लेख साहित्य कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम इतिहास एवं पुरातात्विक प्रमाण March 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी परिचय एवं अवस्थिति:- नगरक निगम,नगर बाजार,नगर खास, कपिल नगर एवं औरंगाबाद नगर आदि विविध नामों से पुकारा जाने वाला यह ग्राम पंचायत बस्ती जिले व मण्डल की दूसरी सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। जिले व मण्डल की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत इसी तहसील तथा पुराने राज्य क्षेत्र का अंश गनेशपुर है। नगर खास […] Read more » Featured इतिहास कोशल का बौद्ध कालीन नगरक निगम पुरातात्विक प्रमाण बौद्ध कालीन नगरक निगम
लेख नर सेवा नारायण सेवा March 25, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment आज शेरगढ़ में न कोई दुकान खुली थी और न स्कूल। चूंकि आज ‘निरंजन बाबा’ के अस्थिकलश को भूसमाधि दी जाने वाली थी। पूरा गांव वहीं एकत्र था। सबको लग रहा था कि ‘बाबा’ नहीं, उनका कोई सगा-सम्बन्धी ही चला गया है। सचमुच ‘बाबा’ का व्यक्तित्व था ही ऐसा। निरंजन बाबा के पिताजी उस इलाके […] Read more » नर सेवा नारायण सेवा
लेख साहित्य सरकारी पानी March 24, 2016 by विजय कुमार | 1 Comment on सरकारी पानी बिजली और पानी को बरबाद होते देख मुझे बहुत गुस्सा आता है। मैं इस मामले में कुछ सनकी स्वभाव का हूं। यदि कहीं ऐसा होता दिखे, तो मैं दूसरों को कुछ कहने की बजाय स्वयं ही आगे बढ़कर इन्हें बंद कर देता हूं। कई लोग इसे मेरी मूर्खता कहते हैं। यद्यपि पीठ पीछे वे इसकी […] Read more » wastage of water पानी सरकारी पानी
लेख साहित्य हम होलिका की जय क्यों बोलते हैं ? March 24, 2016 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment होलिका दहन के समय पता नहीं क्यों हमारे यहाँ होलिका माता की जय बोली जाती है | लोग जलती हुई होली में जौ डालते जाते हैं और होली की परिक्रमा करते हुए उसकी जय बोलते हैं | एक राक्षसी जो भक्त प्रह्लाद को जीवित जलाने के लिए स्वयं आग में बैठी और हम उसकी जय […] Read more » holika maata ki jai why do we say holika mata ki jai हम होलिका की जय क्यों बोलते हैं ? होलिका की जय
लेख साहित्य दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में March 22, 2016 by उमेश चतुर्वेदी | Leave a Comment उमेश चतुर्वेदी बचपन में मानस में कुछ कोलॉज चस्पा हो जाते हैं..वे कोलॉज ताउम्र आपका पीछा नहीं छोड़ते..कोलकाता को लेकर बचपन से ही मेरे मन में खास तरह का रोमांस है..कहते हैं ना सपनों का शहर..तो कोलकाता मेरे लिए सपनों का ही शहर है..सपने हकीकत की पथरीली जमीन पर अक्सर झनाक से टूट जाते हैं। […] Read more » दुनिया मेरे आगे लोहिया के कॉलेज में
लेख साहित्य स्वयंसेवक के वेश में परिवर्तन March 15, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment 11 से 13 मार्च, 2016 तक राजस्थान के नागौर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा का वार्षिक सम्मेलन सम्पन्न हुआ। संघ की सर्वाधिक अधिकार प्राप्त सभा होने के नाते महत्वपूर्ण निर्णय प्रायः इसमें ही होते हैं। इस बार सभा की विशेषता यह रही कि इसमें स्वयंसेवकों के गणवेश में खाकी नेकर की जगह […] Read more » change in dress code of rss dress code of rss स्वयंसेवक स्वयंसेवक के वेश में परिवर्तन
लेख साहित्य गंगा तप की राह चला सन्यासी सानंद March 10, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में […] Read more » Featured गंगा तप सन्यासी सानंद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद
लेख साहित्य लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक March 10, 2016 by विजय कुमार | 2 Comments on लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक इन दिनों दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (ज.ने.वि.) काफी चर्चा में है। गत नौ फरवरी को वहां छात्रों तथा कुछ बाहरी लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद, भारत तेरे टुकड़े होंगे: इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह तथा भारत की बरबादी तक जंग चलेगी.. जैसे देशद्रोही नारे लगाये। वे अफजल गुरु, मकबूल बट तथा याकूब मेनन जैसे देशद्रोही […] Read more » Featured अम्बेडकरवाद अम्बेडकरवाद का प्रतीक कन्हैया कुमार जेएनयू नीली कटोरी लाल कटोरी वामपंथ वामपंथ का प्रतीक
लेख समाज साहित्य राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी March 7, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment संत और राष्ट्र जागरण जब-जब देश-धर्म की हानि हुई है तब-तब भारत के संत महात्माओं ने भी अपने राष्ट्रधर्म का पालन करते हुए धर्म जागरण और राष्ट्र जागरण करने का पुनीत कार्य करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। वैसे भी राष्ट्र में शांति और सुव्यवस्था का सुंदर परिवेश ही व्यक्ति को धर्मशील बनाता है, और […] Read more » Featured Rani Jairajkumari sacrificed for rammandir रानी जय राजकुमारी राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी
लेख साहित्य देवीदीन पाण्डे ने किया था राम मंदिर के लिए अपना प्राणोत्सर्ग February 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कुतुबुद्दीन ऐबक और बाबर की समानता जिस प्रकार पृथ्वीराज चौहान की पराजय के 13 वर्ष पश्चात भारत में ‘गुलाम-वंश’ की स्थापना करने वाला कुतुबुद्दीन ऐबक केवल 1206 से 1210 ई. के अल्पकाल तक ही शासन कर सका, उसी प्रकार मुगलवंश का संस्थापक बाबर भी अल्पकाल (1526 से 1530 ई.) तक ही शासन कर पाया था। […] Read more » Featured देवीदीन पाण्डे राम मंदिर के लिए अपना प्राणोत्सर्ग
लेख साहित्य महान छत्रपति शिवाजी महाराज February 16, 2016 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment -अशोक “प्रवृद्ध” गौ-ब्राह्मण प्रतिपालक, यवन-परपीडक, राजाधिराज, महाराज, योगीराज, श्री छत्रपति शिवाजी महाराज पश्चिमी भारत के मराठा साम्राज्य अर्थात हिन्दू राज्य के संस्थापक थे। छत्रपति शिवाजी राजे भोसले ने कई वर्ष औरंगज़ेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया और 1674 में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की । रायगढ़ में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी तदनुसार […] Read more » Featured महान छत्रपति शिवाजी महाराज
लेख साहित्य राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान February 10, 2016 / February 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 3 Comments on राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान ‘जय-पराजय का चक्र’ कुछ विजयें ऐसी होती हैं कि उनके कारण किसी व्यक्ति या किसी राजा का विशेष नाम हो जाता है। जैसे अशोक की ‘कलिंग विजय’। इसी प्रकार कोई पराजय भी ऐसी होती है कि उसके कारण किसी व्यक्ति या किसी राजा की विशेष चर्चा होती है। जैसे खानवा के युद्घ में बाबर के […] Read more » demolish of ram mandir in ayodhya Featured lakhs of hindus sacrificed their lives राममंदिर राममंदिर टूटने से पहले हुए थे पौने दो लाख हिन्दू बलिदान