खान-पान लेख मिलावट का कहर, स्वास्थ्य के लिये जहर May 7, 2024 / May 7, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – भारतीय मसालों की गुणवत्ता की साख जब दुनिया में धुंधली हुई है, मिलावटी मसालों पर देश से दुनिया तक बहस छिड़ी हुई है, तब दिल्ली में मिलावट के एक बड़े मामले का पर्दापाश होना न केवल चिंताजनक है बल्कि दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर भारत के लिये […] Read more » poison for health The havoc of adulteration मिलावट का कहर
लेख पर्याप्त सुविधाओं के अभाव से प्रभावित होती बालिका शिक्षा May 7, 2024 / May 7, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment आशा नारंगअलवर, राजस्थानहाल ही में आईसीएसई समेत विभिन्न राज्यों के दसवीं और बारहवीं के परिणाम घोषित हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने उम्मीद से कहीं अधिक बढ़कर प्रदर्शन किया है. यह आंकड़े बताते हैं कि यदि अवसर और सुविधाएं प्रदान किये जाएं तो लड़कियां भी किसी भी परिणाम को अपने पक्ष में करने […] Read more » Girls' education is affected due to lack of adequate facilities. पर्याप्त सुविधाओं के अभाव से प्रभावित होती बालिका शिक्षा
लेख भारत में अंगदान की कमी से जा रही लोगों की जान May 7, 2024 / May 7, 2024 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment एक मृत अंग दाता आठ लोगों की जान बचा सकता है। दान की गई दो किडनी दो रोगियों को डायलिसिस उपचार से मुक्त कर सकती हैं। दान किए गए एक लीवर को प्रतीक्षा सूची के दो रोगियों के बीच विभाजित किया जा सकता है। दो दान किए गए फेफड़ों का मतलब है कि दो अन्य […] Read more » भारत में अंगदान की कमी
लेख हंसी ही दुनिया को एकजुट करने में सक्षम May 6, 2024 / May 6, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व हंसी दिवस, 5 मई, 2024 पर विशेष– ललित गर्ग-विश्व हास्य दिवस एक उपहार है एवं बिना खर्च के खुशियाँ मनाने एवं हंसकर तनाव दूर करने का विलक्षण एवं अद्भुत दिन है। यह हमें एकजुट करता है, जीवन को बेहतर बनाता है। मई महीने के पहले रविवार को मनाये जाने वाला यह दिन हंसने-हंसाने के बहुत सारे […] Read more » विश्व हंसी दिवस
लेख विविधा स्वरोजगार से बदल रही है महिलाओं की आर्थिक स्थिति May 6, 2024 / May 6, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मोनिकालूणकरणसर, राजस्थान पहले मुझे हर चीज के लिए पति के सामने हाथ फैलाने पड़ते थे. छोटी से छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए उनसे पैसे मांगने पड़ते थे. इससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचती थी. लेकिन मेरे पास ऐसा कोई माध्यम नहीं था जिससे मैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती और खुद का […] Read more » स्वरोजगार से बदल रही है महिलाओं की आर्थिक स्थिति
लेख हिंदू राष्ट्रनीति व हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज May 2, 2024 / May 2, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment शिवाजी का चरित्र शिवाजी के भीतर भारतीय संस्कृति के महान संस्कार कूट-कूट कर भरे थे । वह सदैव अपने माता – पिता और गुरु के प्रति श्रद्धालु और सेवाभावी बने रहे । उन्होंने कभी भी अपनी माता की किसी आज्ञा का उल्लंघन नहीं किया और पिता के विरुद्ध पर्याप्त विपरीत परिस्थितियों के होने के उपरांत […] Read more » Chhatrapati Shivaji Maharaj founder of Hindu national policy and Hinduvi Swarajya. हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज
लेख हिन्दू विवाह पर सर्वोच्च अदालत का स्वागतयोग्य फैसला May 2, 2024 / May 2, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – देश की सर्वोच्च अदालत ने हिन्दू विवाह को लेकर बड़ा फैसला देकर न केवल हिन्दू विवाह के संस्कारों एवं पारंपरिक रिवाजों को पुष्ट किया है बल्कि उन्हें कानूनी दृष्टि से आवश्यक स्वीकार किया है। आज जबकि हिन्दू विवाह की पवित्रता एवं परम्परा तथाकथित आधुनिक जीवन एवं प्रभाव के कारण धुंधली होती […] Read more »
पर्यावरण लेख रिन्यूबल एनेर्जी में ट्रांज़िशन को न्यायसंगत बनाना जरूरी: विशेषज्ञ May 1, 2024 / May 1, 2024 by निशान्त | Leave a Comment पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी दुष्परिणामों के मद्देनजर भारत में रिन्यूबल एनेर्जी से जुड़े महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किये गये हैं। इसके तहत कार्बन एमिशन को खत्म करने के लिये कोयला खदानों को दीर्घकाल में बंद करना होगा। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इन खदानों में काम करने वाली बड़ी […] Read more » It is important to make the transition to renewable energy equitable
आर्थिकी लेख भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती उत्पादों की मांग April 30, 2024 / April 30, 2024 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में आज भी लगभग 60 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है एवं अपने जीवन यापन के लिए मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र पर ही आश्रित रहती है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार किये जा रहे विकास कार्यों के चलते इन क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत व्यय की जाने वाली राशि में अतुलनीय वृद्धि दर्ज हुई है। इससे, ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर निर्मित होने लगे हैं एवं ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कुछ कम हुआ है। विशेष रूप से कोरोना महामारी के खंडकाल में शहरों से ग्रामीण इलाकों की ओर शिफ्ट हुए नागरिकों में से अधिकतर नागरिक अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही बस गए हैं एवं अपने विशेष कौशल का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में जारी किए गए कुछ सर्वे प्रतिवेदनों के अनुसार, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग की एक नई कहानी लिखी जा रही है क्योंकि अब विभिन्न उत्पादों की मांग ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। उपभोक्ता वस्तुओं एवं ऑटो निर्माता कम्पनियों द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही के समय में उपभोग की जाने वाली विभिन्न वस्तुओं एवं दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों (ट्रैक्टर सहित) की मांग में तेजी दिखाई दे रही है, जो कि वर्ष 2023 में लगातार कम बनी रही थी। यह संभवत: रबी फसल के सफल होने के चलते भी सम्भव हो रहा है। उक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी हाल ही में सम्पन्न अपनी द्विमासिक मोनेटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो दर में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की है, ताकि बाजार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में, उत्पादों की मांग विपरीत रूप से प्रभावित नहीं हो, ताकि इससे अंततः वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश के आर्थिक विकास की दर भी अच्छी बनी रहे। भारत में पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादों की मांग, शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध मांग की तुलना में कम ही बनी रही है। परंतु, वित्तीय वर्ष 2023-24 की तृतीय तिमाही के बाद से इसमें कुछ परिवर्तन दिखाई दिया है एवं अब ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग में तेजी दिखाई देने लगी है। यह तथ्य विकास के कुछ अन्य सूचकांकों से भी उभरकर सामने आ रहा है। जनवरी-फरवरी 2024 माह में दोपहिया वाहनों की बिक्री में, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान की बिक्री की तुलना में, 30.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर रही है, जो हाल ही के कुछ वर्षों में अधिकतम वृद्धि दर मानी जा रही है। दोपहिया वाहनों की बिक्री ग्रामीण इलाकों (लगभग 10 प्रतिशत) में शहरी इलाकों (लगभग 7 प्रतिशत) की तुलना में अधिक रही है। महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले रोजगार के अवसरों की मांग में भी फरवरी-मार्च 2024 माह के दौरान 9.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में निवासरत नागरिकों को रोजगार के अवसर अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध हो रहे हैं। इसी प्रकार, ट्रैक्टर की बिक्री में भी जनवरी-फरवरी 2024 माह के दौरान 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान भारत में कुल 892,313 ट्रैक्टर की बिक्री हुई है जो पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। भारत के मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भविष्यवाणी के अनुसार, वर्ष 2024 के मानसून मौसम के दौरान भारत में मानसून की बारिश के सामान्य से अधिक रहने की प्रबल सम्भावना है। इससे भारत के किसानों में हर्ष व्याप्त है क्योंकि मानसून के अच्छे होने से खरीफ की फसल के भी बहुत अच्छे रहने की सम्भावना बढ़ गई है। मौसम विभाग के सोचना है कि इस वर्ष अल नीनो के स्थान पर ला नीना का प्रभाव दिखाई देगा। अल नीनों के प्रभाव में देश में बारिश कम होती है एवं ला नीना के प्रभाव में देश में बारिश अधिक होती है। साथ ही, भारतीय किसान अब तिलहन, दलहन एवं बागवानी की फसलों की ओर भी आकर्षित होने लगे हैं। दालों, वनस्पति, फलों एवं सब्जियों के अधिक उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि दृष्टिगोचर है। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न खाद्य उत्पादों की बिक्री के लिए ई-पोर्टल के बनाए जाने के बाद से तो भारतीय किसान अपनी फसलों को वैश्विक स्तर पर सीधे ही बेच रहे हैं और अपने मुनाफे में वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। भारतीय खाद्य पदार्थों की मांग अब वैश्विक स्तर पर भी होने लगी है एवं खाद्य पदार्थों के निर्यात में भी नित नए रिकार्ड बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग सामान्यतः अच्छे मानसून के पश्चात अच्छी फसल एवं विभिन्न सरकारों, केंद्र एवं राज्य सरकारों, द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों पर किए जा रहे खर्चो में बढ़ौतरी के चलते ही सम्भव होती है। केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की गई विकास की विभिन्न योजनाओं पर व्यय में लगातार वर्ष दर वर्ष वृद्धि की जा रही है एवं इसके लिए केंद्रीय बजट में भी बढ़े हुए व्यय का प्रावधान प्रति वर्ष किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं एवं इन इलाकों में विभिन्न उत्पादों की मांग भी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। नीलसन द्वारा किए गए एक सर्वे के यह बताया गया है कि जनवरी एवं फरवरी 2024 माह में भारत में विभिन्न उत्पादों की शहरी क्षेत्रों में मांग 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। विशेष रूप से फरवरी 2024 के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग में वृद्धि लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। रबी की फसल के भी अच्छे रहने की सम्भावना बलवती हुई है जिसके कारण किसानों की मनोदशा भी सकारात्मक बन रही है और यह वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश की आर्थिक वृद्धि दर को बलवती करने के मुख्य भूमिका निभाने जा रही है। आज देश की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है यदि ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों की मनोवृत्ति सकारात्मक हो रही है तो निश्चित ही वित्तीय वर्ष 2024-25, आर्थिक विकास की दृष्टि से अतुलनीय परिणाम देने वाला वर्ष साबित होने जा रहा है। प्रहलाद सबनानी Read more »
उत्पाद समीक्षा खान-पान लेख खाद्य पदार्थों विशेषकर मसालों की जांच प्रक्रियाओं पर सवालिया निशान लगना है लाजिमी . . . April 30, 2024 / April 30, 2024 by लिमटी खरे | Leave a Comment (लिमटी खरे) भारत में आदि अनादि काल से प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाले मसालों का उपयोग न केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाने वरन अनेक बीमारियों से बचाव के लिए भी लगातार ही किया जाता रहा है। मसालों के व्यवसायिक उपयोग से लाभ कमाने की अंधी दौड़ ने इनमें मिलावट भी आरंभ कर दी है। […] Read more » ban on everest and mdh masala
लेख जीवन में रामत्व April 29, 2024 / April 29, 2024 by ऋचा सिंह | Leave a Comment ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है । लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं । लेकीन जब हम राम के सम्पूर्ण जीवन का अवलोकन करते हैं तो पाते हैं कि राम केवल पूजा के विषय नहीं हैं वह अनुकरणीय हैं हर स्थिति काल में जीवन […] Read more »
लेख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए भारत बना सबसे बड़ा बाजार April 29, 2024 / April 29, 2024 by निशान्त | Leave a Comment एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के नवीनतम ग्लोबल इलेक्ट्रिक वेहिकिल आउटलुक के अनुसार, भारत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (3डब्ल्यू) के मामले में, चीन को पछाड़ते हुए, दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है.रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें सरकारी प्रोत्साहन और नीति समर्थन […] Read more » India becomes the largest market for electric three-wheelers