परिचर्चा

राज्य सत्ता के व्यक्तिवादी निरंकुश निजाम में तीन प्रकार के ‘स्टेक होल्डर्स’ हुआ करते हैं

-श्रीराम तिवारी- यदि ईमानदार पड़ताल की जाए तो स्पष्ट परिलक्षित होगा कि शासन प्रणाली  चाहे

जब मोदी जी ने भारत के अतीत को शर्मिंदगी भरा बताया तो भाई जी खपा क्यों हो गए ?

-श्रीराम तिवारी- मेरे एक पुराने सहपाठी हुआ करते थे । विश्व विद्यालयीन जीवन में ही वे अपने ‘जनसंघी ‘पिता के प्रभाव में ‘शाखाओं ‘

अम्बानी की जांच का आदेश देने वाला अभी तक सही सलामत है, यही क्या कम है ?

-श्रीराम तिवारी- भले ही कांग्रेस और भाजपा दोनों की विफलता से कोई तात्कालिक पूंजीवादी राजनैतिक विकल्प