कविता परमेश्वर के पर्याय की आपसी तकरार है March 11, 2021 / March 11, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायककभी किसी ने सच कहा होगाजन-जन,कण-कण मेंपरम पिता परमेश्वर बसते हैं! पर आज कहना बेकार हैआज तो आतंकवाद कापरमेश्वर ही पहला शिकार है! अपने ही पर्यायों से परास्तन जाने कैसे होते गए ईश्वरकि परमेश्वर का जीना दुश्वार है! मंदिर में श्रीराम का शरभगवान शंकर का त्रिशूलश्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्रमाता दुर्गा का हिंसक शेरबजरंगबली […] Read more » there-is-a-quarrel-on-synonyms-of-god परमेश्वर के पर्याय की आपसी तकरार है
कविता हिंद स्वराज जन्म पुनर्जन्म के बीच कर्मफल भोगते अकेले हिन्दू March 10, 2021 / March 10, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकहिन्दू होनाजीवन की पहलीऔर आखिरीसच्चाई हो सकतीबीच में गीता को छूकरकोर्ट में गवाहीदेने जैसी स्थिति! सदियों से गीता सेपहले गीतों की घूंटी मेंपिलाती रही मांमां की मां/पिता की मां‘सत्यं ब्रूयात्प्रियं,ब्रूयान्नब्रूयात्सत्यमप्रियम्…’ कीआचरण संहिताजीवन को बचाने के लिएआवश्यक है कुछ झूठ,मगर उससे अधिक जरूरी हैमरे का पोस्टमार्टम भीताकि हो ना जाए झूठ सच पर हावी! […] Read more » जन्म पुनर्जन्म के बीच कर्मफल भोगते अकेले हिन्दू
कविता पुरुष दिवस क्यों नहीं मनाते ? March 10, 2021 / March 10, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मना लिया है महिला दिवस सबनेपुरुष दिवस क्यों नहीं मनाते हो ?महिलाओं को देदी है आजादी,पुरुषों को क्यों गुलाम बनाते हो ? माना नारी चूल्हे में जलती है,पर पुरुष भी धूप में जलता है।मिली है जब आजादी नारी को,तो पुरुष क्यों सबको खलता है।। आठ मार्च महिला दिवस निश्चित है,पुरुष दिवस भी निश्चित होता।अच्छा तो […] Read more » पुरुष दिवस क्यों नहीं मनाते ?
लेख मशरूम की खेती से रोजगार सृजन करती ग्रामीण महिलाएं March 10, 2021 / March 10, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment जूही स्मिता पटना, बिहार केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सभी लोकल को वोकल बनाने पर बल दिया जा रहा है। साथ ही हर तरफ आत्मनिर्भर भारत अभियान की चर्चा हो रही है ताकि लोग न केवल स्वयं रोजगार सृजन कर सकें बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकें। इसके लिए महिलाओं को भी अधिक से अधिक जोड़ने पर […] Read more » Rural women creating jobs with mushroom cultivation मशरूम की खेती
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार शिवत्व की प्रतिष्ठा में ही विश्व मानव का कल्याण संभव है March 10, 2021 / March 10, 2021 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment Read more » shivaratri शिव शिवत्व की प्रतिष्ठा
कविता महिला-जगत तुम पूछते हो मैं कौन हूं…. March 10, 2021 / March 10, 2021 by सुशील कुमार नवीन | Leave a Comment मैं अर्पण हूं,समर्पण हूं, श्रद्धा हूं,विश्वास हूं। जीवन का आधार, प्रीत का पारावार, प्रेम की पराकाष्ठा, वात्सल्य की बहार हूं। तुम पूछते हो मैं कौन हूं? मैं ही मंदिर, देवप्रतिमा। मैं ही अरुण, अरुणिमा। मैं ही रक्त, रक्तिमा। मैं ही गर्व ,गरिमा। मैं ही सरस्वती, ज्ञानवती मैं ही बलवती, भगवती मैं ही गौरी, मैं ही […] Read more » You ask who I am….
लेख हिंद स्वराज भारत का ब्रह्मास्त्र है ध्रुवास्त्र मिसाइल March 8, 2021 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment योगेश कुमार गोयलदुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूद करने में सबसे कारगर मानी जाने वाली स्वदेश निर्मित टैंक रोधी मिसाइल हेलिना के नवीनतम संस्करण ‘ध्रुवास्त्र’ का राजस्थान में पोखरण फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना द्वारा गत दिनों सफल परीक्षण किया गया। मिसाइल की न्यूनतम और अधिकतम क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए पांच परीक्षण किए गए […] Read more » Dhruvastra missile is India's brahmastra ध्रुवास्त्र मिसाइल
कविता महिला दिवस March 8, 2021 / March 8, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment महिला दिवस आज है,सुनो पवन कुमार।बल बुद्धि विद्या ये देवे,हरे क्लेश विकार।। महिलाओं ने किया है,तीनों लोको मे नाम उजागर।इन्हीं के कारण से पार होता सब का ये भवसागर।। महिलाओं ने बनाए हैं विश्व में अनेकों कीर्तिमान।उनको मिलते रहते है,विश्व में अनेकों ही सम्मान।। महिलाए नहीं होती ये पुरुष भी कभी न होता।इस सृष्टि मे […] Read more » womens day महिला दिवस
महिला-जगत लेख राष्ट्र के विकास की धरोहर हैं महिलाएं March 8, 2021 / March 8, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment प्रेम का प्रतीक है नारी। धैर्य,त्याग,सर्मपण और लज्जा का दूसरा नाम ही नारी है।नारी सम (अच्छी) परिस्थितियों में कोमल है तो वहीँ विषम परिस्थितियों में शक्तिस्वरूपा भी हैं।नारी सीता,गायत्री,सरस्वती,लक्ष्मी,देवी स्वरूपा है तो वहीँ काली देवी और दुर्गा देवी स्वरूपा भी है। नारीत्व में तन,मन,धन तीनो का समावेश है|राष्ट्र का अभिमान है “नारी”। राष्ट्र की शान […] Read more » mahila diwas Women are the heritage of the development of the nation women empowerment
महिला-जगत लेख कोविड -19 की दुनिया में महिलाओं का नेतृत्व व भविष्य March 8, 2021 / March 8, 2021 by अमिता सिंह | Leave a Comment महिला सशक्तिकरण से तात्पर्य है समाज में महिलाओं के वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना अर्थात महिलाओं का शक्तिशाली होना। महिलाएं शक्तिशाली होंगी तो वह अपने जीवन से जुड़े प्रत्येक फैसले स्वयं ले सकती है। ऐसी महिलाएं परिवार और समाज को विकास की राह पर ले जाती हैं।महिलाओं को दिए गए […] Read more » women empowerment women role during pandemic
लेख समाज रोज़गार की ख़ातिर फिर पलायन को मजबूर March 8, 2021 / March 8, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment लीलाधर निर्मलकर भानुप्रतापपुर, छत्तीसगढ़ कोरोना संकट में पहले लाॅकडाउन और फिर हुए अनलाॅक के बाद से देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। शहरों के साथ-साथ देश के ग्रामीण इलाकों में भी लोग पुरानी दिनचर्या में वापस लौट आए हैं। लेकिन इन सब में सबसे अधिक मज़दूर तबका ही ऐसा प्रभावित हुआ है, […] Read more » Forced to flee again for the sake of employment पलायन को मजबूर
कविता शब्दों के बदलते अर्थ March 8, 2021 / March 8, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment –विनय कुमार विनायकयुग-युग से शब्दों के अर्थबदलते/उलटते/पलटते रहे हैंप्रजातंत्र के युग मेंयाचक का अर्थ दानी होताऔर दानी का अर्थ याचकआज याचक प्रजा एकमुश्तसर्वाधिकार/मताधिकार दानकरकिस्त-दर-किस्त कुछ पाने कीचाह में टकटकी लगाए रहती!दानी सर्वस्व पाकर आंखें मूंद लेता!आवर्ती दर पर आंखें खोलकरपुनः टकटकी लगाता सर्वाधिकार पाने,पुनः-पुनः अपना भाग्य आजमानेएक की टकटकी लगी की लगी रह जातीदूसरे की […] Read more » शब्दों के बदलते अर्थ