पर्यावरण लेख पृथ्वी के अस्तित्व का आधार है पर्यावरण June 4, 2022 / June 4, 2022 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment प्रकृति व मानव एक दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति के बिना मानव की परिकल्पना नहीं की जा सकती। प्रकृति दो शब्दों से मिलकर बनी है – प्र और कृति। प्र अर्थात प्रकृष्टि (श्रेष्ठ/उत्तम) और कृति का अर्थ है रचना। ईश्वर की श्रेष्ठ रचना अर्थात सृष्टि। प्रकृति से सृष्टि का बोध होता है। प्रकृति अर्थात वह […] Read more » Environment is the basis of existence of earth पर्यावरण पृथ्वी के अस्तित्व का आधार पृथ्वी के अस्तित्व का आधार है पर्यावरण
कविता दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह सोढ़ी की गाथा June 2, 2022 / June 2, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायक जब देश धर्म खतरे में था, हिंदुत्व कर रहा था चीत्कार औरंगजेब ध्वस्त कर रहा था मठ मंदिर देवालय गुरु दरवार हिन्दुओं का कर रहा था धर्मांतरण या भीषण संहार! ऐसे ही संकट की घड़ी में सोढ़ी राय गुरु गोविन्द ने प्रभु राम की मर्यादा भक्त्ति, भगवान कृष्ण का गीता ज्ञान और सहस्त्रबाहु की ले तलवार, लिया था असिधर सिंह अवतार! एक संत,सिपाही, साहित्यकार बनकर, तीन पुश्त परपितामह गुरु अर्जुनदेव पिता गुरु तेग बहादुर माता गुजरी चार पुत्र अजित, जुझार, फतेह, जोरावर और स्वयं सर्वबंश की बली देकर देश-धर्म-जाति का किया था उद्धार! ये कथा है तबकी जब कश्मीरी हिन्दुओं पर औरंगजेब का सुनकर एक ऐसा फरमान “छः माह में मुस्लिम बन जा नहीं तो होगा कत्लेआम” नवम गुरु तेग बहादुर हुए परेशान ये जानकर कि देश धर्म को चाहिए किसी महान आत्मा का बलिदान! तब दशम गुरु बालक गोविंद ने अपने गुरु पिता को […] Read more » दशमेश पिता गुरु गोविंद सिंह सोढ़ी की गाथा
खेल जगत लेख रिंग की नई मलिका निकहत जरीन June 1, 2022 / June 1, 2022 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलभारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पिछले कुछ समय से अपने कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए लगातार सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। पिछले दिनों बैडमिंटन का दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ‘थॉमस कप’ जीतकर भारतीय बैडमिंटन खिलाडि़यों ने बैडमिंटन के नए युग की शुरूआत का मार्ग प्रशस्त किया था और […] Read more » Nikhat Zareen the new owner of the ring nikhat zareen निकहत जरीन
कविता राम कृष्ण बुद्ध जिन दस गुरुओं के दरबार एक June 1, 2022 / June 1, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकबुद्ध का मत, वैदिक धर्म में सुधार था,बौद्ध कोई अलग धर्म नहीं, विचार था,बुद्ध राम कृष्ण का अगला अवतार था,बुद्ध-महावीर,राम-कृष्ण का विस्तार था! बुद्ध ने वही किए जो राम कृष्ण ने किए,राम ने वेद विकृतिकर्ता रावण संहार दिए,कृष्ण ने पशुबलिग्राही इन्द्र पूजा बार दिए,तीर्थंकर नेमीपंथी कृष्ण ने गौ उद्धार किए! बुद्ध ने राम […] Read more » Rama Krishna Buddha whose court is one of the ten gurus राम कृष्ण बुद्ध जिन दस गुरुओं के दरबार एक
लेख समाज सार्थक पहल बिजनेस में अपनी पहचान बनाती घरेलू महिलाएं June 1, 2022 / June 1, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सौम्या ज्योत्सनामुजफ्फरपुर, बिहार अक्सर यह माना जाता है कि शादी के बाद महिलाओं का करियर समाप्त हो जाता है क्योंकि घर और बच्चों से उसे फुर्सत ही नहीं मिलेगी कि वह अपने सपनों को पूरा करने के बारे में सोचे. लेकिन जैसे जैसे वक़्त बदल रहा है यह धारणा गलत साबित होती जा रही है. […] Read more » Domestic women making their mark in business बिजनेस में अपनी पहचान बनाती घरेलू महिलाएं
कविता पैरो की है हम असली ढाल May 31, 2022 / May 31, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पैरो की है हम असली ढाल,उनकी रखते हम रखवाल।चलते चलते हम घिस जाते,तब भी हम साथ निभाते।। हमको सब बाहर छोड़ जाते,अंदर वालो को तकते रहते।खुद ड्राइंग रूम में बैठ जाते,हमको दरवाजे पर छोड़ जाते।। मार पिटाई जब कभी होती,हमारी सहायता सब है लेते।फिर क्यों करते हमारा अपमानमनुष्य से ज्यादा क्या हम शैतान ? जब […] Read more » We are the real shield of feet पैरो की है हम असली ढाल
लेख साहित्य जीवन में अमृत है पानी : जल है तो कल है May 31, 2022 / May 31, 2022 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीयमनुष्य का शरीर पंचभूत से निर्मित है। पंचभूत में पांच तत्त्व आकाश, वायु, अग्नि, जल एवं पृथ्वी सम्मिलित है।सभी प्राणियों के लिए जल अति आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी को जीवित रहने के लिए जल चाहिए। नि:संदेह जल ही जीवन है। जल के बिना जीवन की कल्पना करना असंभव है। जल के पश्चात मनुष्य […] Read more » if there is water then there is tomorrow Water is nectar in life जल है तो कल है जीवन में अमृत है पानी
लेख नशे की अंधी गलियों में गुम होता जीवन May 31, 2022 / May 31, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व धूम्रपान निषेध दिवस -31 मई 2022– ललित गर्ग – बेशक 31 मई 2022 को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस मनाया जा रहा है मगर ऐसे दिवस को मनाने की उपयोगिता तभी है जब नशे की अंधी गलियों में भटक चुके युवाओं को बाहर निकालना विश्व की हर सरकार का नैतिक एवं प्राथमिक कर्तव्य हो, क्योंकि […] Read more » Life lost in the dark streets of intoxication नशे की अंधी गलियों में गुम होता जीवन विश्व धूम्रपान निषेध दिवस
धर्म-अध्यात्म लेख मनुष्य की सम्पूर्ण उन्नति का आधार अविद्या नाश और विद्या की वृद्धि May 31, 2022 / May 31, 2022 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment -मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य के जीवन के दो यथार्थ हैं पहला कि उसका जन्म हुआ है और दूसरा कि उसकी मृत्यु अवश्य होगी। मनुष्य को जन्म कौन देता है? इसका सरल उत्तर यह है कि माता-पिता मनुष्य को जन्म देते हैं। यह उत्तर सत्य है परन्तु अपूर्ण भी है। माता-पिता तभी जन्म देते हैं जबकि ईश्वर […] Read more » The basis of all human progress is the destruction of ignorance and the growth of knowledge. मनुष्य की सम्पूर्ण उन्नति का आधार अविद्या नाश और विद्या की वृद्धि
कविता करते है प्यार कितना,ये बता सकते नहीं हम। May 31, 2022 / May 31, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment करते है प्यार कितना,ये बता सकते नहीं हम।दिल में जो बसा है,उसे हटा सकते नहीं हम।। सांसों में बसे हो तुम,धड़कनों में बसो हो तुम।तेरी चाहत को कभी मिटा सकते नहीं हम।। प्यासी हूं कब से मै,अब तो आ जाओ सनम।मेरी प्यास को कोई बुझा सकता नहीं सनम।। न मर सकते है,न जी सकते है […] Read more » How much we love we cannot tell. करते है प्यार कितना ये बता सकते नहीं हम।
लेख भारत आर्य अनार्य द्रविडों का है मगर आक्रांताओं का नहीं है May 31, 2022 / May 31, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकसुनो संतों! भारत आर्य अनार्य द्रविडों का देश है,मगर इस्लामी आक्रांता महमूद गजनवी, गोरी केगुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद, लोदी, मुगलवंशीबर्बर तुर्क बाबर,औरंगजेब और अंग्रेजों का नहीं है! भारत में आर्य अनार्य अलग कोई जाति नहीं थी,बल्कि आर्य एक उपाधि रही है श्रेष्ठ महाजनों की,ब्राह्मण रावण अनार्य,पर अनुज विभीषण आर्य थे,क्षत्रिय कृष्ण आर्य,पर मामा […] Read more » Dravidians but not of invaders. India belongs to Aryans non-Aryans भारत आर्य अनार्य द्रविडों का है मगर आक्रांताओं का नहीं है
कविता ले लो दुवाये अपने मां बाप की May 31, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ले लो दुवाये अपने मां बाप की,इससे बड़ी दौलत न है आप की।जो जीवन में इससे बंछित हो पाया,उसने जीवन में कभी सुख न पाया।। जैसा बोओगे,वैसा ही तुम काटोगे,बोए पेड़ बबूल के आम कैसे खाओगे।प्रकृति का यह नियम चला आया है,इसको कोई भी झूठा कर न पाया है।। जो अपने मां बाप को दुःख […] Read more »