कविता मरते दम तक तुम याद आओगे मुझको October 20, 2021 / October 20, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment वादा किया था मेरे ख्वाबों में आया करो।इस तरह से मुझे तुम कभी न सताया करो।फुर्सत नही थी तुम मुझे साफ मना कर देते।मेरे जख्मों पर नमक इस तरह लगाया न करो।। वादा करके जल्दी ही तुम मुकर जाते हो।पता नही मुझे तुम अब किधर जाते हो।क्या कोई दूसरा घर देख लिया है तुमने।मुझे बर्बाद […] Read more » मरते दम तक तुम याद आओगे मुझको
लेख दीपावली की रात लोग जुआ क्यों खेलते हैं ? October 20, 2021 / October 20, 2021 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव दुनिया में देखा गया है कि लोग अक्सर मुकद्दर आजमाने के लिए जुआ खेलते है ,सट्टा खेलते है लाटरी खेलते है तो कुछ घुड़दौड़ या निरीह जानवरों की प्रतिस्पर्धा कराते है लेकिन ये सभी बुराईया सिवाय धन बर्बादी ओर अपना सब कुछ हारने का सबाव बंता है पर कोई लखपति […] Read more » Why do people gamble on Diwali night? दिवाली दीपावली की रात जुआ दीपावली की रात लोग जुआ क्यों खेलते हैं
लेख समाज आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है October 19, 2021 / October 19, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment हरीश कुमार पुंछ, जम्मू शायद ही ऐसा कोई दिन गुज़रता होगा, जब समाचारपत्र में किसी के आत्महत्या की खबर नहीं छपती है. कई बार छोटी छोटी मुश्किलों का मुकाबला करने की जगह उससे घबराकर लोग आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम उठा ले रहे हैं. परीक्षा में तनाव हो या घर में झगड़ा, व्यापार में घाटा हो जाए या फिर […] Read more » Suicide is not the solution to the problem आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं
कविता मनुष्य क्यों इतना अधिक हिंसक होता है? October 17, 2021 / October 17, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमनुष्य क्यों इतना अधिक हिंसक होता है?आजीवन मनुष्य के मनुष्य बने होने पर भी,मनुष्य को इतना अधिक क्यों शक होता है? मानव, मानव के बीच मतभेद, धर्मभेद होता है,सांप्रदायिक और वैचारिक अंतर बेशक होता हैं,पर यहां किसे जान से मारने का हक होता है? मनुष्य मनुष्य के साथ सृष्टि के आरम्भ से ही,किसी […] Read more » Why are humans so violent मनुष्य क्यों इतना अधिक हिंसक होता है
कविता ब्राह्मण चाहेगा तभी हिन्दुओं में छुआछूत जातिभेद मिट पाएगा October 17, 2021 / October 17, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहिन्दू धर्म में एकता कैसे होकोई निदान ब्राह्मण ही बता सकता! ब्राह्मण वर्ण वो कहलातेजिन्होंने विद्या-बुद्धि से काम लिया! क्षत्रिय राजपूत उसे कहतेजिन्होंने हाथ में डंडा को थाम लिया! वैश्य कृषक वे कहलातेजिन्होंने डंडा को ही डंडी बना दिया! शूद्र उन लोगों को कहतेजिन्होंने हुनरबाजी को पहचान दिया! ये तो तब की बात […] Read more » Untouchable caste discrimination among Hindus will be eradicated only if Brahmins want it. ब्राह्मण चाहेगा तभी हिन्दुओं में छुआछूत जातिभेद मिट पाएगा
राजनीति लेख तपोनिष्ठ स्वयंसेवक अमीर चंद : जिन्होंने पूर्वोत्तर की कला-संस्कृति से कराया परिचित October 17, 2021 / October 17, 2021 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी अरुणाचल प्रदेश के इटानगर से खबर आई कि ‘संस्कार भारती’ के अखिल भारतीय महामंत्री अमीरचंद का निधन हो गया। समाचार सुनने के बाद से जैसे लगा भारत ने संवेदनशील भारतीय कला, साहित्य और दर्शन के लिए समर्पित एक व्यक्ति नहीं खोया बल्कि पूर्व की कलाओं को लेकर उत्तर, पश्चिम और दक्षिण के […] Read more » Taponish Swayamsevak Amir Chand संस्कार भारती के अखिल भारतीय महामंत्री अमीरचंद स्वयंसेवक अमीर चंद
कविता मत कर नारी जाति का अपमान October 16, 2021 / October 16, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमत कर नारी जाति का अपमान,नारी मां, बहन और पुत्री समान! नारी का सब रुप परम पवित्र है,नारी है देवी-देवता और भगवान! मत कर अत्याचार नारी पर बंदे,नारी देती है नर को जीवनदान! नारी के हर रुप में सभी रुप है,नारी देवी, जीवनसाथी धर्मप्राण! नारी से ये जग उजियारा लगते,बिना नारी अस्तित्वहीन इंसान! […] Read more » मत कर नारी जाति का अपमान
लेख युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत कर रहा है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ October 15, 2021 / October 15, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment विजया दशमी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस पर विशेष आलेख इतिहास गवाह है – भारत में दूध की नदियां बहती थीं, भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, भारत का आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पूरे विश्व में बोलबाला था, भारतीय सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग सुदूर […] Read more » Rashtriya Swayamsevak Sangh is awakening the spirit of nation building among the youth राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस विजया दशमी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस विजया दशमी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस पर विशेष आलेख
लेख सावरकर रूपी उजालों पर कालिख पोतने की कोशिशंे October 15, 2021 / October 15, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय महुरकर और चिरायु पंडित द्वारा लिखित पुस्तक ’वीर सवारकर; दी मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टीशन’ के विमोचन समारोह मंें प्रकट हुये विचारों को लेकर न केवल विवाद छिड़ा हुआ है बल्कि सावरकर रूपी उजाले पर कालिख पोतने की कोशिश बुद्धि के […] Read more » light of Savarkar सावरकर रूपी उजालों पर कालिख
लेख सुरक्षित भोजन और सुनहरा भविष्य October 15, 2021 / October 15, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ.शंकर सुवन सिंह विश्व भर में,हर वर्ष 60 करोड़ लोग अस्वच्छ और असुरक्षित भोजन के सेवन से बीमारी का शिकार होते हैं और चार लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। स्वच्छ एवँ सुरक्षित भोजन,बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और भुखमरी का अन्त करने के लिये अहम है। हम जो भोजन चुनते हैं और […] Read more » खाद्य सुरक्षा सुरक्षित भोजन
लेख शख्सियत ब्रजसाहित्य में देव ग्रंथावली के रचनाकार एक समर्थ महाकवि देव October 15, 2021 / October 20, 2021 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव प्रातिभ ज्ञान के परम चरम शिखर पर आरूढ़ होकर हिन्दी साहित्य ओर ब्रजभाषा में अनेक मनीषिओ ने प्रेम, भक्तिचर्या एवं आध्यात्मतत्व का विहंगावलोकन किया ओर प्रज्ञा के स्पर्श से परिमार्जित होकर अपनी अनंत अनुभूति को हमारे समक्ष प्रगट किया है जिनमें “”गागर में सागर”” भरने वाले उन मनीषिओ मे एक […] Read more » a capable great poet Dev In Braj Sahitya the author of Dev Granthavali देव ग्रंथावली
लेख समाज स्वस्थ सोच को सच बनाने का अभियान October 15, 2021 / October 15, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-आजादी के अमृत महोत्सव मनाते हुए हमारे देश, समाज और मनुष्यता तीनों के सामने ही प्रश्नचिन्ह खड़े हैं। किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास में विचार एवं सृजनात्मक लेखन की महत्वपूर्ण भूमिका है। विचार एवं लेखन ही वह सेतु है, जो व्यक्ति-चेतना और समूह चेतना को वैश्विक, राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक […] Read more » Campaign to make healthy thinking a reality healthy thinking a reality स्वस्थ सोच को सच बनाने का अभियान