जन-जागरण मीडिया जन-सुरक्षा से खिलवाड़ : पुत्तिंगल मंदिर में हादसा April 14, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव केरल में कोल्लम के पास पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में हुई त्रासदी ऐसी घटना है,जिसे मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन सचेत रहते तो टाला जा सकता था। क्योंकि मलयालम नववर्ष के उपलक्ष में हर वर्ष जो उत्सव होता है,उसमें बड़ी मात्रा में आतिशबाजी की जाती है। इस आतिशबाजी से हर वर्ष मंदिर के […] Read more » Featured केरल के पुत्तिंगल मंदिर में हादसा पुत्तिंगल मंदिर पुत्तिंगल मंदिर में हादसा
मीडिया प्रसारण और पत्रोत्तर April 9, 2016 by बी एन गोयल | 1 Comment on प्रसारण और पत्रोत्तर बी एन गोयल आज हम बात करेंगे पत्रोत्तर की. मेरे विचार से पत्रोत्तर आकाशवाणी प्रसारण का एक महत्वपूर्ण अंग है यद्यपि इस पर अभी तक कहीं कोई चर्चा नहीं हुई है. इस से पूर्व के लेख में सन्दर्भ में बात हुयी थी. श्रोता संघो/क्लबो के सन्दर्भ में श्री सोनी ने लिखा है कि उन्होंने […] Read more » Featured
मीडिया परम्पराएँ प्रसारण की (3) पी सी चटर्जी April 7, 2016 by बी एन गोयल | Leave a Comment बी एन गोयल “चटर्जी साहब, देख भाल कर काम कीजिये ऐसा न हो नौकरी से हाथ धो बैठे” “प्रसाद साहब, अपनी चिंता करो – आप पुलिस वाले हैं. यहाँ के बाद आप को नौकरी की मुश्किल पड़ेगी. मेरी फ़िक्र मत करो, मेरा स्तीफा हमेशा मेरी जेब मैं रहता है, आज भी तीन युनिवार्सिटी की वाईस […] Read more » Featured परम्पराएँ प्रसारण की पी सी चटर्जी प्रसारण
मीडिया रेडियो श्रोता क्लब/संघ April 3, 2016 by बी एन गोयल | Leave a Comment बी एन गोयल रेडियो प्रसारण की बात करते समय हैं हम प्रायः कार्यक्रमों, मशीन, टेप, रेकार्डिंग, आलेख, इंजिनियर, उद्घोषक, निदेशक, प्रशासन आदि की बात करते हैं लेकिन हमारे ज़ेहन में अंतस्तल में बैठा जो एक व्यक्ति होता है वह है हमारा श्रोता. मूलतः आकाशवाणी का प्रत्येक केंद्र अपने क्षेत्र के निवासियों की सेवा करने […] Read more » Featured रेडियो रेडियो श्रोता क्लब रेडियो श्रोता संघ
मीडिया लेख विधि-कानून विविधा साहित्य तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है ? April 2, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार इस समय की पत्रकारिता को सम्पादक की कतई जरूरत नहीं है। यह सवाल कठिन है लेकिन मुश्किल नहीं। कठिन इसलिए कि बिना सम्पादक के प्रकाशनों का महत्व क्या और मुश्किल इसलिए नहीं क्योंकि आज जवाबदार सम्पादक की जरूरत ही नहीं बची है। सबकुछ लेखक पर टाल दो और खुद को बचा ले जाओ। […] Read more » Featured need of editor तब सम्पादक की जरूरत ही क्यों है
मीडिया पुरस्कार ‘सेनेटरी—पेड’ तो नही हैं : असाहित्यकार सोनी सोरी March 30, 2016 by अनिल द्विवेदी | Leave a Comment संदर्भ : असाहित्यकार सोनी सोरी को साहित्यिक पुरस्कार मिलना. गुजरी होली पर खबर हिमाचल प्रदेश के गांव से आई जहां सामुदायिक मिलन समारोह में पुरस्कारस्वरूप, महिलाओं को सेनेटरी-पेड बांटे गए। विवाद बढ़ा तो उनके पतियों ने खासा बवाल मचाया और अंतत: आयोजकों के माफी मांगने के बाद मामला रफा-दफा हुआ। मगर यही गलती जब देश […] Read more » award to Soni sori Featured सोनी सोरी सोनी सोरी एक हार्डकोर नक्सली
मीडिया प्रसारण और प्रतिबन्ध (2) स्क्रीनिंग March 19, 2016 by बी एन गोयल | 2 Comments on प्रसारण और प्रतिबन्ध (2) स्क्रीनिंग बी एन गोयल बात करेंगे फ़िल्मी संगीत की स्क्रीनिंग की – बहुत कम लोग यह जानते हैं की फिल्मों के हर गीत की प्रसारण से पूर्व स्क्रीनिंग अर्थात जांच होती है – की गीत जनता के मनोरंजन के अनुकूल है की नहीं अथवा अश्लील तो नहीं है. यद्यपिप्रसारण का कोड तो1967 में बना लेकिनगीतों […] Read more » Featured screening of songs before telecast प्रसारण और प्रतिबन्ध प्रसारण और प्रतिबन्ध (2) स्क्रीनिंग
मीडिया प्रसारण और प्रतिबन्ध March 18, 2016 by बी एन गोयल | 5 Comments on प्रसारण और प्रतिबन्ध बी एन गोयल कुछ मित्रों ने मेरी इस लेखमाला को जैसा कहा है वास्तव में यह कोई क्रमबद्ध इतिहास नहीं है वरनसमय समय पर होने वालीमेरीनिकट से देखी अथवा मेरी अपनी भुक्तमहत्त्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन मात्र है. कुछ समय से रेडियोनामा में फिल्म संगीत के प्रसारण पर चर्चा चल रही है. रेडियोनामा भो आज कल […] Read more » Featured आकाशवाणी प्रतिबन्ध प्रसारण प्रसारण और प्रतिबन्ध
मीडिया बोलो नारायण – नारायण March 15, 2016 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment पिछले हफ्ते दस दिन से सोशल मीडिया पर मेरी उपस्तिथि लगभग नगण्य थी | कलम-पेन दोनों उठाकर मैंने अलमारी में रख दिए थे | इन हफ्ते दस दिनों में बहुत से ऐसे घटनाक्रम घटित हुए जिस पर मुझे लगा कि इस मुद्दे पर मुझे लिखना चाहिए | पर मैंने खुद पर संयम रखा और नहीं […] Read more » Owaisi Owaisi cant say bharat mata ki jai ओवेशी नारायण भारत माता भारत माता की जय नहीं बोलूँगा
मीडिया समाज बौद्धिक अथवा सामाजिक आतंकवाद का जनक : मीडिया March 14, 2016 / March 14, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment मीडिया –वो माध्यम जो हमें देश विदेश में होने वाली घटनाओं से रूबरू कराता है।आज मीडिया हाईटेक हो गया है,इन्टरनेट और सोशल मीडिया ने लोकतंत्र के इस चौथे स्तम्भ को नए आयाम दे दिए हैं।ग्लोबलाइजेशन का सर्वाधिक असर शायद मीडिया पर ही पड़ा है जिसने खबरों के प्रस्तुतीकरण एवं प्रसारण को विविधता प्रदान की है।आज […] Read more » Featured अभिव्यक्ति की आजादी जे एन यू प्रकरण पठानकोट एयर बेस बौद्धिक आतंकवाद रोहित वेमुला सामाजिक आतंकवाद
मीडिया विविधा बिकाऊ चेहरों का बाजार…!! March 11, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | 1 Comment on बिकाऊ चेहरों का बाजार…!! तारकेश कुमार ओझा दुनिया को बदल कर रख देने वाले कंप्यूटर- इंटरनेट और स्मार्ट फोन बनाने वालोॆं ने क्या कभी हाथों में माइक पकड़ कर भाषण दिया। अविष्कार से पहले कभी दावा किया कि उसकी क्या योजना है , अथवा अविष्कार के बाद भी कोई सामने आया कि उसने किस तरह ये चीजें बना कर […] Read more » media चेहरों का बाजार बिकाऊ चेहरों का बाजार
मीडिया हमारे देश के बुद्धिजीविता की बलिहारी March 8, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment व्योमेश चित्रवंश कल एक खबर आई छोटी सी मगर महत्वपूर्ण। पर वह मीडिया चैनलो के कन्हैया प्रलाप और आजादी के अभिव्यक्ति मे कही दब गई। इस जरूरी सवाल के लिये कोई बरखा दत्त, कोई रवीश, कोई एनडीटीवी, आजतक, एबीवीपी आगे नही आया। उनके लिये यह महत्वपूर्ण नही कि देश के सम्मान व संप्रभुता पर ऑच […] Read more » हमारे देश के बुद्धिजीविता की बलिहारी