लेख सर्वोदय और मार्क्स January 10, 2014 / January 10, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -दिनेश कुमार- जातिविहीन, वर्ग विहीन व शोषण से मुक्त समाज का सपना महात्मा गांधी ने देखा था और उन्होंने सर्वोदय जैसा एक दर्शन उसके लिए विकसित किया। ऐसा ही एक प्रयास पश्चिम के समाज विज्ञानी कार्ल मार्क्स ने भी किया। मार्क्स ने समाज को शोषण से मुक्त करने के लिए एक क्रांति की प्रक्रिया […] Read more » Sarvoday and Marks सर्वोदय और मार्क्स
लेख माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल December 28, 2013 / December 28, 2013 by संजय पराते | 1 Comment on माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल -संजय पराते- छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत में शुभ्रांशु चौधरी एक जाना-पहचाना नाम है। खासतौर से आदिवासी क्षेत्रों और दण्डकारण्य (बस्तर) से संबंधित रिपोर्टिंग के लिए। एक निर्भीक पत्रकार के रुप में उन्होंने यहां के अंदरूनी इलाकों के कई दौरे किये हैं, माओवादी नेताओं और ग्रामीण आदिवासियों से बातचीत की है और यह सब करते हुए […] Read more » incomplete investigation on Mao माओवाद पर एक आधी-अधूरी पड़ताल
लेख हिंद स्वराज हिन्दी कविता में जन्मभूमि-वंदना October 14, 2013 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य हमारे कवियों ने मां भारती के प्रति हर देशवासी को जागरूक बनाये रखने हेतु समय-समय पर देशभक्ति और जन्मभूमि के प्रति समर्पण का भाव भरने हेतु प्रशंसनीय कार्य किया है। उनके कार्यों की वंदना यह लेखनी यूं कर सकती है :- धन्य उनकी लेखनी और धन्य उनके कार्य, हमको सदा बताते रहे […] Read more » हिन्दी कविता में जन्मभूमि-वंदना
लेख जयप्रकाश बाबू होते तो इन समाजवादी नेताओं को देखकर फूट फूट कर रोते। October 12, 2013 / October 14, 2013 by जितेन्द्र ज्योति | Leave a Comment जितेन्द्र ज्योति ‘‘संपूर्ण क्रांति अब नारा है,भावी इतिहास हमारा है‘‘ कौन दिया था यह नारा ? 1974 में जेपी के नेतृत्व में संपूर्ण क्रांति की ज्योति बिहार में जल रही थी। इसी ज्योति में कई छात्र नेता नेतागिरी का ककहरा सीखने में लगे थे। ककहरा सीखने में लालू यादव सबसे आगे थे। पटना विश्वविद्यालय में […] Read more »
लेख मौलिकता में समायी है सृजन की सुगंध October 8, 2013 by डॉ. दीपक आचार्य | Leave a Comment मौलिकता में समायी है सृजन की सुगंध बाकी सब शब्दों का आडम्बरी व्यापार – डॉ. दीपक आचार्य सृजन अपने आप में विराटकाय और व्यापक अर्थ लिए हुए है। इस शब्द का संबंध मन के विचारों से लेकर सृष्टि के मूर्तमान स्वरूप तक को परिभाषित करने का सामथ्र्य रखता है। यह सृजन जहां है वहाँ सकारात्मक […] Read more » मौलिकता में समायी है सृजन की सुगंध
लेख बदहाल रेल यात्री, बेसुध रेल प्रशासन June 27, 2013 by निर्मल रानी | 1 Comment on बदहाल रेल यात्री, बेसुध रेल प्रशासन भारत के कई महानगरों में मैट्रो रेल के सफल संचालन के बाद अब भारतीय रेल प्रशासन मोनो रेल तथा तीव्र गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन जैसे आधुनिक एवं सुरक्षित समझी जाने वाली रेल प्रणाली पर कार्य करने की तैयारी में जुटा है। गोआ भारतीय रेल अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर की रेल प्रणाली का मुकाबला करने […] Read more » बदहाल रेल यात्री बेसुध रेल प्रशासन
लेख नास्तिकों की बढ़ती संख्या June 4, 2013 / June 4, 2013 by प्रमोद भार्गव | 6 Comments on नास्तिकों की बढ़ती संख्या भगवान को मानने और न मानने वालों का भी एक विश्वस्तरीय सर्वे हुआ है। इस सूचकांक के अनुसार विश्व में नास्तिकों का औसत 13 प्रतिशत है। 57 देशों के 51 हजार लोगों से की गई बातचीत के आधार पर नास्तिकों की सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत संख्या चीन में है। प्रत्येक देश में लगभग 1000 स्त्री-पुरुषों […] Read more » इनास्तिकों की बढ़ती संख्या नास्तिकों की बढ़ती संख्या
पर्यावरण लेख हिमालय के परिधि में भूकम्प का खतरा बरकरार बचने हेतु धार्मिक उपाय हेतु लोग मजबूर June 4, 2013 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 1 Comment on हिमालय के परिधि में भूकम्प का खतरा बरकरार बचने हेतु धार्मिक उपाय हेतु लोग मजबूर भारत के विशाल भूखण्ड में हिमालय की बहुत ही अहम भूमिका है, जिसके आधार पर यह राष्ट्र विश्व में आकर्षक राष्ट्र के रूप में प्रसिद्ध है। पर्यावरण के दृष्टि से यदि देखा जाए तो उत्तरीय भाग में हिमालय का अंशदान पर्यावरण के एक विराट संरक्षक का है। वहीं पर दक्षिण भाग में कम ऊंचे परन्तु […] Read more » हिमालय के परिधि में भूकम्प का खतरा बरकरार बचने हेतु धार्मिक उपाय हेतु लोग मजबूर
लेख उम्मीदों की लौ जलती रहनी चाहिए March 9, 2013 / June 9, 2022 by अरूण कुमार जैन | Leave a Comment तेरह दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद अंततः गैंगरेप से पीड़ित लड़की दामिनी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। दुनिया को उसने अलविदा तो कह दिया, लेकिन जाते-जाते वह कुछ ऐसे सवाल छोड़ गयी है जिसकी गुत्थी सुलझाने में आज पूरा समाज, पूरी व्यवस्था एवं सरकार उलझी पड़ी है। लड़की […] Read more » damini rape case Let the flame of hope keep burning
लेख साहित्य महाराणा का अपमान अब भी जारी है January 22, 2013 / January 22, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 11 Comments on महाराणा का अपमान अब भी जारी है भारत के जीवंत इतिहास के जिन उज्ज्वल पृष्ठों को छल प्रपंचों का पाला मार गया उनमें महाराणा प्रताप का गौरवमयी व्यक्तित्व सर्वाधिक आहत हुआ है। मैथिलीशरण गुप्त ने कभी लिखा था- जिसको न निज गौरव न निज देश का अभिमान है, वह नर नही नर पशु निरा है और मृतक समान है। जब ये पंक्तियां लिखी […] Read more »
लेख साहित्य द्रोपदी ने दुर्योधन से नहीं कहा था-अंधे का अंधा September 13, 2012 / September 14, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य युधिष्ठर की सहधर्मिणी महारानी द्रोपदी पर एक आरोप यह भी है कि उन्होंने महाराज युधिष्ठर के राजसूय यज्ञ के अवसर पर दुर्योधन से अंधे का अंधा उस समय कह दिया था जब वह पाण्डवों के नवनिर्मित राजभवन में दिग्भ्रमित होकर सूखे स्थान को गीला और गीले स्थान को सूखा समझकर चल रहा […] Read more » दुर्योधन द्रोपदी
लेख शख्सियत जानिए अब तक के उपराष्ट्रपतियों के बारे में July 19, 2012 / July 19, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment यू.पीए. की ओर से सोनिया गांधी ने उपराष्ट्रपति पद के लिए निवर्तमान उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। हामिद अंसारी का दूसरी बार इस पद के लिए उम्मीदवार बनना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वह राष्ट्रपति पद के कितने प्रबल दावेदार थे। उनकी पत्नी ने अजमेर की दरगाह […] Read more » b.d.jatti bhairon singh shekhawat dr. jakir hussain dr. r.k. narayan Dr. Shankar Dayal Sharma gopal swaroop pathak hamid ansari krishnakant md.hidaitullah r.venkatraman s.radhakrishnsn V. V. Giri vice presidents of India आर. वेंकटरमण उपराष्ट्रपति एस.राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी कृष्णकांत गोपालस्वरूप पाठक डा. के.आर. नारायण डा. जाकिर हुसैन डा. शंकर दयाल शर्मा न्यायमूर्ति मौहम्मद हिदायतुल्लाह बी.डी. जत्ती भैंरो सिंह शेखावत। वी.वी.गिरि