व्यंग्य व्यंग्य/बुंदु उठ, लीडर बन April 27, 2009 / December 27, 2011 by अशोक गौतम | Leave a Comment बुंदु उठ, घराट बंद कर। चुनाव आ गया। खड्ड सूख गई। सिर में हाथ मत दे। परेशान मत हो। घराट का स्यापा मत कर। वोटर ही मत रह। वोटर होकर बहुत जी लिया। अब लीडर बन। Read more » vyangya लीडर व्यंग्य
आलोचना काव्यपाठ और राजनीति – दीपक चौरसिया ‘मशाल’ April 18, 2009 / December 25, 2011 by दीपक चौरसिया ‘मशाल’ | 5 Comments on काव्यपाठ और राजनीति – दीपक चौरसिया ‘मशाल’ " ऐसी रचनाएँ तो सालों में, हजारों रचनाओं में से एक निकल के आती है. मेरी तो आँख भर आई" "ये ऐसी वैसी नहीं बल्कि आपको सुभद्रा कुमारी चौहान और महादेवी वर्मा जी की श्रेणी में पहुँचाने वाली कृति है" Read more » politics काव्यपाठ राजनीति
राजनीति व्यंग्य एक समसामयिक राजनीतिक व्यंग्य – दीपक ‘मशाल’ April 15, 2009 / December 25, 2011 by दीपक चौरसिया ‘मशाल’ | 5 Comments on एक समसामयिक राजनीतिक व्यंग्य – दीपक ‘मशाल’ आज की ताज़ा खबर, आज की ताज़ा खबर... 'कसाब की दाल में नमक ज्यादा', आज की ताज़ा खबर...चौंकिए मत, क्या मजाक है यार, आप चौंके भी नहीं होंगे क्योंकि हमारी महान मीडिया कुछ समय बाद ऐसी खबरें बनाने लगे तो कोई बड़ी बात नहीं. Read more » political satire राजनीतिक व्यंग्य
व्यंग्य तीर ए नजर/ जा बेटा, कुर्सी तोड़!! April 14, 2009 / December 25, 2011 by अशोक गौतम | Leave a Comment इस स्कूल मास्टरी की वजह से कई बार घरवाली से जूते खा चुका हूं। बच्चे मुझे अपना बाप समझने में शरम समझते हैं। और वह अपनी बगल वाला माल मकहमे का चपड़ासी! उसके बच्चे भरे मुंह उसे बाप!बाप! कहते मुंह का थूक सुखाए रहते हैं। इधर-उधर के बच्चे भी जब उसे बाप-बाप कहते उसके पीछे दौड़ते हैं तो उसकी पत्नी का सीना फुट भर फुदकता है। Read more » satire by Ashok Gautam व्यंग
राजनीति व्यंग्य ‘जरनैलिज्म’ नहीं जर्नलिज्म April 14, 2009 / December 25, 2011 by आशुतोष | 2 Comments on ‘जरनैलिज्म’ नहीं जर्नलिज्म यह अघोरपंथी राजनीति का दौर है। या यूं कहें कि अघोरपंथी राजनीति पर भदेस किस्म की प्रतिक्रिया है। अघोरपंथ में सांसारिक बंधनों और लोक मर्यादाओं की परवाह नहीं की जाती। आज राजनीति भी... Read more » P. Chidambaram reporter Janrail Singh चिदंबरम जरनैल सिंह
साहित्य तेजेन्द्र शर्मा की कहानियों के पात्र नया रास्ता तलाशते हैं : कृष्णा सोबती April 7, 2009 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment "तेजेन्द्र शर्मा की कहानियों से गुज़रते हुए हम यह शिद्दत से महसूस करते हैं कि लेखक अपने वजूद का टेक्स्ट होता है। तेजेन्द्र के पात्र ज़िन्दगी की मुश्किलों से गुज़रते हैं और अपने लिये नया रास्ता तलाशते हैं। Read more » Krishna Sobti कृष्णा सोबती तेजेन्द्र शर्मा
व्यंग्य व्यंग्य/सशक्त उम्मीदवार का बायोडाटा April 7, 2009 / December 25, 2011 by अशोक गौतम | 1 Comment on व्यंग्य/सशक्त उम्मीदवार का बायोडाटा कल सुबह ही मैं हाथ से मिली दाल को हाथी के दूध से बने घी का तड़का लगाने की तैयारी कर ही रहा था कि दरवाजे पर जोर-जोर की ठक-ठक हुई। साला तड़के का तड़के ही सारा मजा किरकिरा कर दिया। Read more » biodata बायोडाटा व्यंग्य
व्यंग्य व्यंग्य /गंगा में चुनावी दंगा April 6, 2009 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हाथ और हाथी चुनाव के वक्त सौभाग्य से एक साथ कहीं और डुबकी लगती न देख गंगा में डुबकी लगाने पधारे। गंगा ने बहुत रोका, पर नहीं माने तो नहीं माने। दोनों के जनता से झूठे वादे करके बुरे हाल। वोटरों को पटाते पटाते खुद पटे ठगे हुए से। Read more » satire on election चुनावी व्यंग्य
पुस्तक समीक्षा साहित्य पानी से बिजली बनाने पर सवाल March 31, 2009 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on पानी से बिजली बनाने पर सवाल प्रसिध्द अर्थशास्त्री डा भरत झुनझुनवाला की शोध-पुस्तिका 'जल विद्युत का सच' उत्तराखण्ड के श्रीनगर' और 'कोटलीभेल' परियोजना पर कुछ तथ्य और सवाल रखती है। साथ ही यह ऐसी... Read more » hydroelectrical power पानी से बिजली
लेख सफर का सफरी सूटकेस – ब्रजेश झा March 5, 2009 / December 24, 2011 by ब्रजेश कुमार झा | Leave a Comment हाल ही में सफर (गैरसरकारी संस्था) ने राजधानी के दो-तीन जगहों पर इंडिया अनट्च्ड (लघु फिल्म) का पुनः प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी मेरे पास थी। हालांकि स्टालिन.. Read more » journey सफर का सफरी सूटकेस
व्यंग्य साहित्य मेट्रो पर भी ब्लूलाईन का रंग चढ़ रहा है February 27, 2009 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 14 Comments on मेट्रो पर भी ब्लूलाईन का रंग चढ़ रहा है मेरे मित्र पवन चंदन ने आज सुबह वेलेंटाईन डे आने से पहले और रोज डे यानी गुलाब दिन जाने के बाद जो किस्सा सुनाया, उससे मेरे नथुने फड़कने लगे Read more » blueline buses metro rail मेट्रो पर भी ब्लूलाईन का रंग
लेख साहित्य 23 साहित्यकार साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित February 18, 2009 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on 23 साहित्यकार साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित राष्ट्रीय राजधानी स्थित रविंद्र भवन में मंगलवार को विभिन्न भाषाओं के 23 साहित्यकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। हिन्दी भाषा में यह पुरस्कार गोविंद मिश्र को प्रदान किया गया। Read more » 23 साहित्यकार साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित Sahitya Academy Puraskar साहित्य अकादमी पुरस्कार