राजनीति लेख छांगुर बाबा के साम्राज्य का अंत लेकिन कितने बाकी July 14, 2025 / July 14, 2025 by राजेश कुमार पासी | Leave a Comment राजेश कुमार पासी अकसर हिन्दू संगठन लव जिहाद का मुद्दा उठाते रहते हैं लेकिन सभी उनका मजाक उड़ाते हैं कि ये उनकी साम्प्रदायिक सोच है, ऐसा कुछ नहीं है । विडम्बना यह है कि बार-बार लव जिहाद के मामले सामने आते रहते हैं लेकिन उनकी अनदेखी कर दी जाती है । लव जैहाद कुछ और नहीं है बल्कि हिन्दू लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाने का एक तरीका है । यह भी बार-बार सुनने में आता है कि लव जैहाद के लिए मुस्लिम लड़को को पैसा दिया जाता है ताकि वो हिन्दू लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाकर उनसे शादी करें और इसके बाद उन्हें इस्लाम कबूल करवायें । यूपी के बलरामपुर के उतरौला के छांगुर बाबा के मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इस देश में सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन का धंधा चल रहा है । मुस्लिम देशों से इसके लिए बेइंतहा पैसा आ रहा है इसलिए इस धंधे के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है । मुस्लिम लड़कों के लिए ये दोगुने फायदे का काम है । एक तो उन्हें इस काम के लिए मोटी रकम मिलती है तो दूसरी तरफ उन्हें इस काम से धर्म की सेवा का मौका भी मिलता है । मौलाना उन्हें इस काम के बदले जन्नत का लालच देते हैं । उतरौला में पैदा होने वाला छांगुर बाबा कभी भीख मांग कर गुजारा करता था और इसके बाद उसने नकली अंगूठी बेचने का धंधा शुरू किया लेकिन जब उसने धर्म परिवर्तन का धंधा शुरू किया तो वो सैकड़ों करोड़ का स्वामी बन गया । आसपास के इलाकों में उसका इतना दबदबा हो गया कि उसके खिलाफ मुंह खोलना किसी के लिए संभव नहीं था । वास्तव में उसने अपने इलाके में पुलिस-प्रशासन और अदालत में इतनी पकड़ बना रखी थी कि उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले के ऊपर फर्जी मुकदमें ठोक दिये जाते थे । हैरानी की बात है कि कई एकड़ की सरकारी भूमि पर उसने कब्जा करके बड़ी इमारत बनाकर अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया था लेकिन वहां का प्रशासन आँखे बंद करके बैठा रहा । सवाल यह है कि पिछले 15-16 सालों से बलरामपुर में गैरकानूनी धंधे कर रहे छांगुर बाबा पर पुलिस और प्रशासन इतने मेहरबान क्यों थे । मैं सरकारी सेवा में 27 साल रहा हूं, अच्छी तरह जानता हूं कि अफसर सब कुछ देखकर अनदेखा क्यों करते हैं । इस सच को भी जानता हूं कि इस अनदेखी के लिए पैसा ऊपर से नीचे तक जाता है । मतलब साफ है कि स्थानीय प्रशासन में बैठे लोगों को सब कुछ पता था लेकिन उन्हें अनजान बने रहने के लिए छांगुर बाबा नियमित रूप से मोटा पैसा दे रहा होगा । मुख्यमंत्री योगी कितने भी सख्त प्रशासक हों लेकिन अभी भी पुराना इको सिस्टम काम कर रहा है । सच यह भी है कि अगर योगी मुख्यमंत्री नहीं होते तो यह बाबा कभी पकड़ में नहीं आता । ये योगी ही हैं जिनके कारण प्रशासन उसके खिलाफ कार्यवाही करने को मजबूर हुआ अन्यथा ये मामला दबा दिया जाता । आज ईडी भी उसके खिलाफ जांच कर रही है लेकिन सवाल यह है कि लगभग 300 करोड़ की फंडिंग जुटा लेने वाले बाबा पर किसी की नजर पहले क्यों नहीं पड़ी । मुझे ऐसा लगता है कि छांगुर पर कार्यवाही के साथ-साथ उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जानी चाहिए जो उसकी मदद कर रहे थे । मेरा तो मानना है कि बाबा के खिलाफ कार्यवाही से पहले इनके खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि उनके लालच ने ही ऐसा बाबा पैदा किया था । सरकार से वेतन लेने वाले ये लोग देश के खिलाफ जाकर बाबा का काम कर रहे थे । घर का एक छज्जा इन्हें दिखाई दे जाता है लेकिन 70 कमरों वाला महल इन्हें दिखाई नहीं दिया । बैंक खातों में इतने बड़े लेनदेन के बावजूद आरबीआई को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई । उसने अपनी इमारत की दीवार बहुत ऊंची बनाई हुई थी और उन पर बिजली वाली कंटीली तारें लगाई हुई थी । किसी ने यह नहीं सोचा कि इतनी सुरक्षा क्यों की जा रही है और क्या छिपाया जा रहा है । पुलिस को कभी इस इमारत में आने-जाने वालों पर कोई शक नहीं हुआ और उसे किसी खबरी ने कभी नहीं बताया कि वहां क्या चल रहा है । लोकल पुलिस से उसके कारनामे कैसे छुपे रह गए । छांगुर बाबा ने गरीब एवं विधवा हिन्दू लड़कियों और प्रेमजाल में फंसाकर लाई गई गैर-मुस्लिम लड़कियों के धर्मपरिवर्तन और यौन शोषण की पूरी व्यवस्था तैयार की हुई थी । इसके लिए उसने कोडवर्ड बनाए हुए थे, मतांतरण को मिट्टी पलटना कहा जाता था । लड़कियों को प्रोजेक्ट कहा जाता था और उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करने को काजल करना कहा जाता था, दर्शन करना मतलब बाबा से मिलवाना था । बाबा आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा और गैर-इस्लामी लड़कियों को बहला-फुसलाकर कर मतांतरण के लिए इस्तेमाल करता था । उसने मतांतरण के लिए जाति-धर्म के अनुसार एक निश्चित रकम तय की हुई थी । इसका नेटवर्क सिर्फ बलरामपुर तक नहीं था बल्कि यूपी के कई इलाकों में फैला हुआ था । यूपी से बाहर भी उसने अपना धंधा फैलाया हुआ था । शिक्षा की आड़ में उसने विदेशी फंडिंग की मदद से बड़ी संख्या में मदरसों का निर्माण किया हुआ था । वो सस्ती और सरकारी जमीनों पर मदरसों को निर्माण करवाता था और फिर उसके नाम पर विदेशी फंडिंग हासिल करता था । कितनी अजीब बात है कि गाजा में मुस्लिम बच्चे भूखे मर रहे हैं लेकिन मुस्लिम देश उनकी मदद को आगे नहीं आ रहे हैं लेकिन धर्म परिवर्तन के लिए ये देश पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं । ये मुस्लिम देश गरीब मुस्लिमों की मदद करने की जगह गैर-मुस्लिमों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए खुले दिल से पैसा बांट रहे हैं । गरीब अफ्रीकी देशों में मुस्लिम समाज के लोग भूखे मर रहे हैं और उनकी मदद केवल यूरोपीय देशों द्वारा की जा रही है । अरबी मुस्लिम अपने सोने के महलों में अय्याशी कर रहे हैं लेकिन उनकी तरफ देखने को तैयार नहीं हैं । कितनी अजीब बात है कि जो पहले से मुस्लिम हैं, उनकी चिंता नहीं है लेकिन जो गैर-मुस्लिम हैं, उनको मुस्लिम बनाने के लिए ये लोग अरबों रुपये लुटाने के लिए तैयार हैं । ये सोचना गलत होगा कि इन लोगों के पास केवल एक छांगुर बाबा होगा बल्कि मेरा मानना है कि इन्होंने ऐसे बाबाओं की एक फौज तैयार कर रखी होगी । एक हिन्दू लड़की, जिसका मतांतरण के बाद आयत खान नाम रख दिया गया था, उसने बताया है कि ये लोग कहते थे कि 2047 में भारत को इस्लामिक मुल्क बना देंगे । उसे बताया गया कि तुम मुस्लिम बन गई हो, अब तुम्हें भी जन्नत मिल जाएगी । अभी इस मामले की बहुत पर्ते खुलनी है, लगता है कि ये मामला बहुत बड़ा है । छांगुर बाबा के कई माफिया गिरोह के साथ मिलीभगत सामने आ रही है । वैसे भी इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनों पर कब्जा बिना माफिया की मदद के संभव नहीं लगता । हिन्दू समाज को इस मामले पर नजर रखनी होगी क्योंकि उसे धर्मनिरपेक्षता की भांग पिलाकर मूर्ख बनाया जा रहा है । कई मुस्लिम संगठन भारत को सुनियोजित तरीके से इस्लामिक देश बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं । छांगुर बाबा अकेला नहीं हो सकता और न जाने कितने छांगुर बाबा हमारे देश में छुप कर इस काम में लगे हुए होंगे । केन्द्र सरकार को विपक्ष शासित राज्यों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है क्योंकि मुस्लिम तुष्टिकरण के कारण विपक्षी दलों की सरकारें ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाही कभी नहीं करेंगी । हमें समझना होगा कि लव जिहाद हमारे देश की सच्चाई है, इसे अनदेखा करना घातक साबित होगा । सब कुछ सरकार नहीं कर सकती, एक समाज के तौर पर हमें भी सतर्क रहना होगा । हिन्दू संगठनों को भी उन महिलाओं पर नजर रखने की जरूरत है, जो किसी कारण बेसहारा या गरीब हैं क्योंकि छांगुर जैसे गिद्ध मौके की तलाश में घूम रहे हैं । एक सच यह भी सामने आया है कि धर्म परिवर्तन के काम में छांगुर बाबा की मदद वो मुस्लिम कर रहे थे, जिनका धर्म परिवर्तन करवाया गया था । सरकार को उन लोगों पर नजर रखने की जरूरत है जिन्होंने नया-नया धर्म परिवर्तन किया हो । देखा गया है कि धर्म परिवर्तन के काम में ये लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं । यही लोग हैं जो अपना धर्म बदलने के बाद अन्य लोगों को धर्म बदलवाने की कोशिश ज्यादा करते हैं और कामयाब भी हो जाते हैं । वास्तव में उनकी हिन्दू समाज में रिश्तेदारी होती है तो ये दूसरों को आसानी से बहला लेते हैं । सवाल यह है कि यह तरीका सिर्फ मुस्लिम संगठनों द्वारा ही इस्तेमाल किया जा रहा है, जवाब नहीं है क्योंकि कुछ ऐसा तरीका ईसाई बनाने के लिए भी अपनाया जाता है। जब रेटलिस्ट बनाकर धर्मपरिवर्तन करवाया जा रहा हो तो बहुत सतर्क रहने की जरूरत है । हिन्दू समाज को खुद से सवाल करना होगा कि वो कब तक धर्मनिरपेक्षता के नशे में डूबा रहेगा । धर्मनिरपेक्षता का ये मतलब नहीं होता कि अपना धर्म बर्बाद होते चुपचाप देखते रहो । छांगुर बाबा मामले से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है । एक समाज के रूप में हमें अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है क्योंकि इस देश में पैसे के लिए बिकने वाले लोग शासन-प्रशासन में बैठे हुए हैं । अंत में एक भूतपूर्व कर्मचारी होने के नाते कहना चाहूंगा कि पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार में डूबी हुई है, उसके सहारे सब कुछ नहीं छोड़ा जा सकता । राजेश कुमार पासी Read more » The end of Changur Baba's empire but how many are left छांगुर बाबा के साम्राज्य का अंत
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लेख शख्सियत ललद्यद : जीवन और कृतित्व July 14, 2025 / July 14, 2025 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | Leave a Comment डा० शिबन कृष्ण रैणा ललद्यद को कश्मीरी जनता ललेश्वरी, ललयोगेश्वरी, लला, लल, ललारिफ़ा आदि नामों से जानती है। इस कवयित्री का जन्मकाल विद्वानों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। डा० ग्रियर्सन तथा आर० सी० टेम्पल ने लल द्यद की जन्मतिथि न देकर उसकी जन्मशती का उल्लेख किया है। उनके अनुसार कवयित्री का आविर्भाव […] Read more » Lalladyada: Life and Works
व्यंग्य जाने से पहले July 14, 2025 / July 14, 2025 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment पत्नीजी गर्मी की छुट्टियों में मायके जाने लगीं ।साले साहब लेने आये थे और उस पर तुर्रा यह था कि चारपहिया से लेने आये थे। बरसों पहले एम्बेसडर से ब्याह कर मेरे घर आई पत्नी अब स्कार्पियो से मायके जारही थी ये और बात है कि मेरी मोटरसाइकिल भी ईयमआई पर चल रही थी।बाहर गाड़ी […] Read more » मेरे जाने से पहले।।
लेख स्वास्थ्य-योग बचपन में दिल का दर्द: क्या हमारी जीवनशैली मासूम धड़कनों की दुश्मन बन गई है? July 11, 2025 / July 11, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत में बच्चों में हार्ट अटैक की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसका संबंध बच्चों की बदलती जीवनशैली, खान-पान, मानसिक तनाव और स्क्रीन टाइम से है। स्कूलों में नियमित हेल्थ जांच, योग, पोषण शिक्षा और अभिभावकों की जागरूकता से ही इस खतरे को रोका जा सकता है। यह केवल स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय […] Read more » Childhood heartache: Has our lifestyle become the enemy of innocent heartbeats?
लेख समाज जब छात्र हत्यारे बन जाएं: चेतावनी का वक्त July 11, 2025 / July 11, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment “संवाद का अभाव, संस्कारों की हार, स्कूलों में हिंसा समाज की चुप्पी का फल” हिसार में शिक्षक जसवीर पातू की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि हमारे समाज की संवादहीनता, विफल शिक्षा व्यवस्था और गिरते नैतिक मूल्यों का कठोर प्रमाण है। आज का किशोर मोबाइल की आभासी दुनिया में जी रहा है, जबकि घर […] Read more » Teacher Jasvir Patu murdered in Hisar teacher jasvir patu murdered in hisar by student
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