मीडिया देवर्षि नारद के सवालों में हैं सुशासन के मंत्र May 14, 2011 / December 13, 2011 by प्रो. बृजकिशोर कुठियाला | 1 Comment on देवर्षि नारद के सवालों में हैं सुशासन के मंत्र नारद जयंती (19 मई) पर विशेष आज की राजनीति की प्रेरणा बन सकता है यह संवाद -प्रो.बृज किशोर कुठियाला महाराजा युधिष्ठिर की अद्वितीय सभा में देवर्षि नारद धरमराज की जय-जयकार करते हुए पधारे। उचित स्वागत व सम्मान करके धर्मराज युधिष्ठिर ने नारद को आसन ग्रहण करवाया। प्रसन्न मन से नारद ने युधिष्ठिर को धर्म-अर्थ-काम का […] Read more » देवर्षि नारद
मीडिया बांग्ला चैनलों में प्रतिगामी राजनीति का अंत May 11, 2011 / December 13, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी बांग्ला चैनलों के आने बाद से पश्चिम बंगाल का राजनीतिक वातावरण बुनियादी तौर पर बदला है। बांग्ला चैनलों ने नए सिरे से राजनीतिक ध्रुवीकरण किया है। नव्य उदार आर्थिक नीतियों और पूंजीवाद विरोधी वातावरण को तोड़ा है। यह प्रक्रिया 2006 में आरंभ हुई थी। इस समय तारा न्यूज,महुआ खबर,स्टार आनंद,24 घंटा,न्यूज टाइम,कोलकाता टीवी, […] Read more » Bangla channels
मीडिया बदल गए प्रेस की आजादी के मायने May 4, 2011 / December 13, 2011 by राजेन्द्र राठौर | 1 Comment on बदल गए प्रेस की आजादी के मायने राजेन्द्र राठौर देश के स्वस्थ लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस का एक अलग ही महत्व है। इससे प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर जवाबदेही व पारदर्शिता बढ़ती है और आर्थिक विकास को बल मिलता है, लेकिन लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाले प्रेस और पत्रकारों की स्थिति बहुत संतोषजनक भी नहीं है। तेजी से बढ़ते बाजारवाद […] Read more » World Press Freedom Day वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे
मीडिया न्यू मीडिया ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को विश्वस्तरीय पहचान दी May 3, 2011 / May 3, 2011 by सरमन नगेले | Leave a Comment तीन मई विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष सरमन नगेले विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (तीन मई) सत्ता के दुरूपयोग, भ्रष्टाचार का पता लगाने और प्रमुख मुद्दों के बारे में नागरिकों को जानकारियां देने की चुनौतियों के क्षेत्र में मीडिया द्वारा निभाई जा रही अहम भूमिका को बयां करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक […] Read more » न्यू मीडिया विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
बच्चों का पन्ना मीडिया खतरों से खेलते बचपन पर अंकुश April 30, 2011 / December 13, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment खतरों से खेलते बचपन पर सर्वोच्च न्यायालय की अंकुश लगाने की पहल एक अच्छी शुरूआत है। क्योंकि करतब दिखाने वाले नाबालिग बच्चों को प्रदर्शन के दौरान जिस अनुशासित संतुलन बनाए रखने के मानसिक तनाव से गुजरना होता है, निशिचत रूप से वह पीड़ादायी होता है। इसलिए इन बच्चों को संजीदगाी से लेने की जरूरत है। […] Read more »
मीडिया अंग्रेजी मीडिया का छिछोरापन April 27, 2011 / December 13, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हरिकृष्ण निगम पश्चिम में आज अनेक देशों की सरकारें व कुछ बड़े राजनेता स्पष्ट रूप से बहुसंस्कृतिवाद या धर्म निरपेक्षता के माध्यम से सहज और स्वाभाविक पारंपरिक सहिष्णुता पर सीमाएं खींचना चाहते हैं। अरसे से चली आ रही बहुस्तरीय समाज में समरस्ता चली आ रही थी उस पर जो प्रश्न चिह्न लगाए जा रहे हैं […] Read more » media अंग्रेजी मीडिया
मीडिया कुहासे में भटकती न्यूज वैल्यू… April 16, 2011 / December 13, 2011 by अंकुर विजयवर्गीय | 3 Comments on कुहासे में भटकती न्यूज वैल्यू… घड़ी रात के ग्यारह बजा रही थी। अनमने ढ़ंग से देश और विदेश का हाल जानने के लिए टीवी खोला। रिमोट का बटन दबाते हुए अंगुलिया थक गई लेकिन देश और विदेश छोडि़ये जनाब अपने शहर तक की खबर नहीं मिल पाई। आप सोचेंगे ऐसा क्यूं? आइये रात 10 बजे टीवी चैनलों की बानगी पर […] Read more »
मीडिया विविधा अन्ना हजारे की मीडिया रणनीतियां April 16, 2011 / December 13, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on अन्ना हजारे की मीडिया रणनीतियां जगदीश्वर चतुर्वेदी अन्ना हजारे -अरविंद केजरीवाल और बाबा रामदेव के बयानों में एक खास किस्म का भ्रष्टाचार निरंतर चल रहा है। इन लोगों की बातों और समझ में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। यह एनजीओ राजनीति विमर्श की पुरानी बीमारी है। जन लोकपाल बिल का लक्ष्य है आर्थिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सक्रिय कानूनी […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे भ्रष्टाचार
आलोचना मीडिया संचार क्रांति और तुलसीदास April 14, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी आज यह बात बार-बार उठायी जा रही है कि आम लोगों में पढ़ने की आदत घट रही है। सवाल उठता है क्या तुलसीदास आज कम पढ़े जा रहे हैं ? क्या ‘रामचरितमानस’ कम बिक रहा है ? तुलसीदास आज भी सबसे ज्यादा पढ़े,सुने और देखे जा रहे हैं। सवाल उठता है पढ़ने की […] Read more » Tulsidas तुलसीदास
खेल जगत मीडिया मीडिया का क्रिकेट विश्व का सबसे बड़ा महा संग्राम -अब होगा लंका दहन ..? April 5, 2011 / December 14, 2011 by विजय सोनी | 5 Comments on मीडिया का क्रिकेट विश्व का सबसे बड़ा महा संग्राम -अब होगा लंका दहन ..? विजय सोनी भारत -पाकिस्तान का सेमी फाइनल क्रिकेट मैच मोहाली में खेला गया ,दोनों देशों के बीच खेले गए इस मैच,जिसे मीडिया ने दो देशों की सबसे बड़ी जंग तक कह दिया था को लेकर दुनिया की क्रिकेट प्रेमी जनता निगाहें टिकाये बैठी ,हार जीत को लेकर भी दावे -प्रतिदावे किये गए ,सट्टा बाज़ार […] Read more » Cricket क्रिकेट
कला-संस्कृति टेक्नोलॉजी मीडिया फेसबुक और मीडिया का सांस्कृतिक परिवेश April 2, 2011 / December 14, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on फेसबुक और मीडिया का सांस्कृतिक परिवेश जगदीश्वर चतुर्वेदी फेसबुक संचार की दुनिया में लंबी छलांग है। यह एक ऐसा सामाजिक मंच है जिस पर आप व्यापार, संवाद, संचार, विचार-विमर्श, राजनैतिक प्रचार, सामाजिक गोलबंदी आदि कर सकते हैं। यह ऐसा मंच है जो व्यक्तिगत और सामाजिक एक ही साथ है। यह ऐसा मंच भी है जो संचार के साथ -साथ आपके […] Read more » Facebook फेसबुक संस्कृति
प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया मीडिया, जनाकांक्षा और जनतंत्र March 29, 2011 / December 14, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार एक व्यक्ति से दूसरे तक या एक स्थान से दूसरे स्थान पर किसी वस्तु को पहुंचाने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है। समाचारों और विचारों को फैलाने के लिए प्रयोग हो रहे माध्यम के लिए ही इन दिनों मीडिया शब्द रूढ़ हो गया है। मीडिया को विधायिका, कार्यपालिका […] Read more » media जनतंत्र मीडिया