राजनीति पद्मावत पर विरोध की राजनीति क्यों? February 5, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- कल परिवार के साथ ‘पद्मावत’ देखी। इस फिल्म को लेकर जितने शोर-शराबें, बवाल अथवा अफवाहों ने देश की जनता को गुमराह किये हुए था, फिल्म देखकर लगा कि इस देश की जनता को बेमतलब कितना गुमराह किया जा सकता है। जिन राजपूतों ने और उनकी करणी सेना इस फिल्म का व्यापक विरोध किया, […] Read more » Featured गौरक्षा पद्मावत राष्ट्र गीत राष्ट्र ध्वज
राजनीति सेक्युलरिज्म की अग्नि में झुलसता ‘न्यू इंडिया’ February 4, 2018 by आशीष रावत | Leave a Comment आशीष रावत देश में एक शब्द का प्रयोग बड़े जोर-शोर से किया जाता है। उस शब्द का नाम है ‘सेक्युलर’। यह हमारी राजनीतिक प्रणाली में क्यों और किस तरह से आया? जब इस शब्द का प्रादुर्भाव हुआ था तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि इस शब्द का भारत की राजनीति पर इतना असर […] Read more » 'New India' scorching 'New India' scorching in the fire of secularism Featured fire of secularism सेक्युलरिज्म
आर्थिकी राजनीति गांव, गरीब और किसान की सुुध लेता बजट February 3, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – बजट हर वर्ष आता है। अनेक विचारधाराओं वाले वित्तमंत्रियों ने विगत में कई बजट प्रस्तुत किए। पर हर बजट लोगों की मुसीबतें बढ़ाकर ही जाता है। लेकिन इस बार बजट ने नयी परम्परा के साथ राहत की सांसें दी है तो नया भारत- सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी व्यक्त […] Read more » budget 2018 emphasize inclusive growth in budget Featured Need to emphasize inclusive growth in budget बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली समावेशी विकास समावेशी विकास पर जोर देने की जरूरत
राजनीति संकल्प से सिद्धि के लिये मन और माहौल चाहिए February 3, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- हर व्यक्ति सफल होना चाहता है और सफलता की सीढ़िया चढ़ने के लिये संकल्प बहुत जरूरी है। संकल्प हमारी बहुत बड़ी शक्ति है और इसके द्वारा बहुत बड़ा परिवर्तन हो सकता है। सफलता को हासिल करने के लिये तीन प्रकार की शक्तियां हैं- इच्छाशक्ति, संकल्पशक्ति और एकाग्रता की शक्ति। ये तीन शक्तियां […] Read more » accomplishment with determination mind and atmosphere sankalp se siddhi संकल्प से सिद्धि
राजनीति लोकतंत्र का लचीला और खुला स्वरूप रहे बरकरार February 3, 2018 by राजू पाण्डेय | Leave a Comment प्रधानमंत्री जी ने गत दिनों दो निजी टी वी चैनलों को दिए अपने साक्षात्कारों में अपने मन की बात हमेशा की तरह हमारे साथ की। एक मुद्दा जिसे माननीय राष्ट्रपति महोदय ने बजट सत्र के प्रारम्भ में दिए गए अभिभाषण में सम्मिलित कर आधिकारिकता और महत्व दोनों प्रदान कर दिए- वह था- लोक सभा और […] Read more » Featured Flexible and open form of democracy intact लचीला लोक सभा और विधान सभा के चुनाव एक साथ लोक सभा और विधान सभा चुनाव लोकतंत्र
आर्थिकी राजनीति तमन्नाओं में उलझाया गया हूं….खिलौने दे कर बहलाया गया हूं February 3, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा आख़िरी पूर्ण बजट पेश करने के बाद शाद अजीमाबादी की ये पंक्तियां याद आ रही हैं – तमन्नाओं में उलझाया गया हूं….खिलौने दे कर बहलाया गया हूं। वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान सबसे ज्यादा तालियां उस समय बजी जब राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, राज्यपाल और सांसदों के वेतन की […] Read more » Budget budget 2018 Featured उज्ज्वला योजना खिलौने दे कर बहलाया गया हूं तमन्नाओं में उलझाया गया हूं वित्त मंत्री अरुण जेटली
आर्थिकी राजनीति आसियान के माध्यम से चीन को चुनौती February 1, 2018 by दुलीचंद कालीरमन | Leave a Comment दुलीचन्द रमन इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह कुछ खास रहा क्योंकि इस वर्ष 69वें गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान आसियान के दस देशों (म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपिन्स, सिंगापुर, कंबोडिया, लाओस और बु्रनेई) के सर्वोच्च नेता मुख्य अतिथि के रूप में नई-दिल्ली में उपस्थित रहे। यह गणतंत्र दिवस के इतिहास मे पहला […] Read more » 69वें गणतंत्र दिवस की परेड Featured आसियान इंडोनेशिया कंबोडिया चीन को चुनौती थाईलैंड फिलिपिन्स बु्रनेई मलेशिया म्यांमार लाओस वियतनाम सिंगापुर
राजनीति भारत में अभी भी पकौड़े और चाय में बहुत स्कोप है साहब January 31, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment “साधु ऐसा चाहिए जैसा सूप सुभाय। सार सार को गहि रहै थोथा दे उड़ाय।। ” कबीर दास जी भले ही यह कह गए हों, लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है जहाँ किसी भी बात पर ट्रेन्डिंग और ट्रोलिंग का चलन है। कहने का आशय तो आप समझ ही चुके होंगे। जी हाँ, विषय है […] Read more » Featured India pakodas and tea scope in pakodas and tea in India पकौड़े और चाय पकौड़े और चाय में बहुत स्कोप
आर्थिकी राजनीति बजट की छांव में उम्मीदों का सच January 31, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- भारत भविष्य की आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना देख रहा है और उस दिशा में आगे बढ़ भी रहा है। लोकसभा में प्रस्तुत किये गये आर्थिक सर्वेक्षण में देश की अर्थव्यवस्था का जो नक्शा निकला है वह इस मायने में उम्मीद की छांव देने वाला है। सकल विकास वृद्धि दर के मोर्चे […] Read more » budget 2018 Featured shadow of budget The truth of expectations बजट बजट 2018
राजनीति राष्ट्रीय हित लिए महत्वपूर्ण हैं एक साथ चुनाव January 31, 2018 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में भारत में जिस प्रकार से राष्ट्रीय भाव को प्रधानता देने का क्रम प्रारंभ हुआ है, उससे केन्द्र सरकार द्वारा विकास की संभावनाओं को जगाने का उद्देश्य ही दिखाई दे रहा है। वास्तव में वर्तमान में ऐसे कई कारण हैं, जो राष्ट्रीय विकास में बाधक बन रहे हैं। देश में होने वाले […] Read more » Featured Important for national interest one nation one election one time election simultaneous elections एक साथ चुनाव
आर्थिकी राजनीति बजट में समावेशी विकास पर जोर देने की जरूरत January 30, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान भारत के लिए जो बुरी खबर आई थी, वह 69वें गणतंत्र दिवस और आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अभिनंदन में कुछ दब सी जरूर गई है, जिसे रेखांकित किया जाना जरूरी है। डब्ल्यूईएफ की ओर से जारी समावेशी विकास सूचकांक में भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले […] Read more » budget 2018 emphasize inclusive growth in budget Featured Need to emphasize inclusive growth in budget बजट समावेशी विकास समावेशी विकास पर जोर देने की जरूरत
राजनीति संविधान नहीं राजनीति बदलो January 29, 2018 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  भारत अपना 68वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। अब से ठीक 68 वर्ष पूर्व भारत ने अपने गणतान्त्रिक स्वरूप की घोषणा की थी। 26 जनवरी 1950 से देश ने अपने राजपथ के गणतंत्रीय स्वरूप को व्यावहारिक स्वरूप प्रदान किया। अब 68 वर्ष पश्चात देश के कई लोगों को चिन्ता होने लगी […] Read more » change politics Not constitution राजनीति संविधान