मीडिया लेख मौत में अपना अस्तित्व तलाशता मीडिया September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on मौत में अपना अस्तित्व तलाशता मीडिया आजकल जब टी वी ऑन करते ही देश का लगभग हर चैनल “सुशांत केस में नया खुलासा” या फिर “सबसे बडी कवरेज” नाम के कार्यक्रम दिन भर चलाता है तो किसी शायर के ये शब्द याद आ जाते हैं, “लहू को ही खाकर जिए जा रहे हैं, है खून या कि पानी,पिए जा रहे हैं।” […] Read more » Media seeks its existence in celebrity death Media seeks its existence in SSR death अस्तित्व तलाशता मीडिया
मीडिया लेख मीडिया में रिया चालीसा का ही जाप क्यों? August 31, 2020 / August 31, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:-भारत में एक नई आर्थिक सभ्यता और एक नई जीवन संस्कृति करवट ले रही है, तब उसके निर्माण में प्रभावी एवं सशक्त भूमिका के लिये जिम्मेदार इलैक्ट्रोनिक एवं प्रिंट मीडिया शायद दिशाहीन है। एक सौ तीस करोड़ की आबादी का यह देश- कोरोना एवं अन्य जटिल समस्याओं से जूझ रहा है, इन समस्याओं […] Read more » Controversial death of Sushant Singh Rajput Quiet Sushant amid dead sensations Riya chakraborty Sushant Singh Rajput Why chanting Riya Chalice in the media? रिया चालीसा
मीडिया खेमों में बंटी पत्रकारिता से चौथा खम्भा गिर चुका है June 27, 2020 / June 27, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment प्रियंका सौरभ मीडिया लोकतंत्र में जनहित के प्रहरी के रूप में कार्य करता है। यह एक लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और लोगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं की सूचना देने का काम करता है। मीडिया को लोकतांत्रिक देशों में विधानमंडल, कार्यकारी और न्यायपालिका के साथ “चौथा स्तंभ” माना जाता है। पाठकों को […] Read more » खेमों में बंटी पत्रकारिता पत्रकारिता
मीडिया कसौटी पर है मीडिया की नैतिकता और समझदारी May 19, 2020 / May 19, 2020 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संकट में है पत्रकारिता की पवित्रता -प्रो.संजय द्विवेदी भारतीय मीडिया अपने पारंपरिक अधिष्ठान में भले ही राष्ट्रभक्ति,जनसेवा और लोकमंगल के मूल्यों से अनुप्राणित होती रही हो, किंतु ताजा समय में उस पर सवालिया निशान बहुत हैं। ‘एजेंडा आधारित पत्रकारिता’ के चलते समूची मीडिया की नैतिकता और समझदारी कसौटी पर है। सही मायने में पत्रकारिता में अब ‘गैरपत्रकारीय […] Read more » Ethics and rationality of media मीडिया की नैतिकता संकट में है पत्रकारिता की पवित्रता
मीडिया लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रेस की स्वतंत्रता व निष्पक्षता बेहद जरूरी May 4, 2020 / May 4, 2020 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment 3 मई अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर विशेषदीपक कुमार त्यागी देश के मशहूर शायर “अकबर इलाहाबादी” जी ने प्रेस की ताकत के बारे में एक शेर के माध्यम से कहा था कि-“खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो।” उन्होंने शायर के रूप में लगभग सौ वर्ष पहले ही प्रेस की […] Read more » प्रेस की स्वतंत्रता प्रेस की स्वतंत्रता व निष्पक्षता
मीडिया राजनीति भारतीय मीडियाः गरिमा बहाली की चुनौती May 3, 2020 / May 3, 2020 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो. संजय द्विवेदी भारतीय मीडिया का यह सबसे त्रासद समय है। छीजते भरोसे के बीच उम्मीद की लौ फिर भी टिमटिमा रही है। उम्मीद है कि भारतीय मीडिया आजादी के आंदोलन में छिपी अपनी गर्भनाल से एक बार फिर वह रिश्ता जोड़ेगा और उन आवाजों का उत्तर बनेगा जो उसे कभी पेस्टीट्यूट, कभी पेड […] Read more » challenge to restore dignity in Indian media Indian Media
मीडिया राजनीति कोरोना काल में पत्रकार और मीडिया संस्थानों का जीवन दांव पर April 26, 2020 / April 26, 2020 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | Leave a Comment जगदीश वर्मा ‘समंदर’- कोविड-19, कोरोना महामारी के दौर में पूरे देश में लाॅकडाउन जारी है। इस अदृश्य दुश्मन से हर कोई बचना चाहता है। इस समय घर से बाहर समय गुजारना जान को खतरे में डालने जैसा है। लेकिन कोरोना योद्धा के रूप में डाॅक्टर, पुलिस, सफाईकर्मी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीडियाकर्मी भी जान […] Read more » Life of journalists and media institutions at stake in Corona era कोरोना काल में पत्रकार और मीडिया
मीडिया लेख बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब March 3, 2020 / March 3, 2020 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नए कुलपति का चयन क्यों है महत्त्वपूर्ण -प्रो.संजय द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता के विनम्र सेवकों की सूची जब भी बनेगी उसमें प्रो. बलदेव भाई शर्मा का नाम अनिवार्य रूप से शामिल होगा। ऐसा इसलिए नहीं कि उन्हें रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया […] Read more » chancellor of kushabhau thackeray chancellor of kushabhau thackeray baldev bhai sharma बलदेव भाई शर्मा बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब
टॉप स्टोरी मीडिया विविधा सोनभद्र में सोना, हकीकत या फसाना! February 27, 2020 / February 27, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment (लिमटी खरे) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में तीन हजार टन सोना मिलने की बात जैसे ही सोशल मीडिया में तैरी वैसे ही यह खबर जमकर वायरल हो गई है। सोना मिला है अथवा नहीं, इस बात को छोड़कर तरह तरह की बातों, चर्चाओ का बाजार जमकर गर्मा चुका है। अब तो सोनभद्र के नामकरण को […] Read more » Gold Sonbhadra सोनभद्र सोनभद्र में सोना
मीडिया लेख इसका, उसका, किसका मीडिया January 31, 2020 / January 31, 2020 by संजय स्वदेश | Leave a Comment संजय स्वदेशबाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने 31 जनवरी 1920 को मराठी पाक्षिक ‘मूकनायक’ का प्रकाशन प्रारंभ किया था. सौ साल पहले पत्रकारिता पर अंग्रेजी हुकूमत का दबाव था. दबाव से कई चीजे प्रभावित होती थी. सत्ता के खिलाफ बगावत के सूर शब्दों से भी फूटते थे. आजाद भारत में यह दबाव धीरे धीरे मार्केट ने […] Read more » बाबा साहब अंबेडकर
मीडिया लेख शख्सियत अश्विनी कुमार पत्रकारिता की ऊंची मीनार थे January 21, 2020 / January 21, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग दो साल से कैंसर से जूझ रहे पत्रकारिता के एक महान् पुरोधा पुरुष, मजबूत कलम एवं निर्भीक वैचारिक क्रांति के सूत्रधार, उत्कृष्ट राष्ट्रवादी, भाजपा सांसद और पंजाब केसरी के मुख्य सम्पादक अश्विनीकुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। वे 63 वर्ष की उम्र में अठारह जनवरी, 2020 को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल […] Read more » Ashwini Kumar journalism Ashwini Kumar was the tower of journalism अश्विनी कुमार
मीडिया लेख आज की भी जरूरत है कर्मवीर और मूकनायक January 18, 2020 / January 18, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार शब्द सत्ता की शताब्दी मनाते हुए हम हर्षित हैं लेकिन यह हर्ष क्षणिक है क्योंकि महात्मा गांधी जैसे कालजयी नायक के डेढ़ सौ वर्षों को हम चंद महीनों के उत्सव में बदल कर भूल जाते हैं, तब सत्ता को आहत करने वाली पत्रकारिता की जयकारा होती रहे, यह कल्पना से बाहर है। इन […] Read more » गांधी-तिलक की पत्रकारिता पीत पत्रकारिता पेज-थ्री की पत्रकारिता पेडन्यूज प्रिंट पत्रकारिता