विधि-कानून नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति: क्या समझा जाएगा शिक्षकों का दृष्टिकोण ? February 3, 2015 / February 3, 2015 by सुरेन्द्र कुमार पटेल | Leave a Comment 66वें गणतंत्र दिवस पर भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति लांच की है।अखबारों में आ रहे विज्ञापनों के अनुसार नई शिक्षा नीति के निर्माण में जन-जन का मन्तव्य जाना जाएगा।स्थानीय स्तर पर नई शिक्षा नीति पर सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे , उन पर बहस कराया जावेगा। सार्थक बहस से जो निष्कर्ष प्राप्त होगे उन्हें नई […] Read more » नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
विधि-कानून समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय एकता का प्रतीक January 30, 2015 / January 31, 2015 by बी.आर.कौंडल | 1 Comment on समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बी.आर.कौंडल विविधता में एकता का समावेश इस बात का प्रतीक है कि हम विभिन्न धर्म, भाषा व संस्कृति के बावजूद एकता के सूत्र में बंधे है | संविधान रचेताओं ने विभिन्न राष्ट्रों के संविधान का अध्ययन करने के उपरांत भारत के संविधान की रचना की थी तथा जो-जो प्रावधान उन्हें अपने राष्ट्र के अनुकूल लगे, […] Read more » समान नागरिक संहिता
विधि-कानून हमारा संविधान और ब्रिटिश सत्ताधीश January 28, 2015 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कांग्रेस में गांधीजी का आविर्भाव 1914 ई. से हुआ। 1922 ई. में गांधीजी ने पहली बार कहा कि भारत का राजनैतिक भाग्य भारतीय स्वयं बनाएंगे। कांग्रेस के इतिहास लेखकों ने गांधीजी के इस कथन को संविधान निर्माण की दिशा में उनकी और कांग्रेस की पहली अभिव्यक्ति के रूप में निरूपति किया है। जिसका अभिप्राय है […] Read more » ब्रिटिश सत्ताधीश हमारा संविधान
विधि-कानून अध्यादेशों पर राष्ट्रपति की चिंता January 24, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव सात माह के कार्यकाल में केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेशों के जरिए कानून बनाने की प्रक्रिया पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गंभीर चिंता जताई है। राष्ट्रपति देश के प्रथम नागरिक होने के नाते अभिभावक की भूमिका में भी रहते हैं। इसलिए उनकी चिंता पर गौर करने की जरूरत है। महामहिम ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों और […] Read more » अध्यादेश राष्ट्रपति की चिंता
विधि-कानून महाभारत का एक श्लोक और हमारा संविधान January 24, 2015 / January 24, 2015 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मनुष्य के लिए सबसे उत्तम संविधान क्या है? यह प्रश्न इस जगत के सृष्टा के हिरण्यगर्भ रूपी मानस में उस समय भी था जब कोई नही था और कोई था तो वह-च्च्भूतस्य जात: पतिरेक आसीत्ज्ज् सभी भूतों (प्राणियों) का एक मात्र स्वामी ईश्वर था। तब उस ‘एक’ ने अपनी समस्त प्रजा के लिए (मानव मात्र […] Read more » महाभारत का एक श्लोक हमारा संविधान
विधि-कानून भारतीय संविधान -कमजोर लोगों के शोषण का एक साधन January 12, 2015 / January 12, 2015 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | Leave a Comment श्री सेठ दामोदर स्वरुप ने डॉ राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में दिंनाक 19.11.1949 को संविधान सभा में बहस को आगे बढाते हुए आगे कहा कि महात्मा गाँधी ने अपने जीवनभर विकेन्द्रीयकरण की वकालत की है| आश्चर्य का विषय है उनके विदा होते ही हम इस बात को भूल गए हैं और राष्ट्रपति व केंद्र को […] Read more » भारतीय संविधान
विधि-कानून भारतीय संविधान –आम जनता के साथ एक सुनियोजित और संगठित धोखाधड़ी January 12, 2015 / January 12, 2015 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | 3 Comments on भारतीय संविधान –आम जनता के साथ एक सुनियोजित और संगठित धोखाधड़ी हमारा नेतृत्व भारतीय संविधान की भूरी-भूरी प्रशंसा करता है और जनता को अक्सर यह कहकर गुमराह करता रहता है कि हमारा संविधान विश्व के विशाल एवं विस्तृत संविधानों में से एक होने से यह एक श्रेष्ठ संविधान है| दूसरी ओर इसके निर्माण के समय ही इसे शंका की दृष्टि से देखा गया था| डॉ राजेंद्र […] Read more » भारतीय संविधान
विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय का अहंकार January 8, 2015 by विपिन किशोर सिन्हा | 2 Comments on सर्वोच्च न्यायालय का अहंकार सर्वोच्च न्यायालय का अहंकार चेन्नई उच्च न्यायालय के कुछ अवैध निर्माणों को ढहाने के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। मामला सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अनिल आर. दवे की पीठ में आया। न्यायमूर्ति दवे ने अपने फ़ैसले में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर चेन्नई उच्च न्यायालय के निर्णय पर टिप्पणी करते […] Read more » सर्वोच्च न्यायालय
विधि-कानून स्कूल में सजा की परम्परा और बच्चे December 24, 2014 / December 24, 2014 by संजय कुमार बलौदिया | Leave a Comment संजय कुमार बलौदिया हमारे यहां स्कूलों में बच्चों को सजा देने या उनसे मारपीट की घटनाएं निरंतर हो रही हैं। सजा देने की प्रवृत्ति सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में दिखती है। उदाहरण के तौर पर यहां तीन घटनाओं को देखा जा सकता है। 8 नवंबर को कानपुर के विजय नगर स्थित राजकीय कन्या […] Read more » child psycology corporal punishment corporal punishment to kids चाइल्ड साइकलॉजी बच्चे स्कूल में सजा की परम्परा
विधि-कानून नहीं होगी जाति आधारित जनगणना November 16, 2014 / November 16, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ-सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया मद्र्रास हाईकोर्ट का जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला प्रमोद भार्गव सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय के जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला रद्द कर दिया। मद्रास हाईकोर्ट ने 24 अक्टूबर 2008 और 12 मई 2010 को दिए आदेश में जनगणना विभाग को जाति आधारित जनगणना कराने […] Read more » Caste-based census जाति आधारित जनगणना
विधि-कानून भाजपा सरकार सिख हत्याकांड के दोषियों को सज़ा क्यों नहीं देती November 16, 2014 / November 16, 2014 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment १९८४ के पीड़ितों को मुआवज़े से पहले इंसाफ़ की ज़रूरत है! इक़बाल हिंदुस्तानी केंद्र सरकार ने 1984 के सिख हत्याकांड के पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे़ की धनराशि तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दी है। हालांकि चुनाव आयोग ने इस ऐलान पर सरकार से सवाल तलब किया है कि दिल्ली में उपचुनाव घोषित […] Read more » सिख हत्याकांड सिख हत्याकांड
विधि-कानून गिरफ्तारी और जमानत – एक दुधारू गाय November 16, 2014 / November 17, 2014 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | Leave a Comment वैसे तो संविधान में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को एक अमूल्य मूल अधिकार माना गया है और भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के विषय में काफी दिशानिर्देश दे रखें हैं किन्तु मुश्किल से ही इनकी अनुपालना पुलिस द्वारा की जाती है| सात साल तक की सजा वाले अपराधों के अभियुक्तों को गिरफ्तार […] Read more » Arrest and bail गिरफ्तारी गिरफ्तारी और जमानत जमानत