कविता कल तक जो हिन्दू थे आज विधर्मी हो गए June 18, 2021 / June 18, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकपरिस्थितिजैसे बना देती है,वैसा ही, हो जाता है आदमी,कलतक जोहिन्दूधर्मीथे,आजविधर्मीहो गए आदमी! जिनके पूर्वजों ने ढेर दुख सहे,मूल धर्मकोत्यागनेके पहले,आतंकऔरअत्याचार भी सहे,परसबकैसे भूलगए आदमी? कितने लोग बलिदान हो गए,स्वधर्म व वंशको बचाने में,गर्दन कट गई, उफनहीं कहे,उनकेवंशज कैसेहुएआदमी? कल तकजोक्रूर आक्रांता था,वर्तमान मेंवही आदर्श हो गए,अपनीपूर्वजा माता, बहन, बेटी,कैसे भूल गए आज के […] Read more »
लेख महारानी लक्ष्मीबाई वीरगति दिवस June 18, 2021 / June 18, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment के साथ छोड़ गई थी अपनी अमिट छाप देश पर प्राण न्योछावर करने का जज्बा और प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ने का अद्भुत हौसला।अपनी वीरगति के साथ ही दे गई थी एक देदीप्यमान सबक ,देश, समाज और भारतीय जन के लिए और देश पर मर मिटने का सबक। कुछ लोग महारानी पर आरोप लगाते हैं कि […] Read more » Maharani Laxmibai Veergati Diwas महारानी लक्ष्मीबाई वीरगति दिवस
कविता बच्चों का पन्ना वीर बहादुर बनाना June 16, 2021 / June 16, 2021 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment साँझ समय उस दिन बाजार में,हुआ अचानक हमला |इस हमले को देख सहम गए ,राजू विमला कमला | मुँह ढांके काले कपड़े से ,दिखे कई आतंकी |दाग रहे थे तड़ -तड़ गोली ,ये पागल से सनकी | भगदड़ मची लोग थे घायल ,इधर -उधर को भागे |कुछ ने जान बचा ली अपनी ,कुछ मर गए […] Read more » वीर बहादुर बनाना
कविता मानव की मौलिक प्रवृत्ति है June 16, 2021 / June 16, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमानवकी मौलिक प्रवृत्ति हैअपनीगुनाहव सजा के लिएदूसरे को कसूरवारठहराना! जबकि हरेकशख्सपाता है, अपनी कृतगुनाह की सजा! मानव की मौलिकप्रवृत्ति है,गलत तरीके से प्राप्त लाभकोनिरंतर बरकरार रखना! औरगलत लाभपरअंकुशजोलगाएउसेगलत कहना! मानव कीमौलिक प्रवृत्ति हैप्रशंसा के नाकाबिल होनेपर भीअपनी प्रशंसा से खुश होना! यथा स्थिति जो बयान करे,उससेतुरंतही नाराज़ होना! मानव की मौलिक प्रवृत्ति हैजो […] Read more » मानव की मौलिक प्रवृत्ति है
लेख बढ़ता मरुस्थल गंभीर पर्यावरणीय संकट June 16, 2021 / June 16, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment अन्तर्राष्ट्रीय रेगिस्तान एवं सूखा रोकथाम दिवस-17 जून, 2021 ललित गर्ग- विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस (डब्ल्यूडीसीडी) वर्ष 1995 से प्रतिवर्ष 17 जून को मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उपजाऊ भूमि को मरुस्थल होने से बचाना, बंजर और सूखे के प्रभाव का मुकाबला करना और दसके लिये जन जागरुकता को बढ़ावा देना है। […] Read more » Growing desert Growing desert serious environmental crisis बढ़ता मरुस्थल गंभीर पर्यावरणीय संकट
कविता सबका खून होता एक समान June 16, 2021 / June 16, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकऐसाथापैगम्बरकाकहना,मानवमात्रसभीभाईहैंसबभाई-भाईबनकररहना! राजारंकफकीरऔरमुल्ला,सबसेउपरएकहीअल्लाह‘लाइलाहइल्लल्लाह—‘या‘एकोब्रह्मदूजानास्ति—‘ उस एकईश्वर अल्लाह के सिवाइबादतकोऔरनहींकोईदूजा! फिरअबकौनयहांकठमुल्ला,इंसान-इंसानमेंभेदकरानेकीसाजिशकरताखुल्लम-खुल्ला? क्याहिन्दू! क्यामुसलमान!सबकाखूनहोताएकसमान! चाहेहोउनकानिवास स्थान,इंडोनेशिया,मेसोपोटामियाइराक,ईरान,पाक,बांगलाऔरअफगानिस्तान,सारेआर्यावर्तकेहिस्सेविशालभारत/बृहत्तरहिन्दुस्तान! इराक-आर्याक-मेसोपोटामिया थाआर्यों काअपनाउपनिवेशस्थल, ईरान-आर्यानयाकिपर्सियाथाआर्य जाति कामूल निवासस्थानपारसी-ईरानीथेअग्नि केपूजकगायत्रीमंत्रोच्चारकचंद्रवंशीसंतान! यहींदेव भूमि,ऋग्वेदकीप्रसवस्थली,यहींस्वर्गथा/यहींदेवोंकाइन्द्रासन,यहींचन्द्रवंशीनृप ययातिनेलड़ा थाप्रसिद्धहोलीवारआफखोरासान! आजवेस्ताएजिन्द/वेदकेछंदकेपाठकभलेपढ़नेलगेकुरान,किन्तुचन्द्रदेव वविष्णुवाहनगरुड़कावेकरतेहैंसम्मान! इंडोनेशियाईमुसलमानकरतेपूर्वजों का सम्मान,आजभीरखतेअपने आर्य पूर्वजों सा नाम!संस्कृतशब्दसुकर्णो,सुहार्तो,मेघावतीजैसे! मस्जिदमेंरामायणकीचौपाईकेसाथखुदेहोतेशरा-ए-कुरान! बांग्लादेशऔरपाकिस्तान,कलकेहिन्दुस्तान!कलकेहिन्दूकेबच्चे,आजबनगएखान!सिवानापाकइरादोंकेउनकीनहीं कोईपहचान? मजहबबदलजातातोक्यारक्तरिश्तेदारीभीबदलजाती?आजकाअफगानिस्तानक्याआर्यावर्तकागांधारप्रांतनहींथा? गांधारकीबेटी गांधारीकारक्तक्याकौरववीरोंमेंनहींबहाथा?फिरक्योंनकारतेहोपूर्वजोंको! जुड़केदेखोभारतमां कीमिट्टीसेराम-कृष्ण-गौतम-नानकसबकेसाझे,सिर्फहमारानहींतुम्हाराभीअपना! Read more » सबका खून होता एक समान
लेख कोरोना काल में मनोरोगियों की बढ़ती संख्या और भारत का सीमित मानसिक स्वास्थ्य ढांचा June 16, 2021 / June 16, 2021 by प्रो. रसाल सिंह | Leave a Comment -प्रो. रसाल सिंहदुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला टेनिस खिलाड़ियों में से एक जापानी मूल की नाओमी ओसाका के एक निर्णय ने विश्व समुदाय का ध्यान मानसिक रोगों की व्यापकता की ओर खींचा हैI उन्होंने अत्यंत प्रतिष्ठित फ्रेंच ओपन टेनिस प्रतियोगिता से हटने का निर्णय करके सबको चौंका दिया हैI नाओमी ने यह बड़ा निर्णय किसी शारीरिक […] Read more » increasing number of psychopaths in the corona period भारत का सीमित मानसिक स्वास्थ्य ढांचा
लेख साक्षात्कार संत शिरोमणि कबीर सर्वधर्म सद्भाव के प्रतीक थे June 15, 2021 / June 15, 2021 by ललित गर्ग | 1 Comment on संत शिरोमणि कबीर सर्वधर्म सद्भाव के प्रतीक थे संत कबीर जन्म जयन्ती- 15 जून, 2021 के उपलक्ष्य मेंललित गर्ग संत कबीर भारतीय संत परम्परा के महान् हस्ताक्षर, समाज-सुधारक हंै। उनका जन्म ऐसे समय में हुआ, जब भारतीय समाज और धर्म का स्वरूप रूढ़ियों एवं आडम्बरों में जकड़ा एवं अधंकारमय था। एक तरफ मुसलमान शासकों की धर्मांधता से जनता त्राहि-त्राहि कर रही थी और […] Read more » harmony of all religions Sant Shiromani Kabir संत शिरोमणि कबीर
लेख लॉकडाउन की मुसीबत झेलते सब्जी किसान June 15, 2021 / June 15, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment राजेंद्र बंधु इंदौर, मप्र देश में कोरोना संक्रमण की दर लगातार कम होने के बाद भले ही हालात सुधर रहे हों और राज्य धीरे धीरे अनलॉक की तरफ बढ़ रहे हैं, लेकिन इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान झेलनी पड़ी है। हालांकि मीडिया में उद्योग जगत के नुकसान की चर्चा हो रही है। […] Read more » Vegetable farmers facing the trouble of lockdown मुसीबत झेलते सब्जी किसान लॉकडाउन की मुसीबत
लेख राजा श्री दाहिरसेन जी की अनुकरणीय देश भक्ति June 15, 2021 / June 15, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment सिंधुपति राजा श्री दाहिरसेन जी के बलिदान दिवस दिनांक 16 जून 2021 पर विशेष आज के बलोचिस्तान, ईरान, कराची और पूरे सिन्धु इलाके के राजा थे श्री दाहिरसेन जी।आपका जन्म 663 ईसवी में हुआ था और 20 जून 712 ईसवी को इस महान भारत भूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने बलिदान दे दिया था। भारत […] Read more » Exemplary patriotism of Raja Shri Dahirsen ji राजा श्री दाहिरसेन जी
कविता मैं देह नहीं हूंमैं देह से परे हूं June 15, 2021 / June 15, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमैं देह नहीं हूं, मैं देह से परेहूं,मैं अंगनहीं,मैंअंगको धरे हूं,मैं नेह,मैं स्नेह,मैं विशेषण हूं,मैं देह काअंग,कदापिनहीं हूं, मैं दिल नहीं हूं, मैं दिलवर हूं!मैं ह्रदय नहींहूं,मैंसुह्रदवर हूं! मैंहाथ नहींहूं,किन्तुहाथ मेरा,मैंकाननहीहूं,किन्तुकान मेरा,मैंआंखनहीं हूं,पर आंखमेरा! मैं पैर नहीं हूं,मैंवैर नहीं हूं,मैं वैर,सुलह,सफाई से परे हूं!ये सबकुछ दैहिक धर्म होते हैं! मैं देह से हटकर,देह […] Read more » मैं देह नहीं हूंमैं देह से परे हूं
मनोरंजन मीडिया लेख ‘स्वदेश कुल’ की वैचारिक पत्रकारिता के ‘कुलपति’ हैं राजेंद्र शर्मा June 15, 2021 / June 15, 2021 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment 75 वीं वर्षगांठ (18 जून) पर विशेष पत्रकारिता की उजली परंपरा के वाहक -प्रो.संजय द्विवेदी विचारधारा के प्रति अविचल आस्थाः ‘स्वदेश’ की विस्तार यात्रा के सारथीः श्री राजेंद्र शर्मा का पिंड पत्रकार का है,लेखक का है , संपादक का है। बावजूद इसके वे चुनौतियों से भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। एक सफल संपादक के नाते ग्वालियर में […] Read more » ideological journalism राजेंद्र शर्मा स्वदेश कुल