लेख समाज विश्व पटल पर बालिकाओं का नवयुगः बदली सोच, उभरी शक्ति January 6, 2026 / January 6, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment पिछले 25 वर्षों में दुनिया ने लगभग 70 लाख बच्चियों को बचाया है, यह मानवीय प्रगति का बड़ा प्रमाण है। परंतु यह भी उतना ही कड़वा सत्य है कि आज भी हर साल दस लाख से अधिक बच्चियां गर्भ में ही खत्म कर दी जाती हैं और बीते 45 वर्षों में यह संख्या पाँच करोड़ से अधिक रही है। Read more » बालिकाओं का नवयुगः
कविता हिन्दू हृदय सम्राट कल्याण सिंह January 5, 2026 / January 5, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment माटी से उठकर शिखर बने, सेवा को सत्ता का अर्थ किया, जन-जन के मन में राज किया, ऐसे बाबूजी हमने देखे। Read more » हिन्दू हृदय सम्राट कल्याण सिंह
खान-पान लेख इन्दौर की जल-त्रासदी और प्रशासनिक लापरवाही का नंगा चेहरा January 3, 2026 / January 30, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- स्वच्छता रैंकिंग में लगातार टॉप पर आने वाले इंदौर में दूषित पेयजल की वजह से हुई मौतें कथनी और करनी की असमानता की पौल खोलती भयावह लापरवाही का नतीजा हैं। स्थानीय लोगों का यह आरोप बेहद गंभीर है कि पानी की क्वॉलिटी को लेकर लगातार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई […] Read more » इन्दौर की जल-त्रासदी
आलोचना पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के बहाने जनता को सज़ा, वाहन निर्माताओं को इनाम January 2, 2026 / January 2, 2026 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment दशकों पहले एक कार की औसत आयु 20-25 साल होती थी। आज तकनीक के विकास के साथ इसे लंबा होना चाहिए था लेकिन इसे घटाकर 10-15 साल कर दिया गया है। इसे तकनीकी जगत में 'Planned Obsolescence' (नियोजित अप्रचलन) कहा जाता है। यह कंपनियों के लिए मुनाफा बढ़ाने का तरीका है। Read more » BS-VI का अनिवार्य प्रवेश प्रदूषण नियंत्रण
लेख काल चक्र का संगम January 1, 2026 / January 14, 2026 by पवन शुक्ला | Leave a Comment भारतीय दर्शन में काल को 'चक्र' माना गया है—एक ऐसा गोलाकार पथ जिसका न कोई आदि है न अंत। पश्चिम में समय को अक्सर एक सीधी रेखा माना जाता है, जहाँ बीता हुआ कल कभी लौटकर नहीं आता। परंतु, जब हम नववर्ष मनाते हैं, तो हम इन दोनों विचारधाराओं के संगम पर खड़े होते हैं। Read more » काल चक्र का संगम
पर्यावरण लेख बढता जल संकट: भविष्य की बड़ी चेतावनी December 31, 2025 / December 31, 2025 by डॉ वीरेन्द्र भाटी मंगल | Leave a Comment भारत जैसे देश में, जहां एक ओर गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी महान नदियां हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अनेक शहरों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। Read more » Growing water crisis बढता जल संकट
लेख तैयार हैं हम संकल्प और उमंग के साथ ? December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment उमंग और उत्साह बाहरी नहीं, भीतरी ऊर्जा होनी चाहिए। नूतन साल अक्सर जोश और उमंग का प्रतीक माना जाता है। लोग कहते है इस साल कुछ बड़ा करेंगे। पर आधुनिक सोच यह कहती है कि उमंग का स्रोत बाहर नहीं, भीतर होना चाहिए। क्षणिक उत्साह, जो कुछ दिनों में बुझ जाए, वह परिवर्तन नहीं ला सकता। सच्ची उमंग वह है जो कठिन परिस्थितियों में भी हमें आगे बढ़ने की शक्ति दे। Read more » नया साल
लेख कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज December 31, 2025 / December 31, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मनोज बिसारिया सर्दियाँ शुरु होते ही सरकार रैन-बसेरों की व्यवस्था में लग जाती है। कहीं सरकारी ख़र्च पर अलाव जलाए जाते हैं तो कहीं संस्थाओं द्वारा कंबल बांटे जाते हैं। ऐसा लगभग हर साल होता है लेकिन ये भी सच है कि बावजूद इसके बहुत -से लोगों को ख़ुले आसमां तले सोना ही पड़ता है। […] Read more » कड़ाके की ठंड और एम्स में इलाज
पर्व - त्यौहार लेख नववर्ष जीवन को मंगलमय बनाने के लिए संकल्प लेने का दिन December 31, 2025 / December 31, 2025 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment र्तमान में हमारे देश में आंग्ल संवत्सर एवं वर्ष का प्रचलन है। इस आंग्ल अर्थात अंग्रेजी वर्ष का आरम्भ 2026 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म वर्ष व उसके एक वर्ष बाद हुआ था। Read more »
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment नववर्ष केवल कैलेंडर की तारीख बदलने का नाम नहीं है बल्कि यह आत्ममंथन, आत्मसमीक्षा और नए संकल्पों का अवसर होता है। हर नया साल हमें यह सोचने का मौका देता है कि बीते समय Read more » नववर्ष का संकल्प
लेख नववर्ष का संकल्प: समतामूलक समाज की ओर कदम December 30, 2025 / December 30, 2025 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment आज जब समाज अनेक तरह की चुनौतियों—असमानता, भेदभाव, जातिवाद, सांप्रदायिकता और सामाजिक विघटन—से जूझ रहा है, तब नववर्ष पर समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प लेना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। ऐसा समाज, जहां व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, धर्म, भाषा या वर्ग से नहीं बल्कि उसकी मानवता से हो. जहां हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान और न्याय मिले—यही एक सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। Read more » नववर्ष का संकल्प
कविता शोक-सभा के कौए December 30, 2025 / December 30, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment काले पंख फैलाए Read more » शोक-सभा के कौए