विधि-कानून भारतीय सेना ने लिखी इंसाफ की पेशानी पर तारीखी इबारत November 13, 2014 by प्रणय विक्रम सिंह | Leave a Comment प्रणय विक्रम सिंह भारतीय सेना ने इंसाफ की पेशानी पर कभी न मिटने वाली तारीखी इबारत लिख दी है। मसला जम्मू और कश्मीर के माछिल इलाके में चार साल पहले हुए फर्जी मुठभेड़ का है। इस मामले में सेना के दो अफसरों और 5 जवानों को आजीवन कारावास की सजा की सिफारिश की गई है। […] Read more » भारतीय सेना ने लिखी इंसाफ की पेशानी पर तारीखी इबारत
जन-जागरण विधि-कानून विविधा रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड ! October 24, 2014 by निर्मल रानी | 3 Comments on रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड ! निर्मल रानी कहने को तो हमारे देश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान कानून बनाए गए हैं। परंतु यदि इस बात की धरातलीय पड़ताल की जाए तो कई ऐसे विषय हैं जिन्हें देखकरयह कहा जा सकता है कि या तो वर्ग विशेष कानून की धज्जियां उड़ाने पर तुला हुआ है और कानून की नज़रें कानून […] Read more » रेल यात्रा रेल यात्रा और क़ानून का यह दोहरा मापदंड !
विधि-कानून औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति की तैयारी October 9, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति की तैयारी प्रमोद भार्गव आजादी के 68 साल बाद ही सही,यह अच्छी बात है कि मोदी सरकार औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति की तैयारी में जुट गई है। इन कानूनों से छुटकाराा इसलिए जरूरी है,क्योंकि एक तो इनमें से ज्यादातर कानून फिरंगी हुकूमत ने अपनी सत्ता की स्थापना,क्रांतिकारियों के दमन और सोने की चिडि़या माने जाने वाले देश […] Read more » औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति की तैयारी
जन-जागरण विधि-कानून सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एआर दवे का कथन- कर्म का संदेश देती है गीता August 12, 2014 / August 13, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एआर दवे का कथन- कर्म का संदेश देती है गीता संदर्भः- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एआर दवे का कथन- कर्म का संदेश देती है गीता -प्रमोद भार्गव- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ए.आर. दवे ने कहा है कि, ‘‘यदि मैं भारत का तानाशाह होता, तो कक्षा एक से गीता और महाभारत की शिक्षा अनिवार्य कर देता। क्योंकि ये ग्रंथ आपको जीवन जीने का तरीका सिखाते हैं। […] Read more » सवौच्च न्यायालय के न्यायाधीश एआर दवे का कथन- कर्म का संदेश देती है गीता
जन-जागरण विधि-कानून वयस्क हुए अपराधी किशोर August 11, 2014 / August 11, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on वयस्क हुए अपराधी किशोर प्रमोद भार्गव माहिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने ‘किशोर आपराधिक न्याय‘ ;देखभाल एवं बाल सरंक्षण, कानून 2000 के स्थान पर नया कानून ‘किशोर न्याय विधेयक-2014‘ का जो प्रारूप संसद में पेष किया है, उसके मुताबिक अब किशोर अपराधियों की वयस्क होने की उम्र 18 वर्ष से घटाकर 16 कर दी गई है। मसलन […] Read more » वयस्क हुए अपराधी किशोर
विधि-कानून राजस्व न्यायालयों की बोझिल न्याय प्रणाली June 17, 2014 / October 8, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment -राकेश कुमार आर्य- देश को आजाद हुए 67 वर्ष हो गये, पर दुर्भाग्य है हमारा कि आज भी हमारे देश में लगाया पैंतीस हजार वही कानून लागू हैं, जो अंग्रेजों ने अपने शासनकाल के दौरान लागू किये गये थे। कानूनी प्रक्रिया भी वही है, जो अंग्रेजों ने यहां चलायी थी। अंग्रेजों की न्यायप्रणाली में दोष […] Read more » न्याय प्रणाली न्यायालय राजस्व न्यायालय
विधि-कानून … बलात्कारी घोषित करने वाला कानून कितना जायज? May 17, 2014 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’- अप्रैल 2014 के तीसरे सप्ताह में नयी दिल्ली की अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज निवेदिता अनिल शर्मा ने एक न्यायसंगत और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसकी आवाज दब गयी। लेकिन यदि यही फैसला किसी पुरुष जज द्वारा सुनाया गया होता तो नारीवादी संगठन और नारीवादी लेखक-लेखिका सम्पूर्ण पुरुष समाज को कटघरे में […] Read more » दुष्कर्म पर कानून बलात्कार पर कानून बलात्कारी कानून
विधि-कानून विविधा भारतीय जनता पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र April 11, 2014 / April 12, 2014 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री राम नवमी से एक दिन पहले सात अप्रेल को भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनाव घोषणा पत्र जारी कर दिया और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का अपना संकल्प दोहराया । लेकिन भाजपा का कहना है कि मंदिर के निर्माण में वह सांविधानिक तरीक़े से मंदिर निर्माण के लिये प्रयास […] Read more » भारतीय जनता पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र
विधि-कानून समाज ‘वैवाहिक बलात्कार’ का कानून कितना प्रासंगिक? April 9, 2014 / April 9, 2014 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 5 Comments on ‘वैवाहिक बलात्कार’ का कानून कितना प्रासंगिक? स्त्रियों का कहना है कि पत्नियों के साथ पुरुषों द्वारा किया जाने वाला बलात्कार, किसी गैर मर्द द्वारा किये जाने वाले बलात्कार से भी कई गुना भयंकर दर्दनाक और असहनीय होता है, क्योंकि किसी गैर-मर्द द्वारा किया जाने वाला बलात्कार तो एक बार किया जाता है और उसके विरुद्ध कानून की शरण भी ली जा […] Read more »
विधि-कानून मनुवादियों ने संविधान को मजाक बनाया! March 24, 2014 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 3 Comments on मनुवादियों ने संविधान को मजाक बनाया! अन्तत: इस मनमानी मनुवादी व्यवस्था ने शासक और शासितों के मनोमस्तिष्क और सुसुप्त अवचेतन मन पर अत्यन्त गहरा स्थान बना लिया। जिसे दूर करने के कारगर मनोवैज्ञानिक प्रयास किये बिना हमने भारत के वर्तमान संविधान को स्वीकार तो कर लिया, लेकिन संविधान की रक्षा, समीक्षा और व्याख्या करने वालों के अवचेतन सुसुप्त मस्तिष्कों पर मनुस्मृति […] Read more » मनुवादियों ने संविधान को मजाक बनाया!
विधि-कानून संविधान निर्माण पर डा० अंबेडकर के विचार March 6, 2014 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment हमारे देश के संविधान के विषय में समय-समय पर कुछ लोगों को आपत्तियां होती रही हैं, डा. बी.आर. अंबेडकर ने संविधान सभा के अंतिम दिन जो भाषण दिया था वह हमारे लिए बहुत कुछ मार्गदर्शन कर सकता है। इस भाषण में डा. बी.आर. अंबेडकर ने कई शंकाओं का समाधान प्रस्तुत किया। जिसे ध्यान से पढऩे […] Read more » संविधान निर्माण पर डा० अंबेडकर के विचार
विधि-कानून वोटयुक्ति का सांप्रदायिक विधेयक December 22, 2013 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on वोटयुक्ति का सांप्रदायिक विधेयक अरविंद जयतिलक आखिरकार केंद्रीय कैबिनेट ने सोनिया गांधी की नेतृत्ववाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) द्वारा प्रारुपित सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को हरी झंडी दे दी। अब सरकार का अगला कदम संसद से इसे पारित कराना होगा। लेकिन विपक्ष इस पर अपनी सहमति की मुहर लगाएगा इसमें संदेह है। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने […] Read more » वोटयुक्ति का सांप्रदायिक विधेयक