महिला-जगत लेख समानता से परे: सार्वजनिक मूत्रालयों के लिए महिलाओं का संघर्ष March 6, 2025 / March 6, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment -अमरपाल सिंह वर्मा- हमारे देश में अक्सर महिलाओं के अधिकारों की बात की जाती है। समानता के नारे गूंजते हैं लेकिन क्या कभी हमने यह सोचा है कि समानता तो दूर, महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय तक पहुंच पाना भी एक बड़ा संघर्ष है? हाल में यह जान कर हैरानी की सीमा नहीं रही कि […] Read more » Beyond equality: Women's struggle for public urinals सार्वजनिक मूत्रालयों के लिए महिलाओं का संघर्ष
महिला-जगत लेख समाज साक्षात्कार महिलाओं के लिए सुख की परिभाषा बदलने वाली महिला March 6, 2025 / March 6, 2025 by कल्पना पांडे | Leave a Comment – कल्पना पांडे 1929 में अमेरिका के विचिटा में जन्मी बेट्टी डॉडसन (पीएच.डी.) ऐसे दौर में बड़ी हुईं जब खुले रूप से यौन विषयों पर चर्चा करना लगभग वर्जित था। एक रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ी बेट्टी ने जल्द ही समझ लिया कि इच्छा और आत्म-संतोष से जुड़े प्रश्नों का उत्तर या तो चुप्पी से दिया जाता है […] Read more » बेट्टी डॉडसन (पीएच.डी.)
पर्यावरण लेख पहाड़ों के पर्यावरण, पारिस्थितिकी तंत्र पर दवाब बढ़ा रहा प्लास्टिक प्रदूषण March 5, 2025 / March 5, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment सुनील कुमार महला पहाड़ों की हवा-पानी (आबोहवा) शुद्ध व स्वच्छ मानी जाती रही है लेकिन आजकल पहाड़ों की आबो-हवा निरंतर बदल रही है। अब पहाड़ों में भी कूड़ा-करकट के ढ़ेर नजर आने लगे हैं। कहना ग़लत नहीं होगा कि आजकल पहाड़ों में बढ़ती जनसंख्या, विकास के बीच अधिकांश प्लास्टिक, पालीथीन की खाली थैलियां, विभिन्न रैपर, […] Read more » Plastic pollution increasing pressure on mountain environment and ecosystem
महिला-जगत लेख नारी सम्मान से ही समाज की शान March 5, 2025 / March 5, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment 8 मार्चः महिला दिवस पर विशेष विनोद बब्बर यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता, अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसी प्रकार कहा गया- ‘न गृहं गृह मित्याहु गृहिणी गृह मुच्यते’. सच ही है परिवार संस्था की संकल्पना नारी के बिना व्यर्थ है। महल हो या टूटी झोंपड़ी, गृहलक्ष्मी के प्रवेश से ही घर […] Read more » 8 मार्चः महिला दिवस
लेख अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर उच्छृंखलता नामंजूर March 5, 2025 / March 5, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान जो कहा, वह जहां संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिहाज से खासा अहम है वही एक संतुलित एवं आदर्श समाज व्यवस्था का आधार भी है। सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से […] Read more » Disorder in the name of freedom of expression is unacceptable अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर उच्छृंखलता
लेख इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू (अध्याय -4) March 5, 2025 / March 5, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment ( डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया की डिस्कवरी ) भारत के अतीत का विशाल दृश्य डॉ राकेश कुमार आर्य हिंदुस्तान की कहानी में “हिंदुस्तान के अतीत का विशाल दृश्य” नामक अध्याय के शीर्षक को पढ़ने से लगता है कि नेहरू जी अपनी इस पुस्तक में रामायणकालीन, महाभारतकालीन और इस बीच या उसके पश्चात हुए अनेक सम्राटों के […] Read more » इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू
लेख शाहजहाँ ने रख लिया था अपना नाम द्वितीय तैमूर March 5, 2025 / March 5, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब की हिंदू नीति – डॉ राकेश कुमार आर्य शा हजहाँ ने अपना नाम द्वितीय तैमूर भी रख लिया था। इसके पीछे उसका कारण केवल यही था कि वह तैमूर की क्रूरता व निर्दयता को अपना आदर्श मानता था और उसने उसी प्रकार के आचरण और व्यवहार को अपने जीवन का श्रृंगार […] Read more » औरंगजेब की हिंदू नीति जहांगीर शाहजहां और औरंगजेब की हिंदू नीति
लेख यहां कठिनाइयों से गुज़रती है ज़िंदगी March 4, 2025 / March 4, 2025 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सुप्रिया सिन्हापटना, बिहार देश के बड़े शहरों और महानगरों में दो तरह की ज़िंदगी नज़र आती है. एक ओर जहां चमचमाती सड़कें, गगनचुंबी इमारतें और आधुनिक सुख सुविधाओं से सजी कॉलोनियां होती हैं, वहीं दूसरी ओर संकरी गलियों में झुग्गी झोपड़ियां भी आबाद होती हैं. जिसे स्लम बस्ती के रूप में जाना जाता है. जहां […] Read more »
लेख नशे के खिलाफ महत्वाकांक्षी युद्ध कारगर साबित हो March 4, 2025 / March 4, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- पंजाब में आतंकवाद की ही तरह नशे एवं ड्रग्स के धंधे ने व्यापक स्तर पर अपनी पहुंच बनाई है, जिसके दुष्परिणाम पंजाब के साथ-साथ समूचे देश को भोगने को विवश होना पड़ रहा है। पंजाब नशे की अंधी गलियों में धंसता जा रहा है, सीमा पार से शुरू किए गए इस छद्म युद्ध […] Read more » Ambitious war against drugs should prove effective
पर्यावरण लेख प्रकृति ओर पर्यावरण के सुरक्षा कवच वृक्षों को बचाए रखें March 4, 2025 / March 4, 2025 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव आज हमें प्रकृति की आवश्यकता है, प्रकृति का सुरक्षा कवच वनक्षेत्र है, वनों की पहचान वहाँ उगने वाले वृक्षों से है ओर यही वृक्ष हमारे पर्यावरण के लिए हमे जीवांदायिनी वायु प्रदान कर हमारी सुरक्षा के कवच बने हुये है। हम परंपरागत होली का पर्व मनाने के लिए हर साल लाखों वृक्षों का विनाश […] Read more » प्रकृति ओर पर्यावरण
लेख इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू (अध्याय -3) March 4, 2025 / March 5, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment ( डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया की डिस्कवरी ) वारिस होना खतरनाक है डॉ राकेश कुमार आर्य *भारत की सांस्कृतिक विरासत की संसार के अनेक विद्वानों ने मुक्त कंठ से सराहना की है, परंतु (नेहरू जी कई बार और कई स्थानों पर भारतीय सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करने के उपरांत भी) भारत की वैदिक सांस्कृतिक विरासत या […] Read more » Distortion of History and Nehru इतिहास का विकृतिकरण और नेहरू
लेख समाज पहचान के लिए संघर्ष करता गाड़िया लोहार समुदाय March 3, 2025 / March 3, 2025 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment धीरज गुर्जर जयपुर, राजस्थानराजस्थान की राजधानी जयपुर के मोती डूंगरी इलाके में बसे गाड़िया लोहार समुदाय का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है। कभी घुमंतू जीवन व्यतीत करने वाला यह समुदाय आज भी अपनी पहचान और अस्तित्व बचाने के लिए संघर्षरत है। जीवन की कठिनाइयों के बावजूद इनकी जिजीविषा और उम्मीदें उन्हें आगे बढ़ने की […] Read more »