राजनीति कश्मीरः ये आग कब बुझेगी ? May 2, 2017 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment यह वक्त ही है कि कश्मीर को ठीक कर देने और इतिहास की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराने वाले आज सत्ता में हैं। प्रदेश और देश में भाजपा की सरकार है, पर हालात बेकाबू हैं। समय का चक्र घूम चुका है। “जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है” का नारा लगाती भाजपा देश की केंद्रीय सत्ता में काबिज हो चुकी है। प्रदेश में भी वह लगभग बराबर की पार्टनर है। लेकिन कांग्रेस कहां है?इतिहास की इस करवट में कांग्रेस की प्रतिक्रियाएं भी नदारद हैं। फारूख अब्दुल्ला को ये पत्थरबाज देशभक्त दिख रहे हैं। आखिर इस देश की राजनीति इतनी बेबस और लाचार क्यों है। Read more » kashmir kashmir a integral part of India Terrorism in Kashmir कश्मीर कश्मीर भारत का मूल राज्य
राजनीति एक साथ चुनाव से लोकतंत्र मजबूत होगा May 2, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment सही मायनों में हमारा लोकतंत्र ऐसी कितनी ही कंटीली झाड़ियों में फँसा पड़ा है। प्रतिदिन आभास होता है कि अगर इन कांटों के बीच कोई पगडण्डी नहीं निकली तो लोकतंत्र का चलना दूभर हो जाएगा। लोकतंत्र में जनता की आवाज की ठेकेदारी राजनैतिक दलों ने ले रखी है, पर ईमानदारी से यह दायित्व कोई भी दल सही रूप में नहीं निभा रहा है। ”सारे ही दल एक जैसे हैं“ यह सुगबुगाहट जनता के बीच बिना कान लगाए भी स्पष्ट सुनाई देती है। राजनीतिज्ञ पारे की तरह हैं, अगर हम उस पर अँगुली रखने की कोशिश करेंगे तो उसके नीचे कुछ नहीं मिलेगा। कुछ चीजों का नष्ट होना जरूरी है, अनेक चीजों को नष्ट होने से बचाने के लिए। जो नष्ट हो चुका वह कुछ कम नहीं, मगर जो नष्ट होने से बच सकता है वह उस बहुत से बहुत है। लोकतंत्र को जीवन्त करने के लिए हमें संघर्ष की फिर नई शुरूआत करनी पडे़गी। Read more » Democracy democracy will strenghthen with one time election Featured one time election एक साथ चुनाव लोकतंत्र मजबूत
राजनीति शख्सियत आज भी हजारों लोग सुनने और देखने आते हैं उमा भारती को May 2, 2017 / May 2, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | 1 Comment on आज भी हजारों लोग सुनने और देखने आते हैं उमा भारती को इस समय साध्वी उमा भारती केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्री का दायित्व निभा रहीं हैं। अगर भगवाधारी केंद्रीय मंत्री उमा भारती के गंगा के प्रति नजरिए के बारे में बात की जाये तो वह गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने को अपने जीवन-मरण का सवाल बना चुकी हैं। इसलिए उमा भारती अपने हर वक्तव्य में कहती हैं कि ‘‘जब आए हैं गंगा के दर पर तो कुछ करके उठेंगे, या तो गंगा निर्मल हो जाएगी या मर के उठेंगे।’’ इससे पता चलता है कि उमा भारती गंगा के प्रदूषण से कितनी विचलित हैं। अब आगे देखने वाली बात होगी कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती यमुना का कितना जीर्णोद्धार या कायाकल्प कर पाती हैं। Read more » Uma Bharti उमा भारती
राजनीति पीएम मोदी देश के गृहमंत्री को बदलें April 30, 2017 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on पीएम मोदी देश के गृहमंत्री को बदलें इधर सोशल मीडिया पर भी कुछ अधिक ही 'क्रांतिकारी' पैदा हो गये हैं जो बम की भाषा पढ़ाने का प्रयास सरकार को कर रहे हैं। माना कि सरकार को प्रेरित करना और उकसाना कलम का काम है-पर कलम पराक्रमी होने के साथ साथ घटनाओं की समीक्षक भी होनी चाहिए, अन्यथा वह आग लगाकर अपनी ही हानि कर लेगी। समझने की आवश्यकता है कि इस समय पाकिस्तान के विरूद्घ भारत चाहकर भी 'सर्जिकल स्ट्राइक' नहीं कर सकता और ना ही 'सर्जिकल स्ट्राइक' की पुनरावृत्ति समस्या का समाधान है। अब यदि 'सर्जिकल स्ट्राइक' की गयी तो पाकिस्तान और चीन की ओर से युद्घ की घोषणा होने की पूर्ण संभावना है। Read more » Featured गृहमंत्री राजनाथसिंह पीएम मोदी राजनाथ सिंह सर्जिकल स्ट्राइक
राजनीति अब बात कायापलट की April 29, 2017 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment लो अब दिल्ली भी मोदीमय हो गयी। उड़ीसा, बंगाल, कर्नाटक और हिमाचल के बारे में भी राजनीतिक बिशलेषको के यही अनुमान हें कि यहाँ भी भगवा लहर आनी ही है। तमिलनाडु, केरल और बिहार के लिए भी भगवा खेमा इन्हीं कोशिशो में है। मोदी की नीतियों और व्यक्तित्व के प्रति जनता की दीवानगी अब जूनून […] Read more » कायापलट
राजनीति क्या गलत कहा संघ ने ? April 28, 2017 / May 5, 2017 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment सर्वविदित है कि जब लम्बे समय से शोषण और गुंडागर्दी का शिकार रही राष्ट्रवादी विचारधारा वाली सरकार सत्ता में आई है तो इस तरह की वैचारिकता रखने वाले असंख्य लोगों जिसमे की तमामं कार्यकर्ता भी शामिल हैं में व्यावस्थासुधार को लेकर अतिउत्साह का वातावरण है। ऐसी स्थिति में सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप की सम्भावनाये भी बढ़ जाती हैं, आगरा लखनऊ , आदि शहरों में हुईं घटनाएं इसी का परिणाम कही जा सकती हैं। Read more » संघ
राजनीति फर्क डी.एन.ए. का है April 28, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment संघ का डी.एन.ए. सौ प्रतिशत भारतीय है। उसने अपने प्रतीक और आदर्श भारत से ही लिये। भगवे झंडे को गुरु माना। देश, धर्म और समाज की सेवा में अपना तन, मन और धन लगाने वाले सभी जाति, वर्ग, क्षेत्र, आयु और लिंग के महामानवों को अपने दिल में जगह दी। हिन्दू संगठन होते हुए भी अन्य मजहब या विचार वालों से द्वेष नहीं किया। उन्हें समझने तथा शिष्टता से अपनी बात समझाने का प्रयास किया। शाखा के साथ-साथ निर्धन और निर्बल बस्तियों में सेवा के लाखों प्रकल्प खोले। अतः संघ धीरे-धीरे पूरे भारत में छा गया और लगातार बढ़ रहा है। Read more » Featured RSS Swayam Sevak Sangh कम्यूनिस्ट जाधवपुर वि.वि. जे.एन.यू. फर्क डी.एन.ए. फर्क डी.एन.ए. का वामपंथी संघ का डी.एन.ए. सौ प्रतिशत भारतीय
राजनीति लोकतंत्र में गरीब को क्या मिलता है ? April 28, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on लोकतंत्र में गरीब को क्या मिलता है ? भारत में कुल 4120 विधायक और 462 विधान परिषद सदस्य हैं अर्थात कुल 4,582 विधायक। प्रति विधायक वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 2 लाख का खर्च होता है। अर्थात 91 करोड़ 64 लाख रुपया प्रति माह। इस हिसाब से प्रति वर्ष लगभ 1100 करोड़ रूपये। भारत में लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 776 सांसद हैं। इन सांसदों को वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 5 लाख दिया जाता है। अर्थात कुल सांसदों का वेतन प्रति माह 38 करोड़ 80 लाख है। और हर वर्ष इन सांसदों को 465 करोड़ 60 लाख रुपया वेतन भत्ता में दिया जाता है। अर्थात भारत के विधायकों और सांसदों के पीछे भारत का प्रति वर्ष 15 अरब 65 करोड़ 60 लाख रूपये खर्च होता है। ये तो सिर्फ इनके मूल वेतन भत्ते की बात हुई। इनके आवास, रहने, खाने, यात्रा भत्ता, इलाज, विदेशी सैर सपाटा आदि का का खर्च भी लगभग इतना ही है। अर्थात लगभग 30 अरब रूपये खर्च होता है इन विधायकों और सांसदों पर। Read more » गरीब लोकतंत्र लोकतंत्र में गरीब
राजनीति सुपरफस्ट योगी सरकार! April 28, 2017 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment कार्यालयों में तम्बाकू खाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के फ रमान के साथ योगी सरकार ने कार्यालयों को साफ -सुथरा रखने के लिये सख्त निर्देश जारी कर दिये। मुख्यमंत्री ने जहां अपने कैबिनेट के मंत्रियों को स्वच्छता अभियान की शपथ दिलाई वहीं ऐसा ही फ रमान सारे विभागों को जारी कर दिया। सरकारी कार्यालयों में चौपट हो चुकी कार्यसंस्कृति को पुन: बहाल करने की दृष्टि से मुख्यमंत्री ने जहां सभी कार्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिये वहीं मंत्रियों को औचक निरीक्षण करने के भी आदेश जारी कर दिये। नि:संदेह उनके सभी सहयोगियों ने अपना काम शुरू भी कर दिया चाहे कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही हो, चाहे खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री सत्यदेव पचौरी अथवा वक्फ मंत्री श्री मोहसिन रजा ताबड़तोड़ छापों से लापरवाह व कामचोर अधिकारियों/कर्मचारियों को समय पर आने को मजबूर कर दिया। Read more » 30 days of yogi governence Featured कार्यसंस्कृति को पुन: बहाल बूचडख़ानों के खिलाफ सख्त कार्यवाही योगी सरकार लाल बत्ती
राजनीति पैमान-ए-क़ाबिलियत: जनप्रतिनिधि बनाम लोक सेवा अधिकारी April 28, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment कहीं शौचालय बनाए जा रहे हैं तो कहीं खुले में शौच करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। परंतु देश की मध्यप्रदेश 1994 बैच की एक काबिल प्रशासनिक अधिकारी दीपाली रस्तोगी ने अपने एक लेख में प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत योजना पर कुछ सवाल खड़े किए हैं। सरकार ने दीपाली रस्तोगी के सवालों का जवाब देने के बजाए उन्हें अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के उन प्रावधानों का उल्लेख करते हुए एक नोटिस जारी की है जिसके तहत सरकार की नीति योजना तथा सरकारी निर्णयों की कोई भी अधिकारी आलोचना नहीं कर सकता। Read more » beurocrat Featured less educated politicians जनप्रतिनिधि पैमान-ए-क़ाबिलियत लोक सेवा अधिकारी
राजनीति असाधारण जनादेश के नैतिक दायित्व April 28, 2017 by अतुल तारे | Leave a Comment प्रश्न उठता है कि ऐसा क्या है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में। उत्तर है देश को लंबे समय बाद ऐसा नेतृत्व मिला है जिसकी प्रामाणिकता, परिश्रम एवं निष्ठा पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं है। उत्तर है कि प्रधानमंत्री मोदी उस पार्टी के कार्यकर्ता हैं जिसका अधिष्ठान राष्ट सर्वोपरि है। उत्तर है, भाजपा के पीछे उन हजारों, लाखों, करोड़ों कार्यकर्ताओं एवं जन सामान्य का विश्वास है जो भाजपा के सदस्य नहीं हैं पर यह मानते हैं कि देश के लिए आज भाजपा आवश्यक है। उत्तर है, कि आज भाजपा को उनका भी समर्थन प्राप्त है जो परंपरागत रूप से भाजपा के साथ नहीं रहे हैं। Read more » BJP massive win in MCD election bjp victory Democracy Featured कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
राजनीति गांधी की विरासत कहाँ तक होगी मददगार April 27, 2017 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment गाँधी जी और उनके सहयोगियों तथा वहाँ के किसानों की सक्रियता के कारण तत्कालीन बिहार सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जिसके मनोनीत सदस्य गाँधी जी भी थे। इस कमेटी की रिपोर्ट को सभी पक्षों द्वारा स्वीकार किया गया और तीन कठ्ठा प्रथा समाप्त कर दी गई। इसके अलावा किसानों के हित में अनेक सुविधायें दी गईं। इस प्रकार निहलों के विरुद्ध ये आन्दोलन सफलता पूवर्क समाप्त हुआ। इससे चंपारण के किसानों में आत्मविश्वास जगा और अन्याय के प्रति लङने के लिये उनमें एक नई शक्ति का संचार हुआ। चंपारण सत्याग्रह भारत का प्रथम अहिंसात्मक सफल आन्दोलन था। गाँधी जी द्वारा भारत में पहले सत्याग्रह आन्दोलन का शंखनाद चंपारण से शुरु हुआ। यहाँ किसानों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए ग्रामीण विद्यालय खोले गये। लोगों को साफ-सफाई से रहने का तरीका सिखाया गया। सारी गतिविधियाँ गांधीजी के आचरण से मेल खाती थीं। स्वयंसेवकों ले मैला ढोने, धुलाई, झाडू-बुहारी तक का काम किया। इसके साथ ही गांधीजी का राजनीतिक कद और बढ़ा। Read more » Featured गांधी महात्मा गांधी चंपारण