लेख क्या इस गलती को सुधारा नहीं जा सकता ? November 8, 2011 / December 5, 2011 by राजीव गुप्ता | Leave a Comment राजीव गुप्ता आज़ाद भारत के गुलाम लोग है हम ! हमारे लिए क्या चुनाव ? हम तो राज्य विधान सभा , स्थानीय निकाय और पंचायत यहाँ तक कि सहकारी संस्थाओं में भी कोई वोट नहीं डाल सकते क्योंकि हमें तो कोई वोटिंग आधिकार ही नहीं है ! आज भी हमारे बच्चों को जिन्होंने कश्मीर की […] Read more » गलती को सुधारा नहीं जा सकता
लेख बहादुरशाह जफर के ज़माने की बकरीद November 6, 2011 / December 5, 2011 by राम कृष्ण | 3 Comments on बहादुरशाह जफर के ज़माने की बकरीद रामकृष्ण बहादुरशाह का राज्य धर्मनिरपेक्ष नहीं था, उसके आधारस्तंभ हमेशा शरीयत के कानून ही रहे. तब भी हिन्दू विश्वास और मान्यताओं की रक्षा करने में वह जिस ईमानदारी के साथ सन्नद्ध रहा उसकी कल्पना करना भी आज के धर्मनिरपेक्ष नेताओं के लिये सहज-संभव नहीं. भारत के अंतिम मुग़ल सम्राट बहादुरशाह जफ़र के राज्यकाल में बकरीद […] Read more » बकरीद बहादुरशाह जफर
लेख राहुल का दलित प्रेम कांग्रेस की चुनावी नैया डुबो देगा November 6, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on राहुल का दलित प्रेम कांग्रेस की चुनावी नैया डुबो देगा डॉ आशीष वशिष्ठ मिषन यूपी 2012 के तहत दलित मतदाताओं को रिझाने और उन्हें यह समझाने के लिये कि केवल कांग्रेस ही उनकी हमदर्द, दोस्त और हितेषी है, के लिये पिछले काफी समय से यूपी में घूम-घूमकर पसीना बहा रहे हैं। दलित बहुल गांवों की गुप-चुप यात्राएं, दलितों की झोपड़ी में बैठने, खाने और सोने […] Read more » कांग्रेस चुनावी नैया दलित मतदाता राहुल का दलित प्रेम
लेख न्यायिक सुधार की काँटों भरी राह November 6, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on न्यायिक सुधार की काँटों भरी राह मनी राम शर्मा भारत के पूर्व विधि एवं न्याय मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने कहा था कि मार्च 2012 तक न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण कर दिया जायेगा और शीघ्र न्याय मिलने लगेगा| इस पथ की बाधाओं का आकलन करें तो ज्ञात होगा कि निर्धारित लक्ष्य तिथि अब नजदीक ही है और कम्प्यूटरीकरण व शीघ्र न्यायप्रदानगी की […] Read more » Judicial Improvement काँटों भरी राह न्यायिक सुधार
लेख समाज के नशे में घुलता उन्नाद का जहर November 5, 2011 / December 5, 2011 by संजय स्वदेश | 2 Comments on समाज के नशे में घुलता उन्नाद का जहर संजय स्वदेश पिछले दिनों राजस्थान में सांप्रदायिक हिंसा की घटना के बाद फिलहाल अभी ऐसा कोई राष्ट्रिय प्रसंग नहीं है कि धर्म की कट्टरता पर बहस हो। लेकिन प्रसंग नहीं होने की बाद भी इस मुद्दे पर चिंतन आवश्यक है। शांत महौल में देश के किसी न किसी हिस्से में हिंसक मजहबी हिलोरे उठती हैं। […] Read more » communal riots सांप्रदायिक हिंसा
महत्वपूर्ण लेख लेख अपरिभाषित सेक्यूलरिज्म के जलवे : शंकर शरण November 3, 2011 / December 5, 2011 by शंकर शरण | 6 Comments on अपरिभाषित सेक्यूलरिज्म के जलवे : शंकर शरण हाल में कर्नाटक में स्कूलों में गीता पढ़ाने का एक प्रस्ताव आया। यह बच्चों को नैतिक शिक्षा देने हेतु एक मठ का अनुरोध था, जिसमें सरकार ने केवल स्कूलों को इसके लिए एक घंटा समय देने भर का निर्देश दिया था। इसमें सरकार को कुछ खर्च नहीं करना था। पर इस प्रस्ताव को अदालत में […] Read more » secularism अपरिभाषित सेक्यूलरिज्म के जलवे
लेख अपना दिल फैला रही है हिंदी November 3, 2011 / December 5, 2011 by अखिलेश आर्येन्दु | Leave a Comment अखिलेश आर्येन्दु दुनिया वालों के दिलों पर राज्य करने के लिए अपना दिल फैला रही है हिंदी हिंदी अब केवल भारत में ही नहीं जानी समझी और बोली जाती बलिक विश्व स्तर पर इसका व्यापक व्यवहार होने लगा है। कर्इ देशों में तो यह वहां की प्रमुख भाषा के रूप में मान्य है। कम्प्यूटर के […] Read more » Hindi Language अपना दिल फैला रही है हिंदी
लेख श्रम की लूट का नया सेंटर ‘शॉपिंग मॉल’ November 1, 2011 / December 5, 2011 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 2 Comments on श्रम की लूट का नया सेंटर ‘शॉपिंग मॉल’ डॉ0 आशीष वशिष्ठ मैट्रो सिटिज से शुरू हुआ मॉल कल्चर धीरे-धीरे देश के दूसरे बड़े और मझोले शहरों में बड़ी तेजी से फैल रहा है। मॉल कल्चर ने लोगों के जीने, सोचने और खरीददारी के अंदाज को बदला है। शुरूआती दौर में स्थानीय व्यापारियों व व्यवसायियों ने मॉल कल्चर और खुदरा बाजार का विरोध किया […] Read more » shopping mall शॉपिंग मॉल'
लेख ग्यारह बरस का छ्त्तीसगढ़ November 1, 2011 / December 5, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस (1 नवंबर) पर विशेषः नक्सली आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ राज्य यानि वह उपेक्षित भूगोल जो पिछले 11 सालों से अपने सपनों में रंग भरने की कोशिशें कर रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के लिए हुए संघर्षों की मूल भावना को समझें तो साफ नजर आएगा […] Read more » Chattisgarh ग्यारह बरस का छ्त्तीसगढ़
लेख वृद्धजनों की पेंशन से सरकारी बाबुओ की दीवाली October 31, 2011 / December 5, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ”शादाब सन जैसे सफेद बाल जर्जर हडिृडयो के सहारे आखिरी सफर की ओर लठिया के सहारे बढ रही जिन्दगी फटे हुए कपडे हाथ में कागजो का थैला। हिलता ढुलता हुआ शरीर और लडखडाती जुबान। सरकारी दफ्तरो में बाबुओ की डाट फटकार आज देश के वृद्धजनों की ये तकदीर बन गई है। सरकारी बाबू […] Read more » Diwali old persons दीवाली वृद्धजनों की पेंशन
लेख हिमाचल मे विकसित होती शिक्षा व्यवस्था October 30, 2011 / December 5, 2011 by अन्नपूर्णा मित्तल | Leave a Comment अन्नपूर्णा मित्तल 25 जनवरी 1971 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से लेकर अब तक प्रदेश का 40 साल का सफरनामा काफी रोचक रहा है। प्रदेश ने कृषि, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, सड़कें एवं संचार क्षेत्र में कई मील के पत्थर कायम किए हैं। भले ही प्रदेश में अब तक हुई तरक्की 100 फीसदी […] Read more » Himachal Pradesh Prem Kumar Dhumal studies in himachal शिक्षा व्यवस्था हिमाचल
लेख अपने सपनों में रंग भरता छत्तीसगढ़ October 30, 2011 / December 5, 2011 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on अपने सपनों में रंग भरता छत्तीसगढ़ संजय द्विवेदी स्थापना दिवस (1 नवंबर) पर विशेषः 11 साल का छत्तीसगढ़ छत्तीस गढ़ों से संगठित जनपद छत्तीसगढ़ । लोकधर्मी जीवन संस्कारों से अपनी ज़मीन और आसमान रचता छत्तीसगढ़। भले ही राजनैतिक भूगोल में उसकी अस्मितावान और गतिमान उपस्थिति को मात्र ग्यारह वर्ष हुए हैं, पर सच तो यही है कि अपने रचनात्मक हस्तक्षेप की […] Read more » Chattishgarh छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस