लेख सार्थक पहल सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी April 3, 2023 / April 3, 2023 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह संवेदना एक ऐसी अनुभूति है, जो दूसरों के दर्द को अपना बना देती है। दर्द दूसरों को होता है, पर प्राण अपने छटपटाते हैं। ऐसी ही अनुभूति आरिफ को सारस पक्षी के प्रति हुई थी। घायल सारस होता है पर प्राण आरिफ के छटपटाते हैं। यही संवेदना आरिफ को औरों से […] Read more »
लेख आह! इंदौर, वाह…इंदौरी April 3, 2023 / April 3, 2023 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमारइंदौर में मौत की बावड़ी से धडक़न टूटने की गिनती हो रही है। सबके अपने सूत्र, सबके अपने आंकड़ेें। पलकें नम हो गई हैं। हर कोई इस विपदा से दुखी और बेबस है। खबरों की फेहरिस्त है। कोई शासन-प्रशासन को गरियाने में लगा है तो कोई इस बात की तह तक जाने की जल्दबाजी […] Read more » Ahh! Indore wow... Indori
लेख पुरस्कारों का बढ़ता बाजार April 3, 2023 / April 3, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment पुरस्कारों के बढ़ते बाजार के में देने और लेने वाले दोनों की भूमिका है। देने वाले अपने आप खत्म हो जायेंगे अगर लेने वाले न बने। हमें किसी भी पुरस्कार के लिए पैसा देना पड़े तो समझ लीजिये वो पुरस्कार नहीं खरीद है। बात इतनी सी है। फिर हम और आगे क्यों बढे? एनजीओ रजिस्ट्रेशन […] Read more » पुरस्कारों का बढ़ता बाजार
लेख भगवान महावीर एक कालातीत संस्कृति April 3, 2023 / April 3, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment – : समणी स्वर्णप्रज्ञा :- भारतीय संस्कृति ऋषि और कृषि प्रधान संस्कृति रही है। समय-समय पर विभिन्न ऋषियों, मुनियों संन्यासियों और पैगम्बरों ने अवतार लेकर इस घरा को पुनीत एवं पावन बनाया। उसी परम्परा में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का नाम भी तेजस्वी सूर्य की तरह है, जिन्होंने अज्ञान रूपी अन्धकार को […] Read more » Lord Mahavir a timeless culture
कविता मै मन के भाव लिखता हूं April 3, 2023 / April 3, 2023 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मन में भाव आते हैं तो मै लिखता हूं।दिल में दर्द होता है तो मै लिखता हूं।।किसी का कुछ न लेता हूं न मै देता हूं।केवल अपने उदगारो को मैं लिखता हूं।। दीवार के सहारे खड़ा हूं तेरा क्या लेता हूं।केवल अपने दिल की तपिश बुझा लेता हूं।।तू प्यार का पानी पिला न पिला मुझको।अपने […] Read more » i write my feelings
कविता बचाए रखनी होगी कथा कहने व सुनने की परम्परा April 3, 2023 / April 3, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबचाए रखनी होगी कथा कहने व सुनने की परम्पराकहानी के मुख्य पात्र और सारे किरदार तो चले गएमगर कथा में बची है उनकी जीवंत व्यथा की कथा! अगर कोई जिंदा कौम भूल जाता कथा कहना सुनना,तो ये उनके पूर्वजों के प्रति एहसान फरामोशी ही होगीहो सकता धर्मग्रंथों में नहीं लिखा गया हो सारा […] Read more » The tradition of telling and listening to stories has to be preserved
लेख सार्थक पहल आत्मनिर्भरता से ही सशक्तिकरण संभव है April 3, 2023 / April 3, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment अर्चना किशोर छपरा, बिहार आजकल महिलाएं वह सब कुछ कर रही हैं जिस पर वर्षों से पुरुषों का एकाधिकार था. लेकिन कई ऐसे छोटे स्तर के काम भी हैं जो आमतौर पर महिलाओं द्वारा किए जाते रहे हैं और ये काम उन्हें पेशेवर और आत्मनिर्भर बनाते हैं. सिलाई और कढ़ाई एक ऐसा क्षेत्र है, जो ग्रामीण भारत […] Read more » Empowerment is possible only through self-reliance
कविता राम मेरे फिर आज हैं चोटिल April 3, 2023 / April 3, 2023 by ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव | Leave a Comment राम मेरे फिर आज हैं चोटिलफैके गए हैं पत्थर उन पररोक लो, इससे पहले किराम पर पत्थर फैंकनाएक रिवायत बन जाए,राम मेरे फिर आज हैं चोटिल मैं सनातानी हिंन्दू हूंहिन्दू होना, हिन्दुस्तान मेंगुनाह ए अजीम जैसे हो गया७० साल प्रतिक्षा के बाद, ये दिन आयायह राष्ट्रद्रोहियों को सहन हुआ नाराम मेरे फिर आज हैं चोटिल […] Read more » राम मेरे फिर आज हैं चोटिल
लेख उत्तराखंड के गांवों में सड़क की जर्जर हालत March 27, 2023 / March 27, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment ज्योति गोस्वामी/पिंकी अरमोली गरुड़, बागेश्वर उत्तराखंडआज़ादी के 75 बरस बीत चुके हैं. लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों के निवासी आज भी उन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं जिनके बिना जीवन की कल्पना एक डरावने स्वप्न सी प्रतीत होती है. उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक का गनीगांव और सुराग, ये ऐसे गांव हैं जहां आज तक लोगों को […] Read more » Dilapidated condition of roads in villages of Uttarakhand
कविता मानव वही जो मानव के शिक्षा स्वास्थ्य बसोबास की बात करे March 27, 2023 / March 27, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक आज डर के साये में जी रहा इंसानियत, आज सच कहने का छिन लिया गया हक, आज पीछे छूट गया है इंसान का ईमान, आज इंसानी वजूद से अहं रब की इबादत! आज धर्म मजहब के नाम पर लोग हो गए इतने आत्ममुग्ध कि तर्क वितर्क की हमारी परम्परा शिद्दत से […] Read more »
लेख इंसानों की नहीं पशुओं की अधिक चिंता ? March 27, 2023 / March 27, 2023 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री देश भर में बेलगाम आवारा पशुओं के कारण रोज़ाना सैकड़ों हादसे हो रहे हैं। कहीं सड़कों पर पशुओं की वाहनों से टक्कर के कारण बड़ी दुर्घटनायें हो रही हैं। कहीं बिगड़ैल सांड लोगों को अपने कोप […] Read more »
लेख सार्थक पहल भूकंप की तैयारी सिर्फ इमारतों के बारे में नहीं है। March 27, 2023 / March 27, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और अखबारों के जरिए आम लोगों के जान-माल को भूकंप से बचने के लिए सतर्क और सजग किया जा सकता है। भूकंप से जान-माल से बचाव न हो पाने की वजह यह भी है कि भूकंप आने का वक्त और अंतराल के बारे में वैज्ञानिक कुछ बता पाने की हालात में […] Read more » Earthquake preparedness isn't just about buildings.