राजनीति गोवा और मणिपुर में भाजपा की सरकार से सबक ले विपक्ष March 18, 2017 / March 19, 2017 by कुमार सुशांत | Leave a Comment याद कीजिए, अटल जी सरकार को। एक समय में उनकी सरकार सिर्फ 1 वोट से गिर गई थी। तब उन्होंने संसद में कहा था, मेरे कांग्रेसी मित्र, शायद आज मुझ पर हंसेंगे, लेकिन कोई न कोई वक़्त जरुर आएगा जब देश में बीजेपी की पताका लहराएगी और उत्तर से दक्षिण तक पूर्व से पश्चिम तक […] Read more » गोवा फॉरवर्ड पार्टी गोवा भाजपा की सरकार जीएफपी भाजपा की सरकार मनोहर पर्रिकर महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी (एमजीपी माणिपुर में भाजपा की सरकार
राजनीति जानिए, कौन हैं उत्तराखण्ड के नए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ? March 17, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment झारखंड बीजेपी के इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के सीएम होंगे। वे 18 मार्च को शपथ लेंगे। शुक्रवार को विधायकों की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा। देहरादून की डोईवाला विधानसभा सीट से इस बार उन्होंने कांग्रेस के सीनियर लीडर हीरा सिंह बिष्ट को 24,869 वोटों से हराया है। वह उत्तराखंड में […] Read more » Trivendra Singh Rawat झारखंड बीजेपी के इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह रावत त्रिवेंद्र सिंह रावत
राजनीति इतिहास का पहला ‘कॉमेडियन’ कैबिनेट मंत्री March 17, 2017 by कुमार सुशांत | Leave a Comment प्रवक्ता डॉट कॉम के मार्फत सिद्धू से ये सवाल है कि क्या इस पूरे दिनचर्या को जानने के बाद क्या आपको लगता है कि आप इसे हमेशा निभा पाएंगे ? सवाल है कि क्या आपको पंजाब में कॉमेडी नाइट्स में हिस्सा के लिए मत मिला है या पंजाब के विकास के लिए। Read more » ‘कॉमेडियन’ कैबिनेट मंत्री Featured नवजोत सिद्धू
राजनीति उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में भाजपा की जीत के ऐतिहासिक मायने March 17, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment आज भाजपा की जीत के लिए सबसे बड़ा कारण यह भी है कि भाजपा को विगत तीन माह में जुमलेबाज पार्टी , नेता विहीन दल तीन साल मेंकोई काम न कर पाने वाले दल के रूप में अलंकृत किया गया था। जिसका लाभ आज भाजपा व सहयोगी दलों को मिल रहा है। विगत 27 सालों से किस न किसी प्रकार से सपा, बसपा और कांग्रेस ही प्रदेश मं राज कर रहे थे लेकिन यह सभी दल अपनी नाकामियों को छिपाते हुए प्रदेश के बिगड़ते हुए हालातांे के लिए पीएम मोदेी व भाजपा को जिम्मेदार मान रहे थे। सबसे बड़ी राहत की बात यह मिली हे कि एग्जिट पोलों के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिना किसी देरी के अपनी बुआ के साथ प्यार की पेंगे बढ़ानी शुरू कर दी थी Read more » Featured उत्तर प्रदेश उत्तराखंड भाजपा की जीत के ऐतिहासिक मायने
राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण के बिना भी बड़ी जीत March 17, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment पा, बसपा और कांग्रेस ने जिस तादात में मुस्लिमों को टिकट दिए और संप्रदाय व जतीयता को उभारने के प्रयत्न किए, उसके चलते मायावती से जहां उसका परंपरागत जाटव वोट छिटका, वहीं सपा से यादव छिटक गए। मुलायम कुनबे की लड़ाई ने भी इस क्षरण में इजाफा करने का काम किया। कांग्रेस का राहुल गांधी के नेतृत्व में जिस तरह से जनाधार सिमट रहा है, उससे साफ है कि वंशवादी राजनीतिक परंपरा से जनता अब छुटकारा चाहती है। देश की 58 प्रतिशत आबादी और 25 फीसदी जीडीपी वाले 14 राज्यों में भाजपा की सरकारें बन जाना इसका प्रमाण है। Read more » Featured बीजेपी मुस्लिम तुष्टिकरण
राजनीति अमरिंदर सिंह की आशिकी में आरुशा का आलम March 17, 2017 by निरंजन परिहार | Leave a Comment कुछ साल पहले की पंजाब सरकार की सरकारी फाइलों पर भरोसा करे, तो मुख्यमंत्री के रूप में प्रकाश सिंह बादल की सीआईडी ने एक फाइल गृह मंत्रालय को भेजी थी। जिसमें कैप्टन अमरिंदर सिंह की एक बहुत हसीन पाकिस्तानी पत्रकार मित्र अरूशा आलम के बारे में बहुत सारी अलग अलग किस्म की जांच और जानकारियां थी। अरूसा आलम की मां पाकिस्तान के सैनिक शासक याहिया खां की लंबे समय तक अंतरंग मित्र रहने के बाद कुछ समय तक जुल्फिकार अली भुट्टो की भी बेहद अंतरंग मित्र रहीं। Read more » Featured अमरिंदर सिंह अरूशा आलम आरुशा आलम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी पाकिस्तानी पत्रकार अरूशा आलम रानी परणीत कौर
राजनीति चुनाव परिणामों के गहरे निहितार्थ March 16, 2017 / March 16, 2017 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment यदि कोई कल यह कह रहा था कि अखिलेश यादव की पांच सालों की कमियों खासकर कानून व्यवस्था की खस्ता हालत पर पर्दा डालने की नीयत से पिता की गद्दी छीनना, चाचा व चचाओं को धता बताना एक सधी योजना का हिस्सा भर था तो अंतत: सपा सरकार डूबने में खस्ता हाल कानून व्यवस्था का कम योगदान नहीं रहा। माना की सबकुछ सुनियोजित था तो भी योजना के परखचे उड़ाने में स्वयं अखिलेश यादव का हाथ कम नहीं रहा था। Read more » Featured अखिलेश यादव गायत्री प्रजापति मुलायम सिंह यादव
राजनीति मायावती की ‘माया’ और बहुजन समाज पार्टी March 16, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment जिस भाजपा को मायावती मनुवादियों की पार्टी बताया करती थीं तथा तिलक तराजू और तलवार,इनको मारो जूते चार जैसे असभ्य नारे पार्टी में लगवाकर अपने मतदाताओं में जोश पैदा किया करती थीं आखिरकार जब 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार गिराकर वे भाजपा की गोद में जा बैठीं उसी समय इस बात का अंदाज़ा हो चला था कि बसपा भी अन्य दलों से अलग कतई नहीं है। Read more » Featured Mayawati बहुजन समाज बहुजन समाज पार्टी मायावती मायावती की ‘माया’
राजनीति मुस्लिम पोषित राजनीति को मुहंतोड़ जबाव March 16, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment क्योंकि जब जिहाद के नाम पर सिम्मी, इंडियन मुजाहीदीन, लश्करे-ए-तोइबा, अलक़ायदा आदि ने तो बम ब्लास्ट करके हज़ारो निर्दोष नागरिको का रक्त बहाया तो मुस्लिम पोषित राजनीति के उदासीन होने रहने का दुष्परिणाम यह हुआ कि विश्व का सबसे खूंखार आतंकी संगठन आई एस ने हमारे देश भारत में 2020 तक निज़ामे-ए-मुस्तफा स्थापित करके "खुरासान" बनाने की धमकी ही दे दी है। Read more » Featured muslim oriented politics muslim oriented politics of bsp mayawati muslim oriented politics of SP उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विधान सभा चुनावों मुस्लिम पोषित राजनीति
राजनीति न मुलायम की स्क्रिप्ट, न अखिलेश का पैंतरा, अब कांग्रेस पर गुस्सा उतरा March 16, 2017 by अनुश्री मुखर्जी | Leave a Comment अखिलेश के सामने एक और विकल्प है कि जो पुराने नेता या विधायक नाराज हैं और जो दूसरे दलों में जाकर भी चुनाव नहीं जीते, उन्हें एक बार फिर से पार्टी में बुलाने और नए सिरे से पार्टी को खड़ा करने की कोशिश कर सकते हैं। कारण है कि चुनाव हारने की वजह से अखिलेश की संगठन पर ढीली पकड़ भी सामने आई है। अब इस कमी को पूरा करने के लिए पुराने लोगों को साथ लाना होगा। Read more » अखिलेश अब कांग्रेस पर गुस्सा उतरा न अखिलेश का पैंतरा न मुलायम की स्क्रिप्ट मुलायम-शिवपाल
राजनीति नये भारत की दस्तक को पहचाने March 15, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment महादेवी वर्मा के शब्दों में ‘‘बलवान राष्ट्र वही होता है जिसकी तरुणाई सबल होती है।’’ जिसमें मृत्यु का वरण करने की क्षमता होती है, जिसमें भविष्य के सपने होते हैं और कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है, वही तरुणाई है। हमें गंभीरता से विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रही हैं, जो इस पीढ़ी को उनके उद्देश्य से विमुख करती रही हैं, उन्हें असयंमित और अनुशासनहीन बनाती रही है। Read more » Featured नये भारत की दस्तक भारत
राजनीति अपने ही समाज से दो बार हारीं इरोम शर्मीला March 15, 2017 by गुलशन कुमार गुप्ता | Leave a Comment ये तो स्पष्ट है कि इरोम ने चुनाव इन्हीं अपनों के भरोसे लड़ा था | 16 साल का उपवास भी इन्हीं अपनों के लिए रखा था | और चुनाव परिणाम से स्पष्ट हुआ वे अपने कुल 90 लोग हैं | तो फिर क्या कारण था कि उनका त्याग और उनके अपनों की ये सहानुभूति उन्हें राजनीतिक पारी में विजयी ना बना सकी | क्या 16 वर्षों का उपवास केवल इन नब्बे लोगों के लिए रखा था | वास्तव में आयरन लेडी ने अपने लिए सहानुभूति और समर्थन के कारण को ठीक से भापा नहीं | Read more » Featured Irom Sharmila chanu इरोम शर्मीला