लेख पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा September 29, 2011 / December 6, 2011 by डॉ0 शशि तिवारी | 2 Comments on पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा डॉ. शशि तिवारी शब्दों में वो ताकत होती है जो बन्दूक की गोली, तोप के गोले एवं तलवार में नहीं होती है। अस्त्र-शस्त्र से घायल व्यक्ति की सीमा शरीर होता है जो देर-सबेर ठीक हो ही जाता है लेकिन, शब्द से मानव की आत्मा घायल होती है, इस पीड़ा को जीवन-पर्यन्त तक नहीं भुलाया जा […] Read more » journalist पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा
लेख नरेंद्र भाई अभी दिल्ली दूर है… September 29, 2011 / December 6, 2011 by श्रीराम तिवारी | 8 Comments on नरेंद्र भाई अभी दिल्ली दूर है… श्रीराम तिवारी भारत में राजनीति को कुआँर की कुतिया समझ कर सरे राह लतियाने वालों में दिग्भ्रमित विपक्ष और टी आर पी रोग से पीड़ित -प्रिंट,श्रव्य,दृश्य और बतरस मीडिया का नाम पहले आता है.भारत को बर्बाद करने में जुटी पाकिस्तान कि खुफिया एजेंसी आई एस आई,उसके द्वारा प्रेरित -पोषित घृणित आतंकवादियों,अलगाववादियों,नक्सलवादियों,पूंजीवादी -सामंती शोषण कि ताकतों,एनजीओ […] Read more » Narendra Modi
लेख बाबा रामदेव की हुंकार में समझदारी September 28, 2011 / December 6, 2011 by प्रमोद भार्गव | 6 Comments on बाबा रामदेव की हुंकार में समझदारी प्रमोद भार्गव महारानी लक्ष्मीबाई की कर्मस्थली रही झांसी से बाबा रामदेव ने कालाधन वापिस लाने की जो हुंकार भरी है, वह अब समझदारी का पर्याय भी दिखाई दे रही है। स्वाभिमान यात्रा के नाम से आगाज हुआ यह अभियान परिपक्वता का पर्याय भी बन रहा है। दूध का जला छाछ भी फूंकफूंक कर पीता है, […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
लेख भारत माता के देश में लाचार है जननी September 28, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया के चौधरी अमेरिका की मशहूर पत्रिका न्यूजवीक ने एक सर्वे कराया है जिसमें भारत गणराज्य में महिलाओं की दयनीय स्थिति का वर्णन मिलता है। भारत को सौ में से महज 41.9 अंक ही मिल पाए हैं। जिस देश का पहला नागरिक महिला हो, जिस देश में लोकसभाध्यक्ष महिला हो, जिस देश के […] Read more » indian mother भारत माता लाचार है जननी
लेख संयुक्त राष्ट्र में भी मनमोहन सिंह विकास के मायाजाल से नहीं निकल सके September 28, 2011 / December 6, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह आजकल मनमोहन सिंह विकास और गरीबी उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। विगत सप्ताह ही योजना आयोग ने शहरों में प्रति दिन 32 रुपये और गाँवों में प्रति दिन 26 रुपये कमाने वालों को गरीबी से निजात दिलाया है। इसके बरक्स में योजना आयोग ने सर्वोच्च न्यायलय में दाखिल अपने हलफनामें में साफ तौर […] Read more » मनमोहन सिंह विकास के मायाजाल संयुक्त राष्ट्र
लेख भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या September 28, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या सुनील कुमार बंसल आज देश के सामने कई प्रकार की समस्यायें हैं जिनके साथ हम रोजाना जूझ भी रहे हैं व उनके साथ जी भी रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या कौन सी है इसको लेकर समाज में अलग-अलग प्रकार के लोगों के अलग-अलग मत हो सकते हैं। अनुभव ऐसा है कि जो जिस समय […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार देश की बड़ी समस्या
महत्वपूर्ण लेख लेख राहुल गाँधी के बयान September 28, 2011 / December 6, 2011 by शंकर शरण | 2 Comments on राहुल गाँधी के बयान शंकर शरण अब विदेशियों को भी राहुल गाँधी से निराशा हो रही है। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) की शोध संस्था ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि राहुल गाँधी बोलने में प्रायः गड़बड़ा जाते हैं। 94 पृष्ठों की यह रिपोर्ट भारत की स्थिति पर है, और इस में अगले लोक सभा चुनाव के बारे में […] Read more » Rahul Gandhi राहुल गाँधी के बयान
लेख भावनाएँ September 16, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जितेन्द्र माथुर मानवीय जीवन का एक अविभाज्य अंग हैं भावनाएँ । भावनाओं के बिना जीवन कैसा ? भावनाएँ ही तो हैं जो कि एक रुखेसूखे और रंगहीन जीवन को रसरंगयुक्त बनाती हैं । एक भावनाविहीन जीवन उपयोगी तो हो सकता है लेकिन उसकी उपयोगिता सीमित ही रहेगी । यदि व्यक्ति भावनाओं से रहित है तो […] Read more » feelings भावनाएँ
लेख कैसे बनेगा समृद्ध भारत! September 16, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे भारत गणराज्य में न्यायपालिका को सर्वोच्च दर्जा है किन्तु देश की सबसे बड़ी पंचायत द्वारा कानून कायदे बनाए जाते हैं। इनका पालन हो रहा है या नहीं इसके लिए न तो बड़ी पंचायत और ना ही उसमें बैठे पंच और सरपंच ही संजीदा हैं। बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए बनाया गया […] Read more » India कैसे बनेगा समृद्ध भारत समृद्ध भारत
लेख दो सदियों से सत्ता का केंद्र बना हुआ है व्हाईट हाउस September 16, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया जिसे डरकर सलाम करती है वह है अमेरिका। अमेरिका को यूं ही दुनिया का चौधरी नहीं कहा जाता। अमेरिका जब चाहे जिस देश पर जाकर अपनी सेना से वहां दमन फैला सकता है। जी हां यह सच है। जिसने भी अमेरिका की तरफ आंख तरेरी है। अमेरिका ने उसे नेस्तनाबूत कर दिया […] Read more » White House व्हाईट हाउस
लेख भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की हकीकत – दुनिया गोल है September 15, 2011 / December 6, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा बचपन में गुरुजी ने बताया था कि दुनिया गोल है। इसके प्रमाण में उन्होंने कहा था कि आप एक दिशा विशेष में एक नियत स्थान से अगर चलना प्रारंभ करेंगे, तो चलते-चलते पुनः उसी स्थान पर पहुंच जाएंगे, जहां से आपने यात्रा आरंभ की थी। भारत की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी, कांग्रेस […] Read more » Congress भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का घोषणा-पत्र
लेख 14 सितम्बर हिन्दी दिवस पर विशेष September 14, 2011 / December 6, 2011 by सरमन नगेले | Leave a Comment सरमन नगेले ’’हिन्दी पर गर्व करो, और हिन्दी को अभियान दो’’ इंटरनेट के जरिए विश्व पटल पर राज करती हिन्दी हिन्दी आधारित ई व एम तंत्र के जरिए सूचना का लोकतंत्रीकरण डिजिटल खाई को पाटने में हिन्दी का सर्वाधिक योगदान आज भारत में संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के कारण हिन्दी पर गर्व करो, और हिन्दी […] Read more » Hindi Diwas हिन्दी दिवस