कहानी प्रेम, दाढी और धडकनें March 27, 2011 / December 14, 2011 by अखिल कुमार (शोधार्थी) | 3 Comments on प्रेम, दाढी और धडकनें आज रास्ते में रमेश मिला था. चेहरे पर चार इंच की उगी झाड़ियों में से झांकते चेहरे को मैं नहीं पहचान पाया किन्तु मेरा उन्नत ललाट उसकी समझ से दूर नहीं रहा. अचानक उसने मुझे पुकारा तब मैंने आवाज़ के आधार पर कद-काठी देखकर कयास लगाया कि यह तो रमेश होना चाहिए और वो रमेश ही निकला. कोई सफाचट गाल वाला यदि चेहरे पर अचानक दाढ़ी कि खेती करने लगे तो इसके दो ही कारण हो सकते हैं- ‘या तो वह प्रेम में खुद को घायल रूप में […] Read more »
व्यंग्य अप्रैल फूल की पौराणिक धरोहर March 27, 2011 / December 14, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | 5 Comments on अप्रैल फूल की पौराणिक धरोहर अप्रैल फूल नामक त्योहार दुनिया का एक मात्र धर्मनिरपेक्ष,वर्गनिरपेक्ष,क्षेत्रनिरपेक्ष और अघोषित छुट्टीवाला एक ऐसा ग्लोबल त्योहार है,जिस दिन नुकसानरहित मज़ाक के जरिए एक-दूसरे को सार्वजनिकरूप से मूर्ख बनाने का संवैधानिक अधिकार हर आदमी को फोकट में मिल जाता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इस दिन के अलावा आदमी आदमी को मूर्ख बनाता […] Read more »
आलोचना समाज ऑनर किलिंग॔ से कुदरत को बडा खतरा March 26, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment आज देश में ऑनर किलिंग का फैशन चल निकला है। बेगुनाह और बेकसूर लडके लडकियो को कही इज्जत के नाम पर कही बडी बडी मूॅछो के नाम पर कही खानदान के रिति रिवाजो के नाम पर मारा जा रहा है। झूठे मान सम्मान के नाम पर फूल से मासूम बच्चो की हत्याओ का दौर अनवरत […] Read more » Killing ऑनर किलिंग॔
कविता वो भोली गांवली March 26, 2011 / December 14, 2011 by लक्ष्मी नारायण लहरे कोसीर पत्रकार | 2 Comments on वो भोली गांवली जलती हुई दीप बुझने को ब्याकुल है लालिमा कुछ मद्धम सी पड़ गई है आँखों में अँधेरा सा छाने लगा है उनकी मीठी हंसी गुनगुनाने की आवाज बंद कमरे में कुछ प्रश्न लिए लांघना चाहती है कुछ बोलना चाहती है संम्भावना ! एक नव स्वपन की मन में संजोये अंधेरे को चीरते हुए , मन […] Read more »
कविता देवों से वंदन पाना …………. March 26, 2011 / December 14, 2011 by शैलेन्द्र सक्सेना "अध्यात्म" | 3 Comments on देवों से वंदन पाना …………. देवों से वंदन पाना …………. अब होते अत्याचारों पर मिलकर ये हुँकार भरो कहाँ छिपे हो घर मैं बेठे निकलो और संहार करो आतंकी अफजल , कसाब को और नहीं जीने दो अब घुस जाओ जेलों मैं मित्रो आओ मिलकर वार करो कोन है हिटलर ? कोन है हुस्नी ? किसका नाम है गद्दाफी ? […] Read more »
लेख सोनिया दुनिया की “टॉप 10” हस्तियों में March 26, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 6 Comments on सोनिया दुनिया की “टॉप 10” हस्तियों में 1968 में जब सोनिया माइनो इटली से इंदिरा गॉधी के पुत्र राजीव गॉधी की जीवन संगनी बनने पहली बार भारत आई थी तो लोगो ने उन्हे एक अजूबे कि तरह देखा था। पहली बार दिल्ली आते वक्त सोनिया के पिता ने उन्हे वापसी का टिकट भी दिया था। वह टिकट अतीत के अंधियारे में आज […] Read more » Sonia Gandhi
लेख काला धन : मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त March 25, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment आर्थिक तरक्की के मामले में नए मुकाम बननाने का दावा करने वाला भारत आज भ्रष्टाचार, घोटालो, और काले धन के मामले में नित नये नये कीर्तिमान बना रहा है। आज माननीय उच्च न्यायालय, हमारी सरकार, देश के वरिष्ठ अर्थशास्त्री, प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, सरकारी नुमाईन्दे व विपक्ष सहित पूरा भारत काले धन की समस्या से चिंतित है […] Read more » Black Money
लेख ताज सिर्फ मौहब्बत की निशानी है March 25, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on ताज सिर्फ मौहब्बत की निशानी है एक शहंशाह ने बनवा के हॅसी ताज महल, हम गरीबो की मौहब्बत का उडाया है मजाक’’ बहुत साल पहले किसी शायर ने क्या खूब कहा था। वास्तव में आज ताज महल गरीबो का मजाक उडा रहा है। हो सकता है के कल ये ताज अपनी हद के भीतर गरीब लोगो को घुसने भी न दे। […] Read more »
आलोचना लेख समाज पुरूष भी होते है पत्नियो द्वारा प्रताड़ित March 24, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 7 Comments on पुरूष भी होते है पत्नियो द्वारा प्रताड़ित पति और सास ने बेचारी पूनम का रोज रोज के लडाई झगडे मारपीट से जीना दुश्वार कर रखा है। ये शब्द हमे हर रोज रोज कही न कही सुनने को जरूर मिलते है। पर कही ये सुनने को नही मिलता कि पूनम ने अपने पति और सास का जीना दुश्वार कर रखा है क्यो ? […] Read more »
लेख दोस्ती और हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है कश्मीर घाटी का शिव मंदिर March 24, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on दोस्ती और हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल है कश्मीर घाटी का शिव मंदिर मुस्लिम पुजारी करते है शिव आरती आज हमारे देश की कुछ सियासी पाट्रिया और कुछ राजनेता कुर्सी पाने की खातिर जिस प्रकार की गन्दी राजनीति पर उतारू हो गये है। साम्प्रदायिक दंगे करा कर हिंदू मुस्लिम, मस्जिद मंदिर, छोटी जाति, बडी जातियो में हमे बाटकर हम भारतवासियो के दिलो में जिस प्रकार ये लोग नफरत […] Read more » Muslim Unity
लेख पैसा नही, बच्चो को वक्त दीजिये March 24, 2011 / December 14, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on पैसा नही, बच्चो को वक्त दीजिये आज हमारी युवा पी और छोटे छोटे बच्चो को न जाने क्या हो रहा है मॉ बाप और टीचरो की जरा जरा सी बातो और डाट फटकार पर खुदकुशी की खबरे बहुत तेजी से सुनने को मिल रही है। साथ ही साथ स्कूल कालेजो में अपने सहपाठियो के साथ कम उम्र युवाओ द्वारा हिंसक घटनाओ […] Read more »
कविता जिन्दगी की कहानी March 24, 2011 / December 14, 2011 by उमेश कुमार यादव | 4 Comments on जिन्दगी की कहानी जिन्दगी की कहानी जिन्दगी के रंग में जिन्दगी के संग में उमेश कुमार यादव नये नये ढंग में नये नये रुप में संगी मिलते रहे मौसम खीलते रहे मौसमों के खेल में जिन्दगी गुज़र गई संवर जाये जिन्दगी इस होड़ में लगे रहे जिन्दगी सम्भली नहीं और जिन्दगी निकल गई । जिन्दगी की आस में […] Read more »