आर्थिकी विधि-कानून समाज आर्थिक आधार पर आरक्षण से परहेज क्यों ? September 27, 2015 by पियूष द्विवेदी 'भारत' | 1 Comment on आर्थिक आधार पर आरक्षण से परहेज क्यों ? पीयूष द्विवेदी आरक्षण तो इस देश में हमेशा से ही बहस, विवाद और राजनीति का विषय रहा है । पर फ़िलहाल कुछ समय से ये विषय ठण्डा पड़ा था जिसे गुजरात में हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पटेल आरक्षण की मांग को लेकर उठे विवाद ने एकबार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया । […] Read more » Featured आर्थिक आधार पर आरक्षण आर्थिक आधार पर आरक्षण से परहेज
विधि-कानून विविधा संयुक्त सुरक्षा परिषद् में पुनर्गठन की पहल September 24, 2015 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on संयुक्त सुरक्षा परिषद् में पुनर्गठन की पहल प्रमोद भार्गव सुरक्षा परिषद् में सुधार और विस्तार की मांग जब-तब अंगड़ाई लेती रही है। किंतु यह पहली बार संभव हुआ है कि इस मांग को औपचारिक विचार-विमर्श के लिए संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने सर्व-सम्मति से मंजूर किया है। इस नाते यह एक वैश्विक परिघटना है,क्योंकि इसके पहले इस तरह के प्रस्ताव दो बार […] Read more » Featured संयुक्त सुरक्षा परिषद् सुरक्षा परिषद् में पुनर्गठन की पहल
जन-जागरण विधि-कानून समाज अब समान नागरिक संहिता लागू करने का सही समय September 4, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment मृत्युंजय दीक्षित आजकल बिहार विधानसभा चुनावों का दौर चल रहा है। बिहार के चुनावों में जातिगत मुददा हावी है इसी बीच केंद्र सरकार ने धर्म आधारित जनगणना के आंकड़ों को बेहद शांत तरीके से जारी कर दिये हैं जिसके बाद जनमानस में एक नयी बहस को भी जन्म दे दिया है। इन आंकड़ों को देखकर […] Read more » समान नागरिक संहिता
विधि-कानून विविधा बाल मजदूरी August 27, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पियूष पटेरिया बच्चों को देख न जाने क्यों अपने आप ही चहरे पर एक मुस्कान सी आ जाती है , सच ही कहा किसी ने बच्चो मे भगवान होते है बच्चो से भी ज्यादे आगर कोई ओर प्यारी चीज हो तो वो है बचपन , सभी का बचपन एक अलग ही रोचक ओर मजेदार होता […] Read more » बाल मजदूरी
विधि-कानून विविधा शिक्षा में सामाजिक न्याय की पहल August 23, 2015 / August 23, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः इलाहाबाद हाईकोर्ट का सरकारी स्कूलों में पढ़ें नौकरशाहों के बच्चे:- प्रमोद भार्गव सरकारी शिक्षा में सुधार के तमाम प्रयोगों की असफलता के तारतंभ में इलाहाबाद उच्चन्यायालय का शिक्षा में बुनियादी सुधार से संबंधी अहम् फैसला आया है। बशर्तें इसे बहाने बनाकर टाला न जाए। शिव कुमार पाठक द्वारा दायर जनहित याचिका पर फैसला सुनाते […] Read more »
विधि-कानून विविधा समाज भारतीय भाषाएँ और छात्रों के मानवीय अधिकारों का प्रश्न- डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री August 21, 2015 / August 21, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on भारतीय भाषाएँ और छात्रों के मानवीय अधिकारों का प्रश्न- डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री पिछले दिनों उत्तराखंड के नगर रुड़की में स्थित आई.आई.टी (भारतीय प्राद्यौगिकी संस्थान ) ने अपने पचास से भी ज़्यादा छात्रों को बाहर का दरवाज़ा दिखा दिया । संस्थान का कहना है कि ये छात्र पढ़ाई लिखाई में बहुत पिछड़े हुये हैं । यहाँ का कोर्स पूरा कर पाना इन छात्रों के बस का काम […] Read more »
जन-जागरण विधि-कानून हिंद स्वराज लोकतंत्र का पर्व बनाम लोक कल्याण की भावना August 14, 2015 by एम. अफसर खां सागर | Leave a Comment एम. अफसर खां सागर हर साल की तरह इस साल भी हम स्वतंत्रता दिवस का जश्न बड़े धूम-धाम से मना रहे हैं और मनाना भी चाहिए क्योंकि बड़ी कुर्बानियों के बाद देश को आजादी मिली है। कहीं शहादतों के कशीदे पढ़े जा रहे हैं तो कहीं लोकतंत्र का बखान मगर इन सबके बीच भूखतंत्र पर […] Read more » लोक कल्याण की भावना लोकतंत्र का पर्व
विधि-कानून विविधा शिक्षा अधिकार कानून के पांच साल July 24, 2015 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस इस अप्रेल में शिक्षा अधिकार कानून लागू हुए पांच साल पूरे हो चुके हैं, एक अप्रैल 2010 को “शिक्षा का अधिकार कानून 2009” पूरे देश में लागू किया गया था इसी के साथ ही भारत उन देशों की जमात में शामिल हो गया था जो अपने देश के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के […] Read more » शिक्षा अधिकार कानून
टॉप स्टोरी विधि-कानून विविधा मुंबई बम हमले में पहली बलि चढ़ेगी याकूब मेमन की July 21, 2015 / July 21, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” बात आज से कोई नौ वर्ष पुरानी है, जब अदालत में पेशी के दौरान याकूब अब्दुल रज्जाक मेमन ने अपनी कहानी की तुलना दीवार फिल्म से करते हुए कहा था मेरी माँ यहां बीमार होने के बावजूद आयी हैं । गौरतलब है कि मशहूर हिन्दी फिल्म दीवार में दो भाईयों की कहानी […] Read more » मुंबई बम हमले याकूब मेमन
विधि-कानून विविधा जोगेन्द्र सिंह: एक साहसी पत्रकार June 24, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पत्रकार जोगेन्द्र सिंह को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आज जवाब तलब किया है। न्यायमूर्ति एम वाई इकबाल और जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने पत्रकार सतीश जैन की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र, राज्य सरकार और प्रेस कांसिल […] Read more » Featured एक साहसी पत्रकार जोगेन्द्र सिंह जोगेन्द्र सिंह: एक साहसी पत्रकार
टॉप स्टोरी विधि-कानून न्याय की कठिन राह May 19, 2015 / May 19, 2015 by राजेंद्र बंधू | Leave a Comment -राजेन्द्र बंधु- -विशेष आलेख: 42 वर्षोंं तक कोमा मेंं रहने वाली दुष्कर्म पीड़िता की मृत्यु के बाद उठे सवालों पर केन्द्रित आलेख– नृशंस यौन हमले की पीड़िता अरूणा शानबाग अब जिन्दगी के आजीवन कारावास से मुक्त हो चुकी है, जबकि अपराधी सिर्फ सात साल की सजा भुगतकर इस समाज का हिस्सा बना हुआ है। नईदिल्ली […] Read more » Featured अरुणा शानबाग न्याय की कठिन राह यौन हमला
जरूर पढ़ें विधि-कानून क्या रिश्तों से अपराध की परिभाषा बदल जाती है ? May 12, 2015 by राजेंद्र बंधू | 1 Comment on क्या रिश्तों से अपराध की परिभाषा बदल जाती है ? -राजेन्द्र बंधु- दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए एक फैसले के अनुसार पति द्वारा पत्नी का बलात्कार अपराध की श्रेणी में नहीं आता। एक युवती को नशीला पेय पिलाकर उससे विवाह करने और उसके साथ बलात्कार करने के 21 वर्षीय आरोपी युवक को अदालत द्वारा दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले से कई […] Read more » Featured क्या रिश्तों से अपराध की परिभाषा बदल जाती है ? दिल्ली उच्च न्यायालय हाईकोर्ट