राजनीति शख्सियत ह्दयनारायण दीक्षितः राजपथ पर एक बौध्दिक योद्धा April 25, 2017 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment –संजय द्विवेदी वे हिंदी पत्रकारिता में राष्ट्रवाद का सबसे प्रखर स्वर हैं। देश के अनेक प्रमुख अखबारों में उनकी पहचान एक प्रख्यात स्तंभलेखक की है। राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों पर चल रही उनकी कलम के मुरीद आज हर जगह मिल जाएंगें। उप्र के उन्नाव जिले में जन्में श्री ह्दयनारायण दीक्षित मूलतः एक राजनीतिक कार्यकर्ता […] Read more » Featured ह्दयनारायण दीक्षित
राजनीति अब और गहराएगा राम मंदिर का मुद्दा April 25, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment आजादी के बाद 1949 में मस्जिद में भगवान राम की मूर्तियां पाई गई। एकाएक इन मूर्तियों के प्रकट होने पर मुस्लिमों ने विरोध जताया। दोनों पक्षों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। नतीजतन सरकार ने इस स्थल को विवादित घोषित कर ताला डाल दिया और दोनों संप्रदाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी। 1984 में विहिप ने भगवान राम के जन्मस्थल को मुक्त करके वहां राम मंदिर का निर्माण करने के लिए एक समिति का गठन किया। इस अभियान का नेतृत्व भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संभाला। 1986 में जब केंद्र में प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार थी तब फैजाबाद के तत्कालीन कलेक्टर ने हिंदुओं को पूजा के लिए विवादित ढांचे के ताले खोल दिए। इसके परिणामस्वरूप मुस्लिमों ने बावरी मस्सिद संघर्ष समिति बना ली। Read more » Featured अयोध्या उमा भारती भाजपा मुरली मनोहर जोशी राम मंदिर लालकृष्ण आडवाणी विनय कटियार विवादित ढांचा विध्वंस मामले विश्व हिंदु परिषद् शिवसेना
राजनीति केरल में बढ़ती हिंसा चिंताजनक April 24, 2017 / April 28, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment केरल के मुसलमान आज भी बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में काम के लिए जाते हैं। इससे उनके घर तथा मस्जिदें सम्पन्न हुई हैं। उनकी भाषा, बोली और रहन-सहन पर भी अरबी प्रभाव दिखने लगा है। यह चिंताजनक ही नहीं, दुखद भी है। देश विभाजन की अपराधी मुस्लिम लीग को देश में अब कोई नहीं पूछता, पर जनसंख्या और धनबल के कारण केरल में आज भी उनके विधायक और सांसद जीतते हैं। Read more » christians in Kerala Featured hindus in Kerala Muslims in Kerala Rss In kerala ईसाई केरल केरल में बढ़ती हिंसा बढ़ती हिंसा चिंताजनक
राजनीति कश्मीर समस्या, प्रजातंत्र, जिहाद और नेहरू | April 23, 2017 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment उसके बाद जमात-ए-इस्लामी के विभिन्न धड़ों ने एकजुट होकर यूनाइटेड मुस्लिम फ्रंट बनाकर 1987 के चुनाव में भागीदारी की | आम मान्यता है कि 1987 के चुनाव कश्मीर के चुनावी इतिहास के सबसे काले चुनाव थे. बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप किया गया और नेशनल कॉन्फ्रेंस को 40 तथा कांग्रेस को 26 सीटें मिलीं जबकि मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट को केवल 4 | भारी पैमाने पर प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर मतदान प्रतिशत 75 तक पहुंचा दिया गया, इस बात को बाद में स्वयं फारूख अब्दुल्ला ने भी एक टीवी इंटरव्यू में स्वीकार किया | और उसके बाद शुरू हुआ 1990 का हिंसक दौर, जिसमें कश्मीर घाटी हिन्दू विहीन बना दी गई | हिंसा का दौर तो अब खत्म हो गया है और एक नया दौर शुरू हुआ है, जिसमें कश्मीर के नौजवान लड़ रहे हैं इस्लाम के नाम पर। Read more » Featured कश्मीर समस्या जिहाद नेहरू प्रजातंत्र
राजनीति ऐ ‘पाक परस्त’ कश्मीरी नौजवानों… April 23, 2017 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment पाकिस्तानी नेताओं के लिए मसल-ए-कश्मीर एक ऐसी संजीवनी है जिसे चुनाव के समय पाकिस्तानी अवाम के बीच उछाल कर वहां की राजनैतिक पार्टियां लोगों से हमदर्दी हासिल करना चाहती हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि कश्मीरी नवयुवक पाकिस्तान के साथ-साथ पाक अधिकृत कश्मीर के हालात पर भी आख़िर नज़र क्यों नहीं डालते? जिस पाकिस्तान जि़ंदाबाद के नारे भारत में लगाए जाते हैं जिस पाकिस्तान के झंडे कश्मीर में बुलंद किए जाते हैं वही नारे और वही झंडे पाक अधिकृत कश्मीर में वहां के कश्मीरवासी बुलंद करने से आख़िर क्यों गुरेज़ करते हैं? Read more » Featured kashmiri youth pakistani oriented kashmiri youths कश्मीरी नौजवान पाक परस्त’ कश्मीरी नौजवान हुर्रियत कांफ़्रेंस
राजनीति यूपीः भंग होगा वक्फ बोर्ड, जांच होगी ! April 22, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment आज़म खान के लिये आने वाला समय काफी मुश्किलों से भरा साबित हो सकता है। एक तरफ जहा सत्ता उनसे छिटक कर बहुत दूर जा चुकी हैं तो दूसरी तरफ उनके ऊपर अपने पद का दुरुपयोग करते हुये रामपुर के जौहर अली विश्वविद्यालय परिसर में तमाम सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने के मामले गर्माने लगे हैं। रामपुर के ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रमाणों के साथ एक शिकायत भेजी हैं जिसमे उन्होंने पूर्व मंत्री आजम खान के ऊपर आरोप लगाया हैं कि आजम खान ने ग्राम सींगनखेड़ा, तहसील सदर, रामपुर के खाता संख्या 01214 की ग्राम सभा की 14.95 एकड़ जमीन 30 वर्षों के लिये जबरदस्ती पट्टे पर ले रखी हैं और इसके साथ ही उन्होंने वहाँ की चक रोड (जिसकी खाता संख्या 01232 की 2.13 एकड़ भूमि पर जो की इस विश्वविद्यालय को दी गयी थी उस पर भी आज़म खान ने अवैध तरीके से कब्ज़ा कर रखा हैं। Read more » Featured आजम खान मोहसिन रजा यूपी यूपी में वक्फ सम्पति का दुरूपयोग योगी के वक्फ राज्यमंत्री योगी सरकार वक्फ बोर्ड की जमीन के दुरुपयोग वक्फ सम्पति का दुरूपयोग शिया वक्फ बोर्ड शिया-सुन्नी सेंट्रल वक्फ भंग समाजवादी पार्टी सेंट्रल वक्फ भंग
राजनीति पत्थरबाजों का उपचार पत्थर से ही संभव April 22, 2017 / April 22, 2017 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment अब यह अत्यावश्यक हो गया है कि हम आर-पार की लड़ाई लड़ें। सैनिकों का अपमान, उन पर पत्थर-प्रहार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए की जा रही कार्यवाहियों में बाधा किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जा सकती। पाकिस्तानपरस्त अलगाववादी तत्त्व और उनके संरक्षक-समर्थक हमारे नहीं हो सकते। इन्हें चिन्हित किया जाना और इन पर कठोर नियंत्रण किया जाना आवश्यक है । जब तक दूसरों के मानवाधिकारों का हनन करने वालों, सैनिकों पर पत्थर फेंकने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही नहीं होगी तब तक पत्थरबाजी बंद नहीं हो सकती। हमारी उदार नीतियों ने ही पत्थरबाजों को प्रोत्साहित किया है। उनकी संख्या बढ़ी है। Read more » Featured kashmir stone pelters in kashmir Stone pelting on Army कश्मीर के अलगाववादी संगठन नेशनल कान्फ्रेंस पाकिस्तानपरस्त मानसिकता
राजनीति यूपीः बुंदेलखंड के लिये मोदी-योगी का रोडमैप April 22, 2017 by संजय सक्सेना | Leave a Comment बुन्देलखण्ड क्षेत्र तीस लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इनमें से 24 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य है परन्तु इनमें से मात्र चार लाख हेक्टेयर भूमि की ही सिंचाई हो पा रही है, क्योंकि इस इलाके में खेती के विकास के लिए सिंचाई की ऐसी योजनायें ही नहीं बनाई गई, जिनका प्रबंधन कम खर्च में समाज और गाँव के स्तर पर ही किया जा सके। बड़े-बड़े बांधों की योजनाओं से 30 हजार हेक्टेयर उपजाऊ जमीन बेकार हो गई। ऊँची लागत के कारण खर्चे बढे,लेकिन यह बाँध कभी भी बहुज ज्यादा कारगर नहीं साबित हुए। बुंदेलखंड में पिछले एक दशक में 09 बार गंभीर सूखा पड़ा है। बुंदेलखंड में जंगल, जमीन पर घांस, गहरी जड़ें ना होने की कारण तेज गति से गिरने वाला पानी बीहड़ का इलाका पैदा कर रहा है। बुंदेलखंड को करीब से जानने वाले कहते हें कि केवल बारिश में कमी का मतलब सुखा ़ नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कारणों और विकास की प्रक्रिया के कारण पर्यावरण चक्र में आ रहे बदलाव सूखे के दायरे को और विस्तार दे रहे हैं। Read more » Bundelkhand Featured Yogi in Bundelkhand बुंदेलखंड बुंदेलखंड के लिये मोदी बुंदेलखंड के लिये योगी का रोडमैप
राजनीति लालबत्ती के आतंक से मुक्ति की नई सुबह April 21, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने ऐसे अनेक साहसिक निर्णय लिये एवं कठोर कदम उठाये है और अब केंद्र सरकार ने आगे बढ़कर मोटर वीइकल्स ऐक्ट के नियम 108 (1) और 108 (2) में बदलाव करके लाल बत्ती वाली गाड़ियों को ट्रैफिक नियमों से छूट देने की व्यवस्था ही खत्म कर दी। लेकिन मोदी एवं योगी से आगे की बात सोचनी होगी। देश में सही फैसलों की अनुगूंज होना शुभ है, लेकिन इनकी क्रियान्विति भी ज्यादा जरूरी है। वीआईपी कल्चर खत्म करने के नफा-नुकसान का गणित उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना महत्वपूर्ण यह है कि इससे आम लोगों के मन से खास लोगों का खौफ कुछ कम जरूर होगा। Read more » Featured लाल बत्ती वीआइपी संस्कृति
राजनीति आसान नहीं है विजय माल्या का प्रत्यपर्ण April 20, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव 13 महीने पहले भारत छोड़कर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार किया गया। करीब 9000 करोड़ रुपए की देनदारी का सामना कर रहे माल्या की यह गिरफ्तारी मामूली सफलता है। इस तथ्य की तस्दीक इस बात से होती है कि उसे केवल तीन घंटे के भीतर जमानत मिल गई। इससे […] Read more » Antithesis of Vijay Malya Featured Vijay Malya प्रत्यपर्ण विजय माल्या विजय माल्या का प्रत्यपर्ण
राजनीति पुनर्मूषको भव : April 20, 2017 by विजय कुमार | Leave a Comment अखिलेश हों या मायावती या फिर केजरीवाल। सबको खोट अपनी नीतियों में नहीं, वोट मशीनों में लग रहा है। कांग्रेस के सुपर लीडर तो अभी चुप हैं; पर उनके कुछ साथी इसका विरोध कर रहे हैं। राहुल बाबा ने चुनाव में काफी काम किया है। इसके परिणाम उनके लिए तो नहीं, पर देश के लिए अच्छे रहे। सुना है अभी वे थकान उतार रहे हैं। जब वे काम के मूड में आएंगे, तब देखेंगे कि क्या कहते हैं ? Read more » Featured पुनर्मूषको भव
राजनीति गाँव, गरीब और किसानों के लिए संकल्पबद्ध योगी सरकार April 19, 2017 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment प्रदेश सरकार बनने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह दिखलायी पड़ रहा है कि अब प्रदेश के अफसरों को सुबह साढ़े नौ बजे तक कार्यालय में आ ही जाना होगा। मंत्रियों के अचानक निरीक्षणों के दौरान प्रदेश के कई सरकारी कार्यालयों में अनपुस्थित व देर से आने वाले अफसरों व कर्मचारियों के वेतन काटे जाने व नोटिस जारी करने का अभियान चल रहा हैं जिसकी गूंज दूर तक सूनायी पड़ रही है। सरकार ने एक बड़ा बदलाव करते हुूए बायोमैट्रिक हाजिरी व्यस्था भी लागू कर दी है। सरकार ने सबसे बड़ा कदम यह उठाया है कि किसी भी योजना का नाम समाजवादी नहीं रहेगा। Read more » Featured एंटी रोमिया अभियान तीन तलाक मंत्रियों के लिए आचरण संहिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. समान नागरिक संहिता