मीडिया

केवल ‘एक लाईन’ लिखने से अखबार वाले जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते – पंकज व्यास

अधिकांश अखबारों में वर्गीकृत, डिस्प्ले क्लासिफ़ाईड विज्ञापनों की भरमार होती है। इनमें आवश्यकता, टयूशन-शिक्षा, ज्योतिष,

माया महा ठगिनी के इस दौर में पत्रकारिता

माया महा ठगिनी के इस दौर में किसी से निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की उम्मीद की जा सकती है ? बुद्धिमानो की इस अनोखी दुनिया में आने से पहले

सोचो मत, ब्लॉग खोलो! – अनिका अरोड़ा

आज हर जगह मेरा ब्लॉग, तेरा ब्लॉग को लेकर आपसी लड़ाई सुनने व देखने को मिलती है। जिसका जो मन में आया वो लिख डाला। फिल्मों का सुपरस्टार अपने परिवार की तरह मानता है ब्लॉग को।