लेख समाज डिजिटल दौर में पाठकों का सूखता संसार May 22, 2026 / May 22, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment वास्तव में आज साहित्य के क्षेत्र में रचनाकारों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर दिन हजारों कविताएँ, लेख, कहानियाँ और विचार सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं। Read more » The drying world of readers in the digital age डिजिटल दौर में पाठकों का सूखता संसार
लेख हर नए घर के साथ बढ़ रहा कार्बन संकट May 21, 2026 / May 21, 2026 by निशान्त | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम यानी United Nations Environment Programme और Global Alliance for Buildings and Construction की नई रिपोर्ट Global Status Report for Buildings and Construction 2025-2026 Read more » कार्बन संकट
लेख तपती कक्षाएँ और संवेदनहीन व्यवस्था May 21, 2026 / May 21, 2026 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment तपती कक्षाएँ Read more » तपती कक्षाएँ
कविता चाहा उन्हें समुद्र दें, वे निकले बदहाल। May 21, 2026 / May 21, 2026 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment चाहा उन्हें समुद्र दें Read more » चाहा उन्हें समुद्र दें
लेख मधुमक्खियां, मानव और प्रकृति : साझी जिम्मेदारी May 21, 2026 / May 21, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment विश्व मधुमक्खी दिवस Read more » विश्व मधुमक्खी दिवस
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान, भाग – 15 क May 20, 2026 / May 30, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment स्वानि कर्माणि कुर्वाणा दूरे सन्तोऽपि मानवा:। प्रिया भवन्ति लोकस्य स्वे स्वे कर्मण्यवस्थिताः।। Read more » मनुस्मृति और भारतीय संविधान
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारतीय संविधान – भाग – 14 May 19, 2026 / May 30, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment महर्षि मनु ने कहा है कि राजा को ऐसे उत्तम वैदिक शिक्षक और विद्वानों के मार्गदर्शन और मर्यादा में रहकर ही अपने सारे कार्य करने चाहिए। कई लोगों ने इस प्रकार की व्यवस्थाओं को ब्राह्मणवाद कहकर उनकी आलोचना की है। Read more » Manusmriti and the Indian Constitution मनुस्मृति और भारतीय संविधान
लेख स्वास्थ्य-योग दवा के नाम पर मौत, इलाज के नाम पर भय कब तक? May 19, 2026 / May 19, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment भारत आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत Read more » How long will there be death in the name of medicine and fear in the name of treatment दवा के नाम पर मौत
आलोचना ट्रंप की चीन यात्रा: बड़े बे आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले May 18, 2026 / May 18, 2026 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment ट्रंप और जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई एक उच्च‑स्तरीय बैठक के दौरान घटी एक असामान्य घटना ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी तरफ़ खींचा। बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अपने स्थान से उठने के बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग के पास रखी उनकी व्यक्तिगत “डायरी” के पन्ने पलट कर चुपके से झांकने की कोशिश की। Read more » ट्रंप की चीन यात्रा
लेख सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा में संग्रहालयों की नई चुनौतियां May 18, 2026 / May 18, 2026 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment इस साल यानी कि वर्ष 2026 में इस दिवस की थीम -'विभाजित दुनिया को जोड़ते संग्रहालय।' रखी गई है।यह थीम संग्रहालयों की उस भूमिका पर केंद्रित है, जिसके माध्यम से वे समाज में संवाद, समावेश और शांति स्थापित करते हैं।बहरहाल, यदि हम यहां पर संग्रहालयों से संबंधित आंकड़ों की बात Read more » अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
लेख शख्सियत समाज नदी और पहाड़ बचाने से जल, जलवायु और भविष्य को सुरक्षित रहेंगे May 18, 2026 / May 18, 2026 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment राजेंद्र सिंह सूखी नदियों को जीवन देने वाले और रेगिस्तान में पानी का जादू बिखेरने वाले 'जल पुरुष' के रूप में विख्यात हैं। उनका स्पष्ट रुप से मानना है कि-"धरती की प्यास तभी बुझेगी और मानवता तभी बचेगी, Read more » magic of water in the desert Rajendra Singh the 'Water Man' राजेंद्र सिंह
लेख समाज कृत्रिम क्रांति के कालखंड में संस्कृति, संवेदना और सनातन ज्ञान की संगति May 18, 2026 / May 18, 2026 by डॉ. शैलेश शुक्ला | Leave a Comment भारतीय ज्ञान परंपरा का सबसे बड़ा वैशिष्ट्य यह है कि उसने ज्ञान को कभी भी नैतिकता से अलग नहीं माना। आधुनिक तकनीकी व्यवस्था में ज्ञान का अर्थ प्रायः सूचना और नियंत्रण की क्षमता तक सीमित हो गया है, जबकि भारतीय दृष्टि में ज्ञान वह है जो मनुष्य को विवेक, संयम और लोककल्याण की ओर ले जाए। Read more » कृत्रिम क्रांति