व्यंग्य यमलोक में यमराज का चुनाव March 6, 2023 / March 6, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव नर्मदातट की अपनी महिमा है, भगवान क़ष्ण शिशुपाल के 100 अपराध तक माफ करने की सहनशक्ति रखते थे, तभी हज जाने के लिये बिल्ली जैसे मॉसाहारी जीव को भी सौ-सौ चूहे खाने अर्थात दो सौ अपराध करने की छूट मिल चुकी थी, यह अलग बात है कि वह पूरी जिंदगी में […] Read more » यमलोक में यमराज का चुनाव
व्यंग्य विधान सभा का होली सत्र March 2, 2023 / March 2, 2023 by नवेन्दु उन्मेष | Leave a Comment नवेन्दु उन्मेष विधानसभा का होली सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के बाद शुरू हो चुका था। सदनके अंदर माननीय सदस्य हंगामा कर रहे थे कि राज्यपाल के अभिभाषण में राज्यके विकास की बातें तो हैं लेकिन हम सदस्यों को होली का कुछ भी उपहार नहींमिला है। सरकार की ओर से जवाब आया कि माननीय सदस्य शांत […] Read more » Holi session of the Legislative Assembly
व्यंग्य लाज़िम है हम भी देखेंगे…! January 2, 2023 / January 2, 2023 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल सभागृह में उपस्थित सम्मानीय श्रोतागणों आप सभी को ‘चक्षु’ का नमस्कार । बस, कुछ ही पलों में ही हमारे सामने अपने आप में विद्वता के मानक प्रो. विद्वेष कुमार स्वयं प्रकट हो रहे हैं। उनके विषय में हमें ज्यादा बतलाने की आवश्यकता नहीं है- वे अपने आप में स्वयं एक […] Read more »
व्यंग्य जनाब ! डाटा नहीं आटा का हिसाब रखिए August 10, 2022 / August 10, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल मैडम किचन में कड़क चाय की चुस्कीयां हलक से नीचे उतारते हुए आवाज दी, अजी सुनते हो। जी, मोहतरमा फरमाइए। अरे! फरमाना क्या है महाराज, कभी-कभी आटे-दाल की फ़िक्र भी कर लिया करें। आपको जितनी डाटा की चिंता रहती है उतने आटे की […] Read more » डाटा नहीं आटा का हिसाब
व्यंग्य पति पत्नी की नोक झोंक July 17, 2022 / July 17, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment पायलट की पत्नि बोली,ज्यादा हवा में मत उडो,मै तुम्हे तो ही उड़ा दूंगीज्यादा तीन दो पांच मत करोतुम्हे तो मुंह से सीटी बजाकरहवा में उड़ा दूंगी। अध्यापक की पत्नी बोलीमुझे ज्यादा मत पढ़ाओ,मै तो पढ़ी पढ़ाई आईं हूंतुम जैसे मास्टरों की तोहेड मास्टरनी बनकर आई हूं। पेंटर की बीबी बोलीज्यादा रंग मत घोल।मुझसे ठीक ठीक […] Read more » husband wife tip पति पत्नी की नोक झोंक
व्यंग्य चलो हम पेड़ लगाएं और वे कैमरा चमकाएं July 8, 2022 / July 8, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल हमारे देश में बरसात का मौसम हरियाली उगाने का मौसम होता है। पूरे चौमासा में हरियाली उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसमें सरकारों की दिलचस्पी अधिक होती है। हरियाली उत्सव के इश्तहार बड़े अच्छे लगते हैं। माननीयों का पवित्र […] Read more » Let's plant trees चलो हम पेड़ लगाएं
व्यंग्य तोता बोले मालिक की भाषा․․․ April 20, 2022 / April 20, 2022 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव जब तोता पालतू है तो मालिक की ही तो भाषा बोलेगा। कई मालिक हो तो तोते की भाषा भी भ्रामक हो जाती है। उन्हें जब मंसूरी की हरियाली से आच्छादित वादियों में आईएएस की एबीसीडी सिखाई जाती है तो उसके मायने होते हैं, ‘ए’ यानी ‘अवॉइड’ मसलन आम भाषा में टालना। ‘बी’ यानी […] Read more » तोता बोले मालिक की भाषा․․․
व्यंग्य कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच February 3, 2022 / February 3, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment बाप के कपड़े उतर गए,बेटी को कपड़े पहनाने में।बेटी के कपड़े उतर गए,फॉलोअर्स को बढ़ाने में।। बाप बेचारा थक गया,रोटी दाल कमाने में।बेटा अभी थका नही,मस्ती मौज मनाने में।। बाप गर्मी में जलता है,मां चूल्हे में जलती है।तब कही मुश्किल सेघर की रोटी चलती है।। बाप तन ना ढक पाया,बेचारा मर गया सर्दी में।बच्चे ए […] Read more » Absolutely true on some sarcasm कुछ व्यंग्य पर बिल्कुल सच
व्यंग्य दलबदल का बासंती मौसम आयो रे February 1, 2022 / February 1, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल मौसम और राजनीति के जीन में कोई फर्क नहीं है। दोनों में काफी समानता है। तभी तो दोनों गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। कभी -कभी दोनों अपनी वफादारी को कूड़ेदान में डालकर बेईमान हो जाते हैं। तभी तो हिंदी के […] Read more » defection season of the politicians have come दलबदल का बासंती मौसम
व्यंग्य देश में कपकपाती ठंड पर विभिन्न दलों व नेताओ के विचार ( एक व्यंग) January 20, 2022 / January 20, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment भाजपा:– ये कंपकपाती ठण्ड सबका साथ, सबका विश्वास का अद्भुत उदाहरण है। ये ठण्ड बिना किसी जाति, धर्म के भेदभाव किए बिना सभी पर समान रूप से पड़ रही है। हम इस सद्भावनापूर्ण ठण्ड का स्वागत करते हैं। भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं। कांग्रेस:– ऐसा नहीं हैं कि ये ठण्ड हमारी सरकार में नहीं पड़ती थी, […] Read more » Views of various parties and leaders on the cold winter in the country (a satire) देश में कपकपाती ठंड पर विभिन्न दलों व नेताओ के विचार
व्यंग्य गुटखा ब्वॉय : बोलो जुबाँ केसरी December 27, 2021 / December 27, 2021 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment ‘कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उसको भाते होंगे “ जी हाँ उसको गुटखा बहुत भाता था ,वो गुटखे के बिना न तो रह सकता था और न गुटखे के बिना वो कहीं जा सकता था। इसलिये अपने गर्व ,अपने ब्रांड को लेकर वो क्रिकेट के हरे […] Read more » Bolo Jubaan Kesari Gutkha Boy गुटखा ब्वॉय बोलो जुबाँ केसरी
राजनीति व्यंग्य पर-भारी; मन-तरी ‘ December 11, 2021 / December 11, 2021 by कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल | Leave a Comment ~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटलसूबे में हुजूर की सरकार है,और जब हुजूर की सरकार है तो उन्हीं के हाथों में सारे अधिकार है। चाहे बढ़ा दें विकास की रफ्तार या वे दिखला दें अपने पॉवर का चमत्कार। सबकुछ उनके ही वश में है। ऊपर से जब सत्ता की पहरेदारी के लिए इस जिले से उस जिले तक […] Read more »