टॉप स्टोरी मीडिया जांबाज जनरल वी के सिंह बनाम हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी April 9, 2015 / April 11, 2015 by डॉ. मनीष कुमार | 5 Comments on जांबाज जनरल वी के सिंह बनाम हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी रात में ही ये पोस्ट लिखना पड़ रहा है क्योंकि सबेरे से टाइम्स नाउ, अरनब गोस्वामी और साथ में कुछ मीडिया के संदिग्ध लोग हंगामा मचाने वाले है. न्यूज ट्रेडर्स के निशाने पर जनरल वी के सिंह होंगे. आज एडिटर्स गिल्ड भी जागृत हो जाएगा. देश के महान महान अंग्रेजी के संपादकों का भाषण भी […] Read more » Featured prostitute to media by general v k singh जनरल वी के सिंह ने मीडिया को प्रेसटीट्यूट कहा जनरल वी.के.सिंह हीन-भावना से ग्रसित अरनब गोस्वामी
आलोचना जरूर पढ़ें महत्वपूर्ण लेख मीडिया विधि-कानून विविधा व्यंग्य वाकई, मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज March 17, 2015 / March 17, 2015 by बी.पी. गौतम | Leave a Comment फिल्में सिर्फ मनोरंजन भर का साधन नहीं हैं। आंदोलन का भी माध्यम हैं फिल्में। देश और समाज की दशा प्रदर्शित कर सामाजिक परिवर्तन में बड़ी सहायक रही हैं फिल्में। दलितों और महिलाओं के साथ पिछड़े वर्ग की सोच बदलने में फिल्मों की भूमिका अहम रही है। हाल-फिलहाल एनएच- 10 नाम की फिल्म चर्चा में है। […] Read more » comments against woman dangerous delhi eve teasing law Mall मॉल मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज वाकई संविधान का राज
मीडिया समाज मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता March 11, 2015 by मनोज कुमार | 3 Comments on मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मनोज कुमार मानव समाज ने स्वयं को अनुशासित रखने के लिये अधिकार और दायित्व शब्द का निर्माण किया है किन्तु यही दो शब्द वह अपनी सुविधा से उपयोग करता है. पुरुष प्रधान समाज की बात होती है तो अधिकार शब्द प्राथमिक हो जाता है और जब स्त्री की बात होती है तो दायित्व उसके लिये […] Read more » नारी की अभिव्यक्ति नारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मीडिया में नारी की अभिव्यक्ति
मीडिया अन्ना की अपनी कोई सोच या कोई स्पष्ट -विजन नहीं है February 25, 2015 / February 25, 2015 by आलोक कुमार | Leave a Comment मुझे तो पूरा विश्वास है कि भूमि अधिग्रहण कानून की पेचीदगियों से अन्ना पूरी तरफ से वाकिफ भी नहीं होंगे l अन्ना की अपनी सीमितताएँ हैं , उनके पास अपनी कोई सोच या कोई स्पष्ट -विजन नहीं है और इसका ही फायदा अब तक अन्ना को इस्तेमाल करने वालों ने भरपूर उठाया है l भूमि-अधिग्रहण बिल के संदर्भ में धरने के […] Read more » भूमि अधिग्रहण कानून
मीडिया राष्ट्र के बौद्धिक विकास में भूमिका निभाए मीडिया February 21, 2015 / February 23, 2015 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on राष्ट्र के बौद्धिक विकास में भूमिका निभाए मीडिया संजय द्विवेदी राष्ट्र के बौद्धिक विकास में मीडिया एक खास भूमिका निभा सकता है। वह अपनी सकारात्मक भूमिका से राष्ट्र के सम्मुख उपस्थित अनेक चुनौतियों के समाधान खोजने की दिशा में वह एक अभियान चला सकता है। दुनिया के अनेक विकसित देशों में वहां के मीडिया ने सामुदायिक विकास में अपना खास योगदान […] Read more » बौद्धिक विकास मीडिया की शक्ति
मीडिया छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए February 6, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए मोहम्मद आसिफ इकबाल देश की राजधानी दिल्ली फ़िलहाल सियासी पार्टियों और उनके प्रत्याशियों का अखाड़ा बनी हुई है। हर तरफ शोर-शराबा, जलसे-जुलूस, भाषण और घोषणाएं हैं जिन्होंने दिल्ली में एक विचित्र माहौल पैदा कर दिया है। ऐसा नहीं है कि दिल्ली में पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं। इसके बावजूद देश की दो बड़ी […] Read more » छोटी गलती पर बड़ी पकड़ नहीं होनी चाहिए
मीडिया हां … वहीं यूएन विश्वास … याद आया कुछ …!! January 24, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा क्या आप उपेन विश्वास को जानते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में उनकी कोई भूमिका आपकी स्मृति में शेष बची है। आप पूछेंगे यह कैसा सवाल है। लेकिन आगे आप इस सवाल के निहितार्थ समझ पाएंगे। दरअसल राष्ट्रीय मीडिया में पिछले कुछ दिनों बराक ओबामा की भारत यात्रा औऱ दिल्ली में होने जा […] Read more » यूएन विश्वास
मीडिया सूचना माध्यमों की राजनीति January 21, 2015 / January 21, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान इस बार 26 जनवरी पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में ओबामा मुख्य अतिथि होंगे। वैसे भी २६ जनवरी का दिन निकट होने से खतरा अधिक बढ़ जाता है। संभावित खतरों के मद्देनज़र इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का काम यह होना चाहिए था कि वह लोगों को जागरूक करे किन्तु टीआरपी के चलते समाचार चैनल इन दिनों किसी भी खबर को सनसनी […] Read more » सूचना सूचना माध्यमों की राजनीति
मीडिया मोहब्बत के शहर में नफरत की लकीरें January 20, 2015 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस पेशावर में बहाया गया मासूमों का खून अभी जमा भी नहीं था कि मजहबी पागलपन ने एक और हादसा अंजाम दे डाला है और इस बार नफरत की यह लकीर मोहब्बत के शहर कहे जाने वाले फ्रांस में खीची गयी है। नए साल के पहले हफ्ते में जब दुनिया भर में लोग शांति […] Read more » नफरत की लकीरें मोहब्बत के शहर में
मीडिया कार्टून पत्रकारिता का काला दिन January 14, 2015 / January 14, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव कार्टून पत्रकारिता के इतिहास में 7 जनवरी 2015 काला दिवस के रूप में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। इस दिन पेरिस से निकलने वाली व्यंग्य-पत्रिका ‘शार्ली एब्दो‘ के 12 पत्रकारो की दो इस्लामी उग्रवादियों ने नृषंस हत्या कर दी। इनमें पत्रिका के संपादक और व्यंग्य चित्रकार स्टीफन शाबेनियर भी शामिल थे। […] Read more » attack in chalie hebdo office कार्टून पत्रकारिता
मीडिया शारली एब्दोः क्या अभिव्यक्ति की आज़ादी असीमित है ? January 12, 2015 / January 12, 2015 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment –इक़बाल हिंदुस्तानी 0हमलावरों की निंदा न कर उनको पुरस्कृत करना चिंता की बात। पैरिस की पत्रिका शारली एब्दो के ऑफिस पर हमला कर जो हत्यायें की गयीं उनकी निंदा पूरी दुनिया कर रही है। हालांकि यह हमला उन मुस्लिम आतंकवादियों की हरकत माना जा रहा है जिनको पत्रिका द्वारा मुसलमानों के पैगंबर […] Read more » अभिव्यक्ति की आज़ादी असीमित शारली एब्दो
मीडिया अपने दायित्वों के लिए प्रतिबद्ध है भारतीय पत्रकारिता January 8, 2015 / January 8, 2015 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय पत्रकारिता की यात्रा जैसे-जैसे समय के साथ आगे बढ़ती जा रही है, इसे लेकर चहुंओर जन मानस की आम धारणाओं में निरंतरी अंतर देखने को मिल रहा है। इसके वाबजूद भी आज ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो इसे वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने वाला सशक्त माध्यम मानते […] Read more » Indian Journalism भारतीय पत्रकारिता