कविता साहित्य आ रही है एक आवाज,देश की दसो दिशाओ से March 29, 2018 by आर के रस्तोगी | 1 Comment on आ रही है एक आवाज,देश की दसो दिशाओ से आ रही है एक आवाज,देश की दसो दिशाओ से अगले चुनाव में बच कर रहना,इन झूठे नेताओ से सौदे बाजी ये करते है,सत्ता को ये कब्जाने में कुछ भी कर सकते है,कुर्सी को ये हतयाने में तरह तरह के झूठे लालच देकर,जनता को बह्लायेगे चुनाव जीत कर ये अपने घर से,जनता को बह्कायेगे बाँट रहे […] Read more » आ रही है एक आवाज देश की दसो दिशाओ से
कविता बचपन की शाम March 29, 2018 by राकेश कुमार पटेल | Leave a Comment बचपन की शाम बचपन की हर शाम होती थी हमारे नाम स्कूल से छुट्टी पाकर आँगन में शोर गुल हल्ला मचाकर किसी और की न मिले तो अपने कपड़े फाड़कर कुछ उपहास के साथ कोई टूटी फूटी गीत गाकर हर शाम बीतता था शोर गुल हल्ला मचा कर किसी की कलम चोरी करके लाये होते […] Read more » Featured बचपन की शाम
कविता आज की ताजा खबर March 29, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पाकिस्तान की अमेरिका से मिली एक खैरात है कपड़े उतरवा कर तलाशी ली,यही उसकी औकात है इतनी बेइज्जती होने पर भी,अपने हाथ फैला कर पाकिस्तान अमेरिका से क्यों, माँग रहा खैरात है अगर थोड़ी सी गैरत बची है, अपने स्वाभिमान की चुल्लू भर पानी में डूब मरे,खातिर अपने अपमान की कोई जज्बात होता अपमान सहने […] Read more » आज की ताजा खबर
कविता सेक्स की मंडी March 28, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पहले ये कोठो में लगती थी अब ये कोठियो में लगती है पहले ये छिप कर लगती थी अब ये सरे आम लगती है पहले ये शहर से बाहर लगती थी अब ये शहर के अंदर लगती है पहले ये रात में लगती थी अब ये दिन रात लगती है पहले ये गिने चुने शहरो […] Read more » सेक्स की मंडी
व्यंग्य बेइज़्ज़ती सर्वत्र अर्जयेत March 28, 2018 by अमित शर्मा (CA) | Leave a Comment अमित शर्मा (CA) पहले मैं इस भ्रम में जीता था कि हर इंसान अपना जीवन सम्मानित तरीके से व्यतीत करना चाहता हैं लेकिन कालांतर में मेरी इस सोच में अंतर तब आया जब मुझे स्वनेत्रो से बेइज़्ज़ती के साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाली विभूतियों का दर्शन लाभ मिला। भारत की खोज, बड़े ही मौज […] Read more » बेइज़्ज़ती बेइज़्ज़ती सर्वत्र अर्जयेत
कविता पति पत्नी ओर तलाक March 28, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment यह जो पत्नी है मेरी दुखो की कहानी है मेरी क्लेश करणी है जो मेरी वेतन को हरने वाली हे मेरी छुटकारा मिले पत्नी से कैसे तलाक दिलाओ उससे कैसे जज साहब बोले अगर कोई गवाह हो तुम्हारा पेश करो अदालत में उसको साक्ष्य है कोई पास तुम्हारे प्रार्थना पत्र साथ लगाओ उसको अगर वकील […] Read more » तलाक पति पत्नी
कविता साहित्य बिम्ब के कवि अलविदा! March 27, 2018 by आशुतोष माधव | 1 Comment on बिम्ब के कवि अलविदा! सुनहरे परों वाले दो पक्षी संसार-विटप पर बैठे खैनी मल रहे हैं साक्षीभाव की पतोहू ताज़े गोबर से चौका लीप रही है ज्ञानमार्ग की मँझली बुआ झरोखे से बतकुच्चन में मस्त हैं नादयोग की माई आँगन में बैठी अरहर पछोर रही हैं विवर्तवाद और प्रत्यभिज्ञा सत्कार्यवाद के साथ आइस-पाइस खेल रहे हैं बछिया के मूत्र […] Read more » Featured kedarnath singh poet केदारनाथ सिंह
कविता प्यार के नापने का यन्त्र March 27, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment काश!प्यार के नापने का कोई दुनिया में यन्त्र होता किसको किससे कितना प्यार है इससे पता होता अगर इस प्रकार के यन्त्र का कोई इजाद होता तो ये मोबाइल की तरह सब की जेब में होता सडक पर चलते चलते इसका प्रयोग होने लगता प्यार जानने के लिए सबके दिल पर लगा होता दिल पर […] Read more » प्यार
व्यंग्य माफी के मजे… !! March 27, 2018 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा क्या पता महाभारत काल में धृतराष्ट्र पुत्र दुर्योधन को अंधे का पुत्र अंधा… जैसा संबोधन कहने के बाद उत्पन्न कटुता को दूर करने के लिए द्रौपदी के पास सॉरी कहने का कोई विकल्प था या नहीं या भीषण युद्ध छिड़ने के बाद रावण के पास आइ एम… एक्सट्रीमली सॉरी…. कहने का कोई […] Read more » Featured माफी
कविता साहित्य आज का ताजा खबरे March 27, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment लालू को 14 साल की सजा नितीश को 14 का मजा पहले जो लालू नितीश से सटा था अब नितीश लालू से बिलकुल हटा है लालू ने किया चारा घोटाला नितीश को मिल गया मसाला गिरिराज ने कहा,जैसी करनी वैसी भरनी लालू ने कहा,मैंने तो जेल भरनी ही भरनी लालू ने कहा,मेरा जेल ही घर […] Read more » आज का ताजा खबरे
कविता उनकी माँग भरने की सजा March 26, 2018 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment उनकी माँग भरने की सजा आज तक मै काटता रहा मांगें पूरी करते करते उनकी अपनी इच्छाओ को मरता रहा माँग उनकी एक नहीं अनेक है गिनना मेरे लिए मुश्किल रहा उनको अब मै कैसे पूरी करू ? रात भर मै ये सोचता रहा इस पाप का पश्च्याताप कैसे करू ये लोगो से मै पूछता […] Read more » उनकी माँग भरने की सजा
लेख साहित्य धर्मपालन के आदर्श प्रतिमान हैं – श्रीराम March 26, 2018 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment रामचरित के प्रथम गायक आदिकवि वाल्मीकि ने राम को धर्म की प्रतिमूर्ति कहा है। उनके अनुसार -‘रामो विग्रहवान धर्मः।’ अर्थात राम धर्म का साक्षात श्री-विग्रह हैं। धर्म को मनीषियों ने विविध प्रकार से व्याख्यिायित किया है। महाराज मनु के अनुसार -धृति, क्षमा, दमन (दुष्टों का दमन), अस्तेय (चोरी न करना), शुचिता, इन्द्रिय-निग्रह (समाज विरोधी, परपीड़नकारी […] Read more » श्रीराम