लेख समाज साहित्य राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी March 7, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment संत और राष्ट्र जागरण जब-जब देश-धर्म की हानि हुई है तब-तब भारत के संत महात्माओं ने भी अपने राष्ट्रधर्म का पालन करते हुए धर्म जागरण और राष्ट्र जागरण करने का पुनीत कार्य करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। वैसे भी राष्ट्र में शांति और सुव्यवस्था का सुंदर परिवेश ही व्यक्ति को धर्मशील बनाता है, और […] Read more » Featured Rani Jairajkumari sacrificed for rammandir रानी जय राजकुमारी राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी
लेख साहित्य देवीदीन पाण्डे ने किया था राम मंदिर के लिए अपना प्राणोत्सर्ग February 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुतुबुद्दीन ऐबक और बाबर की समानता जिस प्रकार पृथ्वीराज चौहान की पराजय के 13 वर्ष पश्चात भारत में ‘गुलाम-वंश’ की स्थापना करने वाला कुतुबुद्दीन ऐबक केवल 1206 से 1210 ई. के अल्पकाल तक ही शासन कर सका, उसी प्रकार मुगलवंश का संस्थापक बाबर भी अल्पकाल (1526 से 1530 ई.) तक ही शासन कर पाया था। […] Read more » Featured देवीदीन पाण्डे राम मंदिर के लिए अपना प्राणोत्सर्ग
लेख साहित्य महान छत्रपति शिवाजी महाराज February 16, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” गौ-ब्राह्मण प्रतिपालक, यवन-परपीडक, राजाधिराज, महाराज, योगीराज, श्री छत्रपति शिवाजी महाराज पश्चिमी भारत के मराठा साम्राज्य अर्थात हिन्दू राज्य के संस्थापक थे। छत्रपति शिवाजी राजे भोसले ने कई वर्ष औरंगज़ेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया और 1674 में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की । रायगढ़ में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तदनुसार […] Read more » Featured महान छत्रपति शिवाजी महाराज
लेख साहित्य राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान February 10, 2016 / February 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 3 Comments on राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान ‘जय-पराजय का चक्र’ कुछ विजयें ऐसी होती हैं कि उनके कारण किसी व्यक्ति या किसी राजा का विशेष नाम हो जाता है। जैसे अशोक की ‘कलिंग विजय’। इसी प्रकार कोई पराजय भी ऐसी होती है कि उसके कारण किसी व्यक्ति या किसी राजा की विशेष चर्चा होती है। जैसे खानवा के युद्घ में बाबर के […] Read more » demolish of ram mandir in ayodhya Featured lakhs of hindus sacrificed their lives राममंदिर राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान
लेख विविधा जब बर्बर मसूद हमलावर बनकर आया था अयोध्या February 9, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हमारे अतीत का पवित्र स्मारक अयोध्या हमारे गौरवपूर्ण अतीत का पवित्र स्मारक है, जिस पर हमें गर्व होना चाहिए। संपूर्ण विश्व इस पवित्र नगरी का ऋणी है, क्योंकि इक्ष्वाकु वंश की अनेकों पीढिय़ों ने यहां से विश्व पर शासन किया और आर्यावत्र्तीय राजाओं ने विश्वशांति की दिशा में ठोस उपाय किये। विदेशी इतिहासकारों का एक […] Read more » Featured अयोध्या जब बर्बर मसूद हमलावर बनकर आया था
लेख विविधा अयोध्या अर्थात अवधपुरी रही है कभी संपूर्ण विश्व की राजधानी February 1, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment बाबर की वकालत करते इतिहास के लेखक बाबर को पूर्णत: पंथनिरपेक्ष सिद्घ करते हुए एक इतिहास लेखक सतीशचंद अपनी पुस्तक ‘मध्यकालीन भारत’ के पृष्ठ 204 पर लिखते हैं :- ‘‘बाबर रूढि़वादी सुन्नी था, पर वह धर्मांध नही था। न ही वह इस्लाम के धर्माचार्यों से प्रेरित होता था। जब ईरान और तूरान में शिया और […] Read more » Featured अयोध्या अर्थात अवधपुरी संपूर्ण विश्व की राजधानी
लेख समाज साहित्य चित्तौड़ ऋणी है व भारत को गर्व है पन्ना गूजरी के त्याग पर January 27, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment असीम वेदना के साथ पन्ना गूजरी महल से बाहर निकली अपने पुत्र चंदन से हाथ धोकर और अपनी असीम वेदना को अपने हृदय में समेटकर पन्ना चित्तौड़ के राजभवनों से बाहर निकली। उसे असीम वेदना थी पर वह अपने पथ से ना तो विचलित थी और ना ही उसे कोई घबराहट थी। हमारी इस मान्यता […] Read more » Featured चित्तौड़ ऋणी है व भारत को गर्व है पन्ना गूजरी पन्ना गूजरी के त्याग पर
लेख साहित्य बल्ख न बुखारे January 17, 2016 / January 17, 2016 by बी एन गोयल | 1 Comment on बल्ख न बुखारे बी एन गोयल मंगलवार शाम को बहन शकुन जी का फ़ोन आया की कल सुबह 9 बजे हमारी चौबारा की मीटिंग है अगर आप आ सकें तो अच्छा लगेगा. मैंने कहा कि चौबारा शब्द तो एक सन्दर्भ से हमारा यानी उत्तर भारत का शब्द है लेकिन मैंने उन से आने का वायदा कर दिया. […] Read more » Featured बल्ख न बुखारे
लेख साहित्य दर्द सहा… अब दर्द दो…!! January 17, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment गणतंत्र दिवस के लिए विशेष तारकेश कुमार ओझा आप चाहे जितने शांत व सरल हो , लेकिन जटिल और कुटिल स्वभाव वालों से निपटने के लिए वैसा ही बनना पड़ता है। अन्यथा आप अधिक दिनों तक सहज बने नहीं रह सकते।मेरे परिजनों को अक्सर मुझसे शिकायत रहती है कि अभिभावक होने के नाते मैं अपने […] Read more » दर्द सहा... अब दर्द दो...!!
लेख साहित्य डेनियल एण्डीज बकरी द्वारा पालित मानव लड़का January 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment अविकसित मानव बच्चों की सच्ची कहानियां (तीन) डा. राधे श्याम द्विवेदी यह एक लड़का एण्डीज ,पेरू देश के जंगलों में 1990 में देखा गया था। उस समय उस लड़के की उम्र 12 साल थी। वह जब 4 साल का था तब या तो वह बकरी द्वारा उठा लिया गया था या किसी ने उसे बकरियाके […] Read more » डेनियल एण्डीज डेनियल एण्डीज बकरी द्वारा पालित मानव लड़का
महत्वपूर्ण लेख लेख विविधा साहित्य चित्तौड़ की रक्षा के लिए होता रहा निरंतर संघर्ष January 17, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कर्नल टॉड का कहना है…कर्नल टॉड ने बियाना के युद्घ पर प्रकाश डालते हुए लिखा है:- ‘‘बाबर दिल्ली का राज्य प्राप्त करके बड़ी बुद्घिमानी के साथ सैनिक शक्तियों का संगठन करता रहा और उसके पश्चात पंद्रह सौ सैनिकों की एक सेना लेकर संग्राम सिंह से युद्घ करने के लिए वह आगरा और सीकरी से रवाना […] Read more » Featured चित्तौड़ की रक्षा चित्तौड़ की रक्षा के लिए होता रहा निरंतर संघर्ष
लेख शख्सियत साहित्य जनसाधारण ने भी कर दिया था जहीरूद्दीन बाबर का बहिष्कार January 8, 2016 / January 9, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भारत जब सल्तनत काल के अत्याचारों से मुक्त होने का संघर्ष कर रहा था, और हिंदू प्रतिरोध की भयानक परिस्थितियों का सामना करते-करते जब सल्तनत की रीढ़ टूट चुकी थी, तब भारत पर बाबर का आक्रमण हुआ। हमने पूर्व में उल्लेख किया था कि जिस समय बाबर ने भारत पर आक्रमण किया। उस समय का […] Read more » Featured जनसाधारण ने भी कर दिया था जहीरूद्दीन बाबर का बहिष्कार