगम,नगर बाजार,नगर खास, कपिल नगर एवं औरंगाबाद नगर आदि विविध नामों से पुकारा जाने वाला यह ग्राम पंचायत बस्ती जिले व मण्डल की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। जिले व मण्डल की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत इसी तहसील तथा पुराने राज्य क्षेत्र का अंश गनेशपुर है। नगर खास […] Read more » Featured इतिहास कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम पुरातात्विक प्रमाण बौद्ध कालीन नगरक निगम
लेख नर सेवा नारायण सेवा March 25, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment आज शेरगढ़ में न कोई दुकान खुली थी और न स्कूल। चूंकि आज ‘निरंजन बाबा’ के अस्थिकलश को भूसमाधि दी जाने वाली थी। पूरा गांव वहीं एकत्र था। सबको लग रहा था कि ‘बाबा’ नहीं, उनका कोई सगा-सम्बन्धी ही चला गया है। सचमुच ‘बाबा’ का व्यक्तित्व था ही ऐसा। निरंजन बाबा के पिताजी उस इलाके […] Read more » नर सेवा नारायण सेवा
लेख साहित्य सरकारी पानी March 24, 2016 by विजय कुमार | 1 Comment on सरकारी पानी बिजली और पानी को बरबाद होते देख मुझे बहुत गुस्सा आता है। मैं इस मामले में कुछ सनकी स्वभाव का हूं। यदि कहीं ऐसा होता दिखे, तो मैं दूसरों को कुछ कहने की बजाय स्वयं ही आगे बढ़कर इन्हें बंद कर देता हूं। कई लोग इसे मेरी मूर्खता कहते हैं। यद्यपि पीठ पीछे वे इसकी […] Read more » wastage of water पानी सरकारी पानी
लेख साहित्य हम होलिका की जय क्यों बोलते हैं ? March 24, 2016 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment होलिका दहन के समय पता नहीं क्यों हमारे यहाँ होलिका माता की जय बोली जाती है | लोग जलती हुई होली में जौ डालते जाते हैं और होली की परिक्रमा करते हुए उसकी जय बोलते हैं | एक राक्षसी जो भक्त प्रह्लाद को जीवित जलाने के लिए स्वयं आग में बैठी और हम उसकी जय […] Read more » holika maata ki jai why do we say holika mata ki jai हम होलिका की जय क्यों बोलते हैं ? होलिका की जय
लेख साहित्य दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में March 22, 2016 by उमेश चतुर्वेदी | Leave a Comment उमेश चतुर्वेदी बचपन में मानस में कुछ कोलॉज चस्पा हो जाते हैं..वे कोलॉज ताउम्र आपका पीछा नहीं छोड़ते..कोलकाता को लेकर बचपन से ही मेरे मन में खास तरह का रोमांस है..कहते हैं ना सपनों का शहर..तो कोलकाता मेरे लिए सपनों का ही शहर है..सपने हकीकत की पथरीली जमीन पर अक्सर झनाक से टूट जाते हैं। […] Read more » दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में
लेख साहित्य स्वयंसेवक के वेश में परिवर्तन March 15, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment 11 से 13 मार्च, 2016 तक राजस्थान के नागौर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न हुआ। संघ की सर्वाधिक अधिकार प्राप्त सभा होने के नाते महत्वपूर्ण निर्णय प्रायः इसमें ही होते हैं। इस बार सभा की विशेषता यह रही कि इसमें स्वयंसेवकों के गणवेश में खाकी नेकर की जगह […] Read more » change in dress code of rss dress code of rss स्वयंसेवक स्वयंसेवक के वेश में परिवर्तन
लेख साहित्य गंगा तप की राह चला सन्यासी सानंद March 10, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में […] Read more » Featured गंगा तप सन्यासी सानंद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद
लेख साहित्य लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक March 10, 2016 by विजय कुमार | 2 Comments on लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक इन दिनों दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (ज.ने.वि.) काफी चर्चा में है। गत नौ फरवरी को वहां छात्रों तथा कुछ बाहरी लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद, भारत तेरे टुकड़े होंगे: इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह तथा भारत की बरबादी तक जंग चलेगी.. जैसे देशद्रोही नारे लगाये। वे अफजल गुरु, मकबूल बट तथा याकूब मेनन जैसे देशद्रोही […] Read more » Featured अम्बेडकरवाद अम्बेडकरवाद का प्रतीक कन्हैया कुमार जेएनयू नीली कटोरी लाल कटोरी वामपंथ वामपंथ का प्रतीक