व्यंग्य साहित्य जूता जासूस December 29, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment किसी जमाने में एक शायर हुआ करते थे अकबर इलाहबादी। पेशे से तो वे न्यायाधीश थे; पर उनकी प्रसिद्धि उनकी चुटीली शायरी से अधिक हुई। उनका एक प्रसिद्ध शेर है – जूता बाटा ने बनाया, मैंने इक मजमूं लिखा मेरा मजमूं चल न पाया और जूता चल गया।। अब प्रश्न उठता है कि आज जूते […] Read more » Featured जूता जूता जासूस
लेख वर्ण धर्म और भक्ति : हरि को भजे सो हरि का होई December 28, 2017 / December 28, 2017 by डॉ. चंदन कुमारी | Leave a Comment डॉ. चंदन कुमारी क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर– इन पंचभूतों की समनिर्मिति है समग्र सृष्टि फिर भेद-भाव वाली द्वैतबुद्धि का औचित्य कैसा ! गोस्वामी तुलसीदास के काव्य में वर्णाश्रम धर्म की मर्यादा झलकती है | उस वर्णाश्रम धर्म का मूल स्वरूप मानो आज धूमिल हो गया है और उसके भ्रामक संस्करण को गले लगाकर […] Read more » caste caste Religion and Devotion Devotion Religion धर्म भक्ति वर्ण
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-26 December 28, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज चिन्तन वही ऊंचा और पवित्र होता है-जिसमें ‘ऋत’ और ‘सत्य’ की साधना की जाती है। भारत के महान पूर्वजों ने ‘ऋत’ और ‘सत्य’ की साधना की थी। ऋत का अभिप्राय उन नियमों से है जो प्रकृति ने बनाये हैं और जिनके कारण सृष्टि का यह […] Read more » Featured आज का विश्व कर्मयोग गीता गीता का कर्मयोग
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-25 December 28, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज गीता के इन श्लोकों में यह तथ्य स्पष्ट किया गया है कि संसार में जब अनिष्टकारी शक्तियों का प्राबल्य होता है तो उस अनिष्ट से लडऩे वाली शक्तियों का भी तभी प्राकट्य भी होता है। जब बढ़ता संसार में घोर पाप अनाचार। तभी […] Read more » Featured आज का विश्व कर्मयोग गीता गीता का कर्मयोग विश्व
लेख सबके अटल जी December 27, 2017 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रसिद्द दार्शनिक सुकरात ने कहा था कि “जिस देश का राजा कवि होगा उस देश में कोई दुखी न होगा” – अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में यह बात चरितार्थ हो रही थी. स्वातंत्र्योत्तर भारत के नेताओं में कुछ ही ऐसे नेता हुए हैं जो विपक्षियों से भी सम्मान पातें हों. और ऐसे जननेता तो […] Read more » Featured प्रधानमन्त्री अटलजी
लेख साहित्य बटेश्वर शिलालेख से उत्पन्न विरोधाभास December 27, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी राजा परमार्दिदेव का परिचय :-गुर्जर प्रतिहार वंश की स्थापना 8वी शताब्दी में उज्जयिनी में हुई थी।उनके वंशज बाद में उज्जयिनी के साथ साथ गंगा यमुना के दोआब क्षेत्र कान्यकुब्ज या कन्नौज पर भी शासन करते रहे। इसी वंश का शासक नागभट्ट द्वितीय का समामनत राजा चन्द्रवर्मन (नन्नुक) ने बुन्देलखण्ड वर्तमान उ. प्र. […] Read more » बटेश्वर शिलालेख
कविता बचपन की यादें December 26, 2017 by राकेश कुमार पटेल | Leave a Comment सोचता हूॅ फिर से एक बार बचपन में चले जाते न कभी समय की चिंता होती न कभी घडी देखते जब बजती स्कूल की घंटी तब किताब, कलम काॅपी समेटते निकल जाते रास्ते पर किसी दोस्त को हंसाते तो किसी को चिढाते जब बजती प्रार्थना की घंटी तब दौड कर आते कतार में सामने वाले […] Read more » Childhood memories
व्यंग्य साहित्य स्वास्थ्य की माँगे खैर, करे सुबह की सैर December 23, 2017 by अमित शर्मा (CA) | Leave a Comment पृथ्वी, बिना किसी बुलावे के या भुलावे के निरंतर सूर्य के चक्कर लगाती है। हालाँकि अभी तक यह सिद्ध नहीं हो पाया है कि निरंतर चक्कर लगाने के पीछे ,पृथ्वी की सूर्य के प्रति दीवानगी है या केवल स्वास्थ्य संबधी जागरूकता। वैज्ञानिक, अपने ज्ञान को ललकारते हुए बताते है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती […] Read more » करे सुबह की सैर स्वास्थ्य की माँगे खैर
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-24 December 23, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य    गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज अभी तक हमारे विश्व नेता वह नहीं बोल रहे हैं जो उन्हें बोलना चाहिए। उनके बोलने में कितनी ही गांठें लगी रहती हैं। बोलने में स्पष्टता नहीं है। छल नीति है। इसीलिए विश्वशान्ति के मार्ग में अनेकों बाधाएं हैं। इन बाधाओं को […] Read more » Featured आज का विश्व कर्मयोग गीता गीता का कर्मयोग
लेख साहित्य गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-23 December 23, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य   गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज गीता का चौथा अध्याय अभी पिछले दिनों दशहरा (30 सितम्बर 2017) के पावन पर्व पर देश के राष्ट्रपति भवन में पहली बार इस पर्व से सम्बन्धित विशेष कार्यक्रम रखा गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर कन्या पूजन […] Read more » Featured आज का विश्व कर्मयोग गीता गीता का कर्मयोग
लेख महमूद गजनवी ने 25 वर्षों तक तैयारी के बाद किया सोमनाथ पर आक्रमण December 21, 2017 / December 23, 2017 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on महमूद गजनवी ने 25 वर्षों तक तैयारी के बाद किया सोमनाथ पर आक्रमण परवेज महमूद सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारतीय उपमहाद्वीप को लूटने के उद्देश्य से हमलावर यहाँ आते रहे और इस धरा को रक्तरंजित करते रहे | ख़ास बात यह है कि इन हमलावरों द्वारा किये गए अत्याचारों पर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में रहने वाले पाकिस्तान आर्म्ड फ़ोर्स के सेवानिवृत्त ग्रुप कप्तान परवेज महमूद ने […] Read more » Featured Mahmood Gaznavi Mahmood gaznavi attacked India महमूद गजनवी
व्यंग्य साहित्य वे बीच में खड़े हैं December 20, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment गुजरात के चुनाव आखिरकार सम्पन्न हो ही गये। दो महीने से बड़ा शोर था उनका। उस शोर में बेचारे हिमाचल प्रदेश को तो लोग भूल ही गये। बात ही कुछ ऐसी थी। परिणाम देख-सुनकर शर्मा जी बहुत उदास हैं। – ये ठीक नहीं हुआ वर्मा। – क्यों, जो भी हुआ, जनता ने किया है। क्या […] Read more » Featured बीच मणिशंकर अय्यर